दूर-संचार सेवाओं के लिए स्पैक्ट्रम के उपयोग का अधिकार अभिप्राप्त करने के लिए व्यय
दूर-संचार सेवाओं के लिए स्पैक्ट्रम के उपयोग का अधिकार अभिप्राप्त करने के लिए व्यय
35कखक. (1) किसी व्यय के संबंध में, जो दूर-संचार सेवाओं के लिए स्पैक्ट्रम के उपयोग का कोर्इ अधिकार अर्जित करने से पूर्व या तो कारबार से पूर्व या तत्पश्चात् किसी पूर्ववर्ष में किसी समय आरंभ किया गया है और जिसके लिए स्पैक्ट्रम के उपयोग के अधिकार को अभिप्राप्त करने के लिए वास्तव में संदाय किया गया है, इस धारा के उपबंधों के अधीन रहते हुए और उसके अनुसरण में प्रत्येक सुसंगत पूर्ववर्ष के लिए, ऐसे व्यय की रकम के सुसंगत भिन्न के बराबर कटौती अनुज्ञात की जाएगी ।
(2) धारा 35कखख की उपधारा (2) से उपधारा (8) में अंतर्विष्ट उपबंध इस प्रकार लागू होंगे, मानो "अनुज्ञप्ति" शब्द के स्थान पर, "स्पैक्ट्रम" शब्द प्रतिस्थापित किया गया हो ।
(3) जहां किसी पूववर्ष में उपधारा (1) के अधीन निर्धारिती ने किसी कटौती का दावा किया है और उसे मंजूर किया गया है तथा तत्पश्चात् इस धारा के किन्हीं उपबंधों के अनुपालन में असफलता हुर्इ है, वहां,–
(क) ऐसी कटौती को गलत तौर पर मंजूर किया गया समझा जाएगा;
(ख) निर्धारण अधिकारी, इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, उक्त पूर्ववर्ष के लिए निर्धारिती की कुल आय को पुन:संगणित कर सकेगा और आवश्यक परिशुद्धि कर सकेगा;
(ग) धारा 154 के उपबंध यथाशाध्य लागू होंगे और उस धारा की उपधारा (7) में विनिर्दिष्ट चार वर्ष की अवधि की गणना, उस पूर्ववर्ष के अंत से, जिसमें उपधारा (1) में निर्दिष्ट शर्त की अनुपालना में असफलता हुर्इ है, की जाएगी।
स्पष्टीकरण–इस धारा के प्रयोजनों के लिए,
(i) "सुसंगत पूर्ववर्ष" से अभिप्रेत है,
(अ) किसी ऐसी दशा में, जिसमें दूर-संचार सेवाओं का प्रचालन करने के कारबार के प्रारंभ से पूर्व स्पैक्ट्रम फीस का वास्तव में संदाय किया जाता है, उस पूर्ववर्ष से जिसमें ऐसा कारबार प्रारंभ किया गया, आरंभ होने वाले पूर्ववर्ष;
(आ) किसी अन्य दशा में, उस पूर्ववर्ष से, जिसमें स्पैक्ट्रम फीस का वास्तव में संदाय किया जाता है, आरंभ होने वाले पूर्ववर्ष,
और पश्चात्वर्ती पूर्ववर्ष या वह वर्ष/जिनके दौरान ऐसा स्पैक्ट्रम, फीस का संदाय किया जाता है, प्रवृत्त रहेगी;
(ii) "समुचित भिन्न" से वह भिन्न अभिप्रेत है जिसका अंश एक है और जिसका हर सुसंगत पूर्ववर्षों की कुल संख्या है;
(iii) "संदाय वास्तव में किया गया है" से उस पूर्ववर्ष का ध्यान रखे बिना जिसमें व्यय के लिए दायित्व निर्धारिती द्वारा नियमित रूप से अपनार्इ गर्इ लेखा पद्धति के अनुसार उपगत किया गया था या ऐसी रीति में जो विहित की जाए, संदेय व्यय का वास्तविक संदाय अभिप्रेत है।
[वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित रूप में]

