दंड तथा अभियोजन
आयकर अधिनियम कानून के तहत निर्धारित प्रावधान तथा शर्तों की अनुपालन में दोषी होने पर कुछ दंड लगाया जाएगा तथा कुछ महत्वपूर्ण मामलों में मुकदमें भी हो सकते हैं। यह दस्तावेज आपको दंडनीय अपराधों, अभियोजन तथा कानून के तहत लगने वाले दंड की मात्रा के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
अस्वीकरण: इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।
जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें। |
[निर्धारण वर्ष 2026-27]
| धारा | चूक का प्रकार | प्रभार्य जुर्माना |
| (1) | (2) | (3) |
| 140क(3) | पूर्ण या आंशिक रूप से निम्न की अदायगी में विफलता- | ऐसी राशि जैसा कि कर निर्धारण अधिकारी आरोपित करे परंतु बकाया कर से अधिक नहीं |
| (क) आत्म निर्धारण कर | ||
| (ख) ब्याज और शुल्क, या | ||
| (ग) दोनों | ||
| धारा 140क(1) के तहत | ||
| 158खचक (2) | खंड अवधि की अघोषित आय का निर्धारण | अघोषित आय के संबंध में प्रभार्य 50 % कर |
| 221(1) | कर का भुगतान करने में चूक | ऐसी राशि जैसा कि कर निर्धारण अधिकारी आरोपित करे परंतु बकाया कर से अधिक नहीं |
| 234ड़ | धारा 200(3) में या धारा 206ग(3) के परंतुक में निर्धारित समय के भीतर विवरण दाखिल करने में विफलता | विफलता जारी रहने के दौरान 200 रुपये प्रतिदिन, परंतु कटौती योग्य/संग्रह योग्य कर से अधिक नहीं |
| 234च | समय रहते आय की विवरणी को प्रस्तुत करने में चूक | रू. 5,000 यदि विवरणी को धारा 139(1) के अंतर्गत निर्दिष्ट देय तिथि के बाद प्रस्तुत किया जाता है। हालांकि, यदि व्यक्ति की कुल आय रू. 5 लाख से अधिक नही होती तो रू. 1,000 देरी से दाखिल करने का शुल्क होगा। |
| 234ज | आधार नंबर की सूचना देने में गलती के लिए शुल्क |
क) रू. 500, यदि ऐसी सूचना 01.04.2022 और 30.06.2022 के बीच दी जाती है ख) अन्य सभी मामलों में रू. 1000 |
आय की कम जानकारी तथा गलत जानकारी |
कम जानकारी वाली आय पर देययोग्य कर की राशि का 50 प्रतिशत के समान राशि हालांकि, यदि कम जानकारी वाली आय किसी व्यक्ति द्वारा उसकी गलत जानकारी के परिणामस्वरूप होती है तो जुर्माना जानकारी दी गई आय पर देययोग्य कर की राशि का 200 प्रतिशत के समान होगा |
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| 271क | धारा 44कक के तहत आपेक्षितानुसार, बही खाते, दस्तावेज, आदि को रखने, बनाए रखने या धारित करने में विफलता | 25,000 रु |
| 271कक(1) | (1) धारा 92घ(1) और 92घ(2) के तहत आवश्यक, जानकारी व दस्तावेज, को रखने या बनाए रखने में विफलता | किए गए प्रत्येक घरेलू लेनदेन अथवा/अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन की राशि का 2% |
| (2) इस तरह के लेनदेन का रिपोर्ट करने में विफलता | ||
| (3) गलत जानकारी या दस्तावेज प्रस्तुत करना या रखना | ||
| 271कक(2) | धारा 92घ(4) के अंतर्गत आपेक्षितानुसार सूचना और दस्तावेज की प्रस्तुति में विफलता | रू. 5,00,000/- |
| 271ककक | जहाँ तलाश 1-7-2012 के पूर्व प्रारंभ की गयी है और अघोषित आय पायी गयी है | अघोषित आय का 10% |
