चाय विकास खाता , काफी विकास खाता और रबड़ विकास खाता
62[चाय विकास खाता 63[, काफी विकास खाता और रबड़ विकास खाता]
33कख. (1) जहां किसी निर्धारिती ने, जो भारत में चाय 63[या काफी या रबड़] उगाने और विनिर्मित करने का कारबार करता है वहां पूर्ववर्ष की समाप्ति से छह मास बीतने के पूर्व या अपनी आय की विवरणी देने 63[की नियत तारीख] के पूर्व, 64[इनमें से जो भी पहले हो,–
(क) राष्ट्रीय बैंक में निर्धारिती द्वारा रखे गए खाते में (जिसे इस धारा में इसके पश्चात् विशेष खाता कहा गया है) कोर्इ रकम या रकमें, चाय बोर्ड 65[या काफी बोर्ड या रबड़ बोर्ड] द्वारा इस निमित्त अनुमोदित स्कीम के (जिसे इस धारा में इसके पश्चात् स्कीम कहा गया है) अनुसार और उसमें विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए जमा की है; या
(ख) 66[केंद्रीय सरकार के पूर्व अनुमोदन से, यथास्थिति, चाय बोर्ड या काफी बोर्ड या रबड़ बोर्ड द्वारा बनार्इ गर्इ किसी स्कीम के (जिसे इस धारा में इसके पश्चात् निक्षेप स्कीम कहा गया है) अनुसार और उसमें विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए निर्धारिती द्वारा खोले गए किसी खाते में (जिसे इस धारा में इसके पश्चात् निक्षेप खाता कहा गया है) कोर्इ रकम जमा की है।]
वहां इस धारा के उपबंधों के अधीन रहते हुए, निर्धारिती को],–
(क) इस प्रकार जमा की गर्इ रकम या रकमों के योग के बराबर राशि की; या
(ख) ऐसे कारबार के लाभ के 67[चालीस] प्रतिशत के बराबर राशि की, (इस धारा के अधीन कोर्इ कटौती करने के पहले "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन संगणित), कटौती (ऐसी कटौती पूर्ववर्ती वर्षों से अग्रनीत किसी हानि के, यदि कोर्इ हो, धारा 72 के अधीन मुजरा किए जाने के पूर्व अनुज्ञात की गर्इ है),
इनमें से जो भी कम हो, अनुज्ञात की जाएगी :
परन्तु जहां ऐसा निर्धारिती कोर्इ फर्म या व्यक्ति-संगम या व्यष्टि-निकाय है, वहां इस धारा के अधीन कटौती, किसी भागीदार या ऐसी फर्म, व्यक्ति-संगम या व्यष्टि-निकाय जो भी हो के किसी सदस्य की आय की संगणना करने में अनुज्ञात नहीं की जाएगी :
परन्तु यह और कि जहां विशेष खाते में 68[या 69[***] निक्षेप खाते में], जमा की गर्इ किसी रकम के संबंध में कोर्इ कटौती किसी पूर्ववर्ष में इस उपधारा के अधीन अनुज्ञात की गर्इ है, वहां किसी अन्य पूर्ववर्ष में ऐसी रकम के संबंध में कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।
(2) उपधारा (1) के अधीन कटौती तब तक अनुज्ञेय नहीं होगी जब तक कि जिस निर्धारण वर्ष के लिए कटौती का दावा किया गया है, उस निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष के लिए, उस निर्धारिती के कारबार के लेखाओं की, धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे दिए गए स्पष्टीकरण में परिभाषित किसी लेखापाल द्वारा संपरीक्षा नहीं की गर्इ है, और निर्धारिती, अपनी आय की विवरणी के साथ, ऐसे लेखापाल द्वारा सम्यक्त: हस्ताक्षरित और सत्यापित ऐसी संपरीक्षा की विहित फार्म70 में रिपोर्ट नहीं देता है :
परन्तु उस दशा में जहां निर्धारिती से किसी अन्य विधि द्वारा या उसके अधीन अपने लेखाओं की संपरीक्षा कराना अपेक्षित है, वहां इस उपधारा के उपबंधों का पर्याप्त अनुपालन होगा यदि ऐसा निर्धारिती ऐसे कारबार के लेखे ऐसी विधि के अधीन संपरीक्षा कराता है और ऐसी अन्य विधि के अधीन अपेक्षित संपरीक्षा की रिपोर्ट तथा इस उपधारा के अधीन विहित प्ररूप में एक और रिपोर्ट देता है।
