आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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रिलीज़ दिनांक

13/02/2017

Document Content

 

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नर्इ दिल्ली, 13 फरवरी, 2017

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

आयकर विभाग के ऑपरेशन क्लीन मनी को मिली जबर्दस्त प्रतिक्रिया

 

आयकर विभाग (आर्इटीडी) ने 9 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 के दौरान किए गए बड़ी संख्या में नगद जमा के र्इ-सत्यापन के लिए 31 जनवरी, 2017 को 'ऑपरेशन क्लीन मनी' की पहल की थी। र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल पर ऑनलाइन प्रतिक्रिया देने के लिए 18 लाख करदाताओं को र्इमेल और एसएमएस भेजे गए थे।

अभियान को जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिली और 12 फरवरी, 2017 तक 5.27 लाख से अधिक करदाताओं ने पहले ही अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। 5.27 लाख करदाताओं द्वारा पुष्ट किए गए 7.41 लाख खातों में से 99.5 प्रतिशत खातों से नगद में जमा राशि का पुष्टिकरण किया गया है। विभाग को यह ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है कि करदाताओं ने लगभग 90,000 खातों में नगद राशि जमा को बढ़ाया है और अतिरिक्त 25,000 बैंक खातों, जिनमें नगद जमा कराया गया था, का विवरण मुहैया कराया है। करदाता द्वारा जमा नगद का स्पष्टीकरण करदाता की पूर्व विवरणी में व्यापारिक प्रोफाइल और व्यापार के प्रकार के संदर्भ में विश्लेषित की जा रही है।

इस अभियान के द्वारा ज्ञात हुआ कि लगभग 4.84 लाख करदाता र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल के साथ पंजीकृत नहीं है। इन अपंजीकृत व्यक्तियों के मोबाइल नंबरों पर एसएमएस भेजा गया है। आयकर विभाग उन पैन धारकों पर नजर बनाए हुए है जो अभी तक र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हुए हैं या जिन्होंने अभी तक अपनी ऑनलाइन प्रतिक्रिया नहीं दी है। ऐसे करदाताओं से परामर्श है कि अपने आप को र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल https://incometaxindiaefiling.gov.in पर पंजीकृत करें और ऑनलाइन स्पष्टीकरण दर्ज करें।

ऑनलाइन प्रतिक्रिया देने के लिए, उनके जमा करने की अंतिम तिथि को 15 फरवरी, 2017 तक बढ़ा दी गयी है और ब्यौरेवार अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू) को भी करदाताओं द्वारा अपनी प्रतिक्रिया देने में सहायता के लिए जारी किया गया है। करदाताओं को आयकर अधिनियम और अन्य लागू होने वाले कानूनों के अंतर्गत बाध्य कार्रवार्इ से बचने के लिए इस विस्तारित अवधि के अंदर अपनी प्रतिक्रिया दे देनी चाहिए।

 

(मीनाक्षी जे गोस्वामी)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी