आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 194ठक

कतिपय स्थावर संपत्ति के अर्जन पर प्रतिकर का संदाय

धारा

धारा संख्या

194ठक

अध्याय शीर्षक

अध्याय XVII - कर संग्रह और वसूली

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2019 (सं.1)

कतिपय स्थावर संपत्ति के अर्जन पर प्रतिकर का संदाय

कतिपय स्थावर संपत्ति के अर्जन पर प्रतिकर का संदाय

कतिपय स्थावर संपत्ति के अर्जन पर प्रतिकर का संदाय

194ठक. कोर्इ व्यक्ति, जो किसी स्थावर संपत्ति (कृषि भूमि से भिन्न) के, तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन, अनिवार्य अर्जन के मद्दे प्रतिकर या वर्धित प्रतिकर या प्रतिफल के रूप में किसी राशि का किसी निवासी को संदाय करने के लिए उत्तरदायी है, ऐसी राशि का नकद रूप में या चैक या ड्राफ्ट जारी करके या किसी अन्य रीति से, इनमें से जो भी पहले हो, संदाय करते समय उस राशि के दस प्रतिशत के बराबर रकम की उस पर आय-कर के रूप में कटौती करेगा :

परंतु इस धारा के अधीन कोर्इ कटौती उस दशा में नहीं की जाएगी जहां कि वित्तीय वर्ष के दौरान किसी निवासी की यथास्थिति, ऐसे संदाय की रकम या ऐसे संदायों की कुल रकम दो लाख पचास हजार रुपए से अधिक नहीं होती है।

97[परंतु यह और कि इस धारा के अधीन उस दशा में कोर्इ कटौती नहीं की जाएगी, जहां ऐसा संदाय किसी ऐसे अधिनिर्णय या करार की बाबत किया गया है, जो भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 96 के अधीन आय-कर के उद्ग्रहण से छूट प्राप्त है।

स्पष्टीकरण.–इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–

(i) "कृषि भूमि" से भारत में की कृषि भूमि अभिप्रेत है, जिसके अंतर्गत धारा 2 के खंड (14) के उपखंड (iii) की मद (क) और मद (ख) में निर्दिष्ट किसी क्षेत्र में स्थित भूमि भी है;

(ii) "स्थावर संपत्ति" से कोर्इ भूमि (कृषि भूमि से भिन्न) या कोर्इ भवन या किसी भवन का भाग अभिप्रेत है।

 

97. वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.4.2017 से अंत:स्थापित।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

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