आयकर विभाग द्वारा अधिक राशि के लेनदेनों के संबंध में जानकारी की माँग वाले 7 लाख पत्रांकों का निगर्मन
रिलीज़ दिनांक
21/07/2016
Document Content
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
नर्इ दिल्ली, 21 जुलार्इ, 2016
प्रेस विज्ञप्ति
विषय : आयकर विभाग द्वारा अधिक राशि के लेनदेनों के संबंध में जानकारी की माँग वाले 7 लाख पत्रांकों का निगर्मन
वार्षिक सूचना विवरणी (एआर्इआर) के अंतर्गत, विभिन्न प्रकार की उच्च-राशि वाले लेनदेनों को आयकर विभाग को सूचित किया जा रहा है। इसमें बचत बैंक खाते में रू. 10,00,000 अथवा उससे अधिक के नकद जमा, रू. 30,00,000 अथवा उससे अधिक की राशि की अचल संपत्ति की बिक्री/खरीद आदि की सूचना शामिल है। इन लेनदेनों में कर्इ लेनदेन पैन से नहीं जुड़े हैं। विभाग के पास 2009-10 से 2016-17 की अवधि तक के ऐसे लगभग 90 लाख लेनदेनों का विवरण है। इन-हाउस कम्प्यूटर तकनीक की मदद से आयकर विभाग ने ऐसे गैर-पैन लेनदेनों का समूह बनाया है तथा लगभग 14 लाख गैर-पैन लेनदेनों वाले 7 लाख अति-जोखिम भरे समूहों की पहचान की है जिसकी आयकर विभाग द्वारा गहनता से जाँच की जा रही है।
विभाग इन लेनदेनों के समक्ष अपने पैन नंबरों को मुहैया कराने के लिए ऐसे लेनदेनों वाली ऐसी पार्टियों को लैटर जारी करेगी। उन पार्टियों की सुविधा के लिए जिनके लिए इन लैटरों का व्याख्यान किया गया है, र्इ-दाखिल पोर्टल पर एक नर्इ कार्यक्षमता को विकसित किया गया है जिसमें वह लेनदेन संबंधी अपराध स्वीकार सकते हैं तथा इलैक्ट्रानिक रूप से संचरित अनुरोध मुहैया करा सकते हैं। पार्टियाँ र्इ-दाखिलीकरण वेबसाइट में लागिन कर सकते हैं तथा उनको भेजे गए लैटर में दी गर्इ विशिष्ट लेनेदन क्रम संख्या के हवाले से आसानी से अपने पैन के साथ अपने लेनदेन को लिंक कर सकते हैं। वह या तो लेनदेन को स्वीकार कर सकते हैं अथवा उनके अपने लेनदेन को मना करने के विकल्प को चुन कर इलैक्ट्रानिक रूप से इस लैटर के अनुरोध को देने में सक्षम होंगे। ऐसी पार्टियों से ऑनलाइन प्राप्त किए गए अनुरोध को विभाग द्वारा जाँचा जाएगा। विभाग उन मामलों में आगे की आवश्यक कार्रवार्इ करेगी जिसमें कोर्इ उत्तर प्राप्त नहीं किया जाता।
जनता के सदस्यों जिनको ऐसे लैटर प्राप्त हुए हैं, उनसे इस मामले में सहयोग करने का अनुरोध है। वह आयकर विभाग के किसी अधिकारी से सीधे संपर्क करने की बजाय प्रश्न, जहाँ तक संभव हो, पूछने के लिए विभागीय हेल्पलाइन का प्रयोग कर सकते हैं। जनता के सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वह ऐसे किसी असामाजिक तत्वों द्वारा किए जा रहे किसी दावे पर ध्यान न दें जिसमें वह इस मामले में आयकर विभाग के एजेंट के तौर पर खुद को गलत रूप से प्रस्तुत कर ऐसे संप्रेषण के लिए आपको मदद का प्रस्ताव देता है।
(मीनाक्षी जे गोस्वामी)
आयकर आयुक्त
(मीडिया तथा तकनीकी नीति)
आधिकारिक प्रवक्ता, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

