आय विवरणी
अध्याय XIV
आकलन के लिए प्रक्रिया
आय की वापसी.
66 139. 67 [ 68 (1) प्रत्येक व्यक्ति, वह पिछले वर्ष के दौरान इस अधिनियम के तहत निर्धारणीय है जो की उसकी कुल आय या संबंध में किसी भी अन्य व्यक्ति की कुल आय आयकर के दायरे में नहीं है जो अधिकतम राशि को पार करते हैं, तो करेगा, नियत तारीख को या उससे पहले, उसकी आय या निर्धारित प्रपत्र में पिछले वर्ष के दौरान इस तरह के अन्य व्यक्ति की आय का रिटर्न प्रस्तुत 69 और निर्धारित तरीके से सत्यापित और निर्धारित किया जा सकता है जैसे अन्य विवरण आगे की स्थापना.
स्पष्टीकरण: इस उप - धारा में, "नियत तारीख का मतलब है"-
(क) निर्धारिती एक कंपनी आकलन वर्ष के दिसंबर की 31 दिन की है;
- (बी) निर्धारिती एक कंपनी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति है, जहां
निर्धारिती के खातों इस अधिनियम या ऑडिट होने के लिए किसी भी अन्य कानून के तहत आवश्यक हैं जहां एक मामले में (मैं) 70 [या फर्म के खातों के लिए आवश्यक हैं, जहां एक फर्म के एक भागीदार के मामले में तो ऑडिट होने के लिए] 70A [या एक लेखाकार की रिपोर्ट धारा 80HHC या अनुभाग 80HHD के तहत सजा हो की आवश्यकता है जहां], या एक सहकारी समिति के मामले में, निर्धारण वर्ष के अक्टूबर के 31 वें दिन;
(Ii) इस उपधारा में निर्दिष्ट कुल आय एक मामले उपखंड (i) के आकलन वर्ष के 31 अगस्त के दिन नीचे गिरने नहीं किया जा रहा व्यवसाय या पेशे से कोई आय भी शामिल है, जहां एक मामले में;
(Iii) किसी भी अन्य मामले में, आकलन वर्ष जून के 30 वें दिन.]
71 [(1 ए) के उप - धारा में किसी बात के होते हुए भी (1), कोई व्यक्ति उस उपधारा जिनकी कुल आय वह इस अधिनियम के तहत निर्धारणीय है के संबंध में उसकी आय या किसी भी अन्य व्यक्ति की आय का रिटर्न के तहत प्रस्तुत की जरूरत है, जैसा भी मामला हो उसकी आय या, पिछले वर्ष के दौरान इस तरह के अन्य व्यक्ति की आय है कि सिर के नीचे या आय प्रभार्य के सिर "वेतन" के तहत केवल आय प्रभार्य के शामिल है और यह भी प्रकृति की आय से किसी एक में करने के लिए भेजा, तो या (मैं) खंड के अधिक (1) अनुभाग 80L की उप - धारा और निम्न स्थितियों में (नौ) को अर्थात्, पूरा कर रहे हैं: -
(क) वह या ऐसे अन्य व्यक्ति को एक कंपनी ने पिछले वर्ष के दौरान नियोजित किया गया था जहां वह या ऐसे अन्य व्यक्ति कंपनी के एक निदेशक या कंपनी के शेयरों का एक लाभकारी मालिक को पिछले वर्ष के दौरान कोई समय था (नहीं किया जा रहा शेयरों ) के साथ किया जाए या मुनाफे में भाग लेने के लिए एक अधिकार के बिना मतदान शक्ति का प्रतिशत नहीं कम से कम बीस ले जाने के लाभांश की एक निश्चित दर के हकदार;
72 [(ख) उसकी आय या सिर "वेतन" के तहत इस तरह के अन्य व्यक्ति की आय, मौद्रिक भुगतान के माध्यम से व्यवस्था नहीं की सभी लाभ या सुख के मूल्य का अनन्य, से अधिक नहीं है 73 [चौबीस] हजार रुपए ;]
(ग) प्रकृति की आय की राशि की उपधारा (नौ) (i) खंड में निर्दिष्ट (1) अनुभाग 80L की, यदि कोई हो, कुल में, से अधिक नहीं है 74 [अधिकतम राशि स्वीकार्य के रूप में उस धारा के तहत उसके मामले में कटौती]; और
(घ) सिर "वेतन" के अंतर्गत आय प्रभार्य से अनुभाग 192 के तहत स्रोत पर कर छूट है कि आय से काट दिया गया है.
