धारा 206ग का संशोधन ।
धारा 206ग का संशोधन ।
72. आय-कर अधिनियम की धारा 206ग में, —
(क) उपधारा (1) में,—
(i) सारणी में, —
(अ) क्रम संख्यांक (iii) के सामने, —
(I) स्तंभ (2) में, "काष्ठ" शब्द के स्थान पर, "काष्ठ या अन्य वनोत्पाद (जो तेंदू पत्ते नहीं हैं)" शब्द और कोष्ठक रखे जाएंगे;
(II) स्तंभ (3) में, "ढाई प्रतिशत" शब्द के स्थान पर, "दो प्रतिशत" शब्द रखे जाएंगे ;
(आ) क्रम संख्यांक (iv) के सामने, स्तंभ (3) में, "ढाई प्रतिशत" शब्द के स्थान पर, "दो प्रतिशत" शब्द रखे जाएंगे ;
(इ) क्रम संख्यांक (v) और उससे संबंधित प्रविष्टियों का लोप किया जाएगा;
(ii) परंतुक के पश्चात्, निम्नलिखित स्पष्टीकरण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् —
"स्पष्टीकरण इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए,"वनोत्पाद"का वही अर्थ होगा जो तत्समय प्रवृत्त किसी राज्य अधिनियम में या भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का 16) में परिभाषित है ।";
(ख) उपधारा (1छ) में,—
(i) पहले, दूसरे और चौथे परंतुक में, "सात लाख रुपए" शब्दों के स्थान पर जहां कहीं वे आते हैं, "दस लाख रुपए" शब्द रखे जाएंगे :
(ii) तीसरे परंतुक के स्थान पर निम्नलिखित परंतुक रखा जाएगा, अर्थात् :—
"परंतु यह भी कि प्राधिकृत व्यौहारी राशि को संग्रहीत नहीं करेगा, यदि विप्रेषित की जा रही रकम को शिक्षा प्राप्त करने के प्रयोजन के लिए, धारा 80ङ की उपधारा (3) के खंड (ख) में यथापरिभाषित किसी वित्तीय संस्थान से प्राप्त किया गया ऋण है :";
(ग) उपधारा (1ज) में, दूसरे परंतुक के पश्चात्, निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :—
"परंतु यह भी कि इस उपधारा के उपबंधों में अंतर्विष्ट कोई बात 1 अप्रैल, 2025 से लागू नहीं होगी ।";
(घ) उपधारा (7क) में, 1 अप्रैल, 2025 से निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :—
"परंतु धारा 153 की उपधारा (3) उपधारा (5) और उपधारा (6) तथा उसका स्पष्टीकरण 1, जहां तक हो सके, इस उपधारा में विनिर्दिष्ट समय- सीमा को लागू होंगे ।";
(ङ) उपधारा (9) में, "उपधारा (1ग) या उपधारा (1ज)" शब्दों, कोष्ठकों, अंकों और अक्षरों के स्थान पर, दोनों स्थानों पर जहां वे आते हैं, "या उपधारा (1ग)" शब्द, कोष्ठक, अंक और अक्षर रखे जाएंगे ;
(च) उपधारा (10क) में,"(1ग), (1च) या (1ज)"कोष्ठकों, अंकों और अक्षरों के स्थान पर,"(1ग) या (1च)" कोष्ठक, अंक और अक्षर रखे जाएंगे ।

