आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 1/2018

परिपत्र की तिथि

10/01/2018

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

10/01/2018

 परिपत्र सं. 1/2018

निर्देश सं. 01/2018

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नार्थ ब्लॉक, नर्इ दिल्ली, 10 जनवरी, 2018

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 119 के अंतर्गत आदेश

 

विषय : आयकर अधिनियम की धारा 143(1) के अंतर्गत आयकर विवरणी का प्रसंस्करण जिसे प्रपत्र आर्इटीआर-1 से 6 में दाखिल किया गया था व धारा 143(1)(क)(vi) की प्रयोज्यता - संबंधित -

 

आयकर अधिनियम, 1961 ('अधिनियम') की धारा 143 की उप-धारा (1) के वाक्यांश (क) के उप-वाक्यांश (vi) जैसा वित्त अधिनियम, 2016 प्रभावी तिथि 01.04.2017 के द्वारा प्रारंभ, आय की विवरणी के प्रसंस्करण के दौरान, निर्धारित करती है कि कुल आय या हानि प्रपत्र 26कध या प्रपत्र 16क या प्रपत्र 16 (तीनों प्रपत्र) में दर्शार्इ जाने वाली उस आय की वृद्धि के लिए समायोजन करने के बाद आंकी जाएगी जिसे विवरणी में कुल आय की गणना में शामिल नहीं किया गया है। इस संबंध में, सीबीडीटी ने उदाहरणों जिनमें अधिनियम की धारा 143(1)(क)(vi) को आर्इटीआर प्रपत्र 1 से 6 में शामिल सूचना के आधार पर सीपीसी-आर्इटीआर, बंगलुरु द्वारा लागू किया जा सकता हैं, की पहचान के लिए निर्देश सं. 9/2017 दिनांक 11.10.2017 व 10/2017 दिनांक 15.11.2017 को जारी किया है।

2. चूंकि सूचनाएं अधिनियम की धारा 143(1)(क)(vi) के अंतर्गत अभिज्ञात विवरणियों में प्रस्तावित समायोजनाओं की प्रस्तावना करती है उसे सीपीसी-आर्इटीआर, बैंगलौर द्वारा जल्दी से जारी किया जाएगा, प्रतिउत्तर को दाखिल करने के लिए करदाताओं द्वारा अनुसरित होने वाली प्रक्रिया निम्नानुसार है :

2.1 चूंकि अधिनियम की धारा 143(1)(क)(vi) को विवरणियों के प्रसंस्करण के दौरान पहली बार लागू किया जा रहा है, यह निर्णय लिया गया है कि प्रस्तावित समायोजनाए की सूचना जारी करने से पहले प्रारंभिक तौर पर ऐसी विभिन्नताओं के लिए करदाताओं का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक अभियान चलाया जाएगा। यह र्इ-मेल और एसएमएस संप्रेषण के रूप में होगा जिसमें संबंधित करदाताओं को कर-विवरणी में परिवर्तन के बारे में तीनों प्रपत्रों में उपलब्ध सूचना के विषय में बताया जाएगा और उनसे इलैक्ट्रानिक रूप से संप्रेषण प्राप्त होने के एक महीने के अंदर परिवर्तनों के लिए प्रतिउत्तर जमा करने के लिए अनुरोध किया जाएगा। यदि करदाता समय सीमा के अंदर उत्तर नहीं देते या उत्तर संतुष्टिजनक नहीं होता तो वापस दी गर्इ आय के लिए समायोजन को प्रस्तावित करने वाली धारा 143(1)(क)(vi) के अंतर्गत औपचारिक सूचना उसे जारी की जाएगी। अधिनियम की धारा 143(1)(क)(vi) के दूसरे परंतुक के अनुसार यदि जहां एक ऐसी सूचना के निगर्मन के तीस दिनों के अंदर करदाता से कोर्इ उत्तर प्राप्त नहीं होता तो प्रस्तावित समायोजन वापस दी गर्इ आय के लिए की जाएगी। इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है कि संबंधित करदाता अधिनियम की धारा 143(1)(क)(vi) के अंतर्गत समायोजन प्रस्तावित करने वाली आगामी सूचना या जागरूकता अभियान के लिए जल्द, समय से और संतुष्टिजनक उत्तर दाखिल करें