(3) 71[विशेष खाते में या 72[***] निक्षेप खाते में निर्धारिती के नाम से जमा रकम, यथास्थिति, स्कीम या निक्षेप स्कीम में विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए या नीचे विनिर्दिष्ट परिस्थिति के सिवाय वापस नहीं लेने दी जाएगी]:—
(क) कारबार का बंद किया जाना;
(ख) निर्धारिती की मृत्यु;
(ग) हिन्दू अविभक्त कुटुम्ब का विभाजन;
(घ) फर्म का विघटन;
(ड़) कंपनी का परिसमापन।
73[(4) उपधारा (3) में किसी बात के होते हुए भी, जहां निर्धारिती के विशेष खाते में या निक्षेप खाते में उसके नाम में जमा कोर्इ रकम किसी पूर्ववर्ष के दौरान राष्ट्रीय बैंक द्वारा जारी की जाती है या निक्षेप खाते से निर्धारिती द्वारा निकाली जाती है और ऐसी राशि––
(क) ऐसी मशीनरी या संयंत्र क्रय करने के लिए, जिसे किसी कार्यालय के परिसर या निवास-स्थान में, जिसके अंतर्गत अतिथि-गृह प्रकृति की कोर्इ वास-सुविधा भी है, प्रतिष्ठापित किया जाना है;
(ख) कोर्इ कार्यालय साधित्र (जो कम्प्यूटर नहीं है) क्रय करने के लिए;
(ग) ऐसी मशीनरी या संयंत्र क्रय करने के लिए, जिसकी संपूर्ण वास्तविक लागत किसी पूर्ववर्ष में "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना करने में कटौती के रूप में अनुज्ञात की जाती है (चाहे यह अवक्षयण के रूप में हो या अन्यथा);
(घ) ऐसी नर्इ मशीनरी या संयंत्र क्रय करने के लिए, जिसे ग्यारहवीं अनुसूची की सूची में विनिर्दिष्ट किसी वस्तु या चीज के सन्निर्माण, विनिर्माण या उत्पादन के कारबार के प्रयोजनों के लिए किसी औद्योगिक उपक्रम में प्रतिष्ठापित किया जाना है,
उपयोग की जाती है, वहां इस प्रकार उपयोग की गर्इ संपूर्ण रकम को, उस पूर्ववर्ष के कारबार का लाभ और अभिलाभ समझा जाएगा और तदनुसार वह, उस पूर्ववर्ष की आय के रूप में आय-कर से प्रभार्य होगी।]
(5) जहां विशेष खाते में 74[या 75[***] निक्षेप खाते में] निर्धारिती के नाम में जमा कोर्इ रकम, किसी पूर्ववर्ष के दौरान निर्धारिती द्वारा उपधारा (3) के खंड (क) या खंड (घ) में विनिर्दिष्ट परिस्थिति में वापस ली जाती है, वहां ऐसी संपूर्ण रकम उस पूर्ववर्ष की आय के रूप में उसी प्रकार आय-कर से प्रभार्य होगी मानो कारबार बन्द न किया गया हो या फर्म का विघटन न हुआ हो।
(6) जहां विशेष खाते में 76[या 77[***] निक्षेप खाते में] निर्धारिती के नाम से जमा रकम का, निर्धारिती द्वारा ऐसे कारबार के संबंध में किसी व्यय के प्रयोजनों के लिए स्कीम 76[या निक्षेप स्कीम] के अनुसार उपयोग किया जाता है, वहां ऐसा व्यय "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना करने में अनुज्ञात नहीं किया जाएगा।
(7) जहां विशेष खाते में 76[या 77[***] निक्षेप खाते में] निर्धारिती के नाम से जमा किसी ऐसी रकम का, जो स्कीम 76[या निक्षेप स्कीम] के अनुसार ऐसे कारबार के प्रयोजनों के लिए निर्धारिती द्वारा उपयोग किए जाने के लिए राष्ट्रीय बैंक द्वारा किसी पूर्ववर्ष के दौरान निर्मुक्त की जाती है, 76[या जो निर्धारिती द्वारा 77[***] निक्षेप खाते से निकाली जाती है], उस पूर्ववर्ष के भीतर पूर्णत: या भागत: उपयोग नहीं किया जाता है, कारबार का लाभ और अभिलाभ समझा जाएगा और तदनुसार उस पूर्ववर्ष की आय के रूप में आय-कर से प्रभार्य होगी :
परन्तु यह उपधारा उस दशा में लागू नहीं होगी जहां ऐसी रकम खाते के उपधारा (3) के खंड (ख), खंड (ग) और खंड (ड़) में विनिर्दिष्ट परिस्थितियों में बंद किए जाने पर किसी पूर्ववर्ष के दौरान निर्मुक्त की जाती है।
