नामित भागीदार
नामित साझेदार।
7. (1) प्रत्येक सीमित दायित्व भागीदारी में कम से कम दो नामित भागीदार होंगे जो व्यक्ति होंगे और उनमें से कम से कम एक भारत का निवासी होगा:
बशर्ते कि किसी सीमित दायित्व भागीदारी की स्थिति में, जिसमें सभी भागीदार निगमित निकाय हों या जिसमें एक या अधिक भागीदार व्यक्ति और निगमित निकाय हों, कम से कम दो व्यक्ति जो ऐसी सीमित दायित्व भागीदारी के भागीदार हों या ऐसे निगमित निकायों के नामिती हों, अभिहित भागीदार के रूप में कार्य करेंगे।
स्पष्टीकरण. —इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "भारत में निवासी" शब्द का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जो वित्तीय वर्ष के दौरान कम से कम एक सौ [ बीस दिन की अवधि के लिए भारत में रहा हो ] I
(2) उपधारा (1) के उपबंधों के अधीन रहते हुए,—
| ( i) | यदि निगमन दस्तावेज़— |
| (क) | निर्दिष्ट करता है कि किसे नामित भागीदार बनाया जाना है, ऐसे व्यक्तियों को निगमन पर नामित भागीदार बनाया जाएगा; या | |
| (ख) | यह कहा गया है कि सीमित दायित्व भागीदारी के प्रत्येक भागीदार को समय-समय पर नामित भागीदार बनाया जाएगा, ऐसा प्रत्येक भागीदार नामित भागीदार होगा; |
| (ii) | कोई भी भागीदार सीमित दायित्व भागीदारी समझौते के अनुसार नामित भागीदार बन सकता है और कोई भागीदार सीमित दायित्व भागीदारी समझौते के अनुसार नामित भागीदार बने रहना बंद कर सकता है। |
(3) कोई व्यक्ति किसी सीमित दायित्व भागीदारी में तब तक नामित भागीदार नहीं बनेगा जब तक कि उसने निर्धारित प्रारूप और तरीके से सीमित दायित्व भागीदारी के लिए इस प्रकार कार्य करने हेतु अपनी पूर्व सहमति नहीं दे दी हो।
(4) प्रत्येक सीमित दायित्व भागीदारी, रजिस्ट्रार के पास प्रत्येक व्यक्ति का विवरण दाखिल करेगी जिसने अपनी नियुक्ति के तीस दिन के भीतर, निर्धारित प्रारूप और तरीके से, नामित भागीदार के रूप में कार्य करने के लिए अपनी सहमति दी है।
(5) नामित भागीदार बनने के लिए पात्र व्यक्ति को निर्धारित शर्तों और आवश्यकताओं को पूरा करना होगा।
(6) सीमित दायित्व भागीदारी के प्रत्येक नामित भागीदार को केन्द्रीय सरकार से नामित भागीदार पहचान संख्या (डीपीआईएन) प्राप्त करनी होगी और [ कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18 ) ] की [ धारा 153 से 159 ] (दोनों धाराएं सम्मिलित) के उपबंध उक्त प्रयोजन के लिए यथावश्यक परिवर्तनों सहित लागू होंगे।