| 271ककख(1) | जहाँ तलाश 1-7-2012 को या उसके बाद लेकिन 15-12-2016 से पहले प्रारंभ की गयी है और अघोषित आय पायी गयी है | (क) निर्दिष्ट पिछले वर्ष की अघोषित आय का 10%; यदि निर्धारिती अघोषित आय स्वीकारता है, उसे प्राप्त करने के तरीके को सही साबित करता है और निर्धारित तिथि को या उससे पूर्व उस पर ब्याज सहित कर अदा करता है और ऐसी अघोषित आय को घोषित करते हुये निर्दिष्ट पिछले वर्ष के लिए आयकर विवरणी दाखिल करता है |
| (ख) निर्दिष्ट पिछले वर्ष की अघोषित आय का 20% यदि निर्धारिती अघोषित आय नहीं स्वीकारता है, और निर्दिष्ट तिथि को अथवा पूर्व निर्दिष्ट पिछले वर्ष के लिए प्रस्तुत आय की विवरणी में ऐसी आय की घोषणा करता है तथा उस पर ब्याज सहित कर का भुगतान करता है | ||
| (ग) यदि यह उपरोक्त (क) और (ख) में शामिल नहीं है, तो निर्दिष्ट पिछले वर्ष की अघोषित आय का 60% | ||
| 271ककख(1क) | जहाँ खोज 15.12.2016 को या उसके बाद लेकिन 01.09.2024 से पहले प्रारंभ की गई हो और अघोषित आय पाई गई हो | (क) पिछले निर्दिष्ट वर्ष की अघोषित आय का 30 प्रतिशत यदि निर्धारिती अघोषित आय को स्वीकार करता हो, तरीके जिसमें वह प्राप्त हुई सिद्ध करता हो और निर्दिष्ट तिथि पर या उससे पहले कर देता हो, उस पर ब्याज के साथ और ऐसी अघोषित आय की घोषणा करते हुए निर्दिष्ट पिछले वर्ष के लिए अय की विवरणी प्रस्तुत करता हो (ख) किसी अन्य मामले में निर्दिष्ट पिछले वर्ष की अघोषित आय का 60 प्रतिशत |
| 271ककग | निर्धारण अधिकारी द्वारा निर्धारित आय में धारा 68, धारा 69, धारा 69क, धारा 69ख, धारा 69ग या धारा 69घ में संदर्भित आय शामिल है (यदि ऐसी आय को निर्धारिती द्वारा अपनी विवरणी में शामिल न किया गया हो या धारा 115खखड़ के अनुसार कर न दिया गया हो) | धारा 115खखड़ के अंतर्गत देययोग्य कर का 10 प्रतिशत |
न्यासियों या निर्दिष्ट व्यक्ति को अनापयुक्त लाभ देने से संबंधित धारा 10(23ग) या धारा 13(1)(ग) के 21वें परंतुक के प्रावधानों के परंतुक का जुर्माना |
(क) पहले उल्लंघन के लिए : धारा 13 में संदर्भित किसी इच्छुक पार्टी के लाभ के लिए संस्थान द्वारा लागू आय की सीमा तक (ख) बाद के उल्लंघन के लिए : ऐसी लागू आय की राशि का दोगुना (दोहरा जुर्माना) |
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| 271ख | धारा 44कख के तहत आपेक्षितानुसार लेखों की रिपार्ट प्रस्तुति अथवा खाते अंकेक्षण कराने में विफलता | कुल बिक्री, टर्नओवर या सकल प्राप्तियों, आदि, का डेढ़ प्रतिशत या 1,50,000 रुपये जो भी कम हो। |
| 271खक | धारा 92ड़ के तहत आपेक्षितानुसार लेखाकार से रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विफलता | 1,00,000 रु. |
| 271ग | धारा 192 से 196घ (अध्याय XVII-ख) के अंतर्गत पूर्णता या आंशिक तौर पर स्त्रोत पर कर कटौती न करना या धारा 115ण(2) के अंतर्गत या धारा 194ख के पंरतुक के अंतर्गत पूर्ण या आंशिक कर का भुगतान न करना या कर का भुगतान न करना या उसे सुनिश्चित न करना जैसा धारा 115ण(2), धारा 194द(1) के पहले परंतुक, धारा 194ध(1) या धारा 194खक(2) के परंतुक द्वारा आवश्यक हैा | कटौती अथवा दिए न जाने वाले कर के बराबर राशि |
| 271गक | अध्याय XVII-खख के तहत आपेक्षितानुसार स्रोत पर कर संग्रह करने में विफलता | संग्रह न किये गये कर के बराबर राशि |
