आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 405

जानकारी या आंकड़े प्रस्तुत करने के लिए कंपनियों को निर्देशित करने के लिए केन्द्र सरकार की पावर

धारा

धारा संख्या

405

अध्याय शीर्षक

अध्याय XXV - जानकारी और आंकड़ें प्रस्तुत करने वाली कंपनियां

अधिनियम

कंपनी अधिनियम, 2013

वर्ष

जानकारी या आंकड़े प्रस्तुत करने के लिए कंपनियों को निर्देशित करने के लिए केन्द्र सरकार की पावर

कंपनियों को सूचना या आंकड़े प्रस्तुत करने का निर्देश देने की केंद्र सरकार की शक्ति

अध्याय XXV

कंपनियों को जानकारी या आंकड़े उपलब्ध कराने होंगे

कंपनियों को सूचना या आंकड़े प्रस्तुत करने का निर्देश देने की केंद्र सरकार की शक्ति।

405.(1) केन्द्रीय सरकार, आदेश द्वारा, साधारणतया कम्पनियों से, या कम्पनियों के किसी वर्ग से, या किसी कम्पनी से, अपने गठन या कार्यकरण के संबंध में ऐसी जानकारी या आंकड़े, तथा ऐसे समय के भीतर, जो आदेश में विनिर्दिष्ट किया जाए, प्रस्तुत करने की अपेक्षा कर सकेगी।

(2) उपधारा (1) के अधीन प्रत्येक आदेश राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा और साधारणतया कम्पनियों को या कम्पनियों के किसी वर्ग को ऐसी रीति से संबोधित किया जा सकेगा, जैसा केन्द्रीय सरकार ठीक समझे और ऐसे प्रकाशन की तारीख वह तारीख समझी जाएगी, जिसको, यथास्थिति, ऐसी कम्पनियों या कम्पनियों के वर्ग के संबंध में सूचना या आंकड़ों की अपेक्षा की जाती है।

(3) स्वयं के इस समाधान के प्रयोजन के लिए कि उपधारा (1) के अधीन किसी आदेश के अनुसरण में किसी कंपनी या कंपनियों द्वारा दी गई कोई जानकारी या आंकड़े सही और पूर्ण हैं, केन्द्रीय सरकार आदेश द्वारा ऐसी कंपनी या कंपनियों से अपने कब्जे में के ऐसे अभिलेख या दस्तावेज प्रस्तुत करने की अपेक्षा कर सकेगी या ऐसे अधिकारी द्वारा उनका निरीक्षण करने की अनुमति दे सकेगी या ऐसी अतिरिक्त जानकारी दे सकेगी जिसे वह सरकार आवश्यक समझे।

[ (4) यदि कोई कंपनी उप-धारा (1) या उप-धारा (3) के तहत किए गए आदेश का पालन करने में विफल रहती है, या कोई जानकारी या आंकड़े प्रस्तुत करती है जो किसी भी मामले में गलत या अपूर्ण है, तो कंपनी और कंपनी का प्रत्येक अधिकारी जो चूककर्ता है, बीस हजार रुपये के जुर्माने के लिए उत्तरदायी होगा और विफलता जारी रहने की स्थिति में, पहले दिन के बाद प्रत्येक दिन के लिए एक हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना, जिसके दौरान ऐसी विफलता जारी रहती है, अधिकतम तीन लाख रुपये के अधीन होगा। ]

(5) जहां कोई विदेशी कंपनी भारत में कारोबार करती है, वहां इस धारा में कंपनी के सभी निर्देशों के अंतर्गत ऐसे कारोबार के संबंध में, और केवल संबंध में ही, विदेशी कंपनी के निर्देश माने जाएंगे।


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