75 [***]]
76 [***]
77 (3), जो किसी भी व्यक्ति यदि 78 [***], सिर "मुनाफा और व्यापार या पेशे के लाभ 'के तहत या सिर" पूंजीगत लाभ "के तहत किसी भी पिछले एक साल में एक नुकसान निरंतर और दावा किया है कि नुकसान या किसी भी उसके भाग उपधारा के तहत आगे बढ़ाया जाना चाहिए (1) धारा 72, या (2) धारा 73, या उप - धारा की उपधारा (1) के 79 [या उप - धारा (3)] खंड 74 के 80 [या उप - धारा (3) धारा 74A की], वह (1) उप - धारा के तहत अनुमति दी समय के भीतर, प्रस्तुत कर सकते हैं 81 [***], एक निर्धारित प्रपत्र में नुकसान की वापसी और निर्धारित तरीके से सत्यापित और निर्धारित हो सकता है जैसे अन्य विवरण शामिल हैं, और यह उप - धारा के तहत एक वापसी के रूप में अगर इस अधिनियम के सभी प्रावधानों को लागू नहीं होगी (1).
82 [(4) (1), या उपधारा के तहत जारी किए गए एक नोटिस के तहत अनुमति दी समय के भीतर उप - धारा के तहत उसे करने की अनुमति दी समय के भीतर एक वापसी सुसज्जित नहीं है जो किसी भी व्यक्ति (1) धारा 142 की, प्रस्तुत कर सकते हैं प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की समाप्ति से या जो भी पहले हो मूल्यांकन के पूरा होने से पहले एक वर्ष की समाप्ति से पहले किसी भी समय किसी भी पिछले वर्ष के लिए वापसी:
वापसी अप्रैल, 1988, या किसी भी पहले आकलन वर्ष के 1 दिन शुरू निर्धारण वर्ष के लिए प्रासंगिक पिछले एक वर्ष से संबंधित है, जहां एक वर्ष पूर्वोक्त के संदर्भ में प्रासंगिक के अंत से दो साल के लिए संदर्भ के रूप में लगाया जाएगा बशर्ते कि निर्धारण वर्ष.]
83 [ 84 [(4 ए) 85 ही ऐसे प्रयोजनों के लिए पूरी तरह धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए या हिस्से में विश्वास या अन्य कानूनी बाध्यता के तहत आयोजित की संपत्ति से प्राप्त आय की प्राप्ति में हर व्यक्ति को, या आय उपखंड में निर्दिष्ट स्वैच्छिक योगदान होने का (आईआईए) के खंड (24) की धारा 2 की, करेगा, अगर वह एक प्रतिनिधि निर्धारिती (वर्गों 11 के प्रावधानों को लागू किए बिना इस अधिनियम के तहत अभिकलन किया जा रहा है इस उद्देश्य के लिए कुल आय के रूप में कर लगाने योग्य है जिनके संबंध में कुल आय और 12) इस तरह के निर्धारित प्रपत्र में पिछले वर्ष की आय और की वापसी प्रस्तुत, आय कर के दायरे में नहीं है जो अधिकतम राशि से अधिक निर्धारित तरीके से सत्यापित और निर्धारित किया जा सकता है जैसे अन्य विवरण आगे की स्थापना सभी प्रावधानों यह उप - धारा के तहत सजा हो आवश्यक एक वापसी के रूप में अगर इस अधिनियम की, जहां तक हो सके, लागू नहीं होगी (1).]]
86 [(4 बी) 87 हर राजनीतिक दल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (जैसे मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिव के रूप में या किसी अन्य पद से भी जाना जाता है) होगा, अगर राजनीतिक दल निर्धारणीय है जिनके संबंध में कुल आय (कुल आय के लिए ) अनुभाग 13A के प्रावधानों को लागू किए बिना इस अधिनियम के तहत अभिकलन किया जा रहा है इस उद्देश्य के लिए आय कर के दायरे में नहीं है जो अधिकतम राशि से अधिक है, निर्धारित प्रपत्र में पिछले वर्ष की ऐसी आय का रिटर्न प्रस्तुत करने और निर्धारित तरीके से सत्यापित और निर्धारित किया जा सकता है और यह उप - धारा के तहत सजा हो आवश्यक एक वापसी के रूप में अगर इस अधिनियम के सभी प्रावधानों, अब तक हो सकता है, के रूप में लागू नहीं होगी के रूप में इस तरह के अन्य ब्यौरे आगे की स्थापना (1).]
88 किसी भी व्यक्ति, (1), या (1) धारा 142 की उपधारा के तहत जारी किए गए एक नोटिस के अनुसरण में उप - धारा के तहत एक वापसी सुसज्जित होने, उसमें किसी भी चूक या किसी भी गलत बयान पता चलता है [(5), वह मई प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की समाप्ति से या जो भी पहले हो मूल्यांकन के पूरा होने से पहले एक वर्ष की समाप्ति से पहले किसी भी समय एक संशोधित रिटर्न प्रस्तुत:
वापसी अप्रैल, 1988, या किसी भी पहले आकलन वर्ष के 1 दिन शुरू निर्धारण वर्ष के लिए प्रासंगिक पिछले वर्ष से संबंधित है, जहां एक वर्ष पूर्वोक्त के संदर्भ के अंत से दो साल के लिए एक संदर्भ के रूप में लगाया जाएगा बशर्ते कि प्रासंगिक निर्धारण वर्ष.]
