कर मुक्त आय
धारा 10 आयों जो कर से मुक्त है कि सूची देती है। इस भाग में आप विभिन्न आयो जो धारा 10 के तहत कर से मुक्त है के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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अस्वीकरण: इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।
जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें। |
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कर-मुक्त आय
कृषि आय [धारा 10(1)]
धारा 10(1) के अनुसार, भारत में करदाता द्वारा अर्जित कृषि आय को कर से छूट प्राप्त है। कृषि से आय को आयकर अधिनियम की धारा 2(1क) के अंतर्गत परिभाषित किया गया है। धारा 2(1क) के अनुसार कृषि से आय का सामान्य अर्थ है :
(क) भूमि जो भारत में स्थित हो तथा कृषि के उद्देश्य के लिए प्रयोग की जाती हो, से उत्पन्न कोई किराया अथवा राजस्व
(ख) कृषि उत्पाद जिसे ऐसे उत्पाद की बिक्री अथवा बाजार के लिए सही समझ कर प्रस्तुत किया जाए, के प्रसंस्करण सहित कृषि संचालन द्वारा ऐसी भूमि से अर्जित कोई आय
(ग) धारा 2(1क) में इस संबंध में निर्दिष्ट कुछ शर्तों के पूरे होने के अनुसार फार्म हाउस हेतु आरोप्य कोई आय
नर्सरी में उगे अंकुर अथवा बीज से अर्जित कोई आय कृषि से आय के तौर पर समझी जाएगी
एचयूएफ की आय से एचयूएफ के सदस्य द्वारा अथवा पारिवारिक जायदाद [धारा 10(2)] की आय में से अविभाज्य जायदाद की स्थिति में प्राप्त आय
धारा 10(2) के अनुसार, पारिवारिक आय में से प्राप्त राशि अथवा ऐसे एचयूएफ के किसी सदस्य द्वारा पारिवारिक जायदाद की आय में से प्राप्त अविभाज्य जायदाद राशि की स्थिति में कर से छूट प्राप्त है
[धारा 10(2क)] फर्म से साझेदार द्वारा प्राप्त लाभ का हिस्सा
धारा 10(2क) के अनुसार, फर्म से साझेदार द्वारा प्राप्त लाभ का हिस्सा साझेदार के हाथों कर से मुक्त है। इसके अतिरिक्त, एलएलपी से एलएलपी के साझेदार द्वारा प्राप्त लाभ का हिस्सा ऐसे साझेदार के हाथों कर से मुक्त होगा। यह छूट केवल लाभ के हिस्से हेतु ही सीमित होगा तथा फर्म/एलएलपी से साझेदार द्वारा प्राप्त पूंजी तथा मेंहनताने पर ब्याज लागू नही होगा।
गैर-निवासियों हेतु कुछ ब्याज [धारा 10(4)]
धारा 10(4)(i) के अनुसार, कुछ अधिसूचित प्रतिभूतियों अथवा बांड (ऐसे बांड की ऋणमुक्ति पर प्रमियम के रूप में आय सहित) पर ब्याज के रूप में किसी आय द्वारा गैर-निवासी की स्थिति में कर से छूट मिलती है
धारा 10(4)(ii) के अनुसार, विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम, 1999 तथा उसके अंतर्गत नियम के अनुसार भारत में किसी बैंक में गैर-निवासी (बाहरी) खाते में उसके क्रेटिड हेतु बकाया राशि पर ब्याज के रूप में कोई आय कर से छूट प्राप्त है
धारा 10(4)(iii) के अंतर्गत छूट केवल तब उपलब्ध होगी जब ऐसा व्यक्ति कथित अधिनियम की धारा 2 के वाक्यांश (थ) में परिभाषितानुसार भारत के बाहर रहने वाला व्यक्ति हो अथवा जिसे कथित खाते को अनुरक्षित रखने हेतु भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा स्वीकृति मिली हो
अधिसूचित बचत प्रमाणपत्रों पर ब्याज [धारा 10(4ख)]
धारा 10(4ख) के अनुसार, व्यक्ति की स्थिति में, भारत का निवासी अथवा भारतीय मूल का व्यक्ति होने के नाते, जो गैर निवासी है, केंद्र सरकार द्वारा 1 जून, 2002 से पूर्व जारी अधिसूचित बचत प्रमाणपत्र (परिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में अभिदत्त) पर ब्याज के रूप में कोई आय प्राप्त करता है को कर से छूट प्राप्त होगी
रूपए विमुद्रीकृत बांड पर ब्याज [(धारा 10(4ग)]
एक भारतीय कंपनी/व्यापार द्वारा 17-09-2018 से 31-03-2019 की अवधि के दौरान भारत के बाहर जारी किए गए रूपए विमुद्रीकृत बांड (जैसाकि धारा 194ठग में निर्दिष्ट है) के संदर्भ में एक अनिवासी या विदेशी कंपनी द्वारा प्राप्त किए गए या प्राप्त किए जाने वाले किसी ब्याज पर कोई कर नहीं लगाया जाएगा।
श्रेणी - III एआईएफ द्वारा जीडीआर, रूपए विमुद्रीकृत बांड या यौगिक के स्थानांतरण से आय [(धारा 10(4घ)]
विनिर्दिष्ट निधियाँ इसके द्वारा उपार्जित या उत्पन्न या प्राप्त आय के संबंध में छूट का दावा करने के लिए पात्र होंगी जो एक अनिवासी (भारत में पीई नहीं) या अपतटीय बैंकिंग इकाई के निवेश प्रभाग द्वारा धारित इकाइयों के कारण है। निम्नलिखित आय के संबंध में इस तरह की छूट की अनुमति है:
(क) आईएफएससी में स्थित एक मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर धारा 47(viकख) में संदर्भित पूंजीगत संपत्ति के हस्तांतरण से आय और विचार 'परिवर्तनीय विदेशी मुद्रा' में भुगतान या देय है;
(ख) प्रतिभूतियों के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाली आय (भारत में निवासी कंपनी के शेयरों के अलावा);
(ग) एक अनिवासी द्वारा जारी प्रतिभूतियों से आय (भारत में एक अनिवासी का पीई नहीं है) और जहां ऐसी आय अन्यथा भारत में अर्जित या उत्पन्न नहीं होती है;
(घ) एक प्रतिभूतिकरण ट्रस्ट से आय जो 'व्यवसाय या पेशे से लाभ और लाभ' के तहत प्रभार्य है; या
(ड़) अपतटीय बैंकिंग इकाई के निवेश प्रभाग के कारण होने वाली आय1.
विनिर्दिष्ट निधि' का अर्थ निम्नलिखित निधियों से है:-
(क) अपतटीय बैंकिंग इकाई का निवेश प्रभाग
धारा 80ठक (1क) के तहत संदर्भित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) में स्थित एक अनिवासी की बैंकिंग इकाई का एक निवेश प्रभाग होने के नाते एक अपतटीय बैंकिंग इकाई का एक निवेश प्रभाग निर्दिष्ट निधि के रूप में माना जाएगा यदि यह संतुष्ट करता है निम्नलिखित शर्तें:-
♦ इसे सेबी (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) विनियम, 2019 के तहत श्रेणी-I विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक के रूप में पंजीकरण का प्रमाण पत्र दिया जाना चाहिए;
♦ इसका संचालन 31-03-2030 को या उससे पहले शुरू होना चाहिए; और
♦ इसे निवेश प्रभाग के लिए खातों की अलग-अलग पुस्तकों के रखरखाव सहित निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा।
♦ (ख) वैकल्पिक निवेश कोष
1निर्धारण वर्ष 2022-23 से वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा डाला गया।
एक वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) को निर्दिष्ट कोष माना जाएगा यदि यह निम्नलिखित शर्तों को पूरा करता है: -
♦ इसे एक ट्रस्ट, कंपनी, एलएलपी या निकाय कॉर्पोरेट के रूप में भारत में स्थापित या निगमित किया जाना चाहिए
♦ इसे श्रेणी-III एआईएफ के रूप में पंजीकरण का प्रमाण पत्र दिया जाना चाहिए और सेबी (एआईएफ) विनियम, 2012 या अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण अधिनियम, 2019 के तहत विनियमित है;
♦ एक इकाई जिसे खुदरा योजना या एक्सचेंज ट्रेडेड फंड के रूप में प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है और जो अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण अधिनियम, 2019 के तहत बनाए गए अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (कोष प्रबंधन) विनियम, 2022 के अंतर्गत ऐसी योजनाओं या कोष के लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करती है (आय-वर्ष 2025-26 से प्रभावी)
♦ यह एक अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (एआईएफ) में स्थित होना चाहिए;
♦ प्रायोजक या प्रबंधक द्वारा धारित इकाइयों को छोड़कर यह सभी इकाइयां गैर-निवासियों के पास होनी चाहिए (कुछ शर्तों के अनुसार)
नॉन-डिलिवरेबल फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स, ऑफशोर डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट, ओवर-द-काउंटर डेरिवेटिव्स या ऑफशोर डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट्स पर वितरित आय के हस्तांतरण से अनिवासी की आय [धारा 10(4ड़)]
निम्नलिखित के परिणामस्वरूप किसी अनिवासी द्वारा उपार्जित या उत्पन्न या प्राप्त की गई कोई आय:
(क) गैर-वितरण योग्य फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स या ऑफशोर डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट्स या ओवर-द-काउंटर डेरिवेटिव का स्थानांतरण; या
(ख) अपतटीय डेरिवेटिव दस्तावेजों या ओवर द काउंटर डेरेवेटिव1 पर आय का वितरण, जो धारा 80ठक(1क) में संदर्भित किए गए आईएफएससी की विदेशी बैंकिंग ईकाई या आईएफएसी2 की ईकाई के तौर पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक के साथ किए गए हो
टिप्पणी : विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक का अर्थ भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1922 के अंतर्गत बनाए गए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) नियामक, 2019 के अंतर्गत पंजीकृत एक व्यक्ति
1वित्त अधिनियम, 2025 प्रभावी तिथि 01.04.2026 द्वारा शामिल
2वित्त अधिनियम, 2025 प्रभावी तिथि 01.04.2026 द्वारा शामिल
आईएफएससी इकाई को विमान पट्टे पर देने पर अनिवासी की रॉयल्टी आय [धारा 10(4च)]
एक आईएफएससी इकाई को पिछले वर्ष में विमान या जहाज के पट्टे के कारण एक अनिवासी की रॉयल्टी आय कर से मुक्त होगी यदि ऐसी इकाई उस वर्ष धारा 80ठक के तहत कटौती के लिए पात्र है और उसने अपना परिचालन 31 मार्च 2030 को या उससे पहले शुरू कर दिया है।
पोर्टफोलियो सेवाओं और निर्दिष्ट गतिविधियों से अनिवासी की आय [धारा 10(4छ)]
प्रतिभूतियों या वित्तीय उत्पादों या निधियों के पोर्टफोलियो से अनिवासी द्वारा प्राप्त कोई आय, ऐसे अनिवासी की ओर से किसी पोर्टफोलियो प्रबंधक द्वारा प्रबंधित या प्रशासित। यह छूट तभी उपलब्ध होगी जब किसी अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में अपतटीय बैंकिंग इकाई के साथ बनाए गए खाते में आय उत्पन्न होती है। सीबीडीटी निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा की गई निर्दिष्ट गतिविधि को भी अधिसूचित कर सकता है जो कि धारा 10(4छ) छूट के दायरे में आएगी।
हालाँकि, छूट उस सीमा तक सीमित होगी जो ऐसी आय भारत के बाहर अर्जित या उत्पन्न होती है और इसे भारत में अर्जित या उत्पन्न नहीं माना जाता है।
आईएफएससी में वायुयान पट्टे व्यवसाय में लगी घरेलू कंपनी के शेयरों के हस्तांतरण पर अनिवासियों या आईएफएससी इकाइयों को छूट [धारा 10(4ज)]
धारा 80ठक (1क) में संदर्भित एक अनिवासी या आईएफएससी की इकाई द्वारा अर्जित आय पर छूट की अनुमति है। निम्नलिखित शर्तों के अधीन छूट की अनुमति दी जाएगी:
(क) अनिवासी या आईएफएससी की इकाई मुख्य रूप से किसी विमान या समुद्री जहाज3 को पट्टे पर देने के कारोबार में लगी होनी चाहिए;
(ख) आय एक घरेलू कंपनी के इक्विटी शेयरों के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभ की प्रकृति में होनी चाहिए;
(ग) धारा 80एलए(1ए) में संदर्भित घरेलू कंपनी को आईएफएससी की इकाई होना चाहिए;
(घ) घरेलू कंपनी मुख्य रूप से एक विमान को पट्टे पर देने के कारोबार में लगी होनी चाहिए;
(ड ) घरेलू कंपनी को 31-03-2030 को या उससे पहले अपना परिचालन शुरू करना चाहिए;
3वित्त अधिनियम, 2025 द्वारा शामिल, प्रभावी तिथि 01.04.205
(च) घरेलू कंपनी के इक्विटी शेयरों को इसके परिचालन शुरू होने के 10 वर्षों के भीतर स्थानांतरित किया जाना चाहिए। हालाँकि, अगर घरेलू कंपनी ने 01-04-2024 से पहले अपना परिचालन शुरू किया है, तो 10 साल की समय सीमा 01-04-2024 से गिनी जाएगी।
उपरोक्त उद्देश्यों के लिए "विमान" का अर्थ एक विमान, हेलीकाप्टर, एक इंजन या एक विमान या एक हेलीकाप्टर का हिस्सा और समुद्री जहाज का अर्थ एक समुद्री जहाज या महासागरीय पोत, एक समुद्री जहाज या महासागरीय पोत का इंजन या उसका कोई हिस्सा।
छुट्टी यात्रा रियायत [धारा 10(5)]
एक कर्मचारी छुट्टी यात्रा रियायत के संबंध में धारा 10(5) के अंतर्गत छूट का दावा कर सकता है। धारा 10(5) के अंतर्गत छूट सभी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है (अर्थात् भारतीय साथ ही साथ विदेशी नागरिकों के लिए)
छूट किसी यात्रा रियायत की राशि अथवा भारत में किसी स्थान पर अवकाश पर उसके अग्र गमन के संबंध में स्वयं अथवा पारिवारिक सदस्य के लिए उसके नियोक्ता (पूर्व नियोक्ता सहित) द्वारा कर्मचारी को देय अथवा ली गई सहायता के संबंध में उपलब्घ है। इस संबंध में अन्य प्रावधानों का ध्यान रखना चाहिए जो निम्नानुसार है :
जहां हवाई यात्रा की गई हो : छूट की राशि सबसे छोटे रास्ते अथवा वास्तविक रूप से व्यय की गई राशि के नेशनल कैरियर के इकॉनामी क्लास के हवाई किराये की राशि का न्यूनतम होगा
जहां यात्रा रेल से की गई हो : छूट की राशि सबसे छोटे रास्ते अथवा वास्तविक रूप से व्यय की गई राशि के वातानुकूलित प्रथम श्रेणी रेल किराये की राशि का न्यूनतम होगा। यह नियम वहां लागू होगा जहां यात्रा किसी अन्य जरिए द्वारा की गई हो तथा यात्रा के उद्गम का स्थान तथा गंतव्य रेल द्वारा जुडा हो
जहां उद्गम का स्थान तथा गंतव्य रेल से जुड़ा न हो तथा यात्रा वायुयान को छोड़कर यातायात के किसी अन्य साधन के द्वारा की गई हो
छूट निम्नानुसार होगी
(क) यदि प्राधिकृत सार्वजनिक यातायात मौजूद हो : छूट सबसे छोटे रास्ते अथवा वास्तविक रूप से व्यय की गई राशि के प्रथम श्रेणी अथवा डीलक्स श्रेणी किराये की राशि का न्यूनतम हो।
(ख) यदि कोई प्राधिकृत सार्वजनिक यातायात मौजूद न हो : छूट सबसे छोटे रास्ते (रेल द्वारा यात्रा करने के तौर पर समझा जाएगा) अथवा वास्तविक रूप से व्यय की गई राशि के वातानुकूलित प्रथम श्रेणी रेल किराये की राशि का न्यूनतम होगा
ब्लॉक : छूट 4 वर्षों के खंड में 2 यात्राओं के लिए उपलब्ध है। वर्तमान अवधि के लिए प्रयोजनीय खंड कैलेंडर वर्ष 2014-17 है। पिछला खंड कैलेंडर वर्ष 2010-2013 था।
आगे बढ़ाना : यदि कर्मचारी 4 वर्षों के विशेष खंड में एक अथवा दो स्वीकृत यात्राओं के संबंध में यात्रा रियायत अथवा सहायता का लाभ नही उठाता तो वह अगले खंड में एक यात्रा को आगे बढ़ाने का हकदार होगा। इस स्थिति में, छूट अगले खंड में 3 यात्राओं के लिए उपलब्ध होगी। हालांकि इस लाभ का फायदा लेने के लिए यात्रा के संबंध में छूट अगले खंड के प्रथम कैलेंडर वर्ष में प्रयोग की जानी चाहिए। अन्य शब्दों में, आगे बढ़ाने की स्थिति में, छूट खंड में 3 यात्राओं के संबंध में उपलब्ध है बशर्तें उपलब्ध कराया जाए कि कम से कम 1 यात्रा के संबंध में छूट का अगले खंड के प्रथम वर्ष में दावा किया गया हो।
किराये पर वास्तविक व्यय के संबंध में छूट, यद्यपि, यदि कोई यात्रा नही की जाती तो कोई छूट उपलब्ध नही है
परिवार : परिवार में जीवनसाथी तथा व्यक्ति के बच्चे शामिल होंगे चाहे आश्रित हो अथवा नही तथा व्यक्ति के माता-पिता, भाई, बहन तथा इनमें से कोई भी जो उस पर पूर्णता अथवा मुख्य रूप से आश्रित हो
छूट 1 अक्टूबर, 1998 (पहले बच्चे के पश्चात् विभिन्न जन्म केवल एक बच्चे के तौर पर समझा जाएगा) के पश्चात् जन्मे केवल 2 आश्रित बच्चों तक सीमित है। हालांकि ऐसी बाध्यता 1 अक्टूबर, 1998 से पहले जन्मे बच्चों के लिए लागू नही है।
निर्दिष्ट राजनायिक तथा उनके स्टाफ द्वारा प्राप्त मेहनताना [धारा 10(6)(ii)]
[धारा 10(6)(ii) के अनुसार व्यक्ति जो भारत का नागरिक नहीं है, दूतावास, उच्चायोग, दूतावास, आयोग का अधिकारी (जो भी नाम हो), विदेशी राज्य का वाणिज्य दूतावास अथवा व्यापार प्रतिनिधि अथवा कोई भी उस अधिकारी के स्टाफ के सदस्य को उसके द्वारा प्राप्त मेहनताना कर से छूट प्राप्त है। यदि उस विदेशी राष्ट्र में अनुरूपी भारतीय अधिकारी समान प्रकार की छूट प्राप्त कर रहा हो
विदेशी कर्मचारी तथा समूह के गैर-निवासी सदस्य का वेतन [धारा 10(6)(vi), (viii)]
धारा 10(6)(vi) के अनुसार, भारत में रहने के दौरान उसके द्वारा प्रतिपादित सेवा के लिए विदेशी कंपनी के कर्मचारी के तौर पर विदेशी नागरिक द्वारा प्राप्त मेहनताना कर से छूट प्राप्त है बशर्तें निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती हों
(क) विदेशी कंपनी भारत में किसी व्यापार अथवा ट्रेड में संलग्न नहीं है
(ख) भारत में उसका रहना ऐसे वर्ष में कुल 90 दिनों की अवधि से अधिक न हो; और
(ग) ऐसा मेहनताना कर्मचारी की आय से कटौती के लिए उत्तरदायी नही है
धारा 10(6)(viii) के अनुसार, विदेशी जहाज जहां भारत में उसका निवास वर्ष में कुल 90 की अवधि से अधिक न हो पर उसकी नियुक्ति के संबंध में प्रतिपादित सेवा के लिए गैर-निवासी विदेशी नागरिक को प्राप्त अथवा देय कोई आय कर से छूट प्राप्त है
विदेशी प्रशिक्षु का मेहनताना [धारा 10(6)(xi)
[धारा 10(6)(xi) के अनुसार, किसी प्रतिष्ठान अथवा कार्यालय अथवा निम्न द्वारा किसी उपक्रम में उसके प्रशिक्षण के संबंध में भारत में रहने के दौरान विदेशी सरकार के कर्मचारी के तौर पर विदेशी प्रशिक्षु द्वारा प्राप्त मेहनताना
i सरकार अथवा
ii केंद्र सरकार अथवा किसी राज्य सरकार के स्वामित्व वाली कोई कंपनी
iii कोई कंपनी जो मद (ii) में संदर्भित कंपनी की अधीनस्थ हो
iv केंद्र, राज्य अथवा प्रांतीय अधिनियम के अंतर्गत अथवा संस्थापित कोई कॉर्पोरेशन द्वारा
v केद्र सरकार अथवा किसी राज्य सरकार द्वारा पूर्ण रूप से वित्त पोषित कोई सहकारी संस्था
तकनीकी सेवा के लिए शुल्क अथवा रॉयल्टी के रूप में व्युत्पत्ति आय विदेशी कंपनी की ओर से दिया गया कर [धारा 10(6क)]
31 मार्च, 1976 को लेकिन 1 जून 2002 से पहले किए गए समझौते के अनुसरण में तकनीकी सेवा के लिए शुल्क अथवा रॉयल्टी के रूप में व्युत्पत्ति आय विदेशी कंपनी की ओर से भारतीय संस्था अथवा केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार द्वारा दिया गया कर ऐसी विदेशी कंपनी के हाथों में कर से मुक्त होगा बशर्तें उपलब्ध कराया जाए कि ऐसा समझौता भारत सरकार की औद्योगिक नीति के अनुसार है अथवा केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित है
