आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

426

परिपत्र की तिथि

24/07/1985

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

24/07/1985

परिपत्र: सं 426, 24-07-1985 दिनांकित

वित्तीय वर्ष 1985-86

1775. अधिनियम, 1985 के वित्त की प्रथम अनुसूची के भाग द्वितीय में निर्दिष्ट दरों पर वित्त वर्ष 1985-86 के दौरान बीमा आयोग से स्रोत पर कर की कटौती के लिए निर्देश

1मैं इस विभाग के परिपत्र सं 391 [एफ के लिए एक संदर्भ को आमंत्रित करने के लिए निर्देशित कर रहा हूँ सं 275/17/84-IT (ख)], 1984/08/08 दिनांकित जिसमें आयकर की कटौती के बीमा के माध्यम से आय के भुगतान से वित्तीय वर्ष 1984-85 के दौरान किया जाना था, जिस पर दरें खंड 194D तहत आयोग सूचित किया गया.

वित्त अधिनियम, 1985 की प्रथम अनुसूची के भाग II में निर्धारित, वित्तीय वर्ष 1985-86 के दौरान खंड 194D तहत स्रोत पर कर की कटौती के लिए निम्नलिखित दर:

                                                                                                                           

 
 
आयकर
अधिभार
{
(एक कंपनी के अलावा अन्य) एक व्यक्ति के मामले में, निवासी भारत में कौन है
10 फीसदी
कोई नहीं;
II
एक घरेलू कंपनी के मामले में
21.5 फीसदी
1.075 फीसदी.

प्र.20. खंड 194D के प्रावधानों ही बनाया आयकर (बीमा आयोग के माध्यम से आय के भुगतान सहित) भुगतान से कटौती की जानी आवश्यक है धारा 195 के प्रावधानों के तहत एक निवासी को भुगतान बीमा आयोग के माध्यम से आय के संबंध में लागू होते हैं, हालांकि एक गैर कॉर्पोरेट अनिवासी करदाता के रूप में भी एक भारतीय कंपनी न ही आयकर नियमों के नियम 27 के तहत निर्धारित तरीके से लाभांश की भारत के भीतर घोषणा और भुगतान के लिए निर्धारित की व्यवस्था की है जो एक कंपनी न तो एक कंपनी है जो, 1962. स्रोत पर भारत, कर की कटौती की दर में निवासी नहीं है जो एक कंपनी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के मामले में, 1 आइटम में निर्दिष्ट के रूप में (ख) (i) वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग द्वितीय की, 1985, उप पैरा में निर्धारित दरों पर आय के संबंध में बीमा आयोग या आयकर के माध्यम से आय के 30 फीसदी की दर से आयकर ने कहा कि अनुसूची के भाग III के पैरा एक का मैं (में दिए गए अर्क ऐसी आय जो भी अधिक हो ऐसे व्यक्ति की कुल आय में किया गया था अगर) एनैक्स.एक घरेलू कंपनी नहीं है जो एक कंपनी के मामले में, बीमा कमीशन पर टैक्स प्रतिशत 68.25 की दर से कटौती की जाती (प्रतिशत आयकर 65 से अधिक प्रतिशत 3.25 अधिभार) किया जा रहा है.

(3)वे बीमा आयोग से आयकर की कटौती करने के लिए संबंधित insofar के रूप में कानून में मुख्य प्रावधानों के पदार्थ इसके अंतर्गत दी गई है;

(1) स्रोत पर कर की कटौती के प्रयोजनों के लिए "बीमा कमीशन" आयोग के माध्यम से किया जाए या अन्यथा, व्यापार निरंतरता, नवीकरण करने के लिए या पुनर्जीवित सहित (बीमा कारोबार याचना या खरीद के लिए, पारिश्रमिक या इनाम के रास्ते से एक आय का मतलब होगा बीमा की नीतियों की).

(2) कटौती के खाते में आय के ऋण का समय पर कराया जाएगा, या जो भी पहले हो पेयी, के लिए भुगतान क्या है (जो भी मोड द्वारा).

(3) कर कटौती पिछले से सरकार खजाना या भारतीय रिजर्व बैंक या भारतीय स्टेट बैंक या एक सप्ताह के भीतर किसी भी अन्य अधिकृत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के कार्यालय में यह कमी संबंधी द्वारा केन्द्र सरकार के ऋण के लिए भुगतान किया जाना चाहिए कटौती किया जाता है, जिसमें महीने के दिन.बीमा आयोग के माध्यम से आय दाता के व्यापार के खातों बना रहे हैं जो ऊपर तिथि पर आदाता के खाते में जमा किया जाता है जहां मामलों में, उधर से कर कटौती केन्द्र सरकार के ऋण के लिए भुगतान किया जा सकता है खातों बना रहे हैं अप करने के लिए जो तिथि, गिरता है, जिसमें महीने की समाप्ति के दो महीने के भीतर.

(4) स्रोत पर कर कटौती का भुगतान करने के लिए रिक्त चालान आयकर अधिकारी से प्राप्त किया जा सकता है.करदाताओं रंग बैंड की सुविधा के लिए चालान रूपों निर्धारित किया गया है. प्रत्येक ऐसी चालान फार्म भी शीर्ष बाएँ हाथ कोने पर गिने है. भुगतान नीचे संकेत तदनुसार के रूप में उपयुक्त चालान पर बनाया जाना चाहिए:

बीमा कमीशन के भुगतान से कर की कटौती के लिए कंपनियों को बनाया
[लाल रंग बैंड में] चालान नंबर 2
बीमा कमीशन के भुगतान से कर की कटौती के गैर कंपनियों, यानी, व्यक्तियों, आदि के लिए बनाया
[नीले रंग बैंड में] चालान नं 8


यह उचित चालान फार्म भुगतान करने के लिए प्रयोग किया जाता है कि आयकर विभाग में कर भुगतान का सही लेखा के लिए बहुत आवश्यक है.

