आयकर अधिकारी के अधिकार क्षेत्र
आयकर अधिकारी के अधिकार क्षेत्र
124 (1) आयकर अधिकारी या व्यक्ति के ऐसे व्यक्तियों या वर्गों की या आयुक्त प्रत्यक्ष कर सकते हैं के रूप में आय की ऐसी आय या वर्गों के ऐसे क्षेत्रों के संबंध में उनके कार्य प्रदर्शन करेगा.
(2) उप - धारा के तहत जारी किए गए किसी भी दिशाओं (1) दो या अधिक आयकर अधिकारी, एक ही क्षेत्र या व्यक्तियों के एक ही व्यक्ति या वर्ग या आय का एक ही आय या वर्गों को सौंपा, जहां वे अपने कार्यों का निष्पादन करेगा आयुक्त किए जाने वाले कार्य के वितरण और आवंटन के लिए कर सकता है जो किसी भी आदेश के अनुसार.
(3) उसे सौंपी क्षेत्र की सीमाओं के भीतर, आयकर अधिकारी के अधिकार क्षेत्र-होगा
(क) वह अपने व्यवसाय या पेशे पर किया जाता है, जिस पर एक व्यवसाय या पेशे जगह अगर पर ले जाने के लिए किसी भी व्यक्ति के संबंध में क्षेत्र के भीतर बैठा है, या अगर अपने व्यवसाय या पेशे, एक से अधिक स्थानों में किया जाता है जहां प्राचार्य अपने व्यवसाय या पेशे की जगह क्षेत्र के भीतर बैठा है, और
(ख) क्षेत्र में रहने वाले किसी भी अन्य व्यक्ति के संबंध में.
(4) एक प्रश्न एक आयकर अधिकारी किसी भी व्यक्ति का आकलन करने के लिए अधिकार क्षेत्र है कि क्या करने के रूप में इस खंड के अंतर्गत उठता है कहां, सवाल आयुक्त द्वारा निर्धारित किया जाएगा; या प्रश्न का संबंध आयुक्तों द्वारा विभिन्न आयुक्त के क्षेत्राधिकार के भीतर क्षेत्रों से संबंधित एक, या है, जहां वे बोर्ड द्वारा इस समझौते में नहीं हैं.
(5) कोई व्यक्ति प्रश्न में एक आयकर अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में कॉल करने के लिए हकदार होगा -
(क) वह (1) की उप - धारा के तहत एक वापसी बनाया गया है की तारीख से एक महीने की समाप्ति के बाद धारा 139 या जो भी पहले हो मूल्यांकन के पूरा होने के बाद;
(ख) जहां वह (2) की उप - धारा के तहत नोटिस की अनुमति दी द्वारा समय की समाप्ति के बाद, ऐसी कोई रिटर्न दिया है धारा 139 या के तहत खंड 148 वापसी के बनाने के लिए.
एक निर्धारिती प्रश्न में एक आयकर अधिकारी के अधिकार क्षेत्र कहता है जहां उप - धारा के प्रावधानों को (6) विषय (5), तो आयकर अधिकारी, दावे की सत्यता से संतुष्ट नहीं तो उल्लेख होगा उप - धारा के तहत निर्धारण के लिए मामला (4) मूल्यांकन किया जाता है पहले.
(7) इस अनुभाग में किसी बात के होते हुए भी, हर आयकर अधिकारी वह नियुक्त किया जाता है, जिसके लिए क्षेत्र के भीतर किसी भी आय एकत्रित या उत्पन्न होने के संबंध में एक आयकर अधिकारी पर इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन प्रदत्त या प्राप्त सभी अधिकार होगा .
[वित्त अधिनियम, 1966 के द्वारा संशोधित]