विदेशी कंपनी अथवा अन्य आय के संबंध में गैर-निवासी की ओर से दिया गया कर [धारा 10(6ख)]
केंद्र सरकार, राज्य सरकार अथवा विदेशी कंपनी की ओर से भारतीय संबंधी अथवा किसी आय (बेतन, प्राप्त धन अथवा तकनीकी सेवाओं के, शुल्क न हो) के संबंध में गैर-निवासी द्वारा दिया गया कर ऐसी विदेशी कंपनी अथवा गैर-निवासी के हाथों कर से छूट प्राप्त होगा यदि ऐसी आय विदेशी राज्य अथवा अंतर्राष्ट्रीय संगठन की सरकार अथवा केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित अन्य कोई संबंधित समझौता केंद्र सरकार द्वारा 1 जून 2002 से पूर्व किए गए समझौते के अनुसार प्राप्त हो।
एयरक्राफ्ट अथवा एयरक्राफ्ट इंजन की पट्टेदारी के रूप में विदेशी उद्यम व्युत्पत्ति आय अथवा विदेशी सरकार की ओर से दिया गया कर [धारा 10(6खख)]
एयरक्राफ्ट अथवा एयरक्राफ्ट इंजन की पट्टेदारी के रूप में विदेशी उद्यम व्युत्पत्ति आय अथवा विदेशी सरकार की ओर से एयरक्राफ्ट के संचलान के व्यापार में संलग्न भारतीय कंपनी द्वारा दिया गया कर ऐसी विदेशी सरकार अथवा विदेशी उद्यम के हाथों कर से छूट प्राप्त होगा यदि ऐसी पट्टेदारी किराया ऐसे समझौते के अंर्तगत प्राप्त किया जाता हो जिसे केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया हो तथा 31-3-2007 के पश्चात् अथवा 31-3-1997 से 1-4-1999 के बीच की अवधि के बीच किया गया हो
अधिसूचित विदेशी कंपनी द्वारा प्राप्त तकनीकी शुल्क [धारा 10(6ग)]
धारा 10(6ग) भारतीय सुरक्षा के साथ संबंधित परियोजनाओं में भारत में अथवा बाहर से सेवा प्रदान करने के लिए उस सरकार के साथ किए गए समझौते के अनुसार प्राप्त तकनीकी सेवा के लिए शुल्क अथवा रॉयल्टी के रूप में अधिसूचित विदेशी कंपनी हेतु अर्जित आय के संबंध में कर से छूट प्रदान की जाती है
राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन से अनिवासी द्वारा प्राप्त रॉयल्टी/शुल्क [धारा 10(6घ)]
धारा 10(6घ) के अनुसार, राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ) को दी गई सेवा से तकनीकी सेवाओं के लिए रायल्टी या शुल्क के रूप में अनिवासी हेतु उत्पन्न आय भारत में कर से करमुक्त होगी।
भारत के बाहर सरकारी कर्मचारी हेतु भत्ते/अनुलाभ [धारा 10(7)]
धारा 10(7) के अनुसार, भारत से बाहर सेवा प्रतिदान करने के लिए भारतीय नागरिक हेतु सरकार द्वारा भारत से बाहर ऐसी स्वीकृत अथवा दिया गया कोई भत्ता अथवा प्रतिदान कर से मुक्त है
सहकारी तकनीकी सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत विदेशी सरकार के कर्मचारी की आय [धारा 10(8)]
धारा 10(8) के अनुसार, केंद्र सरकार तथा ऐसी विदेशी सरकार द्वारा किए गए समझौते के अनुसार परियोजना तथा सहकारी तकनीकी सहायता कार्यक्रम के संबंध में विदेशी सरकार द्वारा प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त मेहनताना कर से मुक्त है। इसके अतिरिक्त, छूट ऐसे व्यक्ति की किसी आय के संबंध में उपलब्ध होती है जो भारत से बाहर प्राप्त अथवा अर्जित होती है तथा जिसे भारत से बाहर प्राप्त अथवा अर्जित आय के तौर पर नही समझा जाता है ऐसे व्यक्ति को विदेशी सरकार को आयकर/सामाजिक सुरक्षा का भुगतान करना आपेक्षित है
गैर-निवासी सलाहकार/उसके विदेशी कर्मचारी द्वारा प्राप्त मेहनताना अथवा शुल्क [धारा 10(8क), (8ख)]
धारा 10(8क) के अनुसार, (क) विदेशी सरकार तथा ऐसे संगठन के बीच हुए तकनीकी सहायता समझौते के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय संगठन हेतु उपलब्ध कराए गए कोष में से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से सलाहकार * द्वारा प्राप्त मेहनताना अथवा शुल्क तथा (ख) अन्य कोई आय जो भारत से बाहर उसने प्राप्त अथवा अर्जित की हो तथा भारत से बाहर प्राप्त अथवा अर्जित आय के तौर पर नही समझी जाती, ऐसे सलाहकार के संबंध में जिसे अपने उद्गम देश की विदेशी सरकार को आयकर/सामाजिक सुरक्षा कर का भुगतान करना आपेक्षित हो, कर से मुक्त है
* सलाहकार अर्थात् कोई व्यक्ति जो चाहे भारत का नागरिक नही हो अथवा भारत के निवासी के तौर पर भारत में सामान्य निवासी न हो अथवा अन्य कोई व्यक्ति जो गैर-निवासी हो तथा केद्र सरकार तथा कथित अंतर्राष्ट्रीय संगठन द्वारा किए गए समझौते के अनुसार भारत में तकनीकी सेवा प्रतिदाय करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठन द्वारा संलग्न हो तथा सलाहकार की संलग्नता से संबंधित समझौता निर्धारित प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित किया गया हो
धारा 10(8ख) उक्त चर्चित सलाहकार के कर्मचारी को समान प्रकार की छूट प्रदान करता है यदि ऐसा कर्मचारी चाहे भारत का नागरिक न हो अथवा भारत का नागरिक होने के नाते भारत में सामान्य निवासी न हो तथा उसकी सेवा का अनुबंध उसकी सेवा के प्रारंभ होने से पूर्व निर्धारित प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित की जाती है
सहकारी तकनीकी सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत सेवारत कर्मचारी के पारिवारिक सदस्य की आय [धारा 10(9)]
धारा 10(9) के अनुसार, धारा 10(8)/(8क)/(8ख) में संदर्भितानुसार ऐसे किसी व्यक्ति के परिवार के किसी सदस्य, भारत तक उसके साथ में, की आय, जो भारत से बाहर प्राप्त अथवा अर्जित होती है तथा ऐसे सदस्य के संबंध में भारत से बाहर प्राप्त अथवा अर्जित आय नही समझी जाएगी जिसे ऐसे सदस्य के उद्गम के उस विदेशी राज्य अथवा राष्ट्र की सरकार हेतु कोई आय अथवा समाजिक सुरक्षा कर का भुगतान करना आपेक्षित हो, जो भी स्थिति हो, कर से मुक्त होगी
सरकारी कर्मचारी द्वारा प्राप्त मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति आनुतोषिक [धारा 10(10)(i)]
धारा 10(10)(i) सरकारी कर्मचारी (अर्थात् केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार अथवा स्थानीय सरकार) द्वारा प्राप्त आनुतोषिक हेतु छूट प्रदान कराता है
आनुतोषिक अधिनियम, 1972 के भुगतान के अंतर्गत आने वाले गैर-सरकारी कर्मचारियों द्वारा प्राप्त आनुतोषिक [धारा 10(10)(ii)]
धारा 10(10)(ii) के अनुसार, आनुतोषिक अधिनियम, 1972 के भुगतान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी की स्थिति में आनुतोषिक के संबंध में छूट निम्नलिखित की कम होगी
• 15 दिन का वेतन × सेवा के वर्ष
• निर्दिष्ट अधिकतम राशि अर्थात् रू. 20,00,000*
• वास्तविक रूप से प्राप्त आनुतोषिक
• अधिसूचना सं. 1420(ई), दिनांक 29.03.2018 के द्वारा सीमा को रू. 10 लाख से रू. 20 लाख तक बढ़ाया गया है।
टिप्पणी :
1) 15 दिनों के वेतन के स्थान पर केवल 7 दिनों के वेतन को मियादी प्रतिष्ठान के कर्मचारी की स्थिति में विचार किया जाएगा
2) 15 दिन का वेतन = अंतिम आहरित वेतन × 15/26
3) इस उद्देश्य के लिए वेतन में केवल मूल वेतन तथा मंहगाई भत्ता शामिल होगा। मूल वेतन तथा मंहगाई भत्ते को छोड़कर अन्य मदें विचारनीय नही होगी
4) मात्रानुपाती दर वाले कर्मचारी की स्थिति में 15 दिनों का वेतन उसकी सेवा की समाप्ति के तुरंत उत्तरगामी से तीन महीनों की अवधि के लिए प्राप्त कुल पारिश्रमिक (ओवर टाइम पारिश्रमिक को छोडकर) के औसत के आधार पर आंकी जाएगी
5) 6 महीने के अतिरिक्त में वर्ष के भाग को एक संपूर्ण वर्ष के तौर पर लिया जाएगा
आनुतोषिक अधिनियम, 1972 के भुगतान के अंतर्गत न आने वाले गैर-सरकारी कर्मचारी द्वारा प्राप्त आनुतोषिक [धारा 10(10)(iii)]
धारा 10(10)(iii) के अनुसार, आनुतोषिक अधिनियम, 1972 के भुगतान के अंतर्गत न आने वाले कर्मचारी की स्थिति में आनुतोषिक के संबंध में छूट निम्नलिखित की कम होगी
• सेवा के प्रत्येक पूर्ण वर्ष के लिए आधे माह का वेतन अर्थात् (औसत माह का वेतन × 1/2) × सेवा के पूर्ण वर्ष
• रू. 10,00,000
• वास्तविक रूप से प्राप्त आनुतोषिक
टिप्पणी :
1) औसत मासिक वेतन सेवानिवृत्ति के माह के तुरंत उत्तरगामी 10 माह के लिए वेतन के औसत के आधार पर आंकी जाएगी
2) इस उद्देश्य के लिए वेतन में मूल वेतन, मंहगाई भत्ता, यदि सेवा की शर्तें प्रदान की जाए तथा कर्मचारी द्वारा प्राप्त कारोबार का निश्चित प्रतिशत पर आधारित कमीशन शामिल होगा
3) सेवा के वर्षों की गणना के दौरान वर्ष के किसी खंड को नजरअंदाज किया जाएगा
पेंशन [धारा 10(10क)]:
धारा 10(10क) के अनुसार, कोई रूपांतरित पेंशन, अर्थात् मासिक पेंशन के स्थान पर संचित पेंशन सरकारी कर्मचारी द्वारा प्राप्त की जाती है तो कर से पूर्णता मुक्त होगी। छूट केवल रूपांतरित पेंशन के संबंध में उपलब्ध है तथा गैर-रूपांतरित अर्थात् मासिक पेंशन के संबंध में उपलब्ध नही है। गैर-सरकारी कर्मचारी की स्थिति में रूपांतरित पेंशन के सबंध में छूट निम्नानुसार होगी
• यदि कर्मचारी आनुतोषिक प्राप्त करता है, तो रूपांतरित पेंशन की पूर्ण राशि का एक तिहाई धारा 10(10क) के अंतर्गत कर से छूट मुक्त होगा
• यदि कर्मचारी आनुतोषिक प्राप्त नही करता है, तो रूपांतरित पेंशन की पूर्ण राशि का एक तिहाई धारा 10(10क) के अंतर्गत कर से छूट मुक्त होगा
अवकाश वेतन [धारा 10(10कक)]
धारा 10(10कक) के अनुसार सेवानिवृत्ति (चाहे पेंशन पर हो अथवा अन्यथा) के समय सरकारी कर्मचारी द्वारा अवकाश नकदीकरण कर हेतु मुक्त होगा। गैर-सरकारी कर्मचारी के हाथों छूट निम्नलिखित का कम से कम होगी
1. सेवानिवृत्ति (*) × औसत मासिक वेतन ($) के समय कर्मचारी के खाते में क्रेटिड हेतु अर्जित अवकाश बकाए की अवधि
2. औसत मासिक वेतन ($) × 10 (अर्थात् 10 माह का औसत वेतन)
3. सरकार द्वारा निर्दिष्टानुसार अधिकतम राशि अर्थात् रू. 3,00,000
4. सेवानिवृत्ति के समय प्राप्त वास्तविक रूप से अवकाश नकदीकरण
(*) सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी के खाते में अवकाश क्रेटिड सेवा के प्रति वर्ष 30 दिनो तक सीमित होना चाहिए यदि सेवा नियमों के अनुसार अवकाश नगदीकरण वास्तविक सेवा के वर्ष के अनुसार 30 दिनों से अधिक होता है
($) उक्त उद्देश्य के लिए वेतन का अर्थ सेवानिवृत्ति (अर्थात सेवा निवृत्ति के दिनों से पहले) के तुरंत उत्तरगामी पिछले दस महीनों में आहरित औसत वेतन है तथा इसमें मूल वेतन, मंहगाई भत्ता (यदि सभी सेवानिवृत्ति लाभों की गणना के लिए विचार किया गया हो) तथा कर्मचारी द्वारा उपार्जित कारोबार के निश्चित प्रतिशत पर आधरित कमीशन शामिल है
उक्त मद के अलावा इस उद्देश्य के लिए वेतन में अन्य कोई भत्ता अथवा अनुलाभ शामिल नही होगा
छंटनी मुआवजा (धारा 10(10ख)
(धारा 10(10ख) के अनुसार, छंटनी के समय प्राप्त मुआवजा निम्नलिखित की निम्न सीमा हेतु कर से छूट प्राप्त है
(क) औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 25च(ख) के प्रावधानों के अनुसार आंकी गई राशि अथवा
(ख) केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट अधिकतम राशि (रू. 5,00,000)
(ग) वास्तविक प्राप्त राशि
औद्योगिक विवाद अधिनियम के अंतर्गत, एक श्रमिक निरंतर सेवा के प्रति पूर्ण वर्ष अथवा छह महीने से अधिक में किसी भाग के लिए 15 दिनों के औसत वेतन के समान छंटनी मुआवजा पाने का हकदार है
उक्त कथित सीमा के अतिरिक्त मुआवजा वेतन के अनुसार करयोग्य है। हालांकि उक्त कथित सीमा उस स्थिति में लागू नही होती जहां मुआवजा केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित किसी योजना के अंतर्गत दिया जाता है
भोपाल गैस रिसाव त्रासदी के लिए मुआवजा [धारा 10(10खख)]
भोपाल गैस रिसाव त्रासदी के पीड़ितों द्वारा प्राप्त मुआवजा (भोपाल गैस रिसाव त्रासदी (दावों का प्रसंस्करण) अधिनियम, 1985) कर से छूट प्राप्त है। हालांकि किसी व्यय जिसे करयोग्य आय से छूट प्राप्त है, के लिए प्राप्त छूट, को छूट नही मिलेगी
किसी त्रासदी के कारण मुआवजा [धारा 10(10खग)]
किसी त्रासदी के कारण मुआवजा व्यक्ति अथवा उसके कानूनी वारिस द्वारा केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार अथवा स्थानीय सरकार द्वारा प्राप्त कोई राशि कर से मुक्त है। हालांकि परिमाण तक प्राप्त की गई अथवा प्राप्तयोग्य राशि के संबंध में कोई कटौती उपलब्ध नही है। ऐसे व्यक्ति अथवा उसका कानूनी वारिस ऐसी त्रासदी के कारण से उत्पन्न हानि अथवा क्षतिग्रस्त के कारण अधिनियम के अंतर्गत कटौती की स्वीकृति दी गई है। यहां त्रासदी का अर्थ है किसी प्राकृतिक अथवा मानव के कारण अथवा दुर्घटनावश/लापरवाही के कारण कोई त्रासदी जिसके परिणामस्वरूप जान-माल की हानि अथवा पर्यावरण की हानि हुई हो तथा ऐसी त्रासदी का परिमाण प्रभावित क्षेत्र के समुदाय की मुकाबला करने की क्षमता से परे हो
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के समय भुगतान [धारा 10(10ग)]
[धारा 10(10ग)] के अनुसार, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति अथवा सेवा समाप्ति के समय प्राप्त कोई मुआवजा कर से छूट प्राप्त होगा यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है
• स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति अथवा समाप्ति (अथवा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी की स्थिति में, स्वैच्छिक पृथकीकरण के समय) के समय प्राप्त मुआवजा
• निम्नलिखित उपक्रमों के कर्मचारी द्वारा प्राप्त मुआवजा
क) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी अथवा
ख) अन्य कोई कंपनी अथवा
ग) केंद्र, राज्य अथवा प्रांतीय अधिनियम के अंतर्गत संस्थापित एक प्राधिकरण अथवा
घ) एक स्थानीय प्राधिकरण अथवा
ड) एक सहकारी संस्था अथवा
च) केंद्र, राज्य अथवा प्रांतीय अधिनियम के अंतर्गत अथवा के द्वारा निगमित अथवा संस्थापित विश्वविद्यालय तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, 1956 (1956 की 3) की धारा 3 के अंतर्गत विश्वविद्यालय के तौर पर घोषित संस्थान अथवा
छ) प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 1961 (1961 की 59) की धारा 3 के वाक्यांश (छ) के अर्थ के अंतर्गत निहित एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान अथवा
ज) कोई राज्य सरकार अथवा
झ) केंद्र सरकार अथवा
ञ) भारत में अथवा किसी अन्य राज्य अथवा राज्यों में महत्वपूर्ण अधिसूचित संस्थान
ट) प्रबंधन के अधिसूचित संस्थान
• मुआवजा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति/अलगाव की योजना के अनुसार प्राप्त होता है जिसे आयकर अधिनियम, 1962* के नियम 2खक के अंतर्गत निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार बनाया गया है
• छूट की अधिकतम राशि रू. 5,00,000 है
• जहां छूट किसी निर्धारण वर्ष के लिए धारा 10(10ग) के अंतर्गत कर्मचारी के लिए स्वीकृत है इस धारा के अंतर्गत कोई छूट अन्य किसी निर्धारण वर्ष के लिए उसे स्वीकृत नही की जाएगी
• प्रभावी निर्धारण वर्ष 2010-11 से, धारा 10(10ग) यह प्रदान करने के लिए संशोधित किया गया है कि जहां उसकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति अथवा सेवा की समाप्ति अथवा स्वैच्छिक अलगाव पर प्राप्त हुई अथवा प्राप्ययोग्य किसी राशि के संबंध में किसी निर्धारण वर्ष के लिए धारा 89 के अंतर्गत निर्धारिती हेतु कोई राहत प्रदान की गई है वहां धारा 10(10ग) के अंतर्गत कोई छूट ऐसे अथवा अन्य किसी निर्धारण वर्ष के संबंध में उसे की जाएगी
आयकर नियम, 1962 के नियम 2खक के अंतर्गत निर्धारित दिशा-निर्देश
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना निम्नलिखित दिशा-निर्देशों के अनुसार बनाई गई है :
i यह उस कर्मचारी पर लागू होगी जिसने 10 वर्ष की सेवा अथवा 40 वर्ष की आयु पूरी की है। यह अनिवार्यता ऐसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी द्वारा बनाई गई स्वैच्छिक अलगाव की योजना के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के कर्मचारी द्वारा प्राप्त राशि की स्थिति में नही है।
ii यह कंपनी अथवा प्राधिकरण अथवा सहकारी संस्था, जो भी स्थिति हो, के श्रमिकों तथा प्रबंधकर्ता सहित सभी कर्मियों (जो भी नाम हो) पर लागू होनी चाहिए, कंपनी अथवा एक सहकारी संस्था के निदेशक को छोड़कर
iii स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की योजना अथवा स्वैच्छिक अलगाव कर्मचारियों की मौजूदा क्षमता में समग्र कमी के परिणामस्वरूप आहरित होनी चाहिए
iv स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति अथवा स्वैच्छिक अलगाव के कारण रिक्ति नही भरी जानी है
v कंपनी के सेवानिवृत्ति हो रहे कर्मचारी किसी उस प्रबंधन से संबंधित अन्य कंपनी अथवा संस्था में नियोजित नही किया जाएगा
vi कर्मचारी की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति अथवा स्वैच्छिक अलगाव के कारण प्राप्त राशि निम्न के समकक्ष राशि से अधिक नही होता
- सेवा के प्रत्येक पूर्ण वर्ष के लिए 3 माह का वेतन *
- सेवानिवृत्ति के समय वेतन जिसे उसकी सेवानिवृत्ति से पहले बचे हुए शेष महीने द्वारा गुणा किया जाएगा
* इस उद्देश्य के लिए वेतन में मूल वेतन, मंहगाई भत्ता, यदि सेवा की शर्तें प्रदान की जाए तथा कर्मचारी द्वारा प्राप्त कारोबार का निश्चित प्रतिशत पर आधारित कमीशन शामिल होगा
कर्मचारी द्वारा दिए गए अनुलाभ पर कर [धारा 10(10गग)]
कर्मचारी हेतु अनुलाभ का अर्थ है कर्मचारी को नियोक्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई कोई सुविधा। यहां दो प्रकार के अनुलाभ होते है अर्थात् मौद्रिक अथवा गैर-मौद्रिक। अनुलाभ की राशि कर्मचारी के हाथों कर हेतु वसूली जाती है, हालांकि नियोक्ता अपनी मर्जी से ऐसे अनुलाभ पर कर (कर्मचारी की ओर से) दे सकता है। ऐसी स्थिति में कर्मचारी की ओर से नियोक्ता द्वारा ऐसे अनुलाभ पर दिए गए कर की राशि कर्मचारी की आय के तौर पर समझी जाएगी तथा उसके हाथों (अर्थात् कर्मचारी के) कर हेतु प्रभारित होता है। हालांकि धारा 10(10गग) के आधार पर गैर-मौद्रिक अनुलाभ पर नियोक्ता (कर्मचारी की ओर से) द्वारा दिया गया कर कर्मचारी के हाथों में कर से मुक्त होगा।