89 [(6) के लिए भेजा रिटर्न की निर्धारित फार्म 90 [करेगा, में] (1) धारा 142 की उपधारा के उप वर्गों (1) और (3) इस भाग की में, और खंड (मैं) में निर्धारित हो सकता है के रूप में इस तरह के मामलों, कर से छूट प्राप्त आय का विवरण प्रस्तुत करने के लिए निर्धारिती की आवश्यकता होती है, निर्धारित प्रकृति और मूल्य और उससे संबंधित निर्धारित सिर और इस तरह के अन्य व्यय के तहत उसके द्वारा किए गए निर्धारित सीमा से अधिक व्यय के रूप में की संपत्ति हो सकती है निर्धारित.
(6A) उप - धारा के प्रावधानों के प्रति पूर्वाग्रह के बिना (6), लाभ के निर्धारित प्रपत्र में भेजा 90 उप वर्गों (1) में [और (3) इस भाग की, और खंड (क) के उप में धारा 142 की उपधारा (1)], किसी भी व्यवसाय या पेशे में लगे एक निर्धारिती के मामले में भी उसे प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी 91 [धारा 44AB तहत प्राप्त किसी भी ऑडिट की रिपोर्ट के स्थान और शैली की] ब्यौरे वह व्यक्तियों का एक संघ या शरीर का एक सदस्य है, तो वह,, के नाम से व्यवसाय या पेशे पर किया जाता है और इस तरह के कारोबार या पेशे में उसके सभी शाखाओं, उसके भागीदारों के नाम और पते, यदि कोई हो, और जहां मुख्य स्थान अन्य व्यक्तियों और निर्धारिती की हिस्सेदारी की हद और ऐसे सभी भागीदारों या सदस्यों के शेयरों का संघ या शरीर के सदस्यों, जैसा भी मामला हो, व्यापार या पेशे के मुनाफे और उसके किसी शाखाओं में. ]
92 (7) [***]
93 [ 94 (8) (क) 95 [उप - धारा के तहत लाभ (1) या उपधारा (2) या उपधारा (4) के एक आकलन वर्ष निर्धारित तिथि के बाद सुसज्जित, या है के लिए सुसज्जित नहीं है, जहां , तो [या नहीं, 96 [] निर्धारण अधिकारी उप - धारा (1) या उपधारा के तहत रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए तिथि बढ़ा दिया गया है (2)], निर्धारिती पर साधारण ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा 97 [पंद्रह] प्रतिशत प्रतिवर्ष देय कर की राशि पर तुरंत नहीं लौटने से सुसज्जित किया गया है जहां वापसी या,, धारा 144 के तहत मूल्यांकन के पूरा होने की तारीख से प्रस्तुत की तिथि से निर्धारित तिथि के अगले दिन से गिना नियमित मूल्यांकन पर निर्धारित कुल आय पर अग्रिम कर से कम के रूप में, यदि कोई हो, का भुगतान, और किसी भी स्रोत पर कर कटौती की:
98 बशर्ते कि 99 [आकलन] अधिकारी, जैसा निर्धारित किया गया इस तरह के मामलों में और ऐसी परिस्थितियों में, कम करने या इस उपधारा के तहत किसी भी निर्धारिती द्वारा ब्याज देय माफ कर सकते हैं.
स्पष्टीकरण 1: एक आकलन वर्ष के लिए एक वापसी के संबंध में इस उप - धारा, "निर्धारित तिथि" के प्रयोजनों के लिए, इसका मतलब है -
(क) जिसका कुल आय, या वह इस अधिनियम के तहत निर्धारणीय है जिनके संबंध में किसी भी व्यक्ति की कुल आय में हर निर्धारिती के मामले में, व्यवसाय या पेशे से कोई आय, अंत से चार महीने की समाप्ति की तिथि में शामिल पिछले वर्ष की या एक से अधिक पिछले वर्ष जो भी बाद में निर्धारण वर्ष के प्रारंभ, या आकलन वर्ष जून के 30 वें दिन से पहले, पिछले समाप्त हो गई है जो पिछले साल के अंत से, वहाँ है जहाँ;
(ख) हर दूसरे निर्धारिती आकलन वर्ष के जून के 30 वें दिन के मामले में.]
1 [स्पष्टीकरण 2: एक आकलन वर्ष के संबंध में, एक आकलन के अनुभाग 147 के तहत पहली बार के लिए किया जाता है, तो किए गए मूल्यांकन इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए एक नियमित मूल्यांकन के रूप में माना जाएगा.]