| 271घ | धारा 269धध के प्रावधानों के उल्लंघन में किसी ऋण अथवा जमा अथवा निर्दिष्ट राशि को लेना अथवा स्वीकार करना | ऋण अथवा जमा के बराबर राशि को लेना या स्वीकार करना |
| एक अचल संपत्ति, के स्थानांतरण के संबंध में "निर्दिष्ट राशि" अर्थात् प्राप्तनीय राशि की कोई कीमत, चाहे अग्रिम अथवा अन्यथा के तौर पर, चाहे स्थानांतरण हुआ हो अथवा नही | ||
| 271घक | एक दिन में एक व्यक्ति द्वारा रु. 2 लाख या उससे अधिक की प्राप्ति [धारा 269धन] | ऐसी प्राप्ति के बराबर राशि |
| 271घख | धारा 269धप में संदर्भित भुगतान की निर्धारित इलैक्ट्रानिक विधियों के माध्यम से भुगतान को स्वीकार करने के लिए सुविधा देने में विफलता धारा 269न के प्रावधानों के अनुसार अन्यथा के अलावा अन्यथा कोई ऋण अथवा जमा अथवा निर्दिष्ट ऋण का पुन:भुगतान |
रू. 5,000 हर गलती के लिए प्रति दिन |
| 271ड़ | "निर्दिष्ट ऋण" अर्थात् अचल संपत्ति के स्थानांतरण के संबंध में ऋण, चाहे जो भी नाम हो, के रूप में राशि की कुल कीमत, चाहे स्थानांनतरण हुआ हो अथवा नही |
ऋण या जमा के बराबर राशि चुकाना |
| 271चक 1 | धारा 285खक(1)2 के तहत आवश्यक एक वार्षिक सूचना विवरणी प्रस्तुत करने में विफलता | चूक से प्रति दिन 500 रु. |
| धारा 285खक(5) के अंतर्गत नोटिस में निर्दिष्ट अवधि के अंदर वार्षिक सूचना विवरणी को प्रस्तुत न करना | रू. 1,000 तक प्रतिदिन के हिसाब से चूक | |
| 271चकक | धारा 285खक के अंतर्गत विवरण की प्रस्तुति में विफलता या सावधानीपूर्वक जांच का अनुपालन न कर पाने में विफलता या निर्दिष्ट अवधि के अंदर संशोधन ब्यौरा प्रस्तुत करने में विफलता | रू. 50,000 |
| रिर्पोटिंग वित्तीय संस्थान द्वारा गलत सूचना की प्रस्तुति और ऐसी असत्यता रिर्पोटिंग खातों के धारक द्वारा प्रस्तुत गलत या फर्जी सूचना के कारण हो | प्रत्येक गलत रिर्पोटिंग खाते के लिए रू. 5,000 | |
| 271चकख | धारा 9क मुहैया कराती हैं कि ऐसे कोष की ओर से कार्यकारी पात्र कोष प्रबंधक के माध्यम से पात्र विदेशी निवेश द्वारा निष्पादित कोष प्रबंधन गतिविधि भारत में व्यापारिक संबंध को संस्थापित नही करेगी (कुछ शर्तों के अनुसार) प्रावधान अपेक्षा करता हैं कि पात्र निवेशगत कोष निर्दिष्ट शर्तो तथा ऐसी अन्य जानकारी अथवा दस्तावेज जिसे निर्धारित किया जा सके, से संबंधित सूचना सहित निर्धारित प्रारूप में वित्त वर्ष में इसकी गतिविधियों के संबंध में वित्तीय वर्ष विवरण की समाप्ति से 90 दिनों की भीतर प्रस्तुत किया जाएगा। जुर्माना लगाया जाएगा यदि निवेशगत कोष अनिवार्यता के अनुपालन में विफल होता हैं। |
रू. 5,00,000 |
| 271छ 3 | धारा 92घ(3) के तहत आवश्यक कोई भी जानकारी या दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफलता | ऐसी प्रत्येक विफलता पर प्रत्येक अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन/निर्दिष्ट घरेलू लेन-देन के मूल्य का 2% |