कर के भुगतान के किसी भी अधिभार भी शामिल है जहां, यह उस उद्देश्य के लिए प्रदान की अंतरिक्ष में, चालान में अलग से दिखाया जाना चाहिए.

(5) स्रोत पर कटौती करने की कर की राशि निकटतम रुपया मात्रा में कम से कम 50 पैसे की अनदेखी और धारा 288B के तहत आवश्यक के रूप में, एक रुपए 50 पैसे या उससे अधिक की राशि में वृद्धि करने के लिए गोल किया जाना चाहिए.

(6) एक एजेंट के खाते में जमा बीमा कमीशन, श्रेय या पहले उसे करने के लिए भुगतान अतिरिक्त आयोग के संबंध में अपने खाते में किए गए डेबिट के लिए समायोजन की अनुमति नहीं है और आयकर से कर की कटौती के समय से कटौती की जानी चाहिए आयोग की पूरी राशि अपने खाते में जमा.

(7) यदि वह संबंधित आयकर अधिकारी को फार्म सं 13D में एक आवेदन पत्र बनाने और उसके पास से प्राप्त करने के लिए एक कंपनी के अलावा और आयोग के प्राप्तकर्ता, के लिए खुला होगा द्वारा आय भुगतान के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को अधिकृत प्रमाण पत्र अपने मामले के लिए उपयुक्त हो सकता है, ऐसी दरों पर स्रोत पर कर कटौती, या कोई कर कटौती के लिए जिस तरह से बीमा कमीशन की.यह पहले आयकर अधिकारी द्वारा रद्द कर दिया है जब तक कि ऐसे प्रमाणपत्र उसमें निर्धारित अवधि के लिए मान्य होगा.

(8) भुगतान करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को श्रेय दिया या, स्रोत पर कर कटौती की राशि का भुगतान बीमा आयोग के माध्यम से उसमें आय की राशि दिखा फार्म सं 19D में पेयी, और भुगतान की तारीख को एक प्रमाण पत्र जारी करना चाहिए सरकार के खाते में.

(9) बीमा के माध्यम से आय से अनुभाग 194D के अनुसार कर की कटौती करने वाले व्यक्ति उसे आकलन करने के क्षेत्राधिकार वाले आयकर अधिकारी को भेजना चाहिए:

त्रैमासिक 15 जुलाई को फार्म सं 26D (क) में एक प्रमाण पत्र, 15 अक्तूबर, 15 जनवरी और 15 अप्रैल, पिछली तिमाही के दौरान उसके द्वारा किए गए कर की कटौती के संबंध में.

तुरंत पिछले वित्त वर्ष के दौरान उसके द्वारा काट लिया गया है जो कर से बीमा कमीशन की राशि का विवरण शामिल प्रत्येक वर्ष पर या 30 जून से पहले फार्म सं 26E में (ख) एक बयान.

(ग) बीमा कमीशन की राशि का विवरण युक्त हर साल 30 जून के दिन से पहले फार्म सं 26F में एक बयान भुगतान किया है या कर की कटौती के बिना तुरंत पिछले वित्त वर्ष के दौरान श्रेय दिया.

परिपत्र: सं 426 [एफ सं 275/32/85-IT (ख)], 24-7-1985 दिनांकित.

अनुलग्नक मैं - उप पैरा से निकालने पहली अनुसूची के भाग III के पैरा एक का मैं 1985 अधिनियम के वित्तपोषण के लिए

पैरा एक

उप पैरा मैं

हर व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार या अपंजीकृत फर्म या व्यक्ति या व्यक्तियों के शरीर के अन्य सहयोग के मामले में शामिल है या नहीं, या कि क्या हर कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति उपखंड (सात) की धारा 2 के खंड (31) का में करने के लिए भेजा आयकर अधिनियम की, इस अनुच्छेद या इस भाग के किसी अन्य पैरा के उपपैरा द्वितीय पर लागू होता है जो एक मामला नहीं किया जा रहा: -

आयकर की दरें

(1)
जहां कुल आय रुपए से अधिक नहीं है. 18]000
कोई नहीं;
(2)
कुल आय रुपए से अधिक है, जहां. 18,000 लेकिन रुपये से अधिक नहीं है. 25]000
25 प्रति कुल आय रुपए से अधिक की राशि का प्रतिशत. 18,000;
(3)
कुल आय रुपए से अधिक है, जहां. 25,000 लेकिन रुपये से अधिक नहीं है. 50]000
रुपये. 1,750 से अधिक कुल आय रुपए से अधिक की राशि का 30 फीसदी.25,000;
(4)
कुल आय रुपए से अधिक है, जहां. 50,000 लेकिन रुपये से अधिक नहीं है. 1]00]000
रुपये. 9250 से अधिक कुल आय रुपए से अधिक की राशि का 40 फीसदी.50,000;
(5)
कुल आय रुपए से अधिक है, जहां. 1]00]000
रुपये. 29,250 से अधिक कुल आय रुपए से अधिक की राशि का 50 फीसदी.1,00,000.