आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 11/2021

परिपत्र की तिथि

21/06/2021

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

21/06/2021

 परिपत्र सं. 11/2021

 2021 की परिपत्र सं. 11

एफ.नं. 370133/7/2021-टीपीएल

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

(केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड)

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दिनांक : 21 जून, 2021

 

विषय : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 206कख और 206गगक के अंतर्गत कार्यक्षमता के प्रयोग के संबंध में परिपत्र

 

वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा आयकर अधिनियम 1961 (तत्पश्चात् "अधिनियम" के तौर पर संदर्भित) में दो नई धाराओं 206कख और 206गगक को शामिल किया गया है जो 1 जुलाई, 2021 से प्रभावी होगी। ये धाराएं कर कटौती (धारा 192, 192क, 194ख, 194खख, 194ठखग और 194ढ के अंतर्गत) और कर संग्रहण के संदर्भ में कुछ गैर-दाखिलकर्ताओं (निर्दिष्ट व्यक्तियों) के मामले में उच्च दर पर कर कटौती (धारा 206कख) या कर संग्रहण (धारा 206गगक) को अनिवार्य करती हैं। उच्च दर निर्धारित दर या 5 प्रतिशत, जो भी अधिक हो, की दो गुनी है। निर्दिष्ट व्यक्ति का अर्थ है एक ऐसा व्यक्ति जो निम्नलिखित दोनों शर्तों को पूरा करता हो :-

  (i) उसने पिछले वर्ष जिसमें कर को काटा/एकत्रित किया जाना आवश्यक है, से तुरंत पहले के दो पिछले वर्षों के प्रासंगिक दो निर्धारण वर्षों के लिए आय की विवरणी को दाखिल न किया हो। गिने जाने वाले दोनों पिछले वर्ष वह होना आवश्यक है जिसकी धारा 139 की उप-धारा (1) के अंतर्गत विवरणी दाखिलीकरण तिथि समाप्त हो चुकी हो।

 (ii) स्रोत पर कुल कर कटौती और कर संग्रहण इन दोनों पिछले वर्षों में पचास हजार या उससे अधिक है।

2. यह देखा जा सकता है कि कर कटौतीदाता या कर संग्राहक को अपने आप को संतुष्ट करते हुए जांच करना आवश्यक है यदि डिडक्टी या कलेक्टी एक निर्दिष्ट व्यक्ति है। इससे ऐसे कर कटौतीदाता या कर संग्राहकों पर अतिरिक्त अनुपालन बोझ पड़ता है। इस अनुपालन बोझ को कम करने के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड एक नई कार्यप्रणाली "धारा 206कख व 206गगक की अनुपालन जांच" को जारी कर रहा है। यह कार्यप्रणाली आयकर विभाग के रिर्पोंटिंग पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। कर कटौतीदाता या संग्राहक डिडक्टी या कलेक्टी के एक पैन (पैन सर्च) या बहु पैन (बल्क सर्च) को प्रदाय कर सकते हैं और कार्यप्रणाली से एक प्रतिउत्तर प्राप्त कर सकते हैं यदि ऐसे डिडक्टी या कलेक्टी एक निर्दिष्ट व्यक्ति हो। पैन सर्च के लिए, प्रतिउत्तर स्क्रीन पर दिखाई देगा जिसे पीडीएफ प्रारूप में डाउनलोड किया जा सकता है। बल्क सर्च के लिए, प्रतिउत्तर डाउनलोड किए जाने वाली फाइल के रूप में होगा जिसे रिकॉर्ड उद्देश्य के लिए रखा जा सकता है।

3. कार्यप्रणाली का तर्क निम्नानुसार है :

  •  दो प्रासंगिक पिछले वर्षों के तौर पर पिछले वर्ष 2018-19 और 2019-20 को लेते हुए, वित्त वर्ष 2021-22 के प्रारंभ से निर्दिष्ट व्यक्तियों की एक सूची तैयार की गई है। करदाताओं, जिन्होंने दोनों पिछले वर्षों 2019-20 और 2020-21 के लिए आय की विवरणी दाखिल नहीं की है और इन दोनों पिछले वर्षों में पचास हजार रूपए या उससे अधिक का कुल टीडीएस या टीसीएस है, के नाम वाली सूची

  •  वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान, निर्दिष्ट व्यक्तियों की सूची में कोई नया नाम शामिल नहीं किया गया। यह वित्त वर्ष के दौरान एक से अधिक बार गैर-निर्दिष्ट व्यक्ति के पैन की जांच करते हुए टैक्स डिडक्टर और कलेक्टर पर बोझ कम करने का एक करदाता के अनुकूल उपाय है।

  •  यदि कोई निर्दिष्ट व्यक्ति वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान निर्धारण वर्ष 2019-20 या 2020-21 के लिए वैध आय विवरणी (दाखिल व सत्यापित) को दाखिल करता है तो उसका नाम निर्दिष्ट व्यक्तियों की सूची से हटाया जाएगा। यह वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान आय की वैध विवरणी को दाखिल करने की तिथि पर किया जाएगा।

  •  यदि कोई निर्दिष्ट व्यक्ति निर्धारण वर्ष 2021-22 के लिए वैध आय की विवरणी (दाखिल व सत्यापित) दाखिल करता है तो उसका नाम निर्दिष्ट व्यक्तियों की सूची से हटाया जाएगा। यह वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आय की विवरणी को दाखिल करने की देय तिथि पर या वैध विवरणी (दाखिल व सत्यापित) के वास्तविक दाखिलीकरण की तिथि, जो भी बाद में हो, पर किया जाएगा।