नियोक्ता द्वारा दिया गया ऐसा कर धारा 40 के अंतर्गत नियोक्ता के हाथों कटौतीयोग्य व्यय के तौर पर स्वीकृत नही होगा। धारा 10(10गग) गैर-मौद्रिक अनुलाभ पर केवल कर के संबंध में छूट प्रदान करता है। अन्य शब्दों में यह धारा मौद्रिक अनुलाभ पर दिए गए कर अथवा अनुलाभ के संबंध में छूट प्रदान नही करता
जीवन बीमा पॉलिसी पर दी गई राशि [धारा 10(10घ)]
धारा 10(10घ) के अनुसार, बोनस सहित एक जीवन बीमा पॉलिसी के अंतर्गत प्राप्त राशि कर से मुक्त है। इस संबंध में निम्नलिखित बिंदुओं को ध्यान में रखना चाहिए
• छूट जीवन बीमा पॉलिसी से प्राप्त राशि के संबंध में उपलब्ध है
• धारा 10(10घ) कें अंतर्गत छूट पॉलिसी के लिए प्राप्त राशि के संबंध में बिना शर्त के उपलब्ध है जो 31 मार्च, 2003 को अथवा पूर्व जारी की गई है। हालांकि 1 अप्रैल, 2003 को अथवा इसके पश्चात् जारी पॉलिसी के संबंध में छूट केवल तब उपलब्ध होगी जब किसी वित्त वर्ष में ऐसी पॉलिसी पर दिए गए प्रीमियम की राशि वास्तविक कैपिटल सम एशोयर्ड के 20 प्रतिशत (1 अप्रैल, 2012 को अथवा पश्चात् ली गई पॉलिसी के संबंध में 10 प्रतिशत) से अधिक न हो। प्रभावी तिथि 1-4-2013 से धारा 80घघख के अंतर्गत निर्दिष्ट बीमारी से पीड़ित एक व्यक्ति के नाम पर अथवा धारा 80प के अंतर्गत निर्दिष्ट विकलांगता से पीड़ित एक व्यक्ति के नाम पर ली गई पॉलिसी के संबंध में सीमा कैपिटल सम एशोयर्ड के 15 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी।
• प्रीमियम की राशि वापस देने के लिए सहमत अथवा बोनस के रूप में कोई लाभ (अथवा अन्य), कुल वास्तविक एशोयर्ड के अतिरिक्त, जो किसी व्यक्ति द्वारा पॉलिसी के अंतर्गत प्राप्त की जाती है, वास्तविक कैपिटल सम एशोयर्ड की गणना के दौरान विचार नही किया जाएगा।
• व्यक्ति की मृत्यु पर प्राप्त राशि किसी शर्त के बिना छूट हेतु जारी रहेगी
टिप्पणी 1: प्रमुख बीमा पॉलिसी के अंतर्गत अथवा धारा 80घघ(3) के अंतर्गत प्राप्त किसी राशि के संबंध में कोई छूट उपलब्ध नही होगी
टिप्पणी 2: प्रभावी आकलन वर्ष 2021-22, यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) से प्राप्त कोई भी राशि छूट के लिए पात्र नहीं है यदि ऐसा ULIP 01-02-2021 को या उसके बाद जारी किया गया हो और पिछले वर्ष के दौरान देय प्रीमियम की राशि ऐसी पॉलिसी की अवधि 2,50,000 से अधिक है। इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति द्वारा 01-02-2021 को या उसके बाद जारी एक से अधिक यूलिप के लिए प्रीमियम देय है, तो धारा 10(10घ) के तहत छूट उन यूलिप के संबंध में उपलब्ध होगी, जहां प्रीमियम की कुल राशि इनमें से किसी भी पॉलिसी की अवधि के दौरान किसी भी पिछले वर्ष में 2,50,000 रुपये से अधिक नहीं है।
टिप्पणी 3: प्रभावी निर्धारण वर्ष 2024-25, 01-04-2023 को या उसके बाद जारी जीवन बीमा पॉलिसियों (यूलिप को छोड़कर) के संबंध में कोई छूट उपलब्ध नहीं होगी यदि पॉलिसी की अवधि के दौरान किसी भी वर्ष के लिए देय प्रीमियम रु. 5 लाख है। इसके अलावा, यदि एक व्यक्ति द्वारा एक से अधिक जीवन बीमा पॉलिसी के लिए प्रीमियम देय है, तो छूट केवल उन जीवन बीमा पॉलिसियों (यूलिप के अलावा) के लिए उपलब्ध होगी, जहां प्रीमियम की कुल राशि उन नीतियों में से किसी की अवधि के दौरान पिछले वर्षों में 5 लाख रुपये से अधिक नहीं है।
टिप्पणी 4: किसी व्यक्ति की मृत्यु पर या अंतर्राष्ट्रीय वित्त सेवा केंद्र बीमा कार्यालय द्वारा जारी जीवन बीमा पॉलिसी जिसमें ऐसी पॉलिसी पर बोनस के रूप में आवंटित राशि शामिल है, के अंतर्गत राशि प्राप्त होने पर उपरोक्त लागू नहीं होगा।
उक्त उद्देश्य के लिए, अंतर्राष्ट्रीय वित्त सेवा केंद्र बीमा कार्यालय का वही अर्थ होगा जैसा उक्त उद्देश्य के लिए, अंतर्राष्ट्रीय वित्त सेवा केंद्र बीमा कार्यालय का वही अर्थ होगा जैसा अंतर्राष्ट्रीय वित्त सेवा केंद्र प्राधिकरण अधिनियम, 2019 के अंतर्गत किए गए अंतर्राष्ट्रीय वित्त सेवा केंद्र प्राधिकरण (बीमा मध्यस्त) नियामक, 2021 के नियामक 3 के उप-नियामक (1) के वाक्यांश (ट) में निर्दिष्ट किया गया है।
सार्वजनिक भविष्य निधि /सांविधिक भविष्य निधि/प्राधिकृत भविष्य निधि/गैर-प्राधिकृत भविष्य निधि से प्राप्त राशि के संबंध में छूट [धारा 10(11)/(12)]
विभिन्न भविष्य निधि की स्थिति में विभिन्न मदों का कर उपचार निम्नानुसार होगा :
सांविधिक भविष्य निधि
| नियोक्ता योगदान | ऐसे कोष हेतु नियोक्ता योगदान कर्मचारी की आय के तौर पर नही समझा जाता है |
| ब्याज | ऐसे कोष हेतु दिया गया ब्याज कर्मचारी के हाथों छूट से मुक्त है [टिप्पणी 4 देखें] |
| समाप्ति के समय प्राप्त राशि | सेवा की समाप्ति के समय ऐसे कोष से प्राप्त एकमुश्त राशि कर्मचारी के हाथों छूट मुक्त होती है |
4वित्त अधिनियम, 2025 द्वारा शामिल, 01.04.2025 से प्रभावी
प्राधिकृत भविष्य निधि
| नियोक्ता योगदान | योगदान ऐसे कोष हेतु नियोक्ता योगदान वेतन के 12 प्रतिशत तक कर्मचारी की आय के तौर पर नही समझा जाता है (टिप्पणी 1 देखें) |
| ब्याज | 9.5 प्रति वर्ष तक ऐसे कोष हेतु दिया गया ब्याज कर्मचारी के हाथों छूट से मुक्त है, 9.5 प्रतिशत के अतिरिक्त ब्याज कर्मचारी के हाथों कर हेतु प्रभारित है [टिप्पणी 4 देखें] |
| समाप्ति के समय प्राप्त राशि | यदि कुछ शर्तें पूरी की जाती है तो सेवा की समाप्ति के समय ऐसे कोष से प्राप्त एकमुश्त राशि कर्मचारी के हाथों छूट मुक्त होती है (टिप्पणी 2 देखें) |
गैर-प्राधिकृत भविष्य निधि
| नियोक्ता योगदान | ऐसे कोष हेतु नियोक्ता योगदान कर्मचारी की आय के तौर पर नही समझा जाता है |
| ब्याज | ऐसे कोष हेतु दिया गया ब्याज कर्मचारी के हाथों छूट से मुक्त है [टिप्पणी 4 देखें] |
| समाप्ति के समय प्राप्त राशि | (टिप्पणी 3 देखें) |
सार्वजनिक भविष्य निधि
| नियोक्ता योगदान | ऐसे कोष हेतु नियोक्ता योगदान नही करता |
| ब्याज | ऐसे कोष हेतु दिया गया ब्याज छूट प्राप्त है |
| समाप्ति के समय प्राप्त राशि | सेवा की समाप्ति के समय ऐसे कोष से प्राप्त एकमुश्त राशि कर से मुक्त होती है |
टिप्पणी :
1. इस उद्देश्य के लिए वेतन में मूल वेतन, मंहगाई भत्ता, यदि सेवा की शर्तें प्रदान की जाए तथा कर्मचारी द्वारा प्राप्त कारोबार का निश्चित प्रतिशत पर आधारित कमीशन शामिल होगा
2. प्राधिकृत भविष्य निधि द्वारा दिया गया संचित शेष निम्नलिखित स्थितियों में कर से छूट प्राप्त होगा
(क) यदि कर्मचारी 5 वर्षों अथवा अधिक की निरंतर सेवा को प्रतिपादित करता है। यदि संचित शेष में पिछले नियोक्ता द्वारा अनुरक्षित अन्य प्राधिकृत भविष्य निधि से स्थानांतरित राशि सन्निहित होती है तो अवधि जिसके लिए कर्मचारी ने ऐसे पिछले नियोक्ता के लिए सेवा प्रतिपादित की है, उसे 5 वर्षों की उक्तकथित अवधि में आंके जाने के लिए भी शामिल किया जाएगा
(ख) यदि कर्मचारी की सेवा उसके खराब स्वास्थ्य अथवा नियोक्ता के व्यापार के न चलने अथवा उसके नियंत्रण से परे किसी अन्य कारण से 5 वर्षों की अवधि से पूर्व समाप्त हो जाती है
(ग) यदि सेवानिवृत्ति पर, कर्मचारी किसी अन्य नियोक्ता से रोजगार प्राप्त करे तथा देय शेष तथा उसे भुगतान ऐसे अन्य नियोक्ता द्वारा अनुरक्षित किसी प्राधिकृत कोष में उसके व्यक्तिगत खाते में स्थानांतरित किया जाए तो ऐसी स्थानांतरित की गई राशि कर हेतु वसूलनीय नही होगी।
उक्त परिस्थतियों के अलावा, प्राधिकृत भविष्य निधि से भुगतान आरंभ (गैर-प्राधिकृत भविष्य निधि के कर उपचार के लिए नीचे दी गई टिप्पणी 3 को देखें) से गैर-प्राधिकृत के तौर पर ऐसे कोष पर विचार करते हुए कर हेतु वसूलनीय होगा
3. गैर-प्राधिकृत भविष्य निधि द्वारा भुगतान का उपचार (समाप्ति के समय पर)
समाप्ति पर भुगतान में 4 चीजें शामिल होगी अर्थात् कर्मचारी योगदान तथा उसपर ब्याज तथा नियोक्ता योगदान तथा उसपर ब्याज, ऐसे भुगतान पर कर उपचार निम्नानुसार है :
• कर्मचारी योगदान कर हेतु वसूलनीय नही है, कर्मचारी योगदान पर ब्याज "अन्य स्रोत से आय" शीर्षक के अंतर्गत कर योग्य है
• नियोक्ता योगादान तथा उसपर ब्याज वेतन आयके तौर पर करयोग्य है। हालांकि कर्मचारी ऐसे भुगतान के संबंध में धारा 89 के अंतर्गत छूट का दावा कर सकता है
सुकन्या समृद्धि खाता नियम 2014 के अनुसार खोले गए खातों से भुगतान (धारा 10)(11क)
धारा 10(11क) के अनुसार, सरकारी बचत बैंक अधिनियम, 1873 के अंतर्गत बनाए गए सुकन्या समृद्धि योजना नियम, 2014 के अनुसार खोले गए खाते से कोई भुगतान कर से मुक्त है। अन्य शब्दों में, ऐसे खाते से ब्याज तथा निरस्ती धारा 10(11क) के अंतर्गत कर से मुक्त होगी।
कर्मचारी को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से भुगतान (धारा 10(12क))
खाते की समाप्ति पर अथवा धारा 80गगघ में संदर्भित पेंशन योजना का चुनाव करने पर कर से छूट मिलती है बशर्ते यह समाप्ति के समय अथवा योजना के चुनाव के समय उसे देययोग्य कुल राशि के 40 प्रतिशत से अधिक न हो।
* प्रभावी तिथि 1 अप्रैल, 2020 से देययोग्य राशि का 60 प्रतिशत कर से मुक्त होगा
एनपीएस से आंशिक निकासी [धारा 10(12ख)]
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) ट्रस्ट से आंशिक राशि निकालने वाले कर्मचारी को राहत देने के लिए प्रभावी निर्धारण वर्ष 2018-19 से एक नए वाक्यांश (12ख) को शामिल किया गया है कि एनपीएस से निकासी कर हेतु वसूलनीय नहीं होगी यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी होती हैं :-
1. निकाली गई राशि एनपीएस के एक कर्मचारी द्वारा किए कुल अंशदान के 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए
2. आंशिक निकासी पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकारण अधिनियम, 2013 ओर उसके अंतर्गत नियमों के अंतर्गत निर्दिष्ट नियम और शर्तों के अनुसार होना चाहिए
एनपीएस वत्सल्य से आंशिक निकासी [(धारा 12कख)]5
वित्त अधिनियम, 2025 के माध्यम से अधिनियम की धारा 10 में नया वाक्यांश (12खक) शामिल किया गया है जो बताता है कि नाबालिग के खाते में से आंशिक निकासी पर प्राप्त किसी प्रकार की आय माता-पिता/अभिभवक की कुल आय में शामिल नही होगी यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी होती है
1. निकासी की राशि किए गए कुल अंशदान के 25 प्रतिशत से अधिक नही होना चाहिए और
2. निकासी पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2013 के अंतर्गत निर्दिष्ट नियम और शर्तों और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के अनुसार की जानी चाहिए
निर्दिष्ट परिस्थितियों में तथा कुछ सीमाओं के अनुसार अधिवार्षिता निधि से भुगतान [धारा 10(13)]
अनुमोदित अधिवार्षिता निधि से अर्थ है अधिवार्षिता निधि जो आयकर आयुक्त द्वारा अनुमोदित है। ऐसे कोष का कर उपचार निम्नानुसार है :
• नियोक्ता अंशदान कर से मुक्त है हालांकि निर्धारण वर्ष 2010-11 से रू. 1,50,000 प्रति वर्ष के अतिरिक्त नियोक्ता अंशदान अनुलाभ के अनुसार कर हेतु वसूलनीय है। धारा 80ग के अंतर्गत कटौती हेतु कर्मचारी अंशदान अर्हता प्राप्त करता है तथा संचित अधिशेष पर ब्याज कर हेतु उत्तरदायी नही है
• कोष से किया गया भुगतान निम्नलिखित मामलों में धारा 10(13) के अंतर्गत कर से मुक्त होगा
• लाभार्थी की मृत्यु पर भुगतान, अथवा
• निर्दिष्ट आयु पर अथवा के पश्चात् उसकी सेवानिवृत्ति पर वार्षिकी के विनिमय अथवा ऐसी सेवानिवृत्ति के पहले उसके अक्षम बनने के स्थान पर कर्मचारी को भुगतान
5वित्त अधिनियम, 2025 द्वारा शामिल, 01.04.2025 से प्रभावी
लाभार्थी की मृत्यु पर अंशदान के प्रतिदाय के रूप में भुगतान या
कर्मचारी को उसके संबंध में नौकरी छोड़नें पर उसके अंशदान के प्रतिदाय के रूप में भुगतान जिसके संबंध में कोष निर्दिष्ट आयु पर या उसके बाद या ऐसी सेवानिवृत्ति से पहले अक्षम बनने पर अन्यथा संथापित होता है
• धारा 80गगघ में संदर्भित पेंशन योजना के अंतर्गत उसके खाते के स्थानांतरण के रूप में कर्मचार को भुगतान
आवास किराया भत्ता [धारा 10(13क)]
नियम 2क के साथ पठित धारा 10(13क) के अनुसार एचआरए के संबंध में छूट निम्नलिखित राशियों से कम होगी
(1) वेतन का 50 प्रतिशत जब आवासीय घर मुंबई, कोलकाता, दिल्ली अथवा चेन्नई में स्थित हो तथा वेतन का 40 प्रतिशत आवासीय घर अन्य किसी स्थान पर स्थित हो
(2) अवधि जिसके दौरान किराये वाला आवास पिछले वर्ष के दौरान कर्मचारी द्वारा अधिगृहित हो के संबंध में कर्मचारी द्वारा प्राप्त वास्तविक एचआरए
(3) वेतन के 10 प्रतिशत अतिरिक्त में दिया गया किराया
वेतन में सभी सेवानिवृत्ति लाभों की गणना के समय वेतन के भाग का गठन, मूल वेतन, मंहगाई भत्ता तथा कर्मचारी द्वारा किए गए निश्चित करोबार पर आधारित कमीशन शामिल होगा। इसके अलावा इस उद्देश्य के लिए वेतन में किसी अन्य प्रकार का भत्ता/अनुलाभ शामिल नही होगा
इस उद्देश्य के लिए वेतन अवधि जिसके दौरान अकोमोडेशन पिछले वर्ष में कर्मचारी द्वारा लिया गया था, के संबंध में शेष आधार पर आंका जाएगा। इसलिए, पिछले वर्ष से संबंध न रखने वाला भुगतान अथवा अकोमोडेशन के अधिग्रहण की अवधि से असंबंधित कोई भुगतान अलग होगा
निर्धारित भत्ते अथवा लाभ [धारा 10(14)]
नियम 2खख के साथ पठित धारा 10(14) के अनुसार कर्मचारी को दिए गए निम्नलिखित भत्ते कुछ सीमा के अनुसार कर से मुक्त है
|
भत्ते |
छूट सीमा |
| बालक शिक्षा भत्ता | रू. 100 प्रतिमाह प्रति बालक अधिकतम 2 बालाकों तक छूट प्राप्त |
| छात्रावास व्यय भत्ता | रू. 300 प्रतिमाह प्रति बालक अधिकतम 2 बालाकों तक छूट प्राप्त |
| आवासीय स्थल तथा काम के स्थान के बीच आने जाने वाले खर्चे को पूरा करने के लिए कर्मचारी जो नेत्रहीन और विकलांग है को दिया गया परिवहन भत्ता | रू. 3,200 प्रतिमाह दृष्टिहीन तथा विकलांग बालक के लिए तक छूट प्राप्त |
|
एक स्थान से दूसरे स्थान तक ऐसे परिवहन को चलाने के दौरान उसके कार्य के निष्पादन के दौरान अपने व्यक्तिगत व्ययों को पूरा करने के लिए किसी परिवहन व्यापार में कार्यरत कर्मचारी को स्वीकृत किया गया भत्ता बशर्ते कर्मचारी दैनिक भत्ते प्राप्त न करता हो |
छूट की राशि निम्नलिखित का कम होगी क) ऐसे भत्ते का 70 प्रतिशत ख) रू. 10,000 प्रति माह |
| कार्यालय के कर्त्तव्यों का निष्पादन में परिवहन पर व्यय को पूरा करने के लिए स्वीकृत परिवहन भत्ता | आधिकारिक उद्देश्य के लिए किए गए व्यय की सीमा तक छूट |
| यात्रा अथवा स्थानांतरण पर सफर की लागत को पूरा करने के लिए यात्रा भत्ता | आधिकारिक उद्देश्य के लिए किए गए व्यय की सीमा तक छूट |
| अपनी समान्य कर्त्तव्य के स्थान से अनुपस्थिति के कारण कर्मचारी द्वारा किए गए समान्य दैनिक शुल्क को पूरा करने के लिए दैनिक भत्ता | आधिकारिक उद्देश्य के लिए किए गए व्यय की सीमा तक छूट |
| हेल्पर/सहायक भत्ता | आधिकारिक उद्देश्य के लिए किए गए व्यय की सीमा तक छूट |
| शैक्षिणिक अनुसंधान तथा अन्य पेशेवर कार्य को बढ़ावा देने के लिए स्वीकृत अनुसंधान भत्ता | आधिकारिक उद्देश्य के लिए किए गए व्यय की सीमा तक छूट |
| वर्दी भत्ता | आधिकारिक उद्देश्य के लिए किए गए व्यय की सीमा तक छूट |
| विशेष प्रतिपूरक भत्ता (पहाड़ी क्षेत्र) (कुछ शर्तों अथवा स्थलों के अनुसार) | कर से छूट की राशि रू. 300 से रू. 7000 प्रति माह तक परिवर्तनीय है |
| सीमा क्षेत्र, दूरदराज के इलाकों अथवा दुर्गम क्षेत्र भत्ता (कुछ शर्तों तथा स्थलों के अनुसार) | अशांत क्षेत्रों अथवा कर से छूट की राशि रू. 200 से रू. 1300 प्रति माह तक परिवर्तनीय है |
| जनजातीय क्षेत्र भत्ता (क) मध्य प्रदेश (ख) तमिलनाडु (ग) उत्तर प्रदेश (घ) कर्नाटक (ड) त्रिपुरा (च) असम (छ) पश्चिम बंगाल (ज) बिहार (झ) उड़ीसा | रू. 200 प्रति माह तक |
| प्रतिपूरक फिल्ड क्षेत्र भत्ता। यदि इस छूट को लिया जाए तो कर्मचारी सीमा क्षेत्र भत्ते के संबंध में किसी छूट का दावा नही कर सकता (कुछ शर्तों तथा स्थलों के अनुसार) | रू. 2,600 प्रति माह तक |
| प्रतिपूरक संशोधित क्षेत्र भत्ता। यदि इस छूट को लिया जाए तो कर्मचारी सीमा क्षेत्र भत्ते के संबंध में किसी छूट का दावा नही कर सकता (कुछ शर्तों तथा स्थलों के अनुसार) | रू. 1,000 प्रति माह तक |
| अपने स्थाई स्थल से दूर के क्षेत्र में कार्यरत सैन्य बलों के सदस्यों का स्वीकृत जवाबी विप्लव भत्ता। यदि यह छूट ली जाती है तो कर्मचारी सीमा क्षेत्र भत्ते (कुछ शर्तों तथा स्थलों के अनुसार) के संबंध में किसी छूट का दावा नही कर सकता | रू. 3,900 प्रति माह तक |
| भूमिगत खान में अरूचिकर, अप्राकृतिक वातावरण में कार्यरत कर्मचारियों को भूमिगत भत्ता | रू. 800 प्रतिमाह तक |
|
अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैन्य बल संचालन हेतु स्वीकृत अधिक ऊंचाई भत्ता (कुछ शर्तों तथा स्थलों के अनुसार) |
क) रू. 1,060 प्रति माह तक (9,000 से 15,000 फीट की ऊंचाई के लिए) ख) रू. 1,600 प्रति माह तक (15,000 फीट से अधिक की ऊंचाई के लिए) |
| सैन्य बलों के सदस्यों को स्वीकृत अत्यंत सक्रिय फिल्ड क्षेत्र (कुछ शर्तों तथा स्थलों के अनुसार) | रू. 4,200 प्रति माह तक |
| अंडमान तथा निकोबार तथा लक्षद्वीप समूह में सैन्य बलों के सदस्यों को स्वीकृत द्वीप कत्र्तव्य भत्ता (कुछ शर्तों तथा स्थलों के अनुसार) | रू. 3,250 प्रति माह तक |
प्रतिभूतियों पर ब्याज [धारा 10(15)]
ब्याज आय जो धारा 10(15) के अंतर्गत छूट प्राप्त है निम्नलिखित तालिका की मदद से विवरण किया जाएगा
| धारा | आय | हेतु छूट |
| 10(15)(i) | ब्याज, प्रतिदान पर प्रीमियम, अधिसूचित प्रतिभूतियों पर अन्य भुगतान, बांड, प्रमाणपत्र तथा जमा आदि (अधिसूचित शर्तों तथा सीमा के अनुसार) | सभी निर्धारिती |
| 10(15)(iiख) | 1-6-2002 से पूर्व अधिसूचित, अधिसूचित कैपिटल निवेश बांड पर ब्याज | व्यक्ति/एचयूएफ |