2 [(ख) अनुभाग जहां 147 या धारा 154 या धारा 155 या धारा 250 या धारा 254 या धारा 260 या धारा 262 या धारा 263 या धारा 264 के तहत एक आदेश का एक परिणाम के रूप में 3 [या उप के तहत निपटान आयोग के एक आदेश खंड 245D की धारा (4)], ब्याज इस उपधारा के तहत देय था जिस पर कर की राशि में वृद्धि हुई है या कम हो, जैसा भी मामला हो, ब्याज के हिसाब से वृद्धि हुई है या कम किया जाएगा, और कर दिया गया है
ब्याज में वृद्धि हुई है, जहां एक मामले में (मैं), 99 [आकलन] अधिकारी निर्धारित प्रपत्र में मांग का नोटिस देय राशि को निर्दिष्ट, निर्धारिती पर सेवा करेगा, और मांग की इस तरह की सूचना के तहत एक नोटिस होना समझा जाएगा अनुभाग 156 और इस अधिनियम के प्रावधानों के हिसाब से लागू होंगे;
(Ii) ब्याज कम हो जाता है, जहां एक मामले में, यदि कोई हो, का भुगतान अतिरिक्त ब्याज, वापस किया जाएगा.]]
4 [(ग) इस उप - धारा के प्रावधानों अप्रैल, 1988, या किसी भी पहले आकलन वर्ष के 1 दिन शुरू निर्धारण वर्ष के लिए मूल्यांकन के संबंध में लागू होते हैं, और इस अधिनियम के अन्य प्रावधानों को उसमें संदर्भ करेगा वे प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के लिए लागू थे के रूप में कहा प्रावधानों के संदर्भ के रूप में लगाया जा सकता है.]
5 [(9) जहां 6 [] निर्धारण अधिकारी समझता है कि आय की वापसी
निर्धारिती द्वारा दी दोषपूर्ण है, वह निर्धारिती को दोष अंतरंग और उसे ऐसी सूचना की तारीख से या ऐसी अतिरिक्त अवधि के भीतर पंद्रह दिन की अवधि के भीतर दोष को ठीक करने का अवसर दे सकता है, जो इस संबंध में बनाए गए एक आवेदन पर , 6 [आकलन] अधिकारी अपने विवेकानुसार, अनुमति दे सकता है; दोष पंद्रह दिन या की उक्त अवधि के भीतर सुधारा नहीं जाता है अगर मामला हो सकता है और, इसलिए अनुमति दी और अवधि, तो इस अधिनियम के किसी अन्य प्रावधान में किसी बात के होते हुए भी, वापसी एक अवैध वापसी के रूप में इलाज किया जाएगा निर्धारिती रिटर्न प्रस्तुत करने में विफल रहा था के रूप में यदि इस अधिनियम के प्रावधानों को लागू होगा:
निर्धारिती द्वारा दी दोषपूर्ण है, वह निर्धारिती को दोष अंतरंग और उसे ऐसी सूचना की तारीख से या ऐसी अतिरिक्त अवधि के भीतर पंद्रह दिन की अवधि के भीतर दोष को ठीक करने का अवसर दे सकता है, जो इस संबंध में बनाए गए एक आवेदन पर , 6 [आकलन] अधिकारी अपने विवेकानुसार, अनुमति दे सकता है; दोष पंद्रह दिन या की उक्त अवधि के भीतर सुधारा नहीं जाता है अगर मामला हो सकता है और, इसलिए अनुमति दी और अवधि, तो इस अधिनियम के किसी अन्य प्रावधान में किसी बात के होते हुए भी, वापसी एक अवैध वापसी के रूप में इलाज किया जाएगा निर्धारिती रिटर्न प्रस्तुत करने में विफल रहा था के रूप में यदि इस अधिनियम के प्रावधानों को लागू होगा:
निर्धारिती पंद्रह दिन या अनुमति दी और आगे की अवधि की अवधि समाप्त होने के बाद दोष rectifies, लेकिन मूल्यांकन किया जाता है, इससे पहले जहां बशर्ते कि 6 [आकलन] अधिकारी देरी अनदेखी और एक वैध वापसी के रूप में वापसी का इलाज हो सकता है.