| 271छक | धारा 285क एक भारतीय उद्यम द्वारा सूचना के लिए मुहैया कराया गया हैं यदि निम्नलिखित दो शर्ते पूरी होती हैं : क) भारत में स्थित परिसंपत्ति से पर्याप्त प्राप्त मूल्य, प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष, विदेशी कंपनी अथवा उद्यम में शेयर अथवा हित ख) ऐसी विदेशी कंपनी अथवा उद्यम ऐसे भारतीय उद्यम में अथवा उसके माध्यम से भारत में ऐसी परिसंपत्ति का स्वामित्व रखती हो ऐसे मामले में, भारतीय उद्यम को धारा 9(1)(i) के अंतर्गत भारत में उपार्जित अथवा उत्पन्न किसी आय के निर्धारण के प्रयोजन के लिए निर्धारित सूचना को प्रस्तुत करना होगा किसी विफलता की स्थिति में भारतीय उद्यम जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी होगा |
जुर्माना होगा : क) उसके संबंध में जहां ऐसी विफलता होती हैं, लेनदेन की राशि के 2 प्रतिशत के समान राशि यदि ऐसे लेनदेन का भारतीय कंपनी के संबंध में प्रबंधन अथवा नियंत्रण के स्थानांतरण अधिकार का प्रभाव, प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष, था ख) किसी अन्य मामले में रू. 5,00,000 की राशि |
धारा 286(2) के अंतर्गत रिपोर्ट प्रस्तुति में विफलता |
30 दिनों तक रू. 5,000 प्रति दिन तथा 30 दिनों से अधिक के लिए रू. 15,000 प्रति दिन |
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धारा 271छख(6) के अंतर्गत स्वीकृत अविध के भीतर सूचना तथा दस्तावेजों की प्रस्तुति में विफलता |
प्रति दिन के लिए रू. 5,000 जब तक विफलता जारी रहती है |
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धारा 271छख(1) अथवा 271छख (2) के अंतर्गत आदेश को तामील करने के बाद भी धारा 286 के अंतर्गत सूचना/दस्तावेजों की प्रस्तुति में विफलता अथवा रिपोर्ट प्रस्तुत करने मे विफलता |
रू. 50,000 प्रति दिन जिसके लिए ऐसी विफलता ऐसे आदेश को तामील करने की तिथि से प्रारंभ होना जारी रहती है |
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धारा 286(2) के अंतर्गत प्रस्तुत रिपोर्ट में गलती के बारे में सूचना देने में विफलता या धारा 286(6) के अंतर्गत जारी नोटिस के उत्तर में गलत सूचना या दस्तावेजों की प्रस्तुति |
रू. 5,00,000 |
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| 271छग | भारत में संपर्क कार्यालय रखने वाले अनिवासी द्वारा धारा 285 के अंतर्गत विवरण जमा करने में विफलता (प्रभावी तिथि 1 अप्रैल, 2025 से लागू) | विफलता जारी रहने तक प्रति दिन रू. 1,000, 3 महीनों तक या किसी अन्य मामले में रू. 1,00,000 |
| 271ज 4 | धारा 200(3) या धारा 206ग(3) के परंतुक में निर्दिष्ट समय के भीतर विवरण प्रस्तुत करने/ किये जाने में विफलता, या विवरण में गलत जानकारी प्रस्तुत करना | प्रभावी तिथि 1-10-2014 से निर्धारण अधिकारी जुर्माने का भुगतान करने के लिये निर्देशित कर सकता है। जुर्माना 10,000 रुपए से कम नहीं होगा परंतु 1,00,000 रुपये तक विस्तारित किया जा सकता है। |
| 271-झ | अधिनियम की धारा 195(6) के अनुसार, किसी विदेशी कंपनी को कोई राशि (चाहे कर हेतु वसूलनीय हो अथवा नही) अथवा गैर-निवासी को भुगतान के लिए उत्तरदायी कोई व्यक्ति को प्रपत्र 15गक तथा 15गख में ऐसे भुगतान से संबंधित सूचना को प्रस्तुत करना होगा। जुर्माना किसी विफलता की स्थिति में लगाया जाएगा। | रू. 1,00,000 |