| 10(15)(iiग) | अधिसूचित राहत बांड पर ब्याज | व्यक्ति/एचयूएफ |
| 10(15)(iiघ) | विदेशी विनियम (कुछ शर्तों के अनुसार) में खरीदे गए अधिसूचित बांड (1-6-2002 से पूर्व अधिसूचित) पर ब्याज | व्यक्ति - एनआरआई/नामित व्यक्ति अथवा एनआरआई का उत्तरजीवी/व्यक्ति जिसके लिए एनआरआई द्वारा उपहार दिया गया है |
| 10(15)(iii) | प्रतिभूति पर ब्याज | सेंट्रल बैंक ऑफ सीलोन का निर्गमन विभाग |
| 10(15)(iiiक) | आरबीआई के अनुमोदन के साथ अनुसूचित बैंक में किए गए जमा पर ब्याज | विदेश में निगमित बैंक |
| 10(15)(iiiख) | नोर्डिक निवेश बैंक हेतु देययोग्य ब्याज | नोर्डिक निवेश बैंक |
| 10(15)(iiiग) | 10(15)(iiiग) केंद्र सरकार तथा उस बैंक के बीच वित्त निगम के लिए समझौता दिनांक 25-11-1993 की बनावट के अनुसरण द्वारा दिए गए ऋण पर यूरोपीयन निवेश बैंक हेतु देययोग्य ब्याज | यूरोपीयन निवेश बैंक |
| 10(15)(iv)(क) | भारत से बाहर स्रोतों से 1-6-2001 से पूर्व लिया गया ऋण अथवा 1-6-2001 से पूर्व दी गई राशि पर स्थानीय प्राधिकरण द्वारा अथवा सरकार द्वारा प्राप्त ब्याज | सभी निर्धारितों जिसने भारत से बाहर स्रोत द्वारा राशि आदि दी है |
| 10(15)(iv)(ख) | 1-6-2001 से पूर्व किए गए ऋण समझौते के अंतर्गत दी गई राशि पर भारत में औद्योगिक उपक्रमों द्वारा प्राप्त ब्याज | अनुमोदित विदेशी वित्त संस्थान |
| 10(15)(iv)(ग) | कुछ सीमाओं तथा शर्तों के अनुसार कच्ची सामग्री, घटकों अथवा पूंजीगत संयंत्रों के भारत से बाहर खरीद के संबंध में विदेशी राष्ट्र में 1-6-2001 से पूर्व किए गए ऋण अथवा दी गई राशि पर भारतीय औद्योगिक उपक्रम द्वारा प्राप्त अनुमोदित दर पर ब्याज | अनुमोदित विदेशी वित्त संस्थान सभी निर्धारिती जिसने ऐसी राशि दी है अथवा उसके पक्ष में जिसके पक्ष में ऋण लिया है |
| 10(15)(iv)(घ) | भारत से बाहर स्रोतों से 1-6-2001 से पूर्व दी गई राशि पर भारत में निर्दिष्ट वित्त संस्थानों से अनुमोदित दर पर प्राप्त ब्याज | सभी निर्धारिती जिसने ऐसी राशि दी है |
| 10(15)(iv)(ड) | अनुमोदित ऋण समझौते के अंतर्गत 1-6-2001 से पूर्व भारत से बाहर स्रोत से निर्दिष्ट उद्देश्य के लिए दी गई राशि पर बैंक अथवा अन्य भारतीय वित्त संस्थान से अनुमोदित दर पर प्राप्त ब्याज | सभी निर्धारिती जिसने ऐसी राशि दी है |
| 10(15)(iv)(च) | 1-6-2001 से पूर्व अनुमोदित ऋण अनुबंध के अंतर्गत भात से बाहर स्रोत से विदेशी मुद्रा में दी गई राशि पर भारतीय वित्त संस्थान से अनुमोदित दर पर प्राप्त ब्याज | सभी निर्धारिती जिसने ऐसी राशि दी है |
| 10(15)(iv)(चक) | अनुसूचित बैंक द्वारा देययोग्य ब्याज, विदेशी मुद्रा में जमा पर जब बैंक द्वारा ऐसी जमा की स्वीकृति आरबीआई द्वारा अनुमोदित की जाती है | गैर-निवासी अथवा व्यक्ति/एचयूएफ जो भारत में सामान्य निवासी नही है |
| 10(15)(iv)(छ) | धारा 36(1)(viii) के अंतर्गत कटौती के लिए अर्ह भारतीय सार्वजनिक कंपनियां द्वारा तथा अनुमोदित दर पर प्राप्त ब्याज तथा दीर्घ कालीन हाउसिंग राशि प्रदान करने के मुख्य उद्देश्य से निर्मित, 1-6-2003 से पूर्व अनुमोदित ऋण समझौते के अंतर्गत भारत से बाहर स्रोत से विदेशी मुद्रा में दी गई राशि पर | सभी निर्धारिती जिसने ऐसी राशि दी है |
| 10(15)(iv)(ज) | कुछ शर्तों के अनुसार तथा अधिसूचित बांड अथवा ऋणपत्र के संबध में किसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी द्वारा प्राप्त ब्याज | सभी निर्धारिती |
| 10(15)(iv)(i) | भर्ती के कारण देय राशि में से अधिसूचित योजना में जमा पर सरकार द्वारा प्राप्त ब्याज क्षेत्र की कंपनी द्वारा प्राप्त ब्याज | केंद्र सरकार/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के व्यक्तिगत कर्मचारी |
| 10(15)(v) | रिजर्व बैंक एसजीएल खाता सं. एसएल/डीएच-048 में धारित प्रतिभूति पर ब्याज तथा अधिसूचित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के साथ अथवा आरबीआई के साथ ऐसे खाते में संघटित भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के लाभ के लिए 31-3-1994 को किया गया जमा | कल्याण आयुक्त, भोपाल गैस पीड़ित, भोपाल |
| 10(15)(vi) | स्वर्ण जमा योजना, 1999 के अंतर्गत जारी स्वर्ण जमा बांड पर अथवा स्वर्ण विमुद्रीकरण योजना, 2015 के अंतर्गत जारी जमा प्रमाणपत्रों पर ब्याज | सभी निर्धारिती |
| 10(15)(vii) | 10(15)(vii) स्थानीय प्राधिकरण/राज्य जमा वित्त कंपनी द्वारा जारी अधिसूचित बांड पर ब्याज | सभी निर्धारिती |
| 10(15)(viii) | विशेष आर्थिक क्षेत्र अधिनियम, 2005 की धारा 2(प) हेतु संदर्भित एक विदेश स्थित बैंकिंग इकाई में 1-4-2005 को अथवा पश्चात् की किए गए जमा ब्याज | गैर-निवासी अथवा व्यक्ति जो सामान्य व्यक्ति नही है |
| 10(15)(ix) | 1 सिंतबर, 2019 को या उसके बाद एक यूनिट द्वारा उधार ली गई राशियों के संदर्भ में एक अंतर्राष्ट्रीय वित्त सेवाओं में स्थित यूनिट द्वारा देययोग्य ब्याज | अनिवासी |
एयरक्राफ्ट का पट्टेदारी किराया [धारा 10(15क)]
एयरक्राफ्ट का पट्टेदारी किराया अथवा एयरक्राफ्ट के संचालन के व्यापार में संलग्न भारतीय कंपनी द्वारा विदेशी कंपनी को अथवा विदेशी सरकार को दिया गया एयरक्राफ्ट इंजन का पट्टेंदारी किराया ऐसी विदेशी सरकार अथवा गैर-निवासी संबंधित के हाथों कर योग्य नही है, यदि समझौते (केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित) के आधार पर ऐसा भुगतान 1 अप्रैल, 1997 अथवा 31 मार्च 1999 के बाद लेकिन 1 अप्रैल 2007 से पहले किया जाता है यदि ऐसा समझौता 1 अप्रैल, 1997 तथा 31 मार्च 1999 अथवा 31 मार्च 2007 के दौरान किया गया हो तो धारा 10(15क) के अंतर्गत छूट उपलब्ध नही होती। हालांकि ऐसे मामले में, यदि ऐसे भुगतान पर कर अदाता द्वारा वहन किया जाता है तो अदाता द्वारा वहन किया गया कर धारा 10(6खख) के अंतर्गत अदाता के हाथों छूट मिलती है बशर्तें समझौता केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया हो
शैक्षणिक छात्रवृत्ति [धारा 10(16)]
शैक्षणिक छात्रवृत्ति के तौर पर प्राप्त कोई राशि (अर्थात् शिक्षा की लागत को पूरा करने के लिए छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ता के हाथों कर से छूट प्राप्त है)
सांसद का दैनिक भत्ता [धारा 10(17)]
निम्नलिखित भत्ते सांसद तथा राज्य विधानसभा के सदस्य के हाथों कर से मुक्त हैं
• सांसद तथा राज्य विधानसभा अथवा उसपर किसी समिति के सदस्य द्वारा प्राप्त दैनिक भत्ता
• संसदीय (निर्वाचन क्षेत्र भत्ता) नियम, 1986 के अंतर्गत सांसद द्वारा प्राप्त अन्य किसी प्रकार का भत्ता
• राज्य विधानसभा के सदस्य द्वारा प्राप्त किसी प्रकार का निर्वाचन क्षेत्र भत्ता
पुरस्कार [धारा 10(17क)]
निम्नलिखित (चाहे भुगतान नगद में हो या अन्य प्रकार से) के आधार पर प्राप्त कोई भुगतान कर से मुक्त है
• केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार अथवा इस संबंध में केद्र सरकार द्वारा अनुमोदित किसी निकाय द्वारा लोक हित में संस्थापित कोई पुरस्कार
• ऐसे उद्देश्य के लिए केंद्र सरकार अथवा किसी राज्य सरकार द्वारा किसी प्रकार का इनाम जिसे लोक हित में इस संबध में केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित किया जा सकता है
वीरता पुरस्कार विजेताओं हेतु पेंशन [धारा 10(18)]
व्यक्ति जो केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार का कर्मचारी था तथा जिसे परम वीर चक्र अथवा महावीर चक्र अथवा वीर चक्र अथवा अन्य किसी अधिसूचित वीरता पुरस्कार से नवाजा गया है द्वारा प्राप्त पेंशन कर से मुक्त है
ऐसे व्यक्ति के किसी सदस्य द्वारा प्राप्त पारिवाररिक पेंशन भी छूट प्राप्त है
सैन्य बलों के पारिवारिक सदस्य द्वारा प्राप्त पारिवारिक पेंशन [धारा 10(19)]
निर्धारण वर्ष 2005-06 से, यूनियन के सैन्य बलों (अर्द्धसैनिक बल) के सदस्य की विधवा अथवा बच्चे अथवा नामांकित वारिस द्वारा प्राप्त पारिवारिक पेंशन ऐसे पारिवारिक सदस्य के हाथों कर से मुक्त है यदि सैन्य बलों के ऐसे सदस्य की मृत्यु निर्धारित परिस्थिति में प्रचालन कत्र्तव्य के कारण तथा निर्धारितानुसार की जा सकने वाली ऐसी शर्तो के अनुसार हुई हो (निर्धारित परिस्थिति तथा शर्तों के लिए नियम 2खखक देखें)
एक स्थान की वार्षिक कीमत [धारा 10(19क)]
पूर्व शासक की उपजीविका में किसी एक स्थान की वार्षिक राशि धारा 10(19क) के अंतर्गत कर से मुक्त है
स्थानीय प्राधिकारी की आय [धारा 10(20)]
स्थानीय प्राधिकारी की निम्नलिखित आय कर से मुक्त है
क) आय जो "गृह संपत्ति से आय", "पूंजीगत लाभ" अथवा "अन्य स्रोतों से आय" शीर्षक के अंतर्गत वसूलनीय है अथवा
ख) इसके द्वारा किए गए ट्रैड अथवा व्यापार से आय जो स्वयं इसके क्षेत्राधिकार के भीतर वस्तु अथवा सेवा (जल अथवा बिजली के तौर पर नही) की आपूर्ति से उपार्जित अथवा उत्पन्न होता है
ग) उसके स्वयं के क्षेत्राधिकार के भीतर अथवा बाहर पानी अथवा बिजली की आपूर्ति के व्यापार से आय
अनुसंधान एसोसिएशन की आय [धारा 10(21)]
धारा 35(1)(ii)/(iii) के अंतर्गत अनुमोदित अनुसंधान एसोसिएशन की कोई आय कर से मुक्त है यदि धारा 10(21) में निर्दिष्टानुसार निम्नलिखित शर्तें संतुष्ट की जाती है
1) आय इसके संस्थापन के लिए उद्देश्य हेतु पूर्ण तथा विशेष रूप से लागू अथवा संचित होनी चाहिए
2) धारा 11(5) में निर्दिष्ट प्रारूप/विधि के किसी एक अथवा एक से अधिक में को छोड़कर कोष पिछले वर्ष के दौरान किसी अवधि के लिए निवेश अथवा जमा नही होना चाहिए। हालांकि यह शर्त निम्नलिखित के संबंध में लागू नही होगी
(i) अनुसंधान एसोसिएशन द्वारा धारित किसी प्रकार की परिसंपत्ति जहां ऐसी परिसंपत्ति 1 जून, 1973 पर एसोसिएशन की कोष के संग्रह के भाग से बनी हो
(ii) 1 मार्च, 1983 से पूर्व अनुसंधान एसोसिएशन द्वारा प्राप्त कंपनी के डिबेंचर
(iii) अनुसंधान एसोसिएशन को आवंटित बोनस शेयर के रूप में उप-वाक्यांश (i) में निर्दिष्ट कोष के संग्रह के भाग का गठन, शेयर हेतु कोई संवृद्धि
(iv) आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा बोर्ड के तौर पर आभूषण, फर्नीचर अथवा किसी अन्य वस्तु में प्राप्त तथा अनुरक्षित स्वैच्छिक अंशदान
टिप्पणी :
1. छूट शर्त के अनुसार स्वैच्छिक अंशदान उपर्युक्त (i), (ii), (iii) अथवा (iv) हेतु निर्दिष्ट प्रकृति के नगद अथवा स्वैच्छिक अंशदान में स्वैच्छिक अंशदान को छोड़कर) के संबंध में अस्वीकृत नही की जाएगी कि ऐसा स्वैच्छिक अंशदान अनुसंधान एसोसिएशन द्वारा प्राप्त नही किया जाता है पिछले वर्ष जिसमें ऐसी परिसंपत्ति उपार्जित की जाती है की समाप्ति से एक वर्ष की समाप्ति के पश्चात् धारा 11 की उप-धारा (5) में निर्दिष्ट प्रारूप अथवा विधि के किसी एक अथवा एक से अधिक को छोड़कर
2. अनुसंधान एसोसिएशन की किसी आय के संबंध में छूट उपलब्ध नही होती, व्यापार के लाभ तथा प्राप्ति के तौर पर, जबतक व्यापार इसके उद्देश्य की प्राप्ति प्रासंगिक नही होता है तथा पृथक बहीखाते ऐसे व्यापार के संबंध में इसके द्वारा अनुरक्षित होता है
समाचार एजेंसी की आय [धारा 10(22ख)]
समाचार के एकत्रीकरण तथा वितरण के लिए केवल भारत में स्थापित अधिसूचित समाचार एजेंसी की कोई आय कर से मुक्त है बशर्तें उपलब्ध कराया जाए कि समाचार एजेंसी समाचार के एकत्रीकरण तथा वितरण के लिए केवल निष्पादन के लिए अपनी आय को लागू अथवा संग्रह करता है तथा अपनी आय को किसी अन्य ढ़ंग से अपने सदस्यों को वितरित नही करता है
हालांकि, प्रभावी आकलन वर्ष 2024-25 से कोई छूट उपलब्ध नहीं होगी।
पेशेवर एसोसिएशन की आय [धारा 10(23क)]
पेशेवर संस्थान/एसोसिएशन की कोई आय (गृह संपत्ति से आय तथा किसी निर्दिष्ट सेवा के प्रतिपादन अथवा ब्याज के रूप में आय अथवा निवेश पर लाभांश) कर से मुक्त होगी यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है
1) विधि, औषधि, लेखाशास्त्र, अभियांत्रिकी अथवा वास्तुकला अथवा ऐसे अन्य निर्दिष्ट पेशे के नियंत्रण, निरीक्षण, विनियम अथवा प्रोत्साहन के उद्देश्य के लिए भारत में स्थापित एक व्यवसायिक संस्थान
2) जिस उद्देश्य के लिए संस्थान स्थापित हुआ के केवल निष्पादन के लिए इसकी आय को लागू करना अथवा संग्रह करना
3) समान्य अथवा विशेष आदेश द्वारा केंद्र सरकार की ओर से अनुमोदित संस्थान
सैन्य दल कोष की ओर से प्राप्त आय [धारा 10(23कक)]
ऐसे बलों अथवा उनके आश्रितों के पूर्व तथा वर्तमान सदस्यों के कल्याण के लिए यूनियन के सैन्य बलों द्वारा स्थापित किसी प्रकार का सैन्य दल कोष अथवा गैर-सार्वजनिक कोष की ओर से किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त किसी प्रकार की आय कर से मुक्त है
कर्मचारियों के कल्याण के लिए संस्थापित कोष की आय [धारा 10(23ककक)]
कर्मचारियों अथवा उनके आश्रितों तथा ऐसे कोष जिसके ऐसे कर्मचारी सदस्य है, ऐसे कोष के कल्याण के लिए आधिकारिक राजपत्र में बोर्ड द्वारा अधिसूचितानुसार ऐसे उद्देश्य के लिए स्थापित कोष की ओर से किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त कोई आय कर से मुक्त है, यदि धारा 11(5) में निर्दिष्ट विधि में इसके कोष के निवेश, उद्देश्य की ओर विशेष निष्पादन के लिए इसकी आय के ऐसे कोष को लागू अथवा संचित करता है तथा ऐसा कोष इस संबंध में (नियम 16ग तथा प्रपत्र सं. 9 देखें) में बनाए गए नियम के अनुसार प्रधान आयुक्त अथवा आयुक्त द्वारा अनुमोदित होते हैं
पेंशन कोष की आय [धारा 10(23ककख)]
1 अगस्त, 1996 को अथवा इसके पश्चात भारतीय जीवन बीमा निगत अथवा अन्य कोई बीमाकर्ता जिसके लिए ऐसे कोष से पेंशन प्राप्त करने के लिए किसी व्यक्ति द्वारा अंशदान किया गया है तथा जिसे बीमा नियंत्रक अथवा बीमा नियामक तथा विकास प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित किया जाता है द्वारा स्थापित कोष से कोई आय कर से मुक्त होती है
खादी अथवा ग्राम उद्योग से आय [धारा 10(23ख)]
एक सार्वजनिक धर्मार्थ के तौर पर स्थापित एक संस्थान अथवा संस्था जो खादी तथा ग्राम उद्योग (लाभ उद्देश्य के लिए नही) के विकास के लिए संस्थापित हुई है, की आय कर से मुक्त है यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है :
1) ग्राम उद्योग के उत्पाद अथवा खादी के, बाजार अथवा बिक्री, उत्पादन के व्यापार से संबंधित आय
2) संस्थान खादी अथवा ग्राम उद्योग अथवा दोनो के विकास के लिए केवल निष्पादन हेतु अपनी आय को लागू करता है अथवा इसे संग्रह करता है
3) संस्थान खादी तथा ग्राम उद्योग आयोग द्वारा अनुमोदित हो
खादी तथा ग्राम उद्योग बोर्ड से आय [धारा 10(23खख)]
खादी तथा ग्राम उद्योग बोर्ड की कोई भी आय धारा 10(23खख) के अंतर्गत कर से मुक्त है
सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के प्रशासन के लिए सांविधिक निकाय की आय [धारा 10(23खखक)]
धार्मिक अथवा धर्मार्थ उद्देश्य के लिए सार्वजनिक प्रशासन, धार्मिक अथवा धर्मार्थ ट्रस्ट अथवा निधि (कोई धार्मिक पूजा स्थल सहित) अथवा सोसाइटी के लिए केंद्र, राज्य अथवा प्रांतीय अधिनियम के अंतर्गत स्थापित अथवा गठित अथवा नियुक्त निकाय अथवा प्राधिकरण की कोई आय कर से मुक्त है। हालांकि यह छूट किसी ऐसे ट्रस्ट, दान अथवा सोसाइटी की आये पर लागू नही होगी
यूरोपियन आर्थिक समुदाय से आय [धारा 10(23खखख)
अधिसूचित योजना के अंतर्गत इसके कोष में से किए गए निवेश से ब्याज, लाभांश अथवा पूंजीगत प्राप्ति के रूप में भारत में व्युत्पन्न यूरोपियन आर्थिक समुदाय की कोई आय कर से मुक्त है
सार्क कोष की आय [धारा 10(23खखग)]
क्षेत्रीय परियोजना के लिए सार्क कोष की कोई आय धारा 10(23खखग) के अंतर्गत कर से मुक्त है
सर्वोच्च लेखा परीक्षा संस्था के एशियाई संगठन के सचिवालय की आय [धारा 10(23खखघ)]
सर्वोच्च लेखा परीक्षा संस्था के एशियाई संगठन के सचिवालय की आय निर्धारण वर्ष 2001-02 से 2010-11 के लिए कर से मुक्त है
बीमा नियामक तथा विकास प्राधिकरण की आय [धारा 10(23खखड)
बीमा नियामक तथा विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 की धारा 3(1) के अंतर्गत स्थापित की आय बीमा नियामक तथा विकास प्राधिकरण की कोई आय कर से मुक्त है
पूर्वोत्तर विकास वित्त कॉर्पोरेशन लिमिटेड की आय [धारा 10(23खखच)
निर्धारण वर्ष 2010-11 से धारा 10 (23खखच) के अंतर्गत कोई छूट उपलब्ध नही है
केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग की आय [धारा 10(23खखछ)]
केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग की आय निर्धारण वर्ष 2008-09 से कर मुक्त है
प्रसार भारती की आय [धारा 10(23खखज)
प्रसार भारती (ब्राडकास्टिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया) अधिनियम, 1990 की धारा 3(1) के अंतर्गत स्थापित प्रसार भारती (ब्राडकास्टिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया) की कोई आय कर से मुक्त है
कुछ राष्ट्रीय कोष की आय [धारा 10(23ग)(i)/(ii)/(iii)]
प्रधानमंत्री राहत कोष या प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकाल स्थिति राहत कोष (पीएम केयर फंड), प्रधानमंत्री कोष (लोक कला सहायता) या प्रधानमंत्री विद्यार्थी सहायता कोष की ओर से किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त आय क्रमश: धारा 10(23ग) के वाक्यांश (i), (ii), (iii)के अंतगर्तत कर से छूट है।
सांप्रदायिक सौहार्द के लिए राष्ट्रीय संस्थान की आय [धारा 10(23ग)(iiiक)]
सांप्रदायिक सौहार्द के लिए राष्ट्रीय संस्थान की कोई आय धारा 10(23ग)(iiiक) के अंतर्गत कर से मुक्त है
स्वच्छ भारत कोष की आय (धारा 10(23ग)(iiiक)
केंद्र सरकार द्वारा स्थापित स्वच्छ भारत कोष की आय धारा 10(23ग)(iiiकक) के अंतर्गत कर से मुक्त है।
स्वच्छ गंगा कोष की आय (धारा 10(23ग)(iiiककक)
केंद्र सरकार द्वारा स्थापित स्वच्छ गंगा कोष की आय धारा 10(23ग)(iiiककक) के अंतर्गत कर से मुक्त है।?