स्पष्टीकरण: निम्न स्थितियाँ अर्थात्, पूरा कर रहे हैं, जब तक कि इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, आय का रिटर्न दोषपूर्ण माना जाएगा: -
(क) आय के प्रत्येक सिर के तहत आय प्रभार्य की गणना के संबंध में आयकर रिटर्न में अनुबंध, बयानों और स्तंभों, सकल कुल आय और कुल आय की गणना विधिवत में भर दिया गया है
(ख) वापसी वापसी के आधार पर देय कर की गणना दिखा एक बयान के साथ है;
7 [(बी बी) वापसी खंड 44AB तहत प्राप्त ऑडिट की रिपोर्ट के साथ है;]
(ग) वापसी के सबूत के साथ है
(मैं) कर, किसी भी किसी भी भुगतान हुआ है का दावा किया है, तो स्रोत और आत्म मूल्यांकन पर एडवांस टैक्स और टैक्स में कटौती की गई है दावा किया है;
(Ii) अनिवार्य जमा की गई राशि, यदि कोई हो, अनिवार्य जमा योजना (आयकर दाताओं) अधिनियम, 1974 (1974 का 38) के तहत किया गया है दावा किया है;
खाते का नियमित पुस्तकें निर्धारिती द्वारा बनाए हैं कहाँ (डी), वापसी की प्रतियां के साथ है
(I) विनिर्माण लेखा, व्यापार खाते, लाभ और हानि खाते या, जैसा भी मामला हो, आय और व्यय खाते या किसी अन्य समान खाते और बैलेंस शीट;
(Ii) एक मालिकाना व्यापार या पेशे, मालिक की व्यक्तिगत खाते के मामले में; एक फर्म, व्यक्तियों का संघ या व्यक्तियों के शरीर के मामले में, भागीदारों या सदस्यों के व्यक्तिगत खातों; और व्यक्तियों के व्यक्तियों या शरीर की एक फर्म, एसोसिएशन, फर्म में भी अपने निजी खाते, व्यक्तियों का संघ या व्यक्तियों के शरीर का एक साथी या सदस्य के मामले में;
निर्धारिती के खातों लेखा परीक्षा की गई है, जहां (ई), वापसी लेखापरीक्षित लाभ और हानि खाते और बैलेंस शीट और लेखा परीक्षक की रिपोर्ट की प्रतियां के साथ है 8 निर्धारिती की लागत खातों का अंकेक्षण किया गया है, जहां [और,, कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1), कि खंड के अंतर्गत भी रिपोर्ट] की धारा 233B के तहत;
खाते का नियमित पुस्तकें निर्धारिती द्वारा नहीं रखा जाता है, जहां (च), वापसी कारोबार की मात्रा या, जैसा भी मामला हो, सकल प्राप्तियों, सकल लाभ, खर्च और व्यवसाय या पेशे के शुद्ध लाभ का संकेत एक बयान के साथ है और ऐसी मात्रा अभिकलन, और भी पिछले साल के अंत में ही कुल विविध देनदार की मात्रा, विविध लेनदार, स्टॉक में व्यापार और नकदी संतुलन का खुलासा किया गया है जिसके आधार पर.]
9 [(10) इस अधिनियम के किसी अन्य प्रावधान में किसी बात के होते हुए भी, कर के दायरे में नहीं है जो अधिकतम राशि से कम कुल आय दिखाता है जो आय की वापसी से सुसज्जित किया गया है कभी नहीं समझा जाएगा:
इसमें इसके निहित कुछ नहीं, के लिए लागू नहीं होगी -
(क) उप - धारा (2) के तहत नोटिस के जवाब में सुसज्जित एक वापसी 10 अनुभाग 148 का;
10A [(ख) एक एक फर्म या एक फर्म के एक भागीदार की वापसी;]
11 [(ग) उप - धारा के प्रावधानों के अनुसार में प्रस्तुत किया गया है जो हानि की वापसी (3);]
12 [(डी) धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए आयोजित की संपत्ति से आय की छूट का दावा किया है जो एक व्यक्ति के लिए एक वापसी;]
(ई) एक राजनीतिक पार्टी के संबंध में उप - धारा (4 बी) के तहत सजा की वापसी; और
(च) धारा 237 के तहत धन की वापसी के लिए एक दावे के समर्थन में प्रस्तुत की वापसी.]
६६.यह भी 1985/02/03 दिनांकित 28-6-1980 सर्कुलर नं 274,, सर्कुलर नंबर 412, और 30-8-1989 सर्कुलर नं 542, देखें.
6प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) द्वारा प्रतिस्थापित अधिनियम, 1987 से प्रभावी 1989/01/04. पहले अपने प्रतिस्थापन के लिए, उप - धारा (1) 1962/01/04 से पूर्वव्यापी प्रभाव के साथ वित्त अधिनियम, 1963 द्वारा यथा संशोधित. कराधान कानून (संशोधन) अधिनियम, 1967, 1967/01/10 कराधान कानून 1971/01/04 और वित्त अधिनियम, 1972 से प्रभावी (संशोधन) अधिनियम, 1970, 1972/01/04 से प्रभावी, नीचे के रूप में खड़ा था:
"उसकी कुल आय या वह पिछले वर्ष के दौरान इस अधिनियम के तहत निर्धारणीय है जिनके संबंध में किसी भी अन्य व्यक्ति की कुल आय आयकर के दायरे में नहीं है जो अधिकतम राशि को पार अगर (1) प्रत्येक व्यक्ति, एक वापसी प्रस्तुत करेगा उसकी आय या निर्धारित प्रपत्र में पिछले वर्ष के दौरान इस तरह के अन्य व्यक्ति की आय और निर्धारित तरीके से सत्यापित और निर्धारित किया जा सकता है जैसे अन्य विवरण आगे की स्थापना. की
(क) जिसका कुल आय, या वह इस अधिनियम के तहत निर्धारणीय है जिनके संबंध में किसी भी अन्य व्यक्ति की कुल आय में हर व्यक्ति के मामले में, अंत से चार महीने की समाप्ति से पहले, व्यवसाय, या पेशे से कोई आय भी शामिल है पिछले वर्ष की या एक से अधिक पिछले वर्ष है, जहां निर्धारण वर्ष के प्रारंभ से पहले अंतिम समय सीमा समाप्त हो, जो पिछले साल के अंत के रूप में, या जो भी बाद में आकलन वर्ष जून के 30 वें दिन से पहले;
(ख) निर्धारण वर्ष की जून के 30 वें दिन से पहले हर दूसरे व्यक्ति के मामले में:
निर्धारित तरीके से किए गए एक आवेदन पर आयकर अधिकारी अपने विवेक से, रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए तारीख आगे बढ़ा सकता है, और तारीख तो बढ़ा दिया है कि बावजूद, ब्याज के प्रावधानों के अनुसार प्रभार्य होगी, बशर्ते कि उप - धारा (8). "
६८.नियम 12 देखें.
