आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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रिलीज़ दिनांक

26/02/2014

विवरण

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड अनुभाग के तहत अनुमति दी समय के भीतर धन वापसी दावे के साथ ई रिटर्न दाखिल के लिए 2014/03/31 तक आकलन वर्ष 2009-10 , 2010-11 और 2011-12 के लिए आईटीआर वी फार्म दाखिल करने के लिए समय सीमा बढ़ा दिया गया है अधिनियम की 139 .

Document Content

प्रेस विज्ञप्ति

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

दिनांक 26 फरवरी, 2014

प्रेस विज्ञप्ति

केन्द्रीय प्रत्यक्ष बोर्ड ने निर्धारण वर्ष 2009-10, 2010-11 और 2011-12 के लिए आईटीआर-V फार्म भरने की समय-सीमा, अधिनियम की धारा-139 के तहत अनुमत समय के भीतर धन वापिसी दावे के साथ ई-रिटर्न दाखिल करने के लिये, 31.03.2014 तक बढ़ा दी है ।

2. हालांकि उक्त निर्धारण वर्ष के लिये आईटीआर-V फार्म जमा करने के लिये समय पहले मौकों पर बढ़ाया भी गया था, यह बताया गया कि कुछ इलेक्ट्रानिक रूप से फाइल किये गये रिटर्न अभी तक वापिसी दावे के साथ आयकर विभाग के पास निर्धारित समय सीमा में आईटीआर-V प्रस्तुत न करने के कारण लम्बित हैं ।

3. ऐसे मामलों में, सम्बन्धित करदाता, अपनी आईटीआर-V सीपीसी, बैगलुरू में प्राप्त हुई या नहीं, का पता आयकर विभाग की वेबसाईट <https://incometaxindiaefiling.gov.in/e-Filing/Services/ITR-V>ReceiptStatus.html में लाग-इन करके पैन संख्या और निर्धारण वर्ष या ई-फाइलिंग पावति संख्या डालकर, लगा सकता है । वैकल्पिक रूप से आईटीआर-V की स्थिति का पता उपरोक्त वेबसाईट के नीचे, पंजीकृत ई-फाइलिंग खाते के साथ लाग-इन के बाद 'Click to view Returns/Forms' से लगाया जा सकता है । निर्धारित समय में, आईटीआर-V प्राप्त न होने के मामले में, स्थिति प्रदर्शित नहीं होगी ।

4. करदाता जिसकी आईटीआर-V सीपीसी, बैंगलुरू में प्राप्त की जा रही है, एक विधिवत हस्ताक्षरित आईटीआर-V की प्रति दिनांक 31.03.2014 तक स्पीड-पोस्ट के द्वारा निम्न पते पर आवश्य प्रस्तुत करना होगीः सीपीसी, पोस्ट बैग सं0 1, इलैक्ट्रानिक सिटी पोस्ट ऑफिस, बैंगलुरू-560100(कर्नाटक) ।

5. यह नोट किया जा सकता है कि यह अन्तिम अवसर करदाताओं के लिये, वैध आईटीआर-V फार्म के अभाव में जहाँ निर्धारण वर्ष 2009-10, 2010-11 और 2011-12 के लिये रिफैन्ड लम्बित हैं, उनके रिटर्न को जारी रखने के लिये विस्तारित किया जा रहा है । इसलिए सम्बन्धित करदाताओं को आगे उनकी अन्यथा धनवापसी दावों की प्रक्रिया करने के लिये कर प्राधिकरणों को सक्षम करने के रूप में, छुट का लाभ उठाने की सलाह दी जाती है ।

 

(रेखा शुक्ला)

आयकर आयुक्त(एम एवं टी पी)

सरकारी प्रक्ता, सी.बी.डी.टी.

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