मुख्यमंत्री राहत कोष या उपराज्यपाल राहत कोष की आय [10(23ग)(iiiककक)]
धारा 10(23ग)(iiiककक) (जैसा वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा शामिल है जो निर्धारण वर्ष 1998-99 से पूर्वप्रभावी है) के अनुसार, किसी राज्य या संघशासित प्रदेश के संदर्भ में मुख्य मंत्री राहत कोष या संघशासित राहत कोष की आय कर से करमुक्त है
शैक्षणिक संस्थान की आय [धारा 10 (23ग)(iiiकख)/(iiiकघ)/(vi)]
धारा 10(23ग)(iiiकख)
केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए नाकि लाभ के उद्देश्य के लिए जो पूर्णता अथवा वस्तुत: सरकार द्वारा वित्त पोषित हो, कोई विश्वविद्यालय अथवा अन्य मौजूदा शैक्षणिक संस्थान धारा 10(23ग)(iiiकख) के अंतर्गत छूट प्राप्त है
धारा 10(23ग)(iiiकघ)
केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए नाकि लाभ के उद्देश्य के लिए कोई विश्वविद्यालय अथवा अन्य मौजूदा शैक्षणिक संस्थान धारा 10(23ग)(iiiकघ) के अंतर्गत छूट प्राप्त है यदि ऐसे विश्वविद्यालय अथवा शैक्षणिक संस्थान की कुल वार्षिक प्राप्ति रू. 1 करोड़ से अधिक न हो
धारा 10(23ग)(vi)
शैक्षणिक उद्देश्य के एकमात्र लक्ष्य से कोई मौजूदा विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान की आय, उप-वाक्यांश (iiiक) या उप-वाक्यांश (iiiकघ) और जिनको निर्धारित प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित किया जा सकता है, को छोड़कर। निर्धारित प्रारूप और तरीके में एक आवेदन को अनुमोदन के लिए प्रधान आयुक्त या आयुक्त को किया जा सकता है।
अस्पताल की आय [धारा 10(23ग)(iiiकग)/(iiiकड)/(viक)
बीमारी अथवा मानसिक अक्षमता से पीड़ित व्यक्तियों के उपचार तथा प्रतिग्रह के लिए अथवा आरोग्यलाभ के दौरान व्यक्ति के उपचार तथा प्रतिग्रह अथवा केवल मौजूदा परोपकारी उद्देश्य के लिए नाकि लाभ के उद्देश्य के लिए चिकित्सा सत्कार अथवा पुनर्वास की आवश्यकता वाले व्यक्ति के किसी अस्पताल अथवा अन्य संस्थान हेतु उत्पन्न आय निम्नलिखित स्थितियों के अंतर्गत छूट से कर प्राप्त होगा
1) यदि अस्पताल अथवा अन्य संस्थान सरकार द्वारा पूर्णता अथवा वस्तुत: वित्त पोषित होता है तो छूट धारा 10(23ग)(iiiकग) के अंतर्गत उपलब्ध होगी
2) यदि ऐसे अस्पताल अथवा संस्थान की कुल वार्षिक प्राप्ति रू. 1 करोड़ से अधिक न हो तो छूट धारा 10(23ग)(iiiकड) के अंतर्गत उपलब्ध होगी
3) यदि अस्पताल निर्धारित प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित है। निर्धारित प्रारूप और तरीके में आवेदन अनुमोदन के लिए प्रधान आयुक्त या आयुक्त को किया जाना चाहिए।
धर्मार्थ संस्थान अथवा कोष की आय [धारा 10(23ग)(iv)]
धर्मार्थ संस्थान अथवा कोष से कोई आय जिसकी देशभर में अथवा किसी राज्य अथवा राज्यों में महत्वपूर्णता तथा उद्देश्य से संबंधित वाली निर्धारित प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित हो कर से छूट प्राप्त है
निर्धारित प्रारूप और तरीके में आवेदन अनुमोदन के लिए प्रधान आयुक्त या आयुक्त को किया जाना चाहिए।
वित्त अधिनियम, 2020 को यह स्पष्ट करने के लिए धारा 10(23ग) के तीसरे परंतुक हेतु स्पष्टीकरण में शामिल किया जा चुका है कि निधि दान धर्मांर्थ संस्थान या कोष की आय का अभिन्न हिस्सा नही होगा। यह मुहैया कराया गया है कि ऐसे फंड या संस्थान या किसी विश्विद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान द्वारा प्राप्त कोई निधि दान ऐसे उद्यमों की आय में शामिल नही होगी।
सीबीडीटी को धारा के अंतर्गत स्वीकृति देने के लिए अधिसूचना सं. 75/2014 दिनांक 1-12-2014 के मार्फत आयकर आयुक्त (छूट) को अधिकृत किया गया है
धार्मिक/धर्मार्थ ट्रस्ट की आय [धारा 10(23ग)(v)]
पूर्णता सार्वजनिक धार्मिक उद्देश्य के लिए अथवा पूर्णता सार्वजनिक धार्मिक तथा धर्मार्थ उद्देश्य के लिए बनाया गया कोई ट्रस्ट (अन्य किसी कानूनी बाध्यता सहित) अथवा संस्थान की आय जो निर्धारित प्राधिकरणीय से अनुमोदित हो इस प्रकार से कि ट्रस्ट अथवा संस्थान के कार्य यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशासित तथा देखरेख की जाती है कि इसके अतिरिक्त उपार्जित आय उसके उद्देश्य के लिए पूर्ण रूप से लागू होती है कर से मुक्त है
निर्धारित प्रारूप और तरीके में आवेदन अनुमोदन के लिए प्रधान आयुक्त या आयुक्त को किया जाना चाहिए।
वित्त अधिनियम, 2020 को यह स्पष्ट करने के लिए धारा 10(23ग) के तीसरे परंतुक हेतु स्पष्टीकरण में शामिल किया जा चुका है कि निधि दान धर्मांर्थ संस्थान या कोष की आय का अभिन्न हिस्सा नही होगा। यह मुहैया कराया गया है कि ऐसे फंड या संस्थान या किसी विश्विद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान द्वारा प्राप्त कोई निधि दान ऐसे उद्यमों की आय में शामिल नही होगी।
सीबीडीटी को धारा के अंतर्गत स्वीकृति देने के लिए अधिसूचना सं. 75/2014 दिनांक 1-12-2014 के मार्फत आयकर आयुक्त (छूट) को अधिकृत किया गया है
धारा 10(23ग)(iv)/(v)/(vi)/(viक) के अंतर्गत छूट का दावा करने की शर्तें
धारा 10(23ग)(iv)/(v)/(vi)/(viक) के अंतर्गत छूट का दावा करने के लिए कोष अथवा ट्रस्ट अथवा संस्थान अथवा कोई विश्वविद्यालय अथवा अन्य शैक्षणिक संस्थान अथवा कोई अस्पताल अथवा अन्य कोई चिकित्सा संस्थान, जो भी स्थिति हो, को निम्नलिखित शर्तों का अनुसरण करना होता था
1. निर्धारित प्रारूप और तरीके में एक आवेदन निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत अनुमोदन देने के लिए प्रधान आयुक्त या आयुक्त को किया जाना चाहिए। अनुमोदन करने की समयसीमा को नीचे तालिका में सारणीबद्ध किया गया है :
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धारा 10 (23ग) धारा 10(23ग)(iv)/(v)/(vi)/(viक) में संदर्भित उद्यमों द्वारा अनुमति देने के लिए आवेदन करना |
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| यदि उद्यम को 31.03.2021 को या उससे पहले अनुमोदित किया गया हो | 25.11.2022 को या उससे पहले |
| यदि उद्यम अनुमोदित हो और ऐसी अनुमति की अवधि समाप्त होने वाली हो | कथित अवधि की समाप्ति से कम से कम 6 महीने पहले |
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यदि उद्यम को अनंतिम तौर पर अनुमति दी गई हो |
अनंतिम अनुमति की अवधि की समाप्ति से कम से कम 6 महीने पहले या इसकी गतिविधियों के प्रारंभ होने के 6 महीनों के अंदर |
| अन्य किसी मामले में (30.09.2023 तक लागू ) | निर्धारण वर्ष जहां से कथित अनुमति मांगी गई है, के प्रासंगिक पिछले वर्ष के प्रारंभ होने से कम से कम 1 महीने पहले |
| कोई अन्य मामला (01-10-2023 से लागू) जहां ऐसी संस्था की गतिविधियां शुरू नहीं हुई हैं | निर्धारण वर्ष जहां से कथित अनुमति मांगी गई है, के प्रासंगिक पिछले वर्ष के प्रारंभ होने से कम से कम 1 महीने पहले |
| कोई भी अन्य मामला (01-10-2023 से लागू) जहां ऐसी इकाई की गतिविधियां शुरू हो गई हैं और ऐसे आवेदन की तारीख को या उससे पहले समाप्त होने किसी वर्ष के लिए धारा 10(23ग) या धारा 11 की प्रयोज्यता के कारण किसी भी आय (या भाग) को बाहर नहीं किया गया है। | गतिविधियों के शुरू होने के बाद किसी भी समय |
2. अनुमोदन प्रदान करने के लिए आवेदन प्राप्त होने पर, प्रधान आयुक्त या आयुक्त को निम्नलिखित अवधि के भीतर अनुमोदन प्रदान करने वाला आदेश पारित करना आवश्यक है:
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धारा 10 (23ग) स्वीकृति प्रदान करने का आदेश पारित करना |
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| यदि उद्यम को 31.03.2021 को या उससे पहले अनुमोदित किया गया हो | उस महीने के अंत से 3 महीने के भीतर जिसमें आवेदन प्राप्त होता है |
| यदि उद्यम अनुमोदित हो और ऐसी अनुमति की अवधि समाप्त होने वाली हो | उस महीने के अंत से 6 महीने के भीतर जिसमें आवेदन प्राप्त होता है |
| यदि उद्यम को अनंतिम तौर पर अनुमति दी गई हो | उस महीने के अंत से 6 महीने के भीतर जिसमें आवेदन प्राप्त होता है |
| अन्य किसी मामले में (30.09.2023 तक लागू ) | उस महीने के अंत से 1 महीने के भीतर जिसमें आवेदन प्राप्त होता है |
| कोई अन्य मामला (01-10-2023 से लागू) जहां ऐसी संस्था की गतिविधियां शुरू नहीं हुई हैं | उस महीने के अंत से 1 महीने के भीतर जिसमें आवेदन प्राप्त होता है |
| कोई भी अन्य मामला (01-10-2023 से लागू) जहां ऐसी इकाई की गतिविधियां शुरू हो गई हैं और ऐसे आवेदन की तारीख को या उससे पहले समाप्त होने किसी वर्ष के लिए धारा 10(23ग) या धारा 11 की प्रयोज्यता के कारण किसी भी आय (या भाग) को बाहर नहीं किया गया है। | उस महीने के अंत से 6 महीने के भीतर जिसमें आवेदन प्राप्त होता है |
3. जहां एक निर्धारिती (पहले से ही छूट के लिए अनुमोदित) द्वारा अनुमोदन के नवीकरण के लिए या गतिविधियों के शुरू होने के बाद नियमित अनुमोदन या प्रत्यक्ष नियमित अनुमोदन के लिए अनंतिम अनुमोदन के रूपांतरण के लिए आवेदन किया जाता है, प्रधान आयुक्त या आयुक्त ऐसे दस्तावेजों या सूचनाओं की मांग कर सकते हैं या निम्नलिखित के बारे में स्वयं को संतुष्ट करने के लिए ऐसी पूछताछ करें जो वह आवश्यक समझे:
क) निर्धारिती की गतिविधियों की वास्तविकता; और
ख) इसके द्वारा लागू किसी अन्य कानून की ऐसी आवश्यकताओं का अनुपालन जो इसके उद्देश्यों को प्राप्त करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण हैं।
यदि वह गतिविधियों की वास्तविकता और आवश्यक अनुपालन के बारे में संतुष्ट नहीं है, तो वह आवेदन को अस्वीकार करने और उसके अनुमोदन को रद्द करने का आदेश पारित कर सकता है। हालांकि, उसे निर्धारिती को सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है।
4. इसे अपनी आय को लागू करना चाहिए, या इसे आवेदन के लिए जमा करना चाहिए, पूरी तरह से और विशेष रूप से उन उद्देश्यों के लिए जिनके लिए इसे स्थापित किया गया है और, ऐसे मामले में, जहां इसकी आय का पंद्रह प्रतिशत से अधिक 1 अप्रैल 2002 या उसके बाद जमा होता है। अपनी आय के पंद्रह प्रतिशत से अधिक की राशि के संचय की अवधि किसी भी मामले में पांच वर्ष से अधिक नहीं होगी।
5. पिछले वर्ष के दौरान किसी भी अवधि के लिए धारा 11(5) में निर्दिष्ट किसी एक या एक से अधिक फॉर्म/मोड के अलावा किसी भी अवधि के लिए फंड का निवेश या जमा नहीं किया जाना चाहिए। तथापि, यह शर्त निम्नलिखित के संबंध में लागू नहीं है:-
(i) कोई भी संपत्ति जो 1 जून, 1973 को फंड, ट्रस्ट या संस्था या किसी विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान के निधि का हिस्सा बनती है;
(ii) किसी सार्वजनिक कंपनी के इक्विटी शेयर, किसी विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान द्वारा धारित, जहां इस तरह के इक्विटी शेयर किसी विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान 1 जून, 1998 तक निधि का हिस्सा बनते हैं।
(iii) 1 मार्च, 1983 से पहले फंड, ट्रस्ट या संस्था या किसी विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान द्वारा अधिग्रहित कंपनी की डिबेंचर;
(iv) बिंदु संख्या में उल्लिखित निधि के कोष का हिस्सा बनने वाले शेयरों में कोई अभिवृद्धि।
(i) और (ii), फंड, ट्रस्ट या संस्था या किसी विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान को आवंटित बोनस शेयरों के माध्यम से; आभूषण, फर्नीचर या किसी अन्य वस्तु के रूप में प्राप्त और बनाए रखा गया स्वैच्छिक योगदान, जैसा कि बोर्ड आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकता है;
6. ऐसी निधि या संस्थान या किसी विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान द्वारा प्राप्त कोई भी कोष दान ऐसी संस्थाओं की आय में शामिल नहीं किया जाएगा। इस तरह के स्वैच्छिक योगदान एक विशिष्ट दिशा के साथ किए गए हैं कि यह कोष का हिस्सा होगा, विशेष रूप से ऐसे कोष के लिए बनाए गए धारा 11 (5) में निर्दिष्ट एक या अधिक रूपों या तरीकों में निवेश या जमा किया जाएगा।
7.वित्त अधिनियम 2022 ने निर्धारण वर्ष 2021-22 से पूर्वव्यापी प्रभाव के साथ धारा 10(23सी) के तीसरे परंतुक में स्पष्टीकरण 1क और 1ख सम्मिलित किया। यह प्रदान करता है कि जहां किसी ट्रस्ट या संस्था के तहत रखी गई संपत्ति में कोई मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च या धारा 80छ (2) (ख) के तहत अधिसूचित अन्य स्थान शामिल हैं, ऐसे ट्रस्ट या संस्थान द्वारा नवीकरण के लिए स्वैच्छिक योगदान के रूप में प्राप्त कोई भी राशि या ऐसे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च या अन्य स्थान की मरम्मत, अपने विकल्प पर, इस तरह के ट्रस्ट या संस्थान द्वारा ट्रस्ट या संस्था के निधि के हिस्से के रूप में माना जा सकता है।
इस तरह के ट्रस्ट या संस्था द्वारा निम्नलिखित शर्तों को पूरा किया जाना है:
- निधि को केवल उस उद्देश्य के लिए लागू किया जाना चाहिए जिसके लिए स्वैच्छिक योगदान दिया गया था;
- किसी भी व्यक्ति को योगदान या दान करने के लिए निधि लागू नहीं किया जाएगा;
- निधि को अलग से पहचाने जाने योग्य के रूप में बनाए रखा जाना चाहिए;
- निधि को धारा 11(5) मोड में निवेश किया जाएगा।
यदि किसी ट्रस्ट या संस्था ने अपने द्वारा प्राप्त किसी भी राशि को निधि का हिस्सा माना है, और बाद में किसी भी निर्दिष्ट शर्तों का उल्लंघन किया है। उस मामले में, ऐसी राशि को पिछले वर्ष के ऐसे ट्रस्ट या संस्था की आय माना जाएगा जिसके दौरान उल्लंघन होता है।
8. कोष से बाहर के आवेदन को धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए आवेदन नहीं माना जाएगा। हालांकि, जब इसे पिछले वर्ष की आय से ऐसे निधि के लिए विशेष रूप से बनाए गए धारा 11(5) में निर्दिष्ट एक या अधिक रूपों या तरीकों में निवेश या वापस जमा किया जाता है, तो ऐसी राशि को पिछले वर्ष की आय में एक आवेदन के रूप में अनुमति दी जाएगी। वर्ष जिसमें यह इस तरह के जमा या निवेश की सीमा तक निधि में वापस जमा किया जाता है। [धारा 10(23ग) के स्पष्टीकरण 2(i) का पहला परंतुक]
(क) अनुमेय मोड में पुनर्निवेशित या पुन: जमा की गई राशि के लिए आय के आवेदन का दावा करने की शर्तें [धारा 10 (23 ग) के तीसरे प्रावधान के स्पष्टीकरण 2 (i) के लिए दूसरा प्रावधान] दूसरा परंतुक प्रदान करता है कि पहला परंतुक (अर्थात अनुमेय मोड में पुन: निवेशित या पुन: जमा किए गए कोष दान से आय का आवेदन) निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने पर लागू होगा:
• ऐसा आवेदन किसी अन्य ट्रस्ट को कोष दान के रूप में नहीं होना चाहिए [धारा 10(23सी) का बारहवाँ प्रावधान];
• टीडीएस, यदि लागू हो, ऐसे आवेदन पर काटा जाना चाहिए [धारा 10(23ग) के तेरहवें परंतुक];
• जहां किसी व्यक्ति को एक दिन में किए गए भुगतान या कुल भुगतान निर्दिष्ट मोड (जैसे नकद) के अलावा अन्य में 10,000 रुपये से अधिक की अनुमति नहीं है [धारा 10 (23ग) के तेरहवें प्रावधान];
• अधिक आवेदन को आगे ले जाने और मुजरा करने की अनुमति नहीं है [धारा 10(23ग) के लिए स्पष्टीकरण 2];
• आवेदन की अनुमति उस वर्ष में दी जाती है जिसमें इसे वास्तव में भुगतान किया जाता है [धारा 10(23सी) के लिए स्पष्टीकरण 3];
• आवेदन धारा 13(1) में निर्दिष्ट किसी भी व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित नहीं करना चाहिए और ट्रस्ट या संस्थान की आय से ऐसे व्यक्ति को कोई लाभ नहीं होना चाहिए [धारा 10(23ग) का इक्कीसवाँ प्रावधान]
(ख) अनुमेय मोड में निधि दान को पुनर्निवेश या पुन: जमा करने के लिए निर्धारित सीमा [धारा 10 (23ग) के तीसरे प्रावधान के स्पष्टीकरण 2 (i) के तीसरे प्रावधान]
तीसरा प्रावधान प्रदान करता है कि निवेश की गई या वापस जमा की गई राशि को पहले प्रावधान के तहत धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए एक आवेदन के रूप में नहीं माना जाएगा जब तक कि ऐसा निवेश या जमा पिछले वर्ष के अंत से 5 वर्ष की अवधि के भीतर नहीं किया जाता है जिसमें ऐसा कोष से आवेदन किया गया था।
(ख) पहले के वर्षों में निधि से किए गए आवेदन के लिए कोई ग्रैंडफादरिंग की अनुमति नहीं है [धारा 10 (23ग) के तीसरे प्रावधान के स्पष्टीकरण 2 (i) के चौथे प्रावधान]
चौथा प्रावधान प्रदान करता है कि पहले प्रावधान में निहित कुछ भी लागू नहीं होगा जहां निधि से आवेदन 31-03-2021 को या उससे पहले किया जाता है।
9. ऋण और उधार के आवेदन को धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए आवेदन नहीं माना जाएगा। हालांकि, जब ऋण या उधार पिछले वर्ष की आय से चुकाया जाता है, तो इस तरह के पुनर्भुगतान को पिछले वर्ष में एक आवेदन के रूप में अनुमति दी जाएगी जिसमें इसे इस तरह के पुनर्भुगतान की सीमा तक चुकाया जाता है। [धारा 10(23ग) के तीसरे परंतुक के स्पष्टीकरण 2(ii) का पहला परंतुक]
(क) आय के आवेदन के रूप में ऋण की अदायगी का दावा करने की शर्तें [धारा 10 (23ग) के तीसरे प्रावधान के स्पष्टीकरण 2 (ii) के दूसरे प्रावधान]
दूसरा परंतुक प्रदान करता है कि पहला परंतुक (अर्थात, ऋण की चुकौती को आय के एक आवेदन के रूप में माना जाएगा) लागू होगा यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी होती हैं:
• ऐसा आवेदन किसी अन्य ट्रस्ट को कोष दान के रूप में नहीं होना चाहिए [धारा 10(23ग) का बारहवाँ प्रावधान];
• टीडीएस, यदि लागू हो, ऐसे आवेदन पर काटा जाना चाहिए [धारा 10(23ग) के तेरहवें परंतुक];
• जहां किसी व्यक्ति को एक दिन में किए गए भुगतान या कुल भुगतान निर्दिष्ट मोड (जैसे नकद) के अलावा अन्य में 10,000 रुपये से अधिक की अनुमति नहीं है [धारा 10 (23ग) के तेरहवें प्रावधान];
• अधिक आवेदन को आगे ले जाने और मुजरा करने की अनुमति नहीं है [धारा 10(23ग) के लिए स्पष्टीकरण 2];
• आवेदन की अनुमति उस वर्ष में दी जाती है जिसमें इसे वास्तव में भुगतान किया जाता है [धारा 10(23ग) के लिए स्पष्टीकरण 3];
• आवेदन को धारा 13(1) में संदर्भित किसी भी व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ नहीं होना चाहिए और ट्रस्ट या संस्थान की आय से ऐसे व्यक्ति को कोई लाभ नहीं होना चाहिए [धारा 10(23ग) के इक्कीसवें परंतुक]।
(ख) ऋण या उधार चुकाने के लिए निर्धारित सीमा [धारा 10 (23ग) के तीसरे प्रावधान के स्पष्टीकरण 2 (ii) के तीसरे प्रावधान]
तीसरा प्रावधान प्रदान करता है कि ऋण या उधार की चुकौती को पहले प्रावधान के तहत धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए एक आवेदन के रूप में नहीं माना जाएगा जब तक कि इस तरह का पुनर्भुगतान पिछले वर्ष के अंत से 5 वर्ष की अवधि के भीतर नहीं किया जाता है जिसमें ऐसा आवेदन किया गया था। ऋण या उधार से किया गया।
(ग) पहले के वर्षों में ऋण या उधार से किए गए आवेदन के लिए कोई ग्रैंडफादरिंग की अनुमति नहीं है [धारा 10 (23ग) के तीसरे प्रावधान के स्पष्टीकरण 2 (ii) के चौथे प्रावधान]
चौथा प्रावधान प्रदान करता है कि पहले प्रावधान में निहित कुछ भी लागू नहीं होगा जहां ऋण या उधार से आवेदन 31-03-2021 को या उससे पहले किया जाता है।
10. वित्त अधिनियम 2023 ने 01-04-2024 से धारा 10(23ग) के तीसरे परंतुक के स्पष्टीकरण 2 में खंड (iii) डाला। यह प्रदान करता है कि धारा 10(23ग) के तहत अनुमोदित या धारा 12कख के तहत पंजीकृत किसी अन्य ट्रस्ट या संस्था को धारा 10(23ग) के तहत अनुमोदित किसी भी ट्रस्ट या संस्था की आय [निधि दान के अलावा] से जमा या भुगतान की गई कोई भी राशि, जैसा भी मामला हो, धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए केवल 85% की सीमा तक क्रेडिट या भुगतान की गई राशि के लिए आवेदन के रूप में माना जाएगा।
