उत्पादक कंपनी का गठन एवं उसका पंजीकरण
उत्पादक कंपनी का गठन एवं उसका पंजीकरण
378ग (1) कोई भी दस या अधिक व्यक्ति, जिनमें से प्रत्येक उत्पादक हो या कोई दो या अधिक उत्पादक संस्थाएं हों, या दस या अधिक व्यक्तियों और उत्पादक संस्थाओं का संयोजन, जो धारा 378ख में विनिर्दिष्ट उद्देश्यों वाली उत्पादक कंपनी बनाने के इच्छुक हों और पंजीकरण के संबंध में इस अध्याय और इस अधिनियम के प्रावधानों की अपेक्षाओं का अन्यथा अनुपालन करते हों, इस अधिनियम के अधीन उत्पादक कंपनी के रूप में निगमित कंपनी बना सकते हैं।
(2) यदि पंजीयक का यह समाधान हो जाता है कि पंजीकरण तथा उसके पूर्ववर्ती और आनुषंगिक विषयों के संबंध में इस अधिनियम की सभी अपेक्षाओं का अनुपालन कर दिया गया है, तो वह पंजीकरण के लिए अपेक्षित दस्तावेजों की प्राप्ति के तीस दिन के भीतर ज्ञापन, अंतर्नियमों और अन्य दस्तावेजों को, यदि कोई हों, पंजीकृत करेगा तथा इस अधिनियम के अधीन निगमन प्रमाणपत्र जारी करेगा।
(3) इस प्रकार गठित उत्पादक कंपनी में उसके सदस्यों का दायित्व ज्ञापन द्वारा उनके द्वारा धारित शेयरों पर अदा न की गई राशि, यदि कोई हो, तक सीमित होगा और उसे शेयरों द्वारा सीमित कंपनी कहा जाएगा।
(4) उत्पादक कंपनी अपने प्रवर्तकों को कंपनी के प्रचार और पंजीकरण से जुड़ी अन्य सभी प्रत्यक्ष लागतों की प्रतिपूर्ति कर सकती है, जिसमें पंजीकरण, कानूनी शुल्क, ज्ञापन और लेखों का मुद्रण शामिल है और इसका भुगतान सदस्यों की पहली आम बैठक में अनुमोदन के अधीन होगा।
(5) उप-धारा (2) के अधीन पंजीकरण होने पर, उत्पादक कंपनी एक निगमित निकाय बन जाएगी मानो वह एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, जिस पर इस अध्याय में अंतर्विष्ट प्रावधान लागू होते हैं, तथापि, उसके सदस्यों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी, और उत्पादक कंपनी, किसी भी परिस्थिति में, इस अधिनियम के अधीन पब्लिक लिमिटेड कंपनी नहीं बनेगी या मानी नहीं जाएगी।

