कंपनियों की बैठक में और लेनदारों के निगमों का प्रतिनिधित्व
कंपनियों और ऋणदाताओं की बैठक में निगमों का प्रतिनिधित्व I
113.(1) कोई निगमित निकाय, चाहे वह इस अधिनियम के अर्थ में कंपनी हो या नहीं, -
| (क) | यदि वह इस अधिनियम के अर्थ में किसी कंपनी का सदस्य है, तो अपने निदेशक मंडल या अन्य शासी निकाय के संकल्प द्वारा, ऐसे व्यक्ति को, जिसे वह ठीक समझे, कंपनी की किसी बैठक में या कंपनी के सदस्यों के किसी वर्ग की किसी बैठक में अपने प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगी; | |
| (ख) | यदि वह इस अधिनियम के अर्थ में किसी कंपनी का ऋणदाता है, जिसके अंतर्गत डिबेंचर धारक भी है, तो वह अपने निदेशकों या अन्य शासी निकाय के संकल्प द्वारा ऐसे व्यक्ति को, जिसे वह ठीक समझे, इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए किसी नियम के अनुसरण में या किसी डिबेंचर या ट्रस्ट डीड में निहित उपबंधों के अनुसरण में, जैसी भी स्थिति हो, आयोजित कंपनी के किसी ऋणदाता की किसी बैठक में अपने प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगा। |
(2) उपधारा (1) के अधीन संकल्प द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति, उस निगमित निकाय की ओर से, जिसका वह प्रतिनिधित्व करता है, प्रॉक्सी द्वारा और डाक मतपत्र द्वारा मतदान करने के अधिकार सहित, उन्हीं अधिकारों और शक्तियों का प्रयोग करने का हकदार होगा, जिनका प्रयोग वह निकाय तब कर सकता था यदि वह कंपनी का कोई व्यक्तिगत सदस्य, ऋणदाता या डिबेंचर धारक होता।