| 271ञ | एक अकाउंटेंट या एक मर्चेंड बैंकर या एक पंजीकृत मूल्यनिर्धारक द्वारा किसी रिपोर्ट या प्रमाणपत्र में गलत सूचना की प्रस्तुति | प्रत्येक गलत रिपोर्ट या प्रमाणपत्र के लिए रू. 10,000 |
| 272क(1) | निम्न को इनकार करना या विफलता: | प्रत्येक विफलता / चूक के लिए 10,000 रु. |
| (क) प्रश्न का उत्तर देना | ||
| (ख) विवरण हस्ताक्षरित करना | ||
| (ग) धारा 131(1) के तहत सम्मन के अनुपालन में, सबूत देना या बही खाता आदि प्रस्तुत करना | ||
| धारा 142(1), 143(2) के अंतर्गत नोटिस का अनुपालन अथवा धारा 142(2क) के अंतर्गत अनुपालन करने में विफलता | ||
| 272क(2) | निम्न में विफलता: | |
(क) धारा 94(6) के तहत आवश्यक प्रतिभूतियों के संबंध में अपेक्षित जानकारी प्रस्तुत करना; |
प्रतिदिन के लिए जब तक विफलता जारी रहती है, के लिए ` 500 रुपये। (धारा 197क में वर्णित घोषणा के संबंध में, विफलता के लिए जुर्माने के संबंध में, जैसाकि धारा 203 के तहत एक प्रमाणपत्र और धारा 206 और 206ग के तहत विवरणी और धारा 200(2क)/धारा 200(3) या 206ग(3) और 206ग(3क) के परंतुक तहत विवरण आवश्यक है, जुर्माना कटौती या संग्रह योग्य कर की राशि से अधिक नहीं होगा) | |
(ख) धारा 176(3) के तहत आवश्यक व्यापार या पेशे की समाप्ति की सूचना देना; |
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(ग) धारा 133, 134, 139 (4क), 139 (4ग), 192(2ग) 197क, 203, 206, 206ग, 206ग(1क) और 285ख के तहत, नियत समय में विवरणी, विवरण या प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना, घोषणा प्रस्तुत करना, निरीक्षण की अनुमति देना, आदि। |
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(घ) धारा 226(2) के तहत कर की कटौती व भुगतान करना |
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(ड़) धारा 200(3) या धारा 206ग(3) के परंतुक में निर्धारित समय के भीतर निर्धारित विवरण की प्रतिलिपि दाखिल करना (1-7-2012 तक) |
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(च) धारा 206क(1) में निर्धारित समय के भीतर निर्धारित विवरण दाखिल करना |
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(छ) निर्धारित समय के भीतर धारा 206ग (2क) अथवा धारा 206ग(2क) के अंतर्गत को सुपुर्द किए जाने अथवा कारणवश विफलता प्रभावी तिथि 1 जून, 2015 से सरकारी कार्यालयों के लिए अनिवार्य हैं कि, टीडीएस अथवा टीसीएस, जो भी हो, का भुगतान, चालान की प्रस्तुति के बिना, निर्धारित प्राधिकारी को निर्धारित प्रारूप तथा तरीके में विवरण को सुपुर्द करें |
||
| 272कक(1) | धारा 133ख के अनुपालन में विफलता | 1,000 रु. से अत्यधिक राशि न हो |
| 272ख | धारा 139क/139क(5)(ग)/(5क)/(5ग) के प्रावधानों का पालन करने में विफलता | 10,000 रु |
| 272खख (1) | धारा 203क के अनुपालन में विफलता | प्रत्येक विफलता/चूक के लिए 10,000 रुपये |
| 272खख(1क) | धारा 203क(2) में संदर्भित चालानों/प्रमाण पत्रों/विवरणों/दस्तावेजों में गलत कर कटौती खाता संख्या/कर संग्रह खाता संख्या/कर कटौती एवं संग्रह खाता संख्या उद्दत करना | 10,000 रु. |
नोट: धारा 271(1)(ख), 271क, 271कक, 271ख, 271खक, धारा 271खख, 271ग, 271गक, 271घ, 271ड़, 271च, 271चक, 271चकख, 271चख, 271छ, 271छक, 271ज, 271-झ, 272क(1)(ग) या (घ), 272क(2), 272कक(1), 272ख, 272खख(1), 272खख(1क), 272खखख(1), 273(1)(ख), 273(2)(ख) और 273(2)(ग) के अंतर्गत किसी विफलता के लिए कोई जुर्माना आरोपित नही किया जा सकता यदि व्यक्ति अथवा निर्धारिती उपलब्ध करें कि ऐसी विफलता के लिए उचित कारण था (धारा 273ख)
धारा 273कक यह उपबंध करती है कि कोई भी व्यक्ति जुर्माने से उन्मुक्ति के लिए प्रधान आयुक्त/ आयुक्त/आयुक्त को आवेदन कर सकता है, यदि (क) उसने धारा 245ग के तहत निपटान के लिए आवेदन किया है और समाधान के लिए कार्यवाही समाप्त हो चुकी है; और (ख) इस अधिनियम के तहत जुर्माने की कार्यवाही शुरू की जा चुकी है। समापन के उपरांत जुर्माना लगाए जाने के बाद आवेदन नहीं किया जा सकेगा।
अपराध और अभियोजन
| धारा | चूक का प्रकार | दंड (सश्रम कारावास) | अर्थदंड |
| (1) | (2) | (3) | (4) |
| 275क | तलाश और जब्ती के मामले में धारा 132(1) (दूसरा परंतुक) के तहत या धारा 132(3) के तहत किए गए आदेश का उल्लंघन | 2 वर्ष तक | कोई सीमा नहीं |
| 275ख | धारा 132(1)(iiख) के तहत आवश्यक बही खातों या अन्य दस्तावेजों का निरीक्षण करने के लिए अधिकृत प्राधिकारी को आवश्यक सुविधा वहन करने में विफलता | 2 वर्ष तक | कोई सीमा नहीं |
| 276 | कर वसूली को विफल करने के लिए संपत्ति को निकालना, छिपाना, स्थानांतरित करना या सुपुर्द करना | 2 वर्ष तक | कोई सीमा नहीं |
| 276क | कंपनी परिसमापन से संबंधित धारा 178(1) और (3) के प्रावधानों का अनुपालन करने में विफलता : कंपनी के परिसमापन के विषय में | 6 महीने से 2 वर्ष तक | — |
| 276ख | केन्द्र सरकार के ऋण अदा करने में विफलता (i) अध्याय XVII-ख के तहत स्रोत पर कर कटौती (धारा 279क के तहत गैर-संज्ञेय अपराध), या कर का भुगतान करने में या उसे सुनिश्चित करने में विफलता जैसा धारा 115ण(2) द्वारा आवश्यक है, धारा 194द(1) के पहले परंतुक, धारा 194ध(1) या धारा 194खक(2) के परंतुक के अंतर्गत स्त्रोत पर कर कटौती, पूर्णता या आंशिक, करने में विफलता | 3 महीने से 7 वर्ष तक | कोई सीमा नहीं |
| ध्यान दें : यदि टीडीएस के संबंध में भुगतान ऐसे भुगतान के संबंध में टीडीएस ब्यौरा दाखिल करने के लिए निर्धारित समय पर या उससे पहले किसी भी समय केंद्र सरकार के खाते में किया गया है तो इस अनुभाग के प्रावधान लागू नहीं होगा। (प्रभावी तिथि 01.10.2024 से लागू) | |||
| 276खख | धारा 206ग के प्रावधानों के तहत एकत्र कर का भुगतान करने में विफलता टिप्पणी : इस धारा के प्रावधान लागू नही हांगे यदि टीसीएस के संदर्भ में भुगतान ऐसे भुगतान के संदर्भ में टीसीएस विवरण को दाखिल करने के लिए निर्धारित समय-सीमा से को या उससे पहले किसी भी समय केंद्र सरकार को किया गया हो (01.04.2025 से लागू) |
3 महीने से 7 वर्ष तक | कोई सीमा नहीं |
| 276ग(1) | कर, जुर्माने या ब्याज से बचने के लिए जानबूझकर प्रयास करना (धारा 279क के तहत गैर-संज्ञेय अपराध)- | ||
| (क) जहाँ चोरी किया जाने वाला कर 1 लाख रुपये से अधिक है (प्रभावी तिथि 1-7-2012 से 25 लाख रू.) | 6 महीने से 7 वर्ष तक | कोई सीमा नहीं | |
| (ख) अन्य मामलों में | 3 माह से 3 वर्ष तक (प्रभावी तिथि 1-7-2012 से 2 वर्ष) | कोई सीमा नहीं | |
