सार्वजनिक पेशकश और प्राइवेट प्लेसमेंट
अध्याय III
सार्वजनिक प्रस्ताव और निजी प्लेसमेंट
भाग I
सार्वजनिक प्रस्ताव
सार्वजनिक प्रस्ताव और निजी प्लेसमेंट .
23.(1) एक सार्वजनिक कंपनी प्रतिभूतियां जारी कर सकती है-
| (क) | इस भाग के प्रावधानों का पालन करके विवरणिका (जिसे यहां "सार्वजनिक प्रस्ताव" के रूप में संदर्भित किया गया है) के माध्यम से जनता के लिए; या | |
| (ख) | इस अध्याय के भाग II के प्रावधानों का पालन करके निजी प्लेसमेंट के माध्यम से; या | |
| (ग) | इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अधिकार निर्गम या बोनस निर्गम के माध्यम से तथा किसी सूचीबद्ध कंपनी या किसी कंपनी के मामले में, जो अपनी प्रतिभूतियों को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) और उसके अधीन बनाए गए नियमों और विनियमों के उपबंधों के साथ सूचीबद्ध कराना चाहता है। |
(2) एक निजी कंपनी प्रतिभूतियां जारी कर सकती है-
| (क) | इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अधिकार निर्गम या बोनस निर्गम के माध्यम से; या | |
| (ख) | इस अध्याय के भाग II के उपबंधों का अनुपालन करके निजी प्लेसमेंट के माध्यम से। |
[ (3) सार्वजनिक कंपनियों का ऐसा वर्ग, अनुमत विदेशी अधिकार क्षेत्रों या ऐसे अन्य अधिकार क्षेत्रों में, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, अनुमत स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्धता के प्रयोजन के लिए प्रतिभूतियों का ऐसा वर्ग जारी कर सकता है।
(4) केन्द्रीय सरकार, अधिसूचना द्वारा, उपधारा (3) में निर्दिष्ट किसी वर्ग या वर्गों की सार्वजनिक कंपनियों को इस अध्याय, अध्याय IV, धारा 89 , धारा 90 या धारा 127 के किसी उप्रावधान से छूट दे सकती है और ऐसी प्रत्येक अधिसूचना की एक प्रति, जारी किए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखी जाएगी। ]
स्पष्टीकरण ।- इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए, "सार्वजनिक प्रस्ताव" में किसी कंपनी द्वारा जनता के लिए प्रतिभूतियों का आरंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव या आगे का सार्वजनिक प्रस्ताव, या किसी विद्यमान शेयरधारक द्वारा विवरणिका जारी करके जनता को प्रतिभूतियों की बिक्री का प्रस्ताव शामिल है।

