परिपत्र सं. 16/2017 : एक औद्योगिक पार्क/एसर्इजेड में अन्य सुविधाओं के साथ भवन/विकसित क्षेत्र को भाडे़ पर देने से पट्टा किराया - व्यापारिक आय के तौर पर समझा जाना है
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 16/2017
परिपत्र की तिथि
25/04/2017
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
25/04/2017
परिपत्र सं. 16/2017
एफ.नं. 279/विविध/140/2015/आर्इटीजे
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
नर्इ दिल्ली, 25 अप्रैल, 2017
विषय : एक औद्योगिक पार्क/एसर्इजेड में अन्य सुविधाओं के साथ भवन/विकसित क्षेत्र को भाडे़ पर देने से पट्टा किराया - व्यापारिक आय के तौर पर समझा जाना है
मुद्दा कि क्या एक औद्योगिक पार्क/एसर्इजेड में अन्य सुविधाओं के साथ भवन/विकसित क्षेत्र को भाडे़ पर देने से पट्टा किराये को 'व्यापार के लाभ और प्राप्ति' शीर्षक के अंतर्गत परिवर्तित किया जाना है या 'गृह संपत्ति से आय' शीर्षक के अंतर्गत हाल के वर्षों में मुकद्मेबाजी की विषय वस्तु बन गर्इ है। निर्धारिती ने व्यापारिक गतिविधि के तौर पर भाडे़ का दावा किया, उत्पन्न आय जिसे शीर्षक 'व्यापार के लाभ और प्राप्ति' के अंतर्गत कर हेतु वसूला जाना है जबकि निर्धारण अधिकारी ने इसे शीर्षक 'गृह संपत्ति से आय' के अंतर्गत वसूले जाने के तौर पर सुरक्षित रखा है।
2. बोर्ड द्वारा मुद्दे पर विचार किया गया है। आयकर अधिनियम, 1961 ('अधिनियम') की धारा 80झक(4)(iii) के अंतर्गत बनार्इ गर्इ और अधिसूचित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत औद्योगिक पार्क/एसर्इजेड से आय व्यापार से आय के तौर पर समझी जानी है बशर्ते कि योजनाओं के अंतर्गत निर्धारित शर्तें पूरी होती हो।
वेलनकानी इंफोरमेशन सिस्टम प्रा. लि. के मामले में, माननीय कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पाया है कि कोर्इ अन्य व्याख्या अधिनियम की धारा 80झक और देश में औद्योगिक पार्कों के विकास की सरकारी योजनाओं को धूमिल करेगी। विभाग द्वारा इस मामले में दाखिल एसएलपी को माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा निरस्त किया गया है।
आयकर आयुक्त बनाम इंफोरमेशन टैक्नालॉजी पार्क लिमिटेड के मामले में आर्इटीए नं. 76 व 78/2012 में बाद के निर्णय दिनांक 30.04.2014 में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने अपने पहले के दृष्टिकोण को फिर से पुष्ट किया है। उसने संघटित किया है कि चूंकि निर्धारिती कंपनी एक औद्योगिक पार्क को विकसित, संचालित और अनुरक्षण और अपने व्यापार के तौर पर विभिन्न कंपनियों को ढ़ांचागत सुविधाएं देने का काम कर रही थी इसलिए सॉफ्टवेयर टैक्नॉलाजी पार्क में अन्य सुविधाओं के साथ भवनों को किराये पर देने से निर्धारिती द्वारा प्राप्त पट्टा किराया शीर्षक "व्यापार से आय" के अंतर्गत कर हेतु वसूलनीय होगा और नाकि शीर्षक "गृह संपत्ति से आय" के अंतर्गत। निर्णय को बोर्ड द्वारा स्वीकृत किया गया है।
3. उक्त को देखते हुए, अब एक स्थिति को सुनिश्चित किया गया है कि उपक्रम, जो सरकार द्वारा बनार्इ गर्इ और अधिसूचित योजना के अनुसार अधिसूचित औद्योगिक पार्क/एसर्इजेड को विकसित और संचालित या अनुरक्षण और संचालन करती है, की स्थिति में औद्योगिक पार्क/एसर्इजेड में अन्य सुविधाओं के साथ परिसर/विकसित क्षेत्र को भाडे़ पर देने से आय शीर्षक 'व्यापार के लाभ और प्राप्ति' के अंतर्गत वसूली जानी है।
4. तद्नुसार, अब से, हो सकता है अपील उक्त निपटाए गए मुद्दों पर विभाग द्वारा दाखिल न की जाए और उन मुद्दों जो पहले से दाखिल किए गए हैं उनको निरस्त किया जा सकता है/बाध्य नहीं किया जा सकता।
5. उक्त को सभी संबंधितों के ध्यान में लाया जा सकता है
(डी.एस. चौधरी)
आयकर आयुक्त (एएंडजे), सीबीडीटी,
नर्इ दिल्ली
निम्न को प्रति
1. अध्यक्ष, सदस्य और अवर सचिव तथा उससे ऊपर के पद के सीबीडीटी में अन्य समस्त अधिकारी
2. राजस्व सचिव का ओएसडी
3. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त व समस्त आयकर महानिदेशक - अपने अधिकारियों में ध्यान में लाने के अनुरोध के साथ
4. भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
5. प्रधान आयकर महानिदेशक, एनएडीटी, नागपुर
6. प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति), एआरए सेंटर, झंडेवालान एक्सटेंशन, नर्इ दिल्ली
7. प्रधान आयकर महानिदेशक (सतर्कता), नर्इ दिल्ली
8. एडीजी(पीआर, पीपी व ओएल), मेलिंग लिस्ट के अनुसार वितरण के लिए
9. एडीजी-4(पद्धति) आर्इटीडी वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए
10. irsofficersonline पर अपलोडिंग के लिए डाटा बेस प्रकोष्ठ
11. गार्ड फाइल
(डी.एस. चौधरी)
आयकर आयुक्त (एएंडजे), सीबीडीटी,
नर्इ दिल्ली