६९.फार्म नं 1, 2, 3 और 3 ए देखें.
70 प्रत्यक्ष कर कानून (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 1989 से प्रभावी द्वारा डाला 1989/01/04.
70A. वित्त अधिनियम, 1990 से प्रभावी द्वारा डाला जाएगा 1991/01/04.
७१.वित्त अधिनियम, 1974 से प्रभावी द्वारा डाला 1975/01/04. मूल उपधारा 1962/01/04 से और बाद में कराधान कानून (संशोधन) द्वारा छोड़े गए पर पूर्वव्यापी प्रभाव के साथ, वित्त अधिनियम, 1963 द्वारा डाला गया था अधिनियम, 1970 से प्रभावी 1971/01/04.
72 कराधान कानून (संशोधन) द्वारा निम्नलिखित के लिए एवजी अधिनियम, 1984 से प्रभावी 1985/01/04:
"(ख) अपने वेतन या मौद्रिक भुगतान के माध्यम से व्यवस्था नहीं की सभी लाभ या सुविधाओं के मूल्य के अनन्य ऐसे अन्य व्यक्ति का वेतन अठारह हजार रुपये से अधिक न हो;"
73 वित्त अधिनियम, 1985 से प्रभावी द्वारा "अठारह" के लिए एवजी 1986/01/04.
74 वित्त अधिनियम, 1982 से प्रभावी से "तीन हजार रुपए" के लिए एवजी 1983/01/04.
७५.कराधान कानून (संशोधन) द्वारा छोड़े गए स्पष्टीकरण अधिनियम, 1984 से प्रभावी1985/01/04. छोड़े गए स्पष्टीकरण के अधीन के रूप में पढ़ा:
'स्पष्टीकरण:. इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "वेतन" की धारा 17 के खंड (1) में उसे सौंपे अर्थ होगा'
७६.प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) द्वारा छोड़े गए अधिनियम, 1987 से प्रभावी 1989/01/04. पहले अपनी चूक के लिए, उप - धारा (2), कराधान कानून (संशोधन) अधिनियम, 1970 से प्रभावी द्वारा संशोधित 1971/01/04, वित्त अधिनियम, 1972, 1972/1/4 और कराधान कानून (संशोधन) अधिनियम, 1975 से प्रभावी, 1976/01/04 से प्रभावी, के रूप में नीचे खड़ा था:
"(2), मूल्यांकन अधिकारी की राय में, अपने ही कुल आय पर या पिछले वर्ष के दौरान किसी भी अन्य व्यक्ति की कुल आय पर कि क्या, मूल्यांकन अधिकारी हो सकता है, इससे पहले, इस अधिनियम के तहत निर्धारणीय है जो किसी भी व्यक्ति के मामले में प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के अंत, उसे करने के लिए एक नोटिस जारी करने और नोटिस की सेवा, अपनी आय का एक वापसी के दौरान या ऐसे अन्य व्यक्ति की आय होने की तारीख से तीस दिन के भीतर प्रस्तुत करने के लिए उसे जरूरत उस पर उसी की सेवा पिछले वर्ष, निर्धारित प्रपत्र और निर्धारित तरीके से सत्यापित और निर्धारित किया जा सकता है जैसे अन्य विवरण आगे की स्थापना में:
निर्धारित तरीके से किए गए एक आवेदन पर, मूल्यांकन अधिकारी, अपने विवेकाधिकार में, रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए तारीख आगे बढ़ा सकता है, और, तिथि इतना बढ़ा दिया है कि बावजूद, ब्याज उप के प्रावधानों के अनुसार प्रभार्य होगी, बशर्ते कि धारा (8). "
77 नियम 12 और 12A देखें.
78. प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) अधिनियम, 1987 से प्रभावी द्वारा छोड़े गए "(2) उप - धारा के तहत एक नोटिस के साथ सेवा नहीं किया गया है"1989/01/04.
79 वित्त अधिनियम, 1987 से प्रभावी द्वारा डाला 1988/01/04.
80वित्त अधिनियम, 1974 से प्रभावी द्वारा डाला 1975/01/04.
