प्रमाणपत्र के अनुसरण में कार्यवाहियों का रोका जाना और उसका संशोधन या रद्द किया जाना
प्रमाणपत्र के अनुसरण में कार्यवाहियों का रोका जाना और उसका संशोधन या रद्द किया जाना
225. (1) किसी कर के भुगतान के लिए समय देना कर वसूली अधिकारी के लिए विधिपूर्ण होगा और जब वह ऐसा करता है तब वह इस प्रकार दिए गए समय की समाप्ति तक ऐसे कर की वसूली की कार्यवाहियों को रोके रखेगा।
(2) जहां कोर्इ आदेश, जिससे किसी ऐसे कर की मांग होती है, जिसके लिए प्रमाणपत्र तैयार किया गया है, इस अधिनियम के अंतर्गत अपील या अन्य कार्यवाही में उपांतरित किया गया है और उसके परिणामस्वरूप मांग घटा दी गर्इ है किंतु, वह आदेश इस अधिनियम के अंतर्गत आगे कार्यवाही का विषय है, वहां कर वसूली अधिकारी प्रमाणपत्र में उल्लिखित रकम के ऐसे भाग की, जो उक्त घटाए जाने के संबंध में है, वसूली उस अवधि तक रोके रखेगा जिस तक अपील या अन्य कार्यवाही लंबित रहती है।
(3) जहां कोर्इ प्रमाणपत्र तैयार किया गया है और तत्पश्चात् परादेय मांग की रकम इस अधिनियम के अंतर्गत अपील या अन्य कार्यवाही के परिणामस्वरूप घटा दी जाती है, वहां कर वसूली अधिकारी, उस दशा में जिसमें वह आदेश, जो ऐसी अपील या अन्य कार्यवाही का विषय था, अंतिम और निश्चायक हो गया है, यथास्थिति, प्रमाणपत्र का संशोधन करेगा या उसको रद्द करेगा।
[वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित रूप में]