11. प्राप्ति के वर्ष में आय को धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए लागू नहीं किया गया है और इसे संचित करने का प्रस्ताव है, इस तरह के संचय की अनुमति केवल तभी दी जाएगी जब निम्नलिखित शर्तों का पालन किया जाएगा:
(क) व्यक्ति संचय के उद्देश्य/अवधि बताते हुए प्रपत्र 10 में एक विवरण प्रस्तुत करता है।
(ख) संचित धन धारा 11(5) के तहत अनुमेय मोड में निवेश किया जाएगा।
(ग) प्रपत्र 10 में विवरण पिछले वर्ष के लिए आय की विवरणी प्रस्तुत करने के लिए धारा 139(1) के तहत निर्दिष्ट देय तिथि से कम से कम दो महीने पहले प्रस्तुत किया गया है।
12.निम्नलिखित परिस्थितियों में, संचित आय पर एक कोष या संस्था के हाथों कर लगाया जाएगा:
(क) कोई भी संचित आय, यदि यह पूरी तरह से और विशेष रूप से उन उद्देश्यों के लिए लागू होती है, जिनके लिए फंड या संस्थान स्थापित किया गया है या जमा नहीं किया गया है या आवेदन के लिए अलग रखा गया है, तो ऐसे व्यक्ति की आय माना जाएगा पिछले वर्ष जिसमें इसे लागू किया गया है या इस तरह संचित या अलग नहीं किया गया है।
(ख) यदि यह धारा 11 (5) में निर्दिष्ट किसी भी रूप या मोड में निवेशित या जमा रहना बंद कर देता है, तो इसे पिछले वर्ष के ऐसे व्यक्ति की आय माना जाएगा जिसमें यह इस तरह निवेशित रहना बंद कर देता है या जमा किया हुआ।
(ग) यदि यह उस उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किया जाता है जिसके लिए यह इस तरह संचित या अवधि के दौरान अलग रखा जाता है, तो इसे पिछले वर्ष के ऐसे व्यक्ति की आय माना जाएगा, जो कि अवधि का अंतिम पिछला वर्ष है, जिसके लिए आय संचित या अलग रखी जाती है, लेकिन उस उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं की जाती है जिसके लिए इसे जमा किया जाता है या अलग रखा जाता है।
यदि यह धारा 12कक या धारा 12कख के तहत पंजीकृत किसी ट्रस्ट या संस्थान या किसी फंड या संस्था या ट्रस्ट या किसी विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान को उप-खंड (iv) में संदर्भित किया जाता है या जमा किया जाता है या उप-धारा (v) या उप-धारा (vi) या उप-धारा (के माध्यम से), इसे पिछले वर्ष के ऐसे व्यक्ति की आय माना जाएगा जिसमें इसे किसी फंड या संस्था या ट्रस्ट में जमा या भुगतान किया जाता है या कोई विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान।
वित्त अधिनियम 2022 ने निर्धारण वर्ष 2023-24 से धारा 10(23ग) के तीसरे परंतुक में स्पष्टीकरण 5 शामिल है। यह प्रदान करता है कि जहां आय प्राप्त करने वाले व्यक्ति के नियंत्रण से परे परिस्थितियों के कारण, निर्दिष्ट उद्देश्य के लिए निवेश या जमा की गई आय को उस उद्देश्य के लिए लागू नहीं किया जा सकता है जिसके लिए इसे संचित या अलग रखा गया था, निर्धारण अधिकारी, इस निमित्त उसे किया गया आवेदन, ऐसे व्यक्ति को भारत में ऐसे अन्य उद्देश्य के लिए ऐसी आय को लागू करने की अनुमति देता है जैसा कि उस व्यक्ति द्वारा आवेदन में निर्दिष्ट किया गया है और जो उन उद्देश्यों के अनुरूप है जिसके लिए फंड या संस्था या ट्रस्ट या कोई विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान।
14. धारा 10(23ग)(iv) और (v) के तहत छूट का दावा करने के लिए, फंड, ट्रस्ट या संस्थान, जैसा भी मामला हो, को 30 मार्च, 1993 तक विनिवेश करना चाहिए, 1 अप्रैल, 1989 से पहले किए गए सभी निवेश, अन्यथा धारा 11(5) में निर्दिष्ट किसी एक या अधिक रूपों या तरीकों के अलावा।
15. धारा 10(23ग)(vi) और (viक) के तहत छूट का दावा करने के लिए, विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान, जैसा भी मामला हो, को 30 मार्च, 2001 तक सभी निवेशों का विनिवेश करना चाहिए 1 जून, 1998 से पहले किए गए, धारा 11(5) में निर्दिष्ट किसी एक या अधिक रूपों या तरीकों के अलावा।
16. छूट फंड या ट्रस्ट या संस्था या किसी विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान की किसी भी आय के संबंध में लागू नहीं होगी, जो व्यवसाय के लाभ और लाभ हैं, जब तक कि व्यवसाय की प्राप्ति के लिए प्रासंगिक न हो। इस तरह के व्यवसाय के संबंध में इसके उद्देश्यों और खाते की अलग-अलग पुस्तकों का रखरखाव इसके द्वारा किया जाता है।
17.यदि धारा 10(23ग) (iv)/(v)/(vi)/(viक) में निर्दिष्ट निधि या संस्थान या ट्रस्ट या किसी विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान की कुल आय , उक्त उप-खंडों के प्रावधानों को प्रभावी किए बिना, उस अधिकतम राशि से अधिक है जो किसी पिछले वर्ष में कर के लिए प्रभार्य नहीं है, ऐसी निधि या संस्थान या ट्रस्ट या कोई विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान नियम 17कक में निर्धारित रूप और तरीके से और ऐसे स्थान पर खाते की पुस्तकों और अन्य दस्तावेजों को रखना और बनाए रखना।
18.यदि कर योग्य आय [धारा 10(23ग) के तहत छूट देने से पहले] छूट की सीमा से अधिक है, तो संस्था को फॉर्म नंबर 10ख या 10खख में खाते की पुस्तकों का लेखा-परीक्षा करवाना चाहिए और लेखापरीक्षा रिपोर्ट नियत तारीख से एक महीने पहले प्रस्तुत की जानी चाहिए आय की विवरणी प्रस्तुत करना।
19. धारा 80च(2) के खंड (घ) के संदर्भ में निधि या संस्थान द्वारा प्राप्त दान की कोई भी राशि जिसके संबंध में आय और व्यय के खाते धारा 80च के खंड (v) के तहत निर्धारित प्राधिकरण को प्रस्तुत नहीं किए गए हैं (5ग), उस खंड में निर्दिष्ट तरीके से, या जिसका उपयोग गुजरात में भूकंप के पीड़ितों को राहत प्रदान करने के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया है या जो धारा 80ग(5ग) के संदर्भ में अप्रयुक्त रहता है और प्रधान मंत्री के राष्ट्रीय को हस्तांतरित नहीं किया गया है 31 मार्च, 2004 को या उससे पहले राहत कोष को पिछले वर्ष की आय माना जाएगा और तदनुसार कर वसूल किया जाएगा।
20. ट्रस्ट/संस्था [धारा 12कक/12कख के तहत पंजीकृत या धारा 10(23ग)(iv)/(v)/(vi)/(viक)] द्वारा किसी अन्य ट्रस्ट [जो पंजीकृत है] को दिया गया कोई भी दान धारा 12कक के तहत या धारा 10(23C)(iv)/(v)/(vi)/(viक)] में निर्दिष्ट विशिष्ट दिशा के साथ योगदान के रूप में कि वे प्राप्तकर्ता ट्रस्ट/संस्था के निधि का हिस्सा बनेंगे, नहीं आय के एक आवेदन के रूप में माना जाएगा।
21.यदि किसी भुगतान से कर काटा जा सकता है, लेकिन उसकी कटौती नहीं की जाती है और भुगतान किसी निवासी व्यक्ति को किया जाता है, तो ऐसे भुगतान का 30% अस्वीकृत हो जाएगा। दूसरे शब्दों में, यदि अध्याय XVII-ख के अनुसार इस तरह के भुगतान से कर नहीं काटा जाता है, तो व्यय का केवल 70% आय के आवेदन के रूप में माना जाएगा। अस्वीकृति धारा 40(क)(iक) के अनुसार की जाएगी।
22. वित्त अधिनियम, 2018 ने धारा 40क(3) और 40क(3क) के प्रावधानों को धारा 10(23ग)(iv)/(v)/(vi)/(viक)] के तहत अनुमोदित संस्थानों के लिए यथोचित परिवर्तनों सहित विस्तारित किया है] . नतीजतन, यदि 10,000 रुपये से अधिक के खर्च के लिए भुगतान। अकाउंट पेयी चेक, बैंक ड्राफ्ट, नेट बैंकिंग (यानी, नकद या बियरर चेक में भुगतान) के अलावा किसी भी तरीके से किया जाता है कि आय के आवेदन की गणना करते समय भुगतान या व्यय पर विचार नहीं किया जाएगा।
23. यदि फंड या ट्रस्ट या संस्थान प्राप्ति के वर्ष के दौरान अपनी आय को लागू नहीं करता है और इसे जमा करता है, तो इस तरह के संचय से कोई भुगतान या क्रेडिट धारा 12कक या धारा 12कख या किसी फंड या ट्रस्ट के तहत पंजीकृत किसी भी ट्रस्ट या संस्थान को या धारा 10(23ग) के तहत अनुमोदित संस्था को उन उद्देश्यों के लिए आय के आवेदन के रूप में नहीं माना जाएगा जिसके लिए इस तरह के फंड या ट्रस्ट या संस्थान या विश्वविद्यालय या शैक्षणिक संस्थान या अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान, जैसा भी मामला हो, स्थापित किया गया है।
24. सामान्य या अनंतिम अनुमोदन प्रधान आयुक्त (पीसीआईटी) या आयुक्त (सीआईटी) द्वारा रद्द किया जा सकता है। निम्नलिखित परिस्थितियों में अनुमोदन रद्द किया जा सकता है:
(क) प्रधान आयुक्त या आयुक्त ने एक या अधिक की घटना देखी है
किसी भी पिछले वर्ष के दौरान 'निर्दिष्ट उल्लंघन'।
(ख) प्रधान आयुक्त या आयुक्त को किसी भी पिछले वर्ष के लिए धारा 143(3) के दूसरे प्रावधान के तहत मूल्यांकन अधिकारी से एक संदर्भ प्राप्त हुआ है।
(ग) इस तरह के मामले को किसी भी पिछले वर्ष के लिए समय-समय पर बोर्ड द्वारा तैयार की गई जोखिम प्रबंधन रणनीति के अनुसार चुना गया है
निम्नलिखित को 'निर्दिष्ट उल्लंघन' माना जाएगा:
·यदि फंड या संस्था या ट्रस्ट या किसी विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान की आय को उन उद्देश्यों के अलावा लागू किया गया है जिसके लिए इसे स्थापित किया गया है
- यदि फंड या संस्था या ट्रस्ट या किसी विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान के पास व्यवसाय के लाभ और लाभ से आय है, जो इसके उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रासंगिक नहीं है
- व्यवसाय के संबंध में इसके द्वारा खाते की अलग-अलग पुस्तकों का रखरखाव नहीं किया जाता है जो इसके उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रासंगिक है।
- ट्रस्ट या संस्था द्वारा की जा रही कोई भी गतिविधि वास्तविक नहीं है या उन शर्तों के अनुसार नहीं की जा रही है जिनके अधीन इसे पंजीकृत किया गया था।
- ट्रस्ट या संस्थान ने फिलहाल लागू किसी भी अन्य कानून की आवश्यकता का अनुपालन नहीं किया है, जैसा कि इसके उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए सामग्री है, और आदेश, निर्देश या डिक्री, चाहे किसी भी नाम से जाना जाता हो, यह मानते हुए कि इस तरह का गैर-अनुपालन हुआ है , या तो विवादित नहीं किया गया है या अंतिम रूप प्राप्त कर लिया है।
- यदि पहले परंतुक में निर्दिष्ट अनुमोदन/अनंतिम अनुमोदन/अनुमोदन के नवीनीकरण के लिए आवेदन पूर्ण नहीं है, या इसमें गलत या गलत जानकारी है।
पीसीआईटी/सीआईटी द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया
पीसीआईटी या सीआईटी ट्रस्ट या संस्थान से ऐसे दस्तावेजों या सूचनाओं की मांग करेगा या ऐसी पूछताछ करेगा जो किसी निर्दिष्ट उल्लंघन के होने या अन्यथा होने के बारे में खुद को संतुष्ट करने के लिए आवश्यक समझे।
यदि वह संतुष्ट है कि एक या एक से अधिक निर्दिष्ट उल्लंघन हुए हैं, तो वह ऐसे पिछले वर्ष और बाद के सभी पिछले वर्षों के लिए सुनवाई का उचित अवसर प्रदान करने के बाद ऐसे ट्रस्ट या संस्था के अनुमोदन को रद्द करने के लिए लिखित रूप में एक आदेश पारित करेगा।
मान लीजिए कि वह एक या अधिक निर्दिष्ट उल्लंघनों की घटना से संतुष्ट नहीं है। उस मामले में, वह ऐसे ट्रस्ट या संस्था के अनुमोदन को रद्द करने से इंकार करते हुए लिखित में एक आदेश पारित करेगा।
पीसीआईटी/सीआईटी रद्दीकरण आदेश या अनुमोदन को रद्द करने से इंकार करने वाले आदेश की एक प्रति, जैसा भी मामला हो, निर्धारण अधिकारी और ऐसे ट्रस्ट या संस्था को अग्रेषित करेगा।
निरस्तीकरण आदेश पारित करने की समय-सीमा
रद्दीकरण आदेश या अनुमोदन को रद्द करने से इनकार करने वाला आदेश, जैसा भी मामला हो, 6 महीने की समाप्ति से पहले पारित किया जाएगा, जिसकी गणना उस तिमाही के अंत से की जाएगी जिसमें पीसीआईटी या सीआईटी द्वारा पहला नोटिस जारी किया गया है। 01-04-2022, किसी दस्तावेज़ या जानकारी के लिए, या कोई पूछताछ करने के लिए कॉल करना।
23. धारा 115खखग में संदर्भित कोई भी गुमनाम दान, जिस पर उक्त धारा के प्रावधानों के अनुसार कर देय है, कुल आय में शामिल किया जाएगा।
24.धारा 2(15) के प्रावधान लागू होंगे और संगठन को व्यावसायिक गतिविधियों में संलग्न नहीं होना चाहिए
23.धारा 10(1) के तहत कृषि आय के अलावा धारा 10 के तहत कोई छूट इस तरह के फंड या ट्रस्ट या संस्था या विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान की ओर से प्राप्त किसी भी आय को बाहर करने के लिए लागू नहीं होगी, जैसा भी मामला हो उस पिछले वर्ष के लिए प्राप्त करने वाले व्यक्ति की कुल आय से हो।
26. वित्त अधिनियम 2022 ने 01-04-2022 से धारा 10(23ग) के उन्नीसवें परंतुक में एक स्पष्टीकरण डाला। यह प्रदान करता है कि यदि धारा 10(23ग) (iv)/(v)/(vi)/(viक) के तहत अनुमोदित संस्थान को धारा 10(46)/(46क) के तहत अधिसूचित किया जाता है, तो ऐसी संस्था को दी गई स्वीकृति या अनंतिम अनुमोदन धारा 10(46)/(46क) के तहत अधिसूचना की तारीख से निष्क्रिय हो जाएगा।
27. वित्त अधिनियम 2022 ने धारा 10(23ग) में बीसवां प्रावधान शामिल किया है ताकि यह प्रावधान किया जा सके कि इस खंड के तहत छूट के उद्देश्य के लिए, किसी भी ट्रस्ट या संस्था को पिछले वर्ष के लिए आय की विवरणी को प्रावधानों के अनुसार प्रस्तुत करना आवश्यक है। अधिनियम की धारा 139(4ग), धारा 139(1) या धारा 139(4) के तहत अनुमत समय के भीतर।
28. वित्त अधिनियम 2022 ने अधिनियम की धारा 10(23ग) में इक्कीसवें परंतुक को यह प्रावधान करने के लिए सम्मिलित किया कि जहां किसी ट्रस्ट या संस्था की आय या आय का हिस्सा या संपत्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी व्यक्ति के लाभ के लिए लागू की गई है धारा 13(3) में संदर्भित, ऐसी आय या आय या संपत्ति का हिस्सा पिछले वर्ष के ऐसे व्यक्ति की आय माना जाएगा जिसमें यह लागू होता है। अधिनियम की धारा 13(2),(4) और (6) के प्रावधान धारा 10(23ग) में संदर्भित ट्रस्ट या संस्थान पर भी लागू होंगे।
29. वित्त अधिनियम 2022 में धारा 10(23ग) में बाईसवाँ प्रावधान जोड़ा गया है, यह प्रदान करने के लिए डाला गया है कि जहाँ कोई संस्थान निम्नलिखित प्रावधानों का उल्लंघन करता है, उसकी आय की गणना एक निर्दिष्ट तरीके से की जाएगी:
• धारा 10(23ग) का दसवां प्रावधान (खाते की किताबों का रखरखाव, आदि और खातों की लेखापरीक्षा)
• धारा 10(23ग) का बीसवां परंतुक (आय की विवरणी दाखिल करना)
• धारा 10(23ग) का अठारहवाँ प्रावधान (धारा 2(15) के प्रावधान के उल्लंघन में आय)
कर के लिए प्रभार्य आय की गणना ट्रस्ट या संस्था के उद्देश्यों के लिए भारत में किए गए व्यय (पूंजीगत व्यय के अलावा) के लिए कटौती की अनुमति देने के बाद की जाएगी, जो निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने के अधीन है, अर्थात्:
(क) इस तरह का व्यय उस आकलन वर्ष से संबंधित पिछले वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन के रूप में इस तरह के ट्रस्ट या संस्था के क्रेडिट के लिए खड़े निधि से नहीं है, जिसके लिए आय की गणना की जा रही है;
(ख) ऐसा व्यय किसी ऋण या उधार से नहीं है;
(ग) मूल्यह्रास का दावा उस संपत्ति के संबंध में नहीं है, जिसके अधिग्रहण का दावा उसी या किसी अन्य पिछले वर्ष में आय के आवेदन के रूप में किया गया है; और
(घ) ऐसा व्यय किसी भी व्यक्ति को योगदान या दान के रूप में नहीं है।
धारा 40(क)(झक), धारा 40क(3) और धारा (3क) के प्रावधान, यथावश्यक परिवर्तनों सहित, वैसे ही लागू होंगे जैसे वे "व्यवसाय या पेशे के लाभ और प्राप्ति" के तहत प्रभार्य आय की गणना में लागू होते हैं।
30. धारा 10(23ग) के तहत छूट का दावा करने के उद्देश्य के लिए, जहां किसी भी आय को लागू या संचित करने की आवश्यकता होती है, तब, ऐसे उद्देश्य के लिए आय को किसी कटौती या भत्ता के बिना मूल्यह्रास के माध्यम से या अन्यथा के संबंध में निर्धारित किया जाएगा। कोई भी संपत्ति, जिसके अधिग्रहण का दावा उसी या किसी अन्य पिछले वर्ष में इस खंड के तहत आय के आवेदन के रूप में किया गया है।
31. पिछले वर्ष से पहले के किसी भी वर्ष के किसी भी अतिरिक्त आवेदन का कोई समायोजन या कटौती या भत्ता पिछले वर्ष के दौरान अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए, धर्मार्थ ट्रस्टों को पिछले वर्षों के नुकसान या अधिक आवेदन को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
32. वित्त अधिनियम 2022 ने मूल्यांकन वर्ष 2022-23 से धारा 10(23ग) में एक स्पष्टीकरण 3 सम्मिलित किया, यह प्रदान करने के लिए कि किसी संस्था द्वारा देय किसी भी राशि को पिछले वर्ष में आय के आवेदन के रूप में माना जाएगा जिसमें ऐसी राशि वास्तव में इसके द्वारा भुगतान किया जाता है (पिछले वर्ष के बावजूद जिसमें संस्था द्वारा नियमित रूप से नियोजित लेखा पद्धति के अनुसार ऐसी राशि का भुगतान करने का दायित्व होता है)।
हालांकि, जहां किसी पिछले वर्ष के दौरान फंड या संस्था या ट्रस्ट या किसी विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान द्वारा किसी राशि का आवेदन करने का दावा किया गया है, ऐसी राशि को बाद के किसी पिछले वर्ष भी आवेदन के रूप में अनुमति नहीं दी जाएगी।
म्यूचुअल फंड की आय [धारा 10(23घ)]
निम्नलिखित म्यूचुअल फंड की कोई आय [धारा 115द से 115न के प्रावधानों के अनुसार) कर से मुक्त है
• भारतीय प्रतिभूति तथा विनिमय बोर्ड अधिनियम अथवा इसके अंतर्गत किए गए विनियमन के अंतर्गत पंजीकृत एक म्यूचुअल फंड
• सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अथवा एक सार्वजनिक वित्त संस्था द्वारा स्थापित अथवा आरबीआई (केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचितानुसार शर्तों के अनुसार ) द्वारा प्राधिकृत एक म्यूचुअल फंड
प्रतिभूतिकरण ट्रस्ट की आय [धारा 10(23घक)]
प्रतिभूतिकरण की गतिविधि द्वारा प्रतिभूतिकरण ट्रस्ट की कोई आय कर से मुक्त है
अधिसूचित निवेशक संरक्षण कोष की आय [धारा 10(23डक)]
प्राधिकृत स्टॉक एक्सचेंज तथा उसके सदस्यों से प्राप्त अंशदान के रूप में कोई आय , भारत में प्राधिकृत स्टॉक एक्सचेंज द्वारा स्थापित अधिसूचित संरक्षित कोष, कर से मुक्त है
बशर्तें उपलब्ध कराया जाए कि जहां कोष के क्रेटिड हेतु कोई बकाया राशि तथा किसी पिछले वर्ष के दौरान आयकर हेतु वसूलनीय नहीं है, सांझा है चाहे पूर्ण रूप से अथवा उसका भाग, प्राधिकृत स्टॉक एक्सचेंज के साथ, सांझा किए गए राशि का पूर्ण पिछले वर्ष जिसमें ऐसी राशि सांझा की गई है की आय के तौर पर समझा जाएगा तथा आयकर हेतु तद्नुसार वसूलनीय होगा
क्रेटिड गारंटी फंड ट्रस्ट की आय [धारा 10(23डख)]
भारत सरकार तथा भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक द्वारा बनाए गए ट्रस्ट के तौर पर लघु उद्योग के लिए क्रेटिड गांरटी फंड की कोई आय निर्धारण वर्ष 2002-03 से 2006-07 हेतु प्रासंगिक 5 वर्षों के लिए कर से मुक्त है
कमोडिटी एक्सचेंज द्वारा स्थापित अधिसूचित निवेशक संरक्षण कोष की आय [धारा 10(23डग)]
कमोडिटी एक्सचेंज तथा उसके सदस्यों से प्राप्त अंशदान के रूप में कोई आय, भारत में कमोडिटी एक्सचेंज द्वारा स्थापित अधिसूचित संरक्षित कोष, कर से मुक्त है
बशर्तें उपलब्ध कराया जाए कि जहां कोष के क्रेटिड हेतु कोई बकाया राशि तथा किसी पिछले वर्ष के दौरान आयकर हेतु वसूलनीय नहीं है, सांझा है चाहे पूर्ण रूप से अथवा उसका भाग, कमोडिटी एक्सचेंज के साथ, सांझा किए गए राशि का पूर्ण पिछले वर्ष जिसमें ऐसी राशि सांझा की गई है की आय के तौर पर समझा जाएगा तथा आयकर हेतु तद्नुसार वसूलनीय होगा
निक्षेपागार द्वारा स्थापित निवेशक संक्षण कोष की आय [धारा 10(23ड़घ)]