| 276ग(2) | कर, जुर्माने या ब्याज से बचने के लिए जानबूझकर प्रयास करना (धारा 279क के तहत गैर-संज्ञेय अपराध) | 3 माह से 3 वर्ष तक प्रभावी तिथि (1-7-2012 से 2 वर्ष) | कोई सीमा नहीं |
| 276गग | धारा 115बघ/115बज के तहत अनुषंगी लाभ की विवरणी प्रस्तुत करने अथवा धारा 139(1) या धारा 139(8क) के अंतर्गत या के तहत आय की विवरणी या धारा 142(1)(i) या धारा 148 या धारा 153क के तहत नोटिस के प्रत्युत्तर में जानबूझकर विफलता (धारा 279क के तहत गैर-संज्ञेय अपराध)- | ||
| (क) जहाँ चोरी किया जाने वाला कर 1 लाख रुपये से अधिक है (प्रभावी तिथि 1-7-2012 से 25 लाख रू.) | 6 महीने से 7 वर्ष तक | कोई सीमा नहीं | |
| (ख) अन्य मामलों में टिप्पणी - एक व्यक्ति को इस धारा के अंतर्गत अभियोजन के लिए जिम्मेदार नहीं समझा जाएगा यदि वह निर्धारण वर्ष की समाप्ति से पहले विवरणी को प्रस्तुत करता है या ऐसे व्यक्ति, कंपनी के तौर पर नही, द्वारा देययोग्य कर जिसे अग्रिम कर द्वारा घटाया गया हो निर्धारण वर्ष की समाप्ति से पहले दिया गया स्व-मूल्यांकित कर, टीडीएस और टीसीएस, रू. 10,000 से अधिक न हो। |
3 माह से 3 वर्ष तक (प्रभावी तिथि 1-7-2012 से 2 वर्ष) | कोई सीमा नहीं | |
| 276गगग | धारा 158खग(1)(क) के अंतर्गत सूचना द्वारा प्रस्तुत किए जाने हेतु आपेक्षित कुल आय की विवरणी नियत समय में प्रस्तुत करने का जानबूझकर किया गया प्रयास | 3 माह से 3 वर्ष तक | कोई सीमा नहीं |
| 276घ 6 | धारा 142(1) अथवा धारा 142(2क) के अंतर्गत नोटिस के अनुपालन के अंतर्गत लेखा तथा दस्तावेजों को प्रस्तुत करने में जानबूझकर विफलता | 1 वर्ष तक | 7 चूक के प्रतिदिन के हिसाब से 4 रुपये से लेकर 10 रूपये तक |
| 277 | गलत लेखा आदि की सुर्पुदगी अथवा सत्यापन में गलत विवरण (धारा 279क के तहत गैर- संज्ञेय अपराध) | ||
| (क) जहाँ चोरी किया जाने वाला कर 1 लाख रुपये से अधिक है (प्रभावी तिथि 1-7-2012 से 25 लाख रू.) | 6 महीने से 7 वर्ष तक | कोई सीमा नहीं | |
| (ख) अन्य मामलों में | 3 माह से 3 वर्ष तक (प्रभावी तिथि 1-7-2012 से 2 वर्ष) | कोई सीमा नहीं | |
| 277क | अधिनियम के तहत प्रभार्य/आरोप्य किसी कर, जुर्माना या ब्याज से बचने के लिए किसी भी अन्य व्यक्ति को सक्षम बनाने में बही खातों या दस्तावेजों आदि का मिथ्याकरण | 3 माह से 3 वर्ष तक (प्रभावी तिथि1-7-2012 से 2 वर्ष) | कोई सीमा नहीं |
| 278 | कर हेतु वसूलनीय अनुषंगी लाभ अथवा अन्य किसी आय से संबंधित गलत विवरणी, लेखा, विवरण अथवा घोषणा को छुपाना (धारा 279क के अंतर्गत गैर-संज्ञेय अपराध) | ||
| (क) जहाँ चोरी किया जाने वाला कर 1 लाख रुपये से अधिक है (1-7-2012 के प्रभाव से 25 लाख रू.) | 6 महीने से 7 वर्ष तक | कोई सीमा नहीं | |
| (ख) अन्य मामलों में | 3 माह से 3 वर्ष तक (प्रभावी तिथि 1-7-2012 से 2 वर्ष) | कोई सीमा नहीं | |
| 278क | धारा 276ख, 276खख, 276ग(1), 276गग, 276घघ, 278ड़, 277 या 278 के तहत द्वितीय और उत्तरगामी अपराध | 6 महीने से 7 वर्ष तक | कोई सीमा नहीं |
| 280(1) | धारा 138(2) के उल्लंघन में लोकसेवक द्वारा ब्यौरे का खुलासा करना [धारा 280(2) के तहत केन्द्र सरकार की पूर्वअनुमति के साथ अभियोजन चलाया जा सकता है,] | 6 माह तक (सरल/कठोर) | कोई सीमा नहीं |