81. "या नुकसान निरंतर था जिसके दौरान पिछले वर्ष के लिए प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की जुलाई के 31 दिन से" प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) द्वारा छोड़े गए अधिनियम, 1987 से प्रभावी1989/01/04. पहले अपनी चूक को कहा, अभिव्यक्ति कराधान कानून (संशोधन एवं विविध प्रावधान) अधिनियम द्वारा "निर्धारित तरीके से किए गए एक आवेदन पर आयकर अधिकारी अपने विवेकानुसार अनुमति दे सकता है, जो इस तरह के अतिरिक्त समय के भीतर" के लिए प्रतिस्थापित किया गया था 1986 से प्रभावी 1987/01/04. मूल अभिव्यक्ति कराधान कानून (संशोधन) द्वारा डाला गया था अधिनियम, 1970 से प्रभावी 1971/01/04.
82 प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) द्वारा प्रतिस्थापित अधिनियम, 1987 से प्रभावी 1989/01/04. 1968/01/04 से प्रभावी वित्त अधिनियम, 1968, द्वारा प्रतिस्थापित और कराधान कानून (संशोधन) अधिनियम, 1970 द्वारा यथा संशोधित पहले अपने प्रतिस्थापन के लिए, उप - धारा (4), 1971/01/04 से प्रभावी, के रूप में नीचे खड़ा था :
"(4) (क) उप - धारा (1) या उपधारा के तहत उसे करने की अनुमति दी समय के भीतर एक वापसी सुसज्जित नहीं है जो किसी भी व्यक्ति (2), मूल्यांकन किया जाता है, इससे पहले किसी भी पिछले साल के बदले प्रस्तुत कर सकते हैं खंड (ख) में निर्दिष्ट अवधि के अंत में, और उप - धारा के प्रावधानों से पहले किसी भी समय (8) हर तरह के मामले में लागू नहीं होगी.
(ख) अवधि (एक) होने वाले खंड में निर्दिष्ट
वापसी अप्रैल, 1967, इस तरह के निर्धारण वर्ष की समाप्ति से चार साल के 1 दिन या उससे पहले शुरू होगा किसी भी निर्धारण वर्ष के लिए प्रासंगिक पिछले एक वर्ष से संबंधित है जहां (मैं);
(Ii) वापसी अप्रैल, 1968, आकलन वर्ष के अंत से तीन साल के 1 दिन शुरू निर्धारण वर्ष के लिए प्रासंगिक पिछले एक वर्ष से संबंधित है जहां;
(Iii) वापसी किसी भी अन्य निर्धारण वर्ष, इस तरह के निर्धारण वर्ष की समाप्ति से दो साल के लिए प्रासंगिक पिछले एक वर्ष से संबंधित है, जहां. "
83 प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) द्वारा अपने मूल प्रावधान को बहाल अधिनियम, 1989 से प्रभावी 1989/01/04. इससे पहले यह एक ही तिथि से प्रभावी प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था.
84 वित्त अधिनियम, 1972 से प्रभावी द्वारा प्रतिस्थापित 1973/01/04. मूल उपधारा वित्त अधिनियम, 1970 से प्रभावी द्वारा डाला गया था 1971/01/04.
85 नियम 12 और 12A देखें.
८६कराधान कानून (संशोधन) द्वारा डाला अधिनियम, 1978 से प्रभावी 1979/01/04.
87 नियम 12 और 12A देखें.
88.प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) द्वारा प्रतिस्थापित अधिनियम, 1987 से प्रभावी 1989/01/04. पहले अपने प्रतिस्थापन के लिए, उप - धारा (5) के रूप में नीचे खड़ा था:
किसी भी व्यक्ति उपधारा के तहत एक वापसी सुसज्जित होने अगर आकलन किया जाता है से पहले "(5) (1) या उपधारा (2), किसी भी चूक या उसमें कोई गलत बयान पता चलता है, वह किसी भी समय एक संशोधित रिटर्न प्रस्तुत कर सकते हैं. "
८९ .कराधान कानून (संशोधन) द्वारा उप - धारा (6) के लिए एवजी अधिनियम, 1975 से प्रभावी 1976/01/04.
90"उप वर्गों में (1), (2) और (3)" प्रत्यक्ष कर कानूनों द्वारा (संशोधन) अधिनियम, 1987 से प्रभावी के लिए एवजी 1989/01/04.
91.वित्त अधिनियम, 1988 से प्रभावी द्वारा डाला 1989/01/04.
92 प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) द्वारा छोड़े गए अधिनियम, 1987 से प्रभावी 1989/01/04. पहले अपनी चूक के लिए, उप - धारा (7) के रूप में नीचे खड़ा था:
"वह पहले से ही उप - धारा के प्रावधानों के अनुसार ऐसे वर्ष के लिए आय का एक वापसी सुसज्जित किया गया है अगर (7) उप - धारा के तहत कोई लाभ (1) किसी भी पिछले साल के लिए किसी भी व्यक्ति द्वारा दी जा जरूरत है (2)."
93कराधान कानून (संशोधन) द्वारा प्रतिस्थापित अधिनियम, 1970 से प्रभावी 1971/01/04. मूल उपधारा वित्त अधिनियम, 1963 से प्रभावी द्वारा डाला गया था 28-4-1963.
94 नियम 119A देखें.
95 भाग के साथ शुरुआत के लिए एवजी "कहाँ वापसी" और वित्त अधिनियम, 1972 से प्रभावी द्वारा "इस उपधारा के तहत" के साथ समाप्त 1972/01/04.
96 प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) अधिनियम, 1987 से प्रभावी द्वारा "आयकर" के लिए एवजी 1988/01/04.
97 कराधान कानून (संशोधन) द्वारा "बारह" के लिए एवजी अधिनियम, 1984 से प्रभावी 1984/01/10. संशोधन अधिनियम की धारा 84 ब्याज की दर में वृद्धि के हित एक पहले की तारीख से प्रभार्य या देय बन गया है, जहां उन मामलों में भी, 30-9-1984 के बाद गिरने किसी भी अवधि के संबंध में लागू होगा स्पष्ट किया है कि.
98 नियम 117A देखें.
99.प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) अधिनियम, 1987 से प्रभावी द्वारा "आयकर" के लिए एवजी 1988/01/04.
1कराधान कानून (संशोधन) द्वारा 1972/01/04 से प्रभावी वित्त अधिनियम, 1972, से स्पष्टीकरण 2 के रूप में गिने था जो निम्नलिखित विवरण, अधिनियम, 1984 से प्रभावी के लिए एवजी1985/01/04:
"स्पष्टीकरण 2: निर्धारिती एक पंजीकृत फर्म है, जहां इस उप - धारा, या अनुभाग 138 (ख) के तहत खंड मूल्यांकन किया गया है जो एक अपंजीकृत फर्म के प्रयोजनों के लिए, कुल आय पर देय कर कर की राशि होगी फर्म एक अपंजीकृत फर्म के रूप में मूल्यांकन किया गया था अगर जो देय हो गया होता. "
प्र.20. कराधान कानून (संशोधन) द्वारा निम्नलिखित के लिए एवजी अधिनियम, 1984 से प्रभावी 1985/01/04:
"(ख) धारा 154 या धारा 155 या धारा 250 या धारा 254 या धारा 260 या धारा 262 या धारा 264, रुचि इस उपधारा के तहत देय था जिस पर कर की राशि के तहत एक आदेश का एक परिणाम के रूप में कम हो गया है कहां , ब्याज के हिसाब से कम हो जाएगी और भुगतान अतिरिक्त ब्याज, यदि कोई हो, लौटा दी जाएगी. "
(3)प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) अधिनियम, 1987 से प्रभावी द्वारा डाला 1989/01/04.
(4)प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) अधिनियम, 1987 से प्रभावी द्वारा डाला 1989.
प्र.5. वित्त द्वारा डाला (नं. 2) अधिनियम, 1980 से प्रभावी 1980/01/09.
प्र.6. प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) अधिनियम, 1987 से प्रभावी द्वारा "आयकर" के लिए एवजी 1988/01/04.
प्र.7. वित्त अधिनियम, 1988 से प्रभावी द्वारा डाला 1989/01/04.
8 वित्त अधिनियम, 1985 से प्रभावी द्वारा डाला 1985/01/04.
9 कराधान कानून (संशोधन एवं विविध प्रावधान) अधिनियम, 1986 से प्रभावी द्वारा डाला 1986/01/04.
10. "की" पढ़ें "या" चाहिए.
10A. वित्त अधिनियम, 1990 से प्रभावी द्वारा प्रतिस्थापित 1990/01/04. : पिछले प्रतिस्थापन के लिए, खंड (ख) के तहत के रूप में पढ़ा
"(ख) एक फर्म के एक भागीदार की वापसी;"
प्र।11.प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) द्वारा प्रतिस्थापित अधिनियम, 1987 से प्रभावी 1989/01/04. पहले अपनी चूक को, खंड (ग) के तहत के रूप में खड़ा था:
"(ग) धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए आयोजित की संपत्ति से आय की छूट का दावा किया है जो एक व्यक्ति के लिए एक वापसी;"
प्र.12. प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) द्वारा प्रतिस्थापित अधिनियम, 1989 से प्रभावी 1989/01/04. [इससे पहले खंड (घ) प्रत्यक्ष कर कानून में एक ही तिथि से प्रभावी (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था].पहले संशोधन अधिनियम, 1987 द्वारा अपने प्रतिस्थापन के लिए, खंड (घ) के तहत के रूप में खड़ा था:
"(डी) नुकसान निरंतर था जिसके दौरान पिछले वर्ष के लिए प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की जुलाई के 31 दिन पहले से सुसज्जित किया गया है, जो नुकसान का एक वापसी;"