सेबी अधिनियम या निक्षेपागार अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों के अनुसार एक निक्षेपागार द्वारा स्थापित अधिसूचित निवेशक संरक्षण कोष की कोई आय, एक निक्षेपागार द्वारा प्राप्त अंशदान के रूप में, कर से करमुक्त है। बशर्ते कि जहां कोई राशि कोष के ऋण हेतु स्थाई हो और पिछले वर्ष के दौरान आयकर हेतु वसूली न की जाने वाली राशि सांझा की गई हो, या तो आंशिक तौर पर या निक्षेपागार के हिस्से के तौर पर, ऐसी सांझा की गई पूरी राशि उस पिछले वर्ष की आय हेतु समझी जाएगी जिसमें ऐसी राशि सांझा की जाती हो और तद्नुसार आयकर हेतु वसूलनीय होगी।
मूल निपटान गारंटी कोष की आय (धारा 10(23ड़ड़))
धारा 10(23ड़घ) नियामकों के अनुसार प्राधिकृत निकासी निगम द्वारा स्थापित ऐसे मूल निपटान गारंटी कोष की कोई निर्दिष्ट आय हेतु छूट प्रदान करती है जिसे केंद्र सरकार ने आधिकारिक राजपत्र के माध्यम से इस संबंध में निर्दिष्ट किया है।
यह जांचा जाना चाहिए कि जहां कोई राशि कोष को जमा करने के लिए बकाया तथा पिछले वर्ष के दौरान आयकर हेतु न दी जाने वाली राशि सांझा की जाती है, निर्दिष्ट व्यक्ति के साथ या तो पूरी अथवा आंशिक रूप से, तो ऐसी सांझा की गई पूर्ण राशि पिछले वर्ष की आय होने के तौर पर समझी जाएगी जिसमे ऐसी सांझा की गई राशि तद्नुसार आयकर हेतु वसूली जाएगी।
"प्राधिकृत निकासी निगम" का अर्थ वही होगा जैसा भारतीय प्रतिभूति तथा विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 तथा प्रतिभूति अनुबंध (नियामक) अधिनियम, 1956 के अंतर्गत बनाए गए प्रतिभूति अनुबंध (नियामक) (शेयर बाजार तथा निकासी निगम) नियम, 2012 के नियम 2 के उप-नियम(1) के वाक्यांश (ण) हेतु संदर्भित है।
"नियामक" का अर्थ है भारतीय प्रतिभूति तथा विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 तथा प्रतिभूति अनुबंध (नियामक) अधिनियम, 1956 के अंतर्गत बनाए गए प्रतिभूति अनुबंध (नियामक) (शेयर बाजार तथा निकासी निगम) नियम, 2012
"निर्दिष्ट आय" का अर्थ होगा -
(क) निर्दिष्ट व्यक्तियों से प्राप्त अंशदान के रूप में आय
(ख) प्राधिकृत निकासी निगम द्वारा अधिरोपित जुर्माने के रूप में आय तथा मूल निपटान गारंटी कोष को जमा अथवा
(ग) कोष द्वारा किए गए निवेश से आय
"निर्दिष्ट व्यक्ति" का अर्थ होगा -
(क) कोई प्राधिकृत निकासी निगम जो मूल निपटान गारंटी कोष को स्थापित तथा अनुरक्षित रखता हो
(ख) मूल निपटान गारंटी कोष हेतु अंशदाता अथवा ऐसे प्राधिकृत निकासी निगम में शेयरधारक के तौर पर कोई प्राधिकृत शेयर बाजार
(ग) मूल निपटान गारंटी कोष हेतु अंशदान करने वाला कोई निकासी सदस्य
एक उद्यम पूंजी उपक्रम में निवेश द्वारा उद्यम पूंजी कंपनी या उद्यम पूंजी कोष की आय [धारा 10(23चख)]
एक उद्यम पूंजी उपक्रम में निवेश द्वारा उद्यम पूंजी कंपनी या उद्यम पूंजी कोष की आय निर्धारण वर्ष 2001-02 से कर से मुक्त है। हालांकि, यह छूट धारा 10(23चख) में निर्दिष्ट शर्तों को पूरा करने के अनुसार छूट प्राप्त है। यह प्रावधान 1 अप्रैल, 2016 को या उसके बाद प्रारंभ हुए निर्धारण वर्ष हेतु प्रासंगिक पिछले वर्ष के उद्यम पूंजी कंपनी या उद्यम पूंजी कोष, धारा 115पख हेतु स्पष्टीकरण 1 के वाक्यांश (क) में निर्दिष्अ निवेश कोष के तौर पर, की किसी आय के संदर्भ में लागू नहीं होगा।
एक निवेशगत कोष की आय धारा 10(23चखक)
"व्यापार अथवा पेशे के लाभ तथा प्राप्ति" शीर्षक के अंतर्गत वसूलनीय आय को छोड़कर एक निवेशगत कोष की कोई आय धारा 10(23चखक) के अंतर्गत मुक्त है
"निवेशगत कोष" का वही अर्थ होगा जैसा धारा 115पख हेतु स्पष्टीकरण 1 के वाक्यांश (क) में निर्दिष्ट है।
एक निवेशगत कोष के इकाईधारक की धारा 115पख हेतु संदर्भित आय (धारा चखख)
धारा 115पख हेतु संदर्भित कोई आय, एक निवेशगत कोष के इकाई धारक द्वारा प्राप्त अथवा हेतु उत्पन्न अथवा उपार्जित, आय जो उसी प्रकार की है जो शीर्षक "व्यापारिक अथवा पेशेवर लाभ तथा प्राप्ति" के अंतर्गत आय के तौर पर वसूलनीय है, का भाग धारा 10(23चखख) के अंतर्गत मुक्त है।
"निवेशगत कोष" का वही अर्थ होगा जैसा धारा 115पख के स्पष्टीकरण 1 के वाक्यांश (क) हेतु निर्दिष्ट है
व्यापारिक न्यास की आय (धारा 10)(23चग)
निम्न के रूप में व्यापार की कोई आय
क) विशेष उद्देश्य वाहन से प्राप्त अथवा प्राप्तनीय ब्याज अथवा
ख) धारा 115-ण(7) हेतु संदर्भित लाभांश
"विशेष उद्देश्य वाहन" का अर्थ है एक भारतीय कंपनी जिसमें व्यापार ट्रस्ट ने हितो तथा हितधारकों अथवा हित, जो विनियमन द्वारा आपेक्षितानुसार है जिसमें ऐसा ट्रस्ट पंजीकरण उत्सर्जित करता है, की कोई निर्दिष्ट प्रतिशत ग्रहण किया हो
रियल एस्टेट निवेशगत न्यास के तौर पर व्यापारिक न्यास की कुछ आय धारा 10(23चगक)
व्यापारिक न्यास की कोई आय, रियल एस्टेट निवेशगत न्यास के तौर पर, ऐसे व्यापारिक न्यास द्वारा प्रत्यक्ष रूप से खरीदी किसी रियल एस्टेट को किराये अथवा पट्टे अथवा भाडे़ के रूप में, धारा 10(23चगक) के अंतर्गत मुक्त है।
"रियल एस्टेट परिसंपत्ति का अर्थ वही होगा जैसा भारतीय प्रतिभूति तथा विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 के अंतर्गत बनाए गए भारतीय प्रतिभूति तथा विनिमय बोर्ड अधिनियम (रियल एस्टेट निवेश न्यास), नियम 2014 के नियम 2 उप-नियम(1) के वाक्यांश (सञ) हेतु संदर्भित है।
भारत में किए गए निवेश से उत्पन्न लाभांश, ब्याज या दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ की प्रकृति में निर्दिष्ट व्यक्ति की आय [धारा 10(23चङ)]
लाभांश, ब्याज, धारा 56(2) के खंड (xii) में संदर्भित किसी भी राशि या भारत में उसके द्वारा किए गए निवेश से उत्पन्न दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (चाहे ऐसी पूंजीगत प्राप्तियां धारा 50कक के अंतर्गत अल्पावधि पूंजीगत प्राप्तियों के तौर पर समझी गई हो या नही)6 के रूप में किसी निर्दिष्ट व्यक्ति की कोई आय, चाहे के रूप में ऋण या शेयर पूंजी या इकाई, धारा 10(23चङ) के तहत छूट प्राप्त है।
हालाँकि, छूट उपलब्ध है यदि निर्दिष्ट इकाई द्वारा निर्दिष्ट शर्तों को पूरा किया जाता है।
नोट: विवरण शर्तों और छूट के लिए पात्र निर्दिष्ट संस्थाओं को पढ़ने के लिए कृपया धारा 10(23चङ) देखें।
अनिवासी या निर्दिष्ट फंड द्वारा अर्जित पूंजीगत लाभ की प्रकृति में आय [धारा 10(23चच)
6वित्त अधिनियम, 2025 द्वारा शामिल, 01.04.2025 से प्रभावी
पूंजीगत लाभ की प्रकृति की कोई भी आय, एक अनिवासी/निर्दिष्ट निधि द्वारा उत्पन्न या प्राप्त, भारत में एक निवासी कंपनी के शेयर के हस्तांतरण के कारण, परिणामी निधि या एक निर्दिष्ट निधि द्वारा धारित इकाइयों के कारण होने वाली सीमा तक अनिवासी (भारत में अनिवासी का स्थायी प्रतिष्ठान नहीं होने के नाते) धारा 10(23चच) के तहत कर से छूट प्राप्त होगी। हालांकि, छूट उपलब्ध होगी यदि:
1) ऐसे शेयरों को मूल निधि से परिणामी निधि में स्थानांतरण में स्थानांतरित किया गया था; और
2) ऐसे शेयरों पर पूंजीगत लाभ कर के लिए प्रभार्य नहीं थे यदि वह स्थानांतरण नहीं हुआ होता।
टिप्पणी:
"मूल निधि", "स्थानांतरण" और "परिणामस्वरूप निधि" का अर्थ धारा 47 के खंड (viiकग) और खंड (viiकघ) के स्पष्टीकरण में क्रमशः उन्हें सौंपा जाएगा।
"निर्दिष्ट निधि" का अर्थ धारा 10 के खंड (4घ) के स्पष्टीकरण के खंड (ग) में निर्दिष्ट अर्थ होगा;
व्यापार ट्रस्ट द्वारा इकाई धारक की वितरित आय [धारा 10(23चघ)]
व्यापार ट्रस्ट, यह मौजूद नही कि आय का अनुपात उसी प्रकार का हो जैसा वाक्यांश (23चग) में संदर्भित है, से इकाई धारक द्वारा प्राप्त धारा 115पक में निर्दिष्ट किसी प्रकार की वितरित आय कर से मुक्त है
पंजीकृत ट्रैड यूनियन की आय [धारा 10(24)]
भारतीय ट्रैड यूनियन अधिनियम, 1926, श्रमिकों तथा नियोक्ता अथवा श्रमिकों से श्रमिकों के बीच संबंध के विनियमन के उद्देश्य के लिए मुख्य रूप से बनाया गया, के अर्थ के अंतर्गत निहित पंजीकृत यूनियन के "आवास संपत्ति से आय" तथा "अन्य स्रोतों से आय" शीर्षक के अंतर्गत देययोग्य कोई आय कर से मुक्त है। समान प्रकार की छूट पंजीकृत यूनियनों की एसोसिएशन के लिए उपलब्ध है
भविष्य निधि की आय [धारा 10(25)]
निम्नलिखित आय इस धारा के अंतर्गत कर से मुक्त है
• ऐसी प्रतिभूति से उत्पन्न एक सांविधिक भविष्य निधि तथा कोई पूंजीगत प्राप्ति द्वारा संघटित प्रतिभूति पर ब्याज
• अनुमोदित आनुतोषिक कोष अथवा अनुमोदित पेंशन कोष अथवा प्राधिकृत भविष्य निधि की ओर से न्यासी द्वारा प्राप्त कोई आय
• डिपोजिट-लिंक्ड बीमा कोष की ओर से ट्रस्टी के बोर्ड द्वारा प्राप्त कोई आय
कर्मचारी राज्य बीमा कोष की आय [धारा 10(25क)]
कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के अंतर्गत स्थापित कर्मचारी राज्य बीमा निगम के कर्मचारी राज्य बीमा कोष की कोई आय धारा 10(25क) के अंतर्गत कर से मुक्त है
अनुसूचित जनजाति के सदस्यों की आय [धारा 10(26)]
अनुसूचित जनजाति (संविधान के अनुच्छेद 366(25) के अनुसार) के सदस्यों की आय कर से मुक्त है यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो :
• ऐसा सदस्य नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, अरूणाचल प्रदेश, मिजोरम अथवा उत्तरी काछर पर्वत, मिकरी पर्वत, खासी पर्वत, जैनतियां पर्वत तथा गारों पर्वत अथवा जम्मू-कश्मीर राज्य के लद्दाख क्षेत्र में रहता हो
• ऐसी छूट आय के संबंध में उपलब्ध है जो किसी क्षेत्र से अर्जित प्रतिभूति पर लाभांश/ब्याज के रूप में आय अथवा ऐसे क्षेत्रों में किसी स्रोत से उपार्जित/उत्पन्न होती हो
"सिक्किमी" व्यक्ति की आय [धारा 10(26ककक)]
"सिक्किमी" व्यक्ति [धारा 10(26ककक) में विवरणानुसार) की निम्नलिखित आय कर से मुक्त है
• सिक्किम राज्य से कोई आय अथवा
प्रतिभूति (सिक्किम अथवा अन्य किसी स्थान में उपार्जित) पर ब्याज अथवा लाभांश के रूप में आय।
कृषि उत्पादन विपणन समिति/बोर्ड की आय [धारा 10(26ककख)]
प्रभावी निर्धारण वर्ष 2009-10 से, कृषि उत्पाद के विपणन के विनियमन के उद्देश्य के लिए किसी कानून के अंतर्गत संस्थापित कृषि उत्पादन विपणन समिति/बोर्ड की कोई आय धारा 10(26ककख) के अंतर्गत कर से मुक्त है
अनुसूचित जाति आदि के सदस्यों के हितों को बढ़ावा देने के लिए संस्थापित निगम अथवा अन्य निकाय अथवा संस्थान अथवा एसोसिएशन की आय [धारा 10(26ख)
अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़े वर्गों अथवा कोई दो अथवा सभी [धारा 10(26ख) में विवरणानुसार) के सदस्यों के हितों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई कोई अन्य निकाय, संस्थान अथवा एसोसिएशन (सरकार द्वारा पूर्णता वित्त पोषित) अथवा केंद्र, राज्य अथवा प्रांतीय अधिनियम द्वारा स्थापित एक निगम की कोई आय धारा 10(26ख) के अंतर्गत कर से मुक्त है
अल्पसंख्यक जाति के हितों को प्रोत्साहित करने के लिए संस्थापित निगमित आय (धारा 26खख)
अल्पसंख्यक जातियों के हितों को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित कार्पोरेशन की आय समय-समय पर केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचितानुसार ऐसी अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के हितों को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार अथवा राज्य सरकार द्वारा स्थापित कॉरपोरेशन की अन्य धारा 10(26खख) के अंतर्गत कर से मुक्त है
पूर्व-सैन्यकर्मियों के लिए स्थापित कार्पोरेशन की आय [धारा 10(26खखख)]
मूल्यांकन वर्ष 2004-05 से, पूर्व-सैन्यकर्मी (भारतीय नागरिक होने के नाते) के आर्थिक उत्थान तथा कल्याण के लिए केंद्र, राज्य अथवा प्रांतीय अधिनियम द्वारा बनाया गया सांविधिक निगम की कोई आय धारा 10(26खखख) के अंतर्गत कर से मुक्त है
"पूर्व सैन्यकर्मी" का अर्थ एक व्यक्ति जिसने साक्ष्यांकन के पश्चात् कम से कम छह महीने की निरंतर अवधि के लिए संविधान (असम राईफल्स, रक्षा सुरक्षा कोर, जनरल रिजर्व इंजनियरिंग फोर्स, लोक सहायक सेना, जम्मू-कश्मीर मिलिशिया तथा प्रादेशिक सेना) के सूत्रपात होने से पूर्व भारतीय गणराज्य के सैन्य बल अथवा यूनियन की सैन्य बलों में योद्धा अथवा गैर-योद्धा के तौर पर किसी पद में सेवा की हो तथा निकाला गया हो, दुराचार अथवा अक्षमता के कारण निष्काषित अथवा निरस्त किया गया हो तथा उसकी मृत्यु अथवा अक्षमता से ठीक पहले ऐसे पूर्व-सैन्यकर्मी पर उसकी पत्नी, बच्चे, पिता, माता, नाबालिग भाई, विधवा पुत्री तथा विधवा बहन, पूर्णता आश्रित सहित मृतक अथवा अक्षम होने की स्थिति को छोड़कर
अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के हितों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई एक सहकारी संस्था की आय [धारा 10(27)]
अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति अथवा दोनो (जैसा कि धारा 10(26ख) में दिया गया है) के सदस्यों के हितों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई एक सहकारी संस्था की आय कर से मुक्त है। छूट केवल तब उपलब्ध होती है जब उसी उद्देश्य के लिए बनाई गई अन्य सहकारी संस्था में सहकारी संस्था की सदस्यता सन्निहित हो तथा संस्था का वित्त सरकार तथा ऐसी अन्य संस्थाओं [धारा 10(27)] द्वारा उपलब्ध कराया जाए
कॉफी बोर्ड, रबर बोर्ड आदि की आय [धारा 10(29क)]
कॉफी बोर्ड, रबर बोर्ड, टी बोर्ड, तंबाकू बोर्ड, समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण, कृषि तथा प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण, मसाला बोर्ड तथा कोई बोर्ड की कोई आय धारा 10(29क) के अंतर्गत कर से मुक्त है
टी बोर्ड द्वारा सब्सिडी [धारा 10(30)]
करदाता, जो भारत में चाय के उत्पादन तथा विनिर्माण का व्यापार करता है, की स्थिति में, चाय बागान के पौधरोपण अथवा प्रतिस्थापन के लिए अधिसूचित योजना के अंतर्गत चाय बोर्ड द्वारा अथवा से प्राप्त किसी प्रकार की सब्सिडी अथवा चाय की खेती के लिए प्रयोग किए गए क्षेत्र के जीर्णोद्धार अथवा समेकन के लिए सब्सिडी कर से मुक्त है (अधिसूचित योजनाओं के लिए अधिसूचना सं. एस.ओ. 3616, दिनांक 27 सितम्बर, 1976 देखें)
छूट का दावा करने के लिए वर्ष के दौरान करदाता को दी गई सब्सिडी की राशि के अनुसार टी बोर्ड से एक प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाना है
एक समान प्रकार की छूट रबर, काफी, इलायची अथवा ऐसे अन्य उत्पाद जैसा केंद्र सरकार अधिसूचित कर सकती है निर्दिष्ट करे [धारा 10(31)] के उत्पादन तथा विनिर्माण के व्यापार में संलग्न करदाता द्वारा प्राप्त सब्सिडी के संबंध में धारा 10(31) के अंतर्गत उपलब्ध है
नाबालिग की आय [धारा 10(32)]
धारा 64(1क) के अंतर्गत नाबालिग की आय कुछ शर्तों के अनुसार अपने माता-पिता की आय के साथ संयोजित होती है। यदि व्यक्ति की आय में उसके नाबालिग बालक की आय शामिल होती है तो ऐसा व्यक्ति निम्नलिखित राशि के कम हेतु छूट (प्रत्येक नाबालिग बालक के संबंध में) का दावा कर सकता है
(क) रू. 1500 प्रति नाबालिग अथवा
(ख) प्रत्येक नाबालिग की आय की राशि (जो संयोजित है)
यूएस 64 के स्थानांतरण पर पूंजीगत प्राप्ति
धारा 10(33) के अनुसार यूनिट स्कीम, 1964 (यूएस 64) की यूनिट के स्थानांतरण पर उपार्जित दीर्घ-कालीन अथवा अल्प कालीन पूंजीगत लाभ कर से मुक्त है यदि ऐसी परिसंपत्ति का स्थानांतरण 1/04/2002 को अथवा इसके पश्चात् किया जाता है
यूनिट पर लाभांश तथा ब्याज [धारा 10(34)/(35)]
निम्नलिखित आय निर्धारण वर्ष 2004-05 से कर हेतु वसूलनीय नही है
• धारा 115-ण के अंतर्गत आने वाले लाभांश के रूप में कोई आय (अर्थात् घरेलू कंपनी से कोई लाभांश धारा 2(22)(ड) के अंतर्गत आने वाले लाभांश को छोड़कर)
• म्यूचुअल फंड की यूनिट के संबंध में कोई आय
• यूटीआई के यूनिट होल्डर द्वार प्राप्त आय
• निर्दिष्ट कंपनी के यूनिट के संबंध में आय
टिप्पणी :
1. धारा 115-ण तथा धारा 115द के अंतर्गत यूनिट पर आय अथवा शेयर पर लाभांश देने वाला व्यक्ति को लाभांश/वितरित आय पर कर वितरित करना होगा
2. यह ध्यान रखना चाहिए कि इस वाक्यांश के अंतर्गत यूनिट के स्थानांतरण पर आय छूट मुक्त नहीं है
कंपनी द्वारा शेयर की क्रय वापसी के कारण शेयरधारकों की आय [धारा 10(34क)]
धारा 115थक में संदर्भितानुसार कंपनी द्वारा शेयरों (चाहे सूचीबद्ध हो या असूचीबद्ध) की क्रय वापसी के कारण शेयरधारक होने के नाते निर्धारिती हेतु उत्पन्न होने वाली कोई आय धारा 10(34क) के अंतर्गत कर से मुक्त है। यह छूट केवल उन मामलों में उपलब्ध है जहां अतिरिक्त आयकर ऐसे शेयरों की पुन: खरीद को चुनने के लिए कंपनी द्वारा धारा 115थ के अंतर्गत वितरित आय पर देययोग्य हो।
प्रभावी तिथि 05/07/2019 से धारा 115थक को सूचित कंपनियों द्वारा शेयरों की पुन: खरीद पर अतिरिक्त कर को लगाने के लिए संशोधित किया जा चुका है। तद्नुसार, धारा 10(34क) को भी संशोधित किया जा चुका है ताकि सूचित कंपनियों द्वारा शेयरों की पुन: खरीद के कारण शेयरधारकों के हाथों प्राप्त आय को छूट दी जा सके।
विमान पट्टे पर देने के कारोबार में लगी आईएफएससी इकाइयों के भीतर अंतर-कॉर्पोरेट लाभांश वितरण के लिए कर छूट [धारा 10(34ख)]
वित्त अधिनियम 2023 की धारा 10 में एक नया खंड (34ख) जोड़ा गया है, जो निर्धारण वर्ष 2024-25 से लागू होगा। यह खंड मुख्य रूप से एयरक्राफ्ट लीजिंग व्यवसाय में लगे आईएफएससी यूनिट द्वारा अर्जित लाभांश आय से छूट देता है। हालाँकि, छूट इस शर्त के अधीन है कि लाभांश का भुगतान करने वाली कंपनी भी एक आईएफएससी इकाई होनी चाहिए
7वित्त अधिनियम, 2025 द्वारा शामिल, 01.04.2025 से प्रभावी
और विमान या समुद्री जहाज7 पट्टे के कारोबार में लगी हुई होनी चाहिए।
एक प्रतिभूतिकरण ट्रस्ट द्वारा प्राप्त निवेशक की आय [धारा 10(35क)]
कथित ट्रस्ट के तौर पर किसी व्यक्ति द्वारा एक प्रतिभूतिकरण ट्रस्ट से प्राप्त धारा 115नक में संदर्भितानुसार कोई वितरित आय धारा 10(35क) के अंतर्गत कर से मुक्त है
टिप्पणी : छूट 1 जून 2016 से उपलब्ध नहीं होगी।
शहरी कृषियोग्य भूमि के अनिवार्य अधिग्रहण की स्थिति में पूंजीगत प्राप्ति [धारा 10(37)]
एक व्यक्ति अथवा हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ) 1 अप्रैल 2004 को अथवा के पश्चात् मुआवजे को उपलब्ध करावा कर शहरी क्षेत्र में स्थित कृषि भूमि के अनिवार्य अधिग्रहण के रूप में स्थानांतरण पर उत्पन्न पूंजीगत लाभ के संबंध में छूट का दावा कर सकता है। यह छूट तब उपलब्ध होगी जब भूमि का प्रयोग स्थानांतरण की उत्तरगामी तिथि से ठीक 2 वर्ष की अवधि के लिए कृषि उद्देश्य के लिए करदाता (अथवा व्यक्ति की स्थिति में उसके माता-पिता के द्वारा) किया गया था
आंध्र प्रदेश सरकार की भूमि एकत्रीकरण योजना के अंतर्गत निर्दिष्ट पूंजी परिसंपत्तियों के स्थानांतरण पर पूंजी प्राप्ति [धारा 10(37क)]
धारा 10(37क) (वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा शामिल पूर्वप्रभावी तिथि 01-4-2015 के साथ) आंध्र प्रदेश सरकार की भूमि एकत्रीकरण योजना के अंतर्गत एक व्यक्ति या एचयूएफ द्वारा निर्दिष्ट पूंजी परिसंपत्ति के स्थानांतरण पर उत्पन्न पूंजी प्राप्ति के संदर्भ में छूट मुहैया कराती है।
"निर्दिष्ट पूंजी परिसंपत्ति" का अर्थ -
(क) 2 जून, 2014 के अनुसार निर्धारिती द्वारा खरीदी गई दोनों भूमि या भवन और जिसे योजना के अंतर्गत स्थानांतरित किया गया हो या
(ख) 2 जून, 2014 के अनुसार निर्धारिती द्वारा खरीदी गई दोनों भूमि या भवन और जिसे योजना के अंतर्गत स्थानांतरित किया गया हो या
