चुनाव के लिए मांग
मतदान की मांग I
109. (1) हाथ उठाकर किसी संकल्प पर मतदान के परिणाम की घोषणा से पहले या उसके बाद, बैठक के अध्यक्ष द्वारा स्वप्रेरणा से मतदान कराने का आदेश दिया जा सकेगा, और उस निमित्त की गई मांग पर उसके द्वारा मतदान कराने का आदेश दिया जाएगा,—
| (क) | यदि कंपनी के पास शेयर पूंजी है, तो सदस्यों द्वारा, जहां अनुमति हो, व्यक्तिगत रूप से या प्रॉक्सी द्वारा उपस्थित होकर, तथा कुल मताधिकार के दसवें भाग से अन्यून हिस्से को धारण करके या ऐसे शेयर धारण करके, जिन पर कुल मिलाकर पांच लाख रुपए से अन्यून राशि या ऐसी उच्चतर राशि, जो विहित की जाए, चुकता की गई है; तथा | |
| (ख) | किसी अन्य कंपनी के मामले में, किसी भी सदस्य या सदस्यों द्वारा, जहां अनुमति हो, व्यक्तिगत रूप से या प्रॉक्सी द्वारा उपस्थित होकर, तथा कुल मतदान शक्ति के दसवें भाग से कम नहीं होने पर। |
(2) मतदान की मांग को मांग करने वाले व्यक्ति द्वारा किसी भी समय वापस लिया जा सकता है।
(3) बैठक के स्थगन या बैठक के अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए मतदान की मांग तुरन्त की जाएगी।
(4) बैठक के स्थगन या अध्यक्ष की नियुक्ति के अलावा किसी अन्य प्रश्न पर मतदान की मांग ऐसे समय पर की जाएगी, जो मांग किए जाने के समय से अड़तालीस घंटे के बाद नहीं होगी, जैसा कि बैठक का अध्यक्ष निर्देश दे।
(5) जहां मतदान कराया जाना है, वहां बैठक का अध्यक्ष मतदान प्रक्रिया और मतदान में दिए गए मतों की जांच करने तथा निर्धारित तरीके से उसके बारे में उसे रिपोर्ट देने के लिए, उतने व्यक्तियों की नियुक्ति करेगा, जितने वह आवश्यक समझे I
(6) इस धारा के उपबंधों के अधीन रहते हुए, बैठक के अध्यक्ष को मतदान कराने के तरीके को विनियमित करने की शक्ति होगी।
(7) मतदान का परिणाम उस प्रस्ताव पर बैठक का निर्णय माना जाएगा जिस पर मतदान किया गया था।

