प्राधिकरण के सदस्यों के भत्ते, सेवा की शर्तें तथा प्रक्रिया आदि
उच्च न्यायालयों की नियम बनाने की शक्ति
34.(1) उच्च न्यायालय, ऐसे नियमों को बना सकेगा जिनमें उन शर्तों का उल्लेख हो जिनके अधीन एक अधिवक्ता को उच्च न्यायालय और उसके अधीनस्थ न्यायालयों में अभ्यास करने की अनुमति दी जाएगी।
[(1क) उच्च न्यायालय, कराधान द्वारा या अन्यथा, अपने विरोधी अधिवक्ता की फीस के संबंध में किसी भी पक्ष द्वारा लागत के रूप में देय फीस को उच्च न्यायालय या उसके अधीनस्थ किसी भी न्यायालय में सभी कार्यवाहियों पर नियत और विनियमित करने के लिए नियम बनाएगा।]
[(2) उपधारा (1) में अंतर्विष्ट प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, कलकत्ता उच्च न्यायालय, धारा 58कछ में निर्दिष्ट व्यक्तियों द्वारा राज्य नामावली पर अधिवक्ता के रूप में प्रवेश पाने के प्रयोजन से, लेखबद्ध लिपिकों के लिए मध्यवर्ती और अंतिम परीक्षाओं के आयोजन और उससे संबंधित किसी अन्य मामले के लिए नियम बनाने के लिए प्रावधान कर सकता है।]
(3) [ 1976 के अधिनियम 107 द्वारा हटा दिया गया है ]