(ग) योजना के अंतर्गत दोनों स्थानांतरित भूमि या भवन के स्थान पर निर्धारिती द्वारा प्राप्त पुर्नगठित भूमि या भवन, जो भी मामला हो, यदि ऐसा प्राप्त हुआ प्लाट या भूिम, जो भी मामला हो वित्त वर्ष, जिसमें ऐसी भूमि या भवन को निर्धारिती को सौंपा गया, के खत्म होने से 2 वर्षों के अंदर स्थानांतरित किया जाता हो
प्रतिभूति लेनदेन कर के अंतर्गत आने वाले व्यापारिक ट्रस्ट की इकाई अथवा इक्विटी उन्मुखी म्यूचुअल फंड अथवा इक्विटी शेयर के स्थानांतरण पर दीर्घ कालीन पूंजीगत प्राप्ति [धारा 10(38)]
प्रतिभूति के स्थानांतरण पर उत्पन्न दीर्घकालीन पूजीगत लाभ किसी व्यक्ति के हाथों में कर हेतु वसूलनीय नहीं है यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है
1. परिसंपत्ति लेनदेन कंपनी के इक्विटी शेयर अथवा इक्विटी उन्मुखी म्यूचुअल फंड की इकाई अथवा व्यापार ट्रस्ट की इकाई होना चाहिए
2. लेनदेन स्थानांतरण के समय प्रतिभूति लेनदेन कर हेतु उत्तरदायी होना चाहिए
3. ऐसी परिसंपत्ति दीर्घ-कालीन पूंजीगत परिसंपत्ति होनी चाहिए
4. स्थानांतरण 1 अक्टूबर, 2004 को अथवा पश्चात् किया गया हो
इक्विटी उन्मुखी म्यूचुअल फंड का अर्थ है धारा 10(23घ) के अंतर्गत निर्दिष्ट एक म्यूचुअल फंड तथा उसके विनिवेशित फंड का 65 प्रतिशत, कुल प्राप्ति में से, घरेलू कंपनी के इक्विटी शेयर में निवेश किया गया हो
टिप्पणी :
(1) प्रभावी तिथि 01.04.2016 से, धारा 10(38) के अंतर्गत पूंजीगत प्राप्ति से छूट उपलब्ध होगी भले ही व्यापारिक न्यास जो विशेष उद्देश्य वाहन के शेयर के स्थान पर प्राप्त किए गए थे, जैसा धारा 47((xvii) में संदर्भित है तथा जिस पर प्रतिभूति लेनदेन कर दिया गया हो, की इकाई के स्थानांतरण से उत्पन्न दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्ति के संबंध में उपलब्ध हो ।
(2) धारा 10(38) के अंतर्गत दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्ति से छूट प्रभावी तिथि 1 अप्रैल, 2017 से उपलब्ध होगी भले ही एसटीटी नहीं दिया गया हो, बशर्ते कि
- लेनदेन किसी अंतर्राष्ट्रीय वित्त सेवा केंद्र में स्थित प्राधिकृत शेयर बाजार पर किया गया हो तथा
- प्रतिफल विदेशी मुद्रा में दिया अथवा देययोग्य हो
(3) प्रभावी निर्धारण वर्ष 2018-19 से, धारा 10(38) के अंतर्गत छूट नहीं मिलेगी यदि एसटीटी स्थानांतरण के समय दिया जाता हो यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी होती हो
(क) दीर्घकालीन पूंजी प्राप्ति एक कंपनी में ईक्विटी शेयर के स्थानांतरण से मिलती हो
(ख) शेयरों को 1/10/2004 को या उसके बाद प्राप्त किया गया था
(ग) शेयरों के अधिग्रहण के समय, लेनदेन प्रतिभूति लेनदेन कर हेतु वसूलनीय नहीं था।
(घ) अधिग्रहण का लेनदेन अधिसूचित लेनदेन नहीं होना चाहिए। केंद्र सरकार वास्तविक मामलों में छूट से बचने के लिए कुछ लेनदेन को निर्दिष्ट करेगा।
(4) धारा 10(38) के अंतर्गत कोई छूट प्रभावी निर्धारण वर्ष 2019-20 से उपलब्ध नहीं है। रू. 1 लाख के अतिरिक्त सूचित प्रतिभूतियों की बिक्री से दीर्घकालीन पूंजी प्राप्तियां धारा 112क के अंतर्गत 10 प्रतिशत की दर पर करयोग्य है (कुछ शर्तों के अनुसार)
अंतर्राष्ट्रीय खेल स्पर्धा से आय [धारा 10(39)]
निर्धारण वर्ष 2006-07 से, भारत में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय खेल स्पर्धा से उपार्जित अधिसूचित व्यक्ति की कोई निर्दिष्ट आय कर से मुक्त है यदि स्पर्धा अंतर्राष्ट्रीय निकाय द्वारा अनुमोदित हो तथा केद्र सरकार द्वारा अधिसूचित हो तथा जिसमें दो देशों से अधिक राष्ट्रो ने भाग लिया हो
निर्दिष्ट सहायक कंपनी द्वारा प्राप्त अनुदान [धारा 10(40)]
अनुदान के रूप में सहायक कंपनी द्वारा अथवा अन्यथा इसकी भारतीय धारण कंपनी जो ऊर्जा के उत्पादन/संचरण/वितरण के व्यापार में संलग्न है, से प्राप्त किसी प्रकार की आय कर मुक्त है यदि ऐसी प्राप्ति ऊर्जा उत्सर्जन के मौजूदा व्यापार के पुन:निर्माण अथवा पुनरूद्धार के संबंध में देय समायोजन के लिए है। छूट उपलब्ध है यदि पुननिर्माण अथवा पुनरूद्धार धारा 80झक(4)(अ)(क) के अंतर्गत अधिसूचित भारतीय कंपनी के व्यापार के स्थानांतरण के रूप में है
धारा 10(41) के अंतर्गत उक्त मामले में उत्पन्न किसी प्रकार की पूंजीगत प्राप्ति कर हेतु वसूलनीय नही है यदि स्थानांतरण 1 अप्रैल, 2006 से पूर्व किया गया है
गैर-लाभ निकाय अथवा प्राधिकरण की आय [धारा 10(42)]
बहुपक्षीय संधि समझौता अथवा संधिपत्र जो केंद्रीय सरकार के लिए हस्ताक्षरी है के अंतर्गत गठित अथवा नियुक्त केंद्र सरकार तथा संस्थित द्वारा अधिसूचित गैर-लाभ निकाय/प्राधिकरण की कोई निर्दिष्ट आय धारा 10(42) के अंतर्गत कर से मुक्त है
उतक्रम गिरवी की स्थिति में ऋण [धारा 10(43)]
धारा 47(XVI) में संदर्भित उतक्रम गिरवी के लेनदेन में ऋण (चाहे एकमुश्त हो अथवा किश्त में हो) के तौर पर व्यक्ति द्वारा प्राप्त कोई राशि कर हेतु वसूलनीय नहीं है
नई पेंशन प्रणाली ट्रस्ट की आय [धारा 10(44)]
प्रभावी वर्ष 2009-10 से भारतीय ट्रस्ट अधिनियम, 1882 के प्रावधानों के अंतर्गत 27-2-2008 को स्थापित नई पेंशन प्रणाली ट्रस्ट के लिए अथवा की ओर से किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त कोई आय कर से मुक्त होगी
अध्यक्ष/सेवानिवृत्त अध्यक्ष अथवा अन्य कोई सदस्य/यूपीएससी के सेवानिवृत्त सदस्य को दिए गए रियायत अथवा कोई अधिसूचित भत्ता [धारा 10(45)]
धारा 10(45) के अनुसार, कोई भत्ता अथवा रियायत, इस संबंध में आधिकारिक राजपत्र में केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचितानुसार, अध्यक्ष अथवा सेवानिवृत्त अध्यक्ष अथवा अन्य कोई सदस्य अथवा संघ लोक सेवा आयोग के सेवानिवृत्त सदस्य कर देने से मुक्त है
अधिसूचित निकाय/प्राधिकरण/ट्रस्ट/आयोग की निर्दिष्ट आय की छूट [धारा 10(46)]
धारा 10(46) के अंतर्गत, किसी अधिसूचित निकाय/प्राधिकरण/बोर्ड/ट्रस्ट/आयोग (चाहे जो भी नाम हो) जिसे केंद्र, राज्य अथवा प्रांतीय अधिनियम के अंतर्गत अथवा द्वारा स्थापित अथवा गठित किया गया हो अथवा जिसे सामान्य जनों के लाभ के लिए प्रशासन अथवा विनियमन की किसी गतिविधि के उद्देश्य से नाकि किसी व्यवसायिक गतिविधि में संलग्नता के लिए सरकार अथवा राज्य सरकार द्वारा स्थापित किया गया हो तथा जो इस वाक्यांश के उद्देश्य के लिए अधिकारिक राजपत्र में केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित है, हेतु उपार्जित कोई निर्दिष्ट आय कर से मुक्त है
अधिसूचित बोर्ड/प्राधिकरण/निकाय/आयोग के ट्रस्ट की आय में छूट [धारा 10(46क]
किसी निकाय या प्राधिकरण या बोर्ड या ट्रस्ट या आयोग के कंपनी न होने पर उत्पन्न होने वाली कोई भी आय, जो:
क) निम्नलिखित उद्देश्यों में से एक या अधिक के साथ एक केंद्रीय अधिनियम या राज्य अधिनियम के तहत स्थापित या गठित किया गया है:
• आवास आवास की आवश्यकता से निपटना और उसे संतुष्ट करना;
• शहरों, कस्बों और गांवों के विकास या सुधार की योजना बनाना;
• आम जनता के लाभ के लिए किसी भी गतिविधि को विनियमित या विनियमित और विकसित करना; या
• जिस उद्देश्य के लिए इसे बनाया गया है, उससे उत्पन्न आम जनता के लाभ के लिए किसी भी तरीके का विनियमन करना और
ख) केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित किया गया है।
क्रेडिट गारंटी ट्रस्टों/फंडों की आय पर छूट [धारा 10(46ख]
प्रभावी निर्धारण वर्ष 2024-25, निम्नलिखित ट्रस्टों/फंडों से अर्जित या उत्पन्न होने वाली कोई भी आय कर से मुक्त होगी:
क) नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC)।
ख) केंद्र सरकार द्वारा स्थापित और पूरी तरह से वित्तपोषित और एनसीजीटीसी द्वारा प्रबंधित क्रेडिट गारंटी फंड।
एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (CGTMSE) सीजी और सिडबी द्वारा बनाया गया।
निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थापित अधिसूचित आधारभूत ऋण कोष की कोई आय [धारा 10(47)]
धारा 10(47) के अनुसार, आयकर नियम के नियम 2च में निर्दिष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थापित अधिसूचित आधारभूत ऋण की कोई आय कर से मुक्त है
कच्चे तेल आदि के आयात के लिए भारतीय मुद्रा में कुछ विदेशी कंपनियों द्वारा प्राप्त आय [धारा 10(48)]
कच्चे तेल, अन्य कोई अधिसूचित उत्पाद अथवा की बिक्री के कारण विदेशी कंपनी द्वारा भारतीय मुद्रा में भारत में प्राप्त कोई आय भारत में किसी व्यक्ति हेतु अधिसूचित सेवा का प्रतिपादन कर से मुक्त है बशर्तें उपलब्ध कराया जाए
(i) विदेशी कंपनी द्वारा भारत में ऐसी आय की प्राप्ति केंद्र सरकार द्वारा किए गए समझौते अथवा व्यवस्था के अनुसार है अथवा केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित है
(ii) राष्ट्र हित से संबंधित है, विदेशी कंपनी तथा समझौता अथवा व्यवस्था इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित है तथा
(iii) विदेशी कंपनी ऐसी राशि, भारत में, की प्राप्ति को छोड़कर ऐसी गतिविधि में संलग्न नहीं है
क्रूड ऑयल की बिक्री और भंडारण के कारण विदेशी कंपनी की कोई आय धारा 10(48क)
भारत में क्रूड ऑयल के भंडारण की सुविधा के माध्यम से विदेशी कंपनी को अर्जित कोई आय तथा भारत में किसी निवासी व्यक्ति को उससे बिक्री कर से मुक्त है बशर्ते
(क) विदेशी कंपनी द्वारा भंडारण तथा बिक्री केंद्र सरकार अनुमोदित अथवा केंद्र सरकार द्वारा किए गए समझौते के अनुसार हो तथा
(ख) राष्ट्र हित के संबंध में, विदेशी कंपनी तथा समझौता अथवा व्यवस्था इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित हो।
कच्चे तेल के बचे हुए भंडार के कारण विदेशी कंपनी की कोई आय [धारा 10 (48ख)]
धारा 10(48ख) मुहैया कराती है कि निर्दिष्ट शर्तों के अनुसार कथित समझौते की समाप्ति पर या एक समझौते या एक अनुबंध के समाप्त होने के बाद भारत में एक सुविधा से कच्चे तेल, यदि हो, के बचे हुए भंडार की बिक्री के कारण विदेशी कंपनी हेतु उत्पन्न या उपार्जित कोई आय ऐसी शर्तों के अनुसार कर मुक्त होगा जिसे इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है।
नेशनल फाइनेंशियल होल्डिंग्स कंपनी लिमिटेड हेतु कर छूट [धारा 10(49)]
धारा 10(49) के अनुसार, 1 अप्रैल, 2014 को अथवा पूर्व प्रारंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष हेतु प्रासंगिक किसी वर्ष के केंद्र सरकार द्वारा स्थापित कंपनी के तौर पर नेशनल फाइनेंशियल होल्डिंग्स कंपनी लिमिटेड की कोई आय कर से मुक्त है
अन्य महत्वपूर्ण छूट
धारा 10 के उक्त चर्चित छूट को छोड़कर निम्नलिखित अन्य महत्वपूर्ण छूट की सूची है
• मुक्त व्यापार क्षेत्र अथवा इलैक्ट्रानिक हार्डवेयर टैक्नालॉजी पार्क अथवा इलैक्ट्रानिक सॉफ्टवेयर टैक्नालॉजी पार्क में नए स्थापित उपक्रमों की आय के संबंध में छूट के लिए धारा 10 क उपलब्ध कराई गई है
• विशेष आर्थिक जोन में नई स्थापित इकाई की आय के संबंध में छूट के लिए धारा 10कक उपलब्ध कराई गई है
• सार्वजनिक धर्मार्थ अथवा धार्मिक ट्रस्ट की आय के संबंध में धारा 11 तथा 12 उपलब्ध कराई गई है
• राजनीतिक दल की आय के संबंध में धारा 13क छूट प्रदान करती है
• इलैक्टोरल ट्रस्ट की आय के संबंध में धारा 13ख छूट प्रदान करती है
कर मुक्त आय पर एमसीक्यू
प्र. 1 धारा .................. सरकारी कर्मचारी (अर्थात् केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार अथवा स्थानीय प्राधिकरण) द्वारा प्राप्त आनुतोषिक हेतु छूट प्रदान करती है
(क) 10(5) (ख) 10(10)(i)
(ग) 10(10)(ii) (घ) 10(10क)
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 10(10)(i) सरकारी कर्मचारी (अर्थात् केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार अथवा स्थानीय प्राधिकरण) द्वारा प्राप्त आनुतोषिक हेतु छूट प्रदान करती है
इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है
प्र. 2. धारा 10(10घ) के अंतर्गत छूट धारा 80घघख/80प के अंतर्गत संक्रमण/विकलांगता से पीड़ित व्यक्ति के नाम पर ली गई पॉलिसी के संबंध में उपलब्ध नही है
(क) सही (ख) गलत
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 10(10घ) के अंतर्गत छूट 31 मार्च 2003 को अथवा उससे पूर्व जारी पॉलिसी के लिए प्राप्त राशि के संबंध में बिना शर्त उपलब्ध है। हालांकि 1 अप्रैल 2003 को अथवा पश्चात् जारी पॉलिसी के संबंध में छूट केवल तब उपलब्ध है जब किसी वित्त वर्ष में ऐसी पॉलिसी पर दिए गए प्रीमियम की राशि वास्तविक कैपिटल सम एशोयर्ड के 20 प्रतिशत (1 अप्रैल 2012 को अथवा पश्चात् ली गई पॉलिसी के संबंध में 10 प्रतिशत) से अधिक न हो। प्रभावी तिथि 1-4-2013 से धारा 80घघख के अंतर्गत निर्दिष्ट रोग से पीड़ित व्यक्ति के नाम पर अथवा धारा 80प के अंतर्गत निर्दिष्ट विकलांगता से पीड़ित व्यक्ति के नाम पर ली गई पॉलिसी के संबंध में सीमा कैपिटल सम एशोयर्ड के 15 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है
प्र. 3 नियम 2क के साथ पठित धारा 10(13क) के अंतर्गत स्वीकृत आवास किराये के संबध में छूट की गणना के दौरान वेतन में केवल मूल वेतन तथा मंहगाई भत्ता सभी सेवानिवृत्ति लाभों की गणना के दौरान वेतन के बनाने वाला भाग शामिल होगा
(क) सही (ख) गलत
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
नियम 2क के साथ पठित धारा 10(13क) के अंतर्गत स्वीकृत आवास किराये के संबध में छूट की गणना के दौरान वेतन में केवल मूल वेतन तथा मंहगाई भत्ता सभी सेवानिवृत्ति लाभों की गणना के दौरान वेतन के बनाने वाला भाग तथा कर्मचारी द्वारा प्राप्त किए गए करोबार के निश्चित प्रतिशत पर आधारित कमीशन शामिल होगा। इसके अलावा, इस उद्देश्य के लिए वेतन में अन्य कोई भत्ता/अनुलाभ शामिल नही होगा
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है
प्र. 4 धारा ................ के अनुसार प्रसार भारती (ब्राडकास्टिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया) की कोई आय कर से मुक्त है
(क) 10(20) (ख) 10(21)
(ग) 10(23खखड) (घ) 10(23खखज)
सही उत्तर : (घ)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 10(23खखज) के अनुसार प्रसार भारती (ब्राडकास्टिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया) अधिनियम, 1990 की धारा 3(1) के अंतर्गत स्थापित प्रसार भारती (ब्राडकास्टिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया) की कोई आय कर से मुक्त है
इसलिए विकल्प (घ) सही विकल्प है
प्र. 5 धारा 10(32) के अंतर्गत उपलब्ध छूट की राशि रू............ प्रति नाबालिग बालक अथवा प्रति नाबालिग बालक (जो समायोजित हो) की आय की राशि के अनुसार है
(क) रू. 500 (ख) रू. 1,000
(ग) रू. 1,500 (घ) रू. 2,000
सही उत्तर : (ग)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 64(1क) के अंतर्गत नाबालिग बालक की आय कुछ शर्तों के अनुसार उसके माता-पिता की आय के साथ समायोजित की जाएगी। यदि व्यक्ति की आय में नाबालिग बालक की कोई आय शामिल है तो ऐसा व्यक्ति निम्नलिखित न्यूनतम राशि की छूट (प्रत्येक नाबालिग बच्चे के संबंध में) का दावा कर सकता है
(क) रू. 1,500 प्रति नाबालिग बालक अथवा
(ख) प्रत्येक नाबालिग बालक की राशि (जो समायोजित की जाती है)
इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है
प्र. 6 धारा 115थक में निर्दिष्टानुसार कंपनी द्वारा शेयरों की पुन: खरीद के कारण शेयरधारक के तौर पर निर्धारिती हेतु उपार्जित कोई आय धारा ................ के अंतर्गत कर से मुक्त है
(क)10(34) (ख) 10(34क)
(ग) 10(35) (घ) 10(35क)
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 115थक में निर्दिष्टानुसार कंपनी द्वारा शेयरों की पुन: खरीद के कारण शेयरधारक के तौर पर निर्धारिती हेतु उपार्जित कोई आय धारा 10(34क) के अंतर्गत कर से मुक्त है। यह छूट केवल उन मामलों में उपलब्ध है जहां अतिरिक्त आयकर ऐसे शेयरों की पुन: खरीद को चुनने वाली कंपनी द्वारा धारा 115थ के अंतर्गत वितरित आय पर देययोग्य है
इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है
प्र. 7 धारा 10(37) के अंतर्गत एक सहभागी फर्म अनिवार्य अधिग्रहण के रूप में शहरी क्षेत्र में स्थित कृषियोग्य भूमि के स्थानांतरण पर उपार्जित पूंजीगत प्राप्ति के संबंध में छूट का दावा कर सकता है
(क) सही (ख) गलत
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 10(37) के अनुसार एक व्यक्ति अथवा हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ) शहरी क्षेत्र में स्थित कृषियोग्य भूमि के अनिवार्य अधिग्रहण के रूप में उपार्जित पूंजीगत प्राप्ति के संबंध में छूट का दावा कर सकता है बशर्तें मुआवजा 1 अप्रैल, 2004 को अथवा पश्चात् प्राप्त हुआ हो। यह छूट उपलब्ध है यदि भूमि उसके स्थानांतरण की ठीक उत्तरगामी तिथि से 2 वर्ष की अवधि के लिए कृषियोग्य उद्देश्य के लिए करदाता (अथवा व्यक्ति की स्थिति में उसके माता-पिता द्वारा) द्वारा प्रयोग की गई थी
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है
प्र. 8 धारा 10(48) के अनुसार कच्चे तेल, अन्य कोई अधिसूचित उत्पाद अथवा भारत में किसी व्यक्ति हेतु अधिसूचित सेवा का प्रतिपादन, की बिक्री के कारण विदेशी कंपनी द्वारा भारतीय मुद्रा में प्राप्त कोई आय कर से मुक्त है
(क) सही (ख) गलत
सही उत्तर : (क)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 10(48) के अनुसार कच्चे तेल, अन्य कोई अधिसूचित उत्पाद अथवा भारत में किसी व्यक्ति हेतु अधिसूचित सेवा का प्रतिपादन, की बिक्री के कारण विदेशी कंपनी द्वारा भारतीय मुद्रा में प्राप्त कोई आय कर से मुक्त है बशर्तें -
(i) विदेशी कंपनी द्वारा भारत में ऐसी आय की प्राप्ति केंद्र सरकार द्वारा किए गए समझौते अथवा व्यवस्था के अनुसार है अथवा केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित है
(ii) राष्ट्र हित से संबंधित है, विदेशी कंपनी तथा समझौता अथवा व्यवस्था इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित है तथा
(iii) विदेशी कंपनी ऐसी राशि, भारत में, की प्राप्ति को छोड़कर ऐसी गतिविधि में संलग्न नहीं है
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण सही है इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है
प्र. 9 धारा ____ सरकारी बैंक अधिनियम, 1873 के अंतर्गत बनाए गए सुकन्या समृद्धि नियम, 2014 के अनुसार खोले गए खाते से ब्याज तथा निरस्ती हेतु छूट प्रदान करती है
(क) 10(5) (ख) 10(10)(i)
(ग) 10(10)(ii) (घ) 10(11क)
सही उत्तर : (घ) सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 10(11क) के अनुसार, सरकारी बचत अधिनियम, 1873 के अंतर्गत बनाए गए सुकन्या समृद्धि नियम, 2014 के अनुसार खोले गए खाते से कोई भुगतान कर से मुक्त है। अन्य शब्दों में, ऐसे खाते से ब्याज तथा निकासी धारा 10(11क) के अंतर्गत कर से मुक्त होगी।
इसलिए विकल्प (घ) सही विकल्प है
प्र. 10 धारा 13क................... की आय के संबंध में छूट प्रदान करती है
(क) एक राजनीतिक दल (ख) एक इलैक्टोरल ट्रस्ट
(ग) एक सार्वजनिक धर्मार्थ अथवा धार्मिक ट्रस्ट (घ) विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थापित यूनिट
सही उत्तर : (क)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 13क एक राजनीतिक दल की आय के संबंध में छूट प्रदान करती है
इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है