2.2 करदाता द्वारा प्रतिउत्तर प्रस्तुत करने की प्रणाली निम्नानुसार है :

इलैक्ट्रानिक रूप से उत्तर देने के लिए, करदाता को र्इ-दाखिलीकरण साइट में अपने खाते का लॉगिन करना और विकल्प (देखें-विवरणी/प्रपत्र) को चुनना आवश्यक है। यदि जहां संप्रेषण/सूचना अधिनियम की धारा 143(1)(क)(vi) के अंतर्गत करदाता को जारी की गर्इ हो तो डैशबोर्ड पर स्थिति "धारा 143(1)(क) के अंतर्गत संप्रेषण/सूचना के लिए उत्तर लंबित है" के तौर पर प्रदर्शित होगा। करदाता इसी पर क्लिक कर सकते हैं और अपना उत्तर जमा कर सकते हैं।

2.3 उत्तर प्रस्तुत करने परिदृश्य निम्नानुसार हैं :

  i. जहां अधिनियम की धारा 143(1)(क)(vi) के अंतर्गत औपचारिक सूचना या जागरूकता संदेश को प्राप्त करने पर यदि करदाता प्रस्तावित समायोजन के साथ पूरी तरह से सहमत होता है तो उसे उत्तर में संशोधित विवरणी को दाखिल करना आवश्यक है।

 ii. जहां अधिनियम की धारा 143(1)(क)(vi) के अंतर्गत औपचारिक सूचना या जागरूकता संदेश को प्राप्त करने पर यदि करदाता प्रस्तावित समायोजन के साथ आंशिक तौर पर सहमत होता है तो उसे (i) प्रस्तावित समायोजन के भाग के लिए संशोधित विवरणी को दाखिल करना आवश्यक है जिसके साथ वह समझौते में है व (ii) प्रास्तावित समायोजन जिसके साथ वह समझौते में नहीं है, के भााग के लिए समाधान विवरण (र्इ-दाखिलीकरण सार्इट पर सीपीसी-आर्इटीआर द्वारा मुहैया कराए जाने वाले प्रारूप में) को दाखिल करना आवश्यक है

 iii. जहां अधिनियम की धारा 143(1)(क)(vi) के अंतर्गत औपचारिक सूचना या जागरूकता संदेश को प्राप्त करने पर यदि करदाता प्रस्तावित समायोजन के साथ असहमत होता है तो उसे अपने तर्क के समर्थन में समाधान विवरण (र्इ-दाखिलीकरण साार्इट पर सीपीसी-आर्इटीआर द्वारा मुहैया कराए जाने वाले प्रारूप में) को दाखिल करना आवश्यक है।

3. उक्त पैरा 2.3 में इंगितानुसार करदाता के उत्तर और सीपीसी-आर्इटीआर के साथ ऐसी उपलब्ध सूचना के आधार पर, तत्पश्चात्, ऐसी विवरणी निर्देश सं. सीबीडीटी की 9व10/2017 के निर्देश के साथ पठित धारा 143(1), 143(1)(क)(vi) के प्रावधानों के अनुसार सीपीसी-आर्इटीआर द्वारा प्रसंस्करण के लिए ली जाएगी।

 

 

(रोहित गर्ग)

निदेशक-(आर्इटीए.II), सीबीडीटी

 

(एफ.नं 225/333/2017-आर्इटीए.II)

 

निम्न को प्रति

  1. एफएम हेतु पीएस/एफएम हेतु ओएसडी/एमओएस (एफ) हेतु पीएस/एमओएस (एफ) हेतु ओएसडी

  2. सचिव (राजस्व) हेतु पीएस

  3. अध्यक्ष, सीबीडीटी व सभी सदस्य, सीबीडीटी

  4. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/प्रधान  आयकर महानिदेशक, सीबीडीटी

  5. सभी संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त, सीबीडीटी

  6. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), सीबीडीटी के आधिकारिक प्रवक्ता

  7. आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) कार्यालय

  8. जेसीआर्इटी (डाटाबेस प्रकोष्ठ) विभागीय वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए

 

 

(रोहित गर्ग)

निदेशक-(आर्इटीए.II), सीबीडीटी