आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 234ज के अंतर्गत निर्धारित शुल्क के लिए आयकर नियम, 1962 के प्रावधानों का संशोधन
रिलीज़ दिनांक
30/03/2022
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भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
नई दिल्ली, 30 मार्च, 2022
प्रेस विज्ञप्ति
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 234ज के अंतर्गत निर्धारित शुल्क के लिए आयकर नियम, 1962 के प्रावधानों का संशोधन
आयकर अधिनियम, 1961 ("अधिनियम") के प्रावधानों के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति जिसे 1 जुलाई, 2017 तक पैन आवंटित किया गया है और जो आधार नंबर प्राप्त करने के योग्य है उसे 31 मार्च, 2022 को या उससे पहले निर्धारित प्राधिकारी को अपने आधार की सूचना देना आवश्यक है। ऐसा न करने पर, उसका पैन निष्क्रिय हो जाएगा और उन सभी प्रक्रियाओं में जिसमें पैन की आवश्यकता होती है वह रूक जाएगी। पैन, निर्धारित शुल्क के भुगतान के बाद निर्धारित प्राधिकारी को आधार की सूचना देने पर ही दुबारा सक्रिय होगा।
अधिसूचना सं. 17/2022 दिनांक 29 मार्च, 2022 के अनुसार करदाताओं की परेशानियों को कम करने के लिए, करदाताओं को परिणाम भुगते बिना आधार-पैन को लिंक करने के लिए निर्धारित प्राधिकारी को अपने आधार की सूचना देने हेतु 31 मार्च 2023 तक का समय दिया जा रहा है। परिणामस्वरूप, अपने आधार की सूचना देते समय करदाताओं को 1 अप्रैल 2022 से तीन महीने तक रू. 500 का भुगतान करना होगा और उसके बाद रू. 1000 का शुल्क देना होगा।
हालांकि, 31 मार्च, 2023 तक जिन निर्धारितियों ने आधार की सूचना नहीं दी है वह अधिनियम के अंतर्गत प्रक्रियाओं जैसे आय की विवरण की प्रस्तुति, प्रतिदाय आदि का प्रसंस्करण आदि, के लिए पैन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस संबंध में एक ब्यौरेवार परिपत्र सं. 7/2022 दिनांक 30.03.2022 को जारी किया जा चुका है।
31 मार्च, 2023 के बाद, उन करदाताओं का पैन जिन्होंने अपने आधार की सूचना नहीं दी है, जैसा आवश्यक है, निष्क्रिय हो जाएगा और ऐसे करदाताओं पर पैन की प्रस्तुति, सूचना या उद्धृत न करने के लिए अधिनियम के अंतर्गत सभी परिणाम लागू होंगे।
(सुरभि आहलूवालिया)
आयकर आयुक्त
(मीडिया व तकनीकी नीति)
आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी

