कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी
कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व।
135. (1) प्रत्येक कंपनी जिसकी निवल संपत्ति पांच सौ करोड़ रुपये या उससे अधिक है, या टर्नओवर एक हजार करोड़ रुपये या उससे अधिक है या [तुरंत पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के दौरान] पांच करोड़ रुपये या उससे अधिक का शुद्ध लाभ है, वह बोर्ड की एक कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व समिति का गठन करेगी जिसमें तीन या अधिक निदेशक शामिल होंगे, जिनमें से कम से कम एक निदेशक स्वतंत्र निदेशक होगा:
[ बशर्ते कि जहां किसी कंपनी को धारा 149 की उपधारा (4) के अधीन स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने की आवश्यकता नहीं है, वहां उसकी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व समिति में दो या अधिक निदेशक होंगे।]
(2) धारा 134 की उपधारा (3) के अधीन बोर्ड की रिपोर्ट में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व समिति की संरचना का खुलासा किया जाएगा।
(3) कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व समिति,—
| (क) | एक कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व नीति तैयार करना और बोर्ड को सिफारिश करना, जिसमें कंपनी द्वारा की जाने वाली गतिविधियों का संकेत होगा [अनुसूची VII में निर्दिष्ट क्षेत्रों या विषय में]; | |
| (ख) | खंड ( क ) में निर्दिष्ट गतिविधियों पर किए जाने वाले व्यय की राशि की सिफारिश करना; तथा | |
| (ग) | समय-समय पर कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व नीति की निगरानी करना। |
(4) उप-धारा (1) में निर्दिष्ट प्रत्येक कंपनी का बोर्ड, करेगा—
| (क) | कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व समिति द्वारा की गई सिफारिशों को ध्यान में रखने के पश्चात, कंपनी के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व नीति को अनुमोदित करेगा और अपनी रिपोर्ट में ऐसी नीति की विषय-वस्तु का खुलासा करेगा तथा उसे कंपनी की वेबसाइट पर, यदि कोई हो, ऐसे तरीके से रखेगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है; तथा | |
| (ख) | यह सुनिश्चित करेगा कि कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व नीति में सम्मिलित गतिविधियां कंपनी द्वारा की जाती हैं। |
(5) उप-धारा (1) में निर्दिष्ट प्रत्येक कंपनी का बोर्ड यह सुनिश्चित करेगा कि कंपनी प्रत्येक वित्तीय वर्ष में, तीन पूर्ववर्ती वित्तीय वर्षों के दौरान अर्जित कंपनी के औसत शुद्ध लाभ का कम से कम दो प्रतिशत [ या जहां कंपनी ने अपने निगमन के बाद से तीन वित्तीय वर्षों की अवधि पूरी नहीं की है, ऐसे पूर्ववर्ती वित्तीय वर्षों के दौरान ] अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी नीति के अनुसरण में खर्च करे:
बशर्ते कि कंपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों के लिए निर्धारित राशि खर्च करने के लिए स्थानीय क्षेत्र और उसके आसपास के क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी जहां वह परिचालन करती है:
आगे प्रदान किया गया कि यदि कंपनी ऐसी राशि खर्च करने में विफल रहती है, तो बोर्ड धारा 134 की उपधारा (3) के खंड ( ण ) के तहत की गई अपनी रिपोर्ट में राशि खर्च न करने के कारणों को निर्दिष्ट करेगा [ और, जब तक कि अप्रयुक्त राशि उपधारा (6) में निर्दिष्ट किसी भी चालू परियोजना से संबंधित न हो, वित्तीय वर्ष की समाप्ति के छह महीने की अवधि के भीतर ऐसी अप्रयुक्त राशि को अनुसूची VII में निर्दिष्ट निधि में स्थानांतरित कर देगा ] :
[यह भी प्रदान किया गया है कि यदि कंपनी इस उप-धारा के अधीन उपबंधित अपेक्षाओं से अधिक रकम खर्च करती है तो ऐसी कंपनी ऐसी अतिरिक्त रकम को इस उपधारा के अधीन खर्च करने की अपेक्षा के विरुद्ध आगामी वित्तीय वर्षों की ऐसी संख्या के लिए और ऐसी रीति से, जैसा निर्धारित किया जाए, सेट ऑफ कर सकेगी। ]
[ (6) उप-धारा (5) के अधीन किसी चालू परियोजना के अनुसरण में, जो निर्धारित शर्तों को पूरा करती हो, किसी कंपनी द्वारा अपने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व नीति के अनुसरण में शुरू की गई हो, अव्ययित रह गई कोई राशि कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष की समाप्ति से तीस दिन की अवधि के भीतर किसी अनुसूचित बैंक में उस वित्तीय वर्ष के लिए कंपनी द्वारा खोले जाने वाले विशेष खाते में अंतरित की जाएगी, जिसे अव्ययित निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व खाता कहा जाएगा, और ऐसी राशि को कंपनी द्वारा निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व नीति के प्रति अपने दायित्व के अनुसरण में ऐसे अंतरण की तारीख से तीन वित्तीय वर्षों की अवधि के भीतर खर्च किया जाएगा, ऐसा न करने पर, कंपनी उसे तीसरे वित्तीय वर्ष के पूरा होने की तारीख से तीस दिन की अवधि के भीतर अनुसूची VII में निर्दिष्ट निधि में अंतरित करेगी।
[ (7) यदि कोई कंपनी उप-धारा (5) या उप-धारा (6) के प्रावधानों का अनुपालन करने में चूक करती है, तो कंपनी अनुसूची VII में निर्दिष्ट निधि या अप्रयुक्त कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व खाते में कंपनी द्वारा स्थानांतरित की जाने वाली अपेक्षित राशि का दोगुना या एक करोड़ रुपये, जो भी कम हो, के दंड के लिए उत्तरदायी होगी, और कंपनी का प्रत्येक अधिकारी जो चूक करता है, कंपनी द्वारा अनुसूची VII में निर्दिष्ट निधि या अप्रयुक्त कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व खाते में, जैसा भी मामला हो, स्थानांतरित की जाने वाली अपेक्षित राशि का दसवां हिस्सा या दो लाख रुपये, जो भी कम हो, के दंड के लिए उत्तरदायी होगा। ]
(8) केन्द्रीय सरकार किसी कंपनी या कंपनियों के वर्ग को ऐसे सामान्य या विशेष निर्देश दे सकेगी, जिन्हें वह इस धारा के उपबंधों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक समझे और ऐसी कंपनी या कंपनियों का वर्ग ऐसे निर्देशों का अनुपालन करेगा। ]
[ (9) जहां उप-धारा (5) के अधीन किसी कंपनी द्वारा व्यय की जाने वाली राशि पचास लाख रुपए से अधिक नहीं है, वहां उप-धारा (1) के अधीन कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व समिति के गठन की अपेक्षा लागू नहीं होगी और ऐसे मामलों में इस धारा के अधीन उपबंधित ऐसी समिति के कृत्यों का निर्वहन ऐसी कंपनी के निदेशक मंडल द्वारा किया जाएगा। ]
[ स्पष्टीकरण. -इस धारा के प्रयोजनों के लिए "शुद्ध लाभ" में ऐसी राशियां शामिल नहीं होंगी, जो विहित की जाएं और इसकी गणना धारा 198 के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी।]