टिप्पणी:
1. कोई भी व्यक्ति धारा 276क, 276कख या 276ख के तहत किसी भी विफलता के लिए दंडनीय नहीं होगा यदि वह ऐसी विफलता का उचित कारण साबित कर देता है (धारा 278कक के अनुसार)।
2.(क) धारा 275क, धारा 275ख, धारा 276, धारा 276क, धारा 276ख, धारा 276खख, धारा 276ग, धारा 276गग, धारा 276घ, धारा 277, धारा 277क और धारा 278 के तहत अपराधों के लिए अभियोजन प्रधान महानिदेशक / प्रधान मुख्य आयुक्त / प्रधान आयुक्त / महानिदेशक / मुख्य आयुक्त / आयुक्त की पूर्व अनुमति के साथ प्रारंभ किया जायेगा सिवाय उन मामलों के जहाँ अभियोजन आयुक्त (अपील) या उपयुक्त प्राधिकारी के बिना पर किया गया है (धारा 279 के तहत)
(ख) अध्याय XXII के तहत अपराधों का निपटारा (कार्यवाही स्थापित किये जाने के पूर्व या बाद में) प्रधान महानिदेशक / महानिदेशक या प्रधान मुख्य आयुक्त / मुख्य आयुक्त द्वारा किया जा सकता है।
3. जहां इस अधिनियम के अंतर्गत एक अपराध एक कंपनी होने के नाते, एक व्यक्ति द्वारा किया गया है, और इस तरह के अपराध के लिए सजा कारावास और जुर्माना है, तो, ऐसी कंपनी, को अर्थदंड से दंडित किया जायेगा और धारा 278ख की उपधारा(1) में निर्दिष्ट प्रत्येक व्यक्ति, या निदेशक, प्रबंधक, सचिव या धारा 278ख की उपधारा (2) में निर्दिष्ट कंपनी का अन्य कोई प्राधिकारी इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार विरुद्ध कार्यवाही किये जाने या दंडित किये जाने के लिये उत्तरदायी होगा।
4. प्रभावी तिथि 1-4-2008 से धारा 278कख के तहत एक व्यक्ति अभियोजन से उन्मुक्ति के लिए प्रधान आयुक्त / आयुक्त को आवेदन कर सकता है, यदि उसने धारा 245ग के तहत निपटान के लिए आवेदन किया है और धारा 245जक के तहत कार्यवाही का समापन कर दिया गया है। समापन के बाद अभियोजन की कार्यवाही स्थापित किये जाने के बाद आवेदन नहीं किया जा सकेगा।
1. प्रभावी निर्धारण वर्ष 2015-16 से ''वार्षिक सूचना विवरणी'' को परिवर्तित करके ''वित्तीय लेनदेन या रिपोर्ट योग्य लेखों का विवरण''' कर दिया गया है और शब्द ''विवरणी'' ''विवरण''से प्रतिस्थापित कर दिया गया है।
2. प्रभावी निर्धारण वर्ष 2015-16 से, कुछ मामलों में वित्तीय लेनदेन या रिपोर्ट योग्य खातों का गलत विवरण प्रस्तुत करने पर 50,000 रुपये के जुर्माना का प्रावघान करने के लिए एक नयी धारा 271चकक जोड़ी गयी है।
3. प्रभावी तिथि 1-10-2014 से टीपीओ भी जुर्माना लगा सकता है।
4. प्रभावी तिथि 1-10-2014 से संशोधित धारा 271ज यह उपबंध करती है कि जुर्माना निर्धारण अधिकारी द्वारा आरोपित किया जायेगा।
5. प्रभावी तिथि 1-7-2002 से अप्रभावी है।
6. प्रभावी तिथि 1 अक्टूबर, 2014 से, यदि कोई व्यक्ति कहे गये के अनुसार जानबूझकर लेखे व दस्तावेजों प्रस्तुत करने में विफल रहता है या जानबूझकर दिए गए निर्देशों का अनुपालन करने में विफल रहता है, तो वह ऐसी अवधि के लिए सश्रम कारावास जो एक वर्ष तक की अवधि के लिये हो सकती है और अर्थदंड से दंडनीय होगा (अर्थदंड की राशि नियत नहीं की गयी है)
7. प्रभावी तिथि 1-10-2014 से कोई सीमा नहीं
[वित्त अधिनियम, 2025 द्वारा संशोधित]