  •  यदि कुल टीडीएस और टीसीएस, एक निर्दिष्ट व्यक्ति के मामले में, पिछले वर्ष 2020-21 में, पचास हजार रूपए से कम हो तो उसका नाम निर्दिष्ट व्यक्तियों की सूची से हटाया जाएगा। यह वित्त वर्ष 2021-22 में आने वाले अधिनियम की धारा 139 की उप-धारा (1) के अंतर्गत पहली अंतिम तिथि को किया जाएगा। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए, 31 जुलाई 2021 की इस अंतिम तिथि 30 सितंबर 2021 तक बढ़ा दी गई है।

  •  वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान दाखिल की गई प्रासंगिक वित्त वर्ष की विलंबित और संशोधित टीसीएस व टीडीएस विवरणी को भी नियमित आधार पर निर्दिष्ट व्यक्तियों की सूची से व्यक्तियों को हटाने के लिए विचार किया जाएगा।

4. कटौतीदाता या संग्राहक वित्त वर्ष के प्रारंभ होने पर कार्यप्रणाली में पैन की जांच कर सकते हैं और उसे उस वित्त वर्ष के दौरान गैर-निर्दिष्ट व्यक्ति के पैन की जांच करना आवश्यक नहीं है। उदाहरण के लिए, एक कटौतीदाता के पास 10,000 वेंडर है जिनसे वह व्यवहार करता है। वह बल्क सर्च मोड में कार्यक्षमता का प्रयोग कर सकता है और एक बार में इन सभी 10,000 बैंडरों के पैन का परिणाम प्राप्त कर सकता है। कल्पना कीजिए कि कार्यक्षमता से पता चलता हो कि इन 10,000 बैंडरों के पैन में से, 5 पैन अधिनियम की धारा 206कख और 206गगक के लिए निर्दिष्ट व्यक्तियों के हैं। अब, शेष 9,995 बैंडरों के पैन के संदर्भ में, यह स्पष्ट है कि यह उस वित्त वर्ष के लिए निर्दिष्ट व्यक्तियों की सूची में नहीं हैं। चूंकि वित्त वर्ष के दौरान निर्दिष्ट व्यक्तियों की सूची में कोई नया नाम शामिल नहीं किया जाएगा, कटौतीदाता या संग्राहक सुनिश्चित कर सकते हैं कि इन 9,995 बैंडरों के पैनों को उस वित्त वर्ष के दौरान निर्दिष्ट व्यक्तियों की सूची से बाहर रखा जाएगा। इसलिए, कटौतीदाता या संग्राहक को उस वित्त वर्ष के दौरान इन 9995 बैंडरों पैन के संदर्भ में दुबारा जांच की आवश्यकता नहीं है। यह संभावना है कि 5 पैन जो निर्दिष्ट व्यक्तियों के हैं, वह वित्त वर्ष के दौरान सूची से बाहर हो और उसके लिए कर कटौती या कर संग्राहण करते समय दुबारा जांच करने की आवश्यकता नहीं होगी।

5. सूची प्रत्येक वित्त वर्ष के प्रारंभ में नए तरीके से तैयार होगी और उक्त प्रक्रिया को दोहराया जाएगा। उदाहरण के लिए, वित्त वर्ष 2022-23 के प्रारंभ होने पर दो प्रासंगिक पिछले वर्षों के तौर पर पिछले वर्ष 2019-20 और 2020-21 के साथ एक नई सूची तैयार की जाएगी। फिर, वित्त वर्ष के दौरान निर्दिष्ट व्यक्तियों की सूची में कोई नाम शामिल नहीं होगा और उक्त पैराग्राफ 3 के तीसरे से छठे बुलेट में दिए गए तर्क के आधार पर केवल नाम हटाया जाएगा।

6. यह ध्यान दिया जा सकता है अधिनियम की धारा 206कख व 206गगक के परंतुक के अनुसार, निर्दिष्ट व्यक्तियों उस एक अनिवासी को शामिल नहीं करेगा जिसके पास भारत में स्थाई प्रतिष्ठान नही है। कर कटौतीदाता व संग्राहकों से गैर-निर्दिष्ट के तौर पर निर्दिष्ट व्यक्तियों के तौर पर समझने के लिए उक्त संदर्भित कार्यक्षमता द्वारा स्थापित एक निर्दिष्ट व्यक्ति के संदर्भ में आवश्यक जांच करने की अपेक्षा की जाती है यदि वह इन परंतुकों के अंतर्गत आता है।

 

(शेफाली सिंह)

अवर सचिव, भारत सरकार

 

निम्न को प्रति

  1. एफएम का पीएस/एफएम का ओएसडी/एमओएस (एफ) का पीएस/एमओएस (एफ) का ओएसडी

  2. सचिव (राजस्व) का पीपीएस

  3. अध्यक्ष, सीबीडीटी व सभी सदस्य, सीबीडीटी

  4. समस्त प्रधान आयकर महानिदेशक/प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त

  5. सीबीडीटी के सभी संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त/निदेशक/ उप-सचिव/अवर सचिव

  6. भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक

  7. जेएस व कानूनी सलाहकार, कानून व न्याय मंत्रालय, नई दिल्ली

  8. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), सीबीडीटी के आधिकारिक प्रवक्ता

  9. आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) कार्यालय

10. जेसीआईटी (डाटाबेस प्रकोष्ठ) www.irsofficersonline.gov.in पर अपलोडिंग के लिए क्लिक करें