कतिपय मामलों में सूचना का उपांतरण और पुनरीक्षण
1[कतिपय मामलों में सूचना का उपांतरण और पुनरीक्षण।
156क. (1) जहां धारा 156 के अधीन कोई कर, ब्याज, शास्ति, जुर्माना या कोई अन्य राशि, जिसके संबंध में मांग की सूचना जारी की गई है, दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016 की धारा 5 के खंड (1) में यथा परिभाषित किसी न्यायनिर्णयन प्राधिकारी के किसी आदेश के परिणामस्वरूप घटा दिया जाता है, तो निर्धारण अधिकारी, ऐसे आदेश के अनुरूप संदेय मांग को उपांतरित करेगा और तत्पश्चात्, संदेय राशि, यदि कोई हो, विनिर्दिष्ट करते हुए, मांग की सूचना निर्धारिती को तामील करेगा, और ऐसी मांग की सूचना, धारा 156 के अधीन सूचना समझी जाएगी तथा इस अधिनियम के उपबंध ऐसी सूचना के संबध में तद्नुसार लागू होंगे।
(2) जहां उपधारा (1) मेंं यथा निर्दिष्ट न्यायनिर्णयन प्राधिकारी या राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण या उच्च न्यायालय का आदेश, किसी अपील अधिकरण या उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय द्वारा उपांतरित कर दिया जाता है या उसका स्थगन कर दिया जाता है, तो निर्धारण अधिकारी द्वारा उपधारा (1) में यथा निर्दिष्ट जारी की गई उपांतरित मांग की सूचना तद्नूसार पुनःरीक्षित की जाएगी।]
[वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित रूप में]