(8) जहां स्कीम 78[या निक्षेप स्कीम] के अनुसार अर्जित कोर्इ आस्ति उस पूर्ववर्ष के अन्त से, जिसमें वह अर्जित की गर्इ थी, आठ वर्ष की समाप्ति के पूर्व किसी समय निर्धारिती द्वारा व्यक्ति को किसी पूर्ववर्ष में विक्रय की जाती है या अन्यथा अंतरित की जाती है, वहां ऐसी आस्ति की लागत का ऐसा भाग जो उपधारा (1) के अधीन अनुज्ञात कटौती से संबंधित है, उस पूर्ववर्ष के, जिसमें ऐसी आस्ति विक्रय की जाती है या अन्यथा अन्तरित की जाती है, कारबार या वृत्ति का लाभ और अभिलाभ समझा जाएगा और तदनुसार उस पूर्ववर्ष की आय के रूप में आय-कर से प्रभार्य होगा :
परन्तु इस उपधारा की कोर्इ बात वहां लागू नहीं होगी जहां—
(i) वह आस्ति निर्धारिती द्वारा सरकार को, स्थानीय प्राधिकरण को, केन्द्रीय, राज्य या प्रान्तीय अधिनियम द्वारा या उसके अधीन स्थापित किसी निगम को या कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 617 में परिभाषित किसी सरकारी कंपनी79 को बेची जाती है या अन्यथा अन्तरित की जाती है; या
(ii) ऐसी आस्ति का विक्रय या अन्तरण फर्म द्वारा चलाए जाने वाले कारबार या वृत्ति में किसी कंपनी द्वारा ऐसी फर्म के उत्तरवर्तन के संबंध में किया जाता है जिसके परिणामस्वरूप वह फर्म किसी आस्ति का उस कंपनी को विक्रय करती है या अन्यथा अन्तरण करती है और स्कीम 78[या निक्षेप स्कीम] उस कंपनी को उसी रीति से लागू बनी रहती है जिस रीति में फर्म को लागू थी।
स्पष्टीकरण.–परन्तुक के खंड (ii) के उपबंध तभी लागू होंगे जब—
(i) उत्तरवर्तन के ठीक पूर्व कारबार या वृत्ति से संबंधित फर्म की सभी सम्पत्ति कंपनी की सम्पत्ति हो जाती है;
(ii) उत्तरवर्तन के ठीक पूर्व कारबार या वृत्ति से संबंधित फर्म के सभी दायित्व कंपनी के दायित्व हो जाते हैं; और
(iii) कम्पनी के सभी शेयरधारक ऐसे उत्तरवर्तन के ठीक पूर्व फर्म के भागीदार थे।
(9) यदि केन्द्रीय सरकार ऐसा करना आवश्यक या समीचीन समझती है तो वह राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, यह निदेश दे सकेगी कि इस धारा के अधीन अनुज्ञेय कटौती उस तारीख के पश्चात् जिसे उसमें विनिर्दिष्ट किया जाए अनुज्ञात नहीं की जाएगी।
स्पष्टीकरण.–इस धारा में,—
80[(क) "कॉफी बोर्ड" से कॉफी अधिनियम, 1942 (1942 का 7) की धारा 4 के अधीन गठित काफी बोर्ड अभिप्रेत है;
(कक) "राष्ट्रीय बैंक" से राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक अधिनियम, 1981 (1981 का 61) की धारा 3 के अधीन स्थापित राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक अभिप्रेत है;
(कख) "रबड़ बोर्ड" से रबड़ बोर्ड अधिनियम, 1947 (1947 का 24) की धारा 4 की उपधारा (1) के अधीन गठित रबड़ बोर्ड अभिप्रेत है;]
(ख) "चाय बोर्ड" से अभिप्रेत है चाय अधिनियम, 1953 (1953 का 29) की धारा 4 के अधीन स्थापित चाय बोर्ड।]
62. वित्त अधिनियम, 1990 द्वारा 1.4.1991 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व धारा 33कख वित्त अधिनियम, 1985 द्वारा 1.4.1986 से यथा अंत:स्थापित और बाद में वित्त अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से संशोधित की गयी थी।
63. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2004 से अंत:स्थापित।
64. "इनमें से जो भी पहले हो, राष्ट्रीय बैंक" शब्दों से प्रांरभ होने वाले और "निर्धारिती को" शब्दों से समाप्त होने वाले शब्दों के स्थान पर वित्त अधिनियम, 1994 द्वारा 1.4.1995 से प्रतिस्थापित।
65. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2004 से अंत:स्थापित।
66. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2004 से धारा 33कख की उपधारा (1) के खंड (ख) में "केन्द्रीय सरकार" शब्दों से आरंभ होने वाले और "कोर्इ रकम जमा की है" पर समाप्त होने वाले भाग के स्थान पर प्रतिस्थापन से पूर्व, उद्धृत भाग इस प्रकार था :
"(ख) केन्द्रीय सरकार के पूर्व अनुमोदन से चाय बोर्ड द्वारा बनार्इ गर्इ किसी स्कीम के (जिसे इस धारा में इसके पश्चात् निक्षेप स्कीम कहा गया है) अनुसार और उसमें विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए निर्धारिती द्वारा खोले गए किसी खाते में (जिसे इस धारा में इसके पश्चात् चाय निक्षेप खाता कहा गया है) कोर्इ रकम जमा की है,"
67. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से शब्द "बीस" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
68. वित्त अधिनियम, 1994 द्वारा 1.4.1995 से अंत:स्थापित।
69. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2004 से "चाय" शब्द का लोप किया गया।
70. धारा 33कख(2) की संपरीक्षा रिपोर्ट के लिए देखिए नियम 5कग और फार्म संख्या 3कग।
71. वित्त अधिनियम, 1994 द्वारा 1.4.1995 से "विशेष खाते में निर्धारिती के नाम से जमा रकम स्कीम में विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के सिवाय वापस नहीं लेने दी जाएगी" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
72. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2004 से "चाय" शब्द का लोप किया गया।
73. यथोक्त द्वारा प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व, उपधारा (4) इस प्रकार थी :
'(4) उपधारा (3) में किसी बात के होते हुए भी, उपधारा (1) के अधीन कोर्इ कटौती निम्नलिखित के क्रय के लिए उपयोग की गर्इ किसी रकम की बाबत अनुज्ञात नहीं की जाएगी, अर्थात्—
(क) ऐसी मशीनरी या संयंत्र जिसे किसी कार्यालय के परिसर या किसी निवास-स्थान में, जिसके अंतर्गत अतिथि-गृह के प्रकार का कोर्इ निवास-स्थान भी है, लगाया जाना है;
(ख) कोर्इ कार्यालय साधित्र (जो संगणक नहीं हैं);
(ग) ऐसी मशीनरी या संयंत्र जिसकी सम्पूर्ण वास्तविक लागत किसी पूर्ववर्ष में "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना करने में, कटौती के रूप में अनुज्ञात की जाती है (चाहे यह अवक्षयण के रूप में हो या अन्यथा);
(घ) ऐसी नर्इ मशीनरी या संयंत्र, जिसे ग्यारहवीं अनुसूची की सूची में विनिर्दिष्ट किसी वस्तु या चीज के निर्माण, विनिर्माण या उत्पादन के कारबार के प्रयोजनों के लिए किसी औद्योगिक उपक्रम में लगाया जाना है।
74. वित्त अधिनियम, 1994 द्वारा 1.4.1995 से अंत:स्थापित।
75. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2004 से "चाय" शब्द का लोप किया गया।
76. वित्त अधिनियम, 1994 द्वारा 1.4.1995 से अंत:स्थापित।
77. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2004 से "चाय" शब्द का लोप किया गया।
78. वित्त अधिनियम, 1994 द्वारा 1.4.1995 से अंत:स्थापित।
79. "सरकारी कम्पनी" की परिभाषा के लिए देखिए पूर्व पृष्ठ 1.27 पर पाद टिप्पण 64.
80. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2004 से खंड (क) के स्थान पर खंड (क), (कक) और (कख) प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व, खंड (क) इस प्रकार था:
'(क) "राष्ट्रीय बैंक" से अभिप्रेत है राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक अधिनियम, 1981 (1981 का 61) की धारा 3 के अधीन स्थापित राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक;'
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा संशोधित रूप में]

