आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 80झख

बुनियादी ढांचे के विकास के उपक्रमों के अलावा अन्य कुछ औद्योगिक उपक्रमों से लाभ और लाभ के संबंध में कटौती

धारा

धारा संख्या

80झख

अध्याय शीर्षक

अध्याय VI-क - कुल आय की गणना में की जाने वाली कटौतियाँ

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2004

बुनियादी ढांचे के विकास के उपक्रमों के अलावा अन्य कुछ औद्योगिक उपक्रमों से लाभ और लाभ के संबंध में कटौती

बुनियादी ढांचे के विकास के उपक्रमों के अलावा अन्य कुछ औद्योगिक उपक्रमों से लाभ और लाभ के संबंध में कटौती

अवसंरचना विकास उपक्रमों से भिन्न कुछ औद्योगिक उपक्रमों से लाभों और अभिलाभों की बाबत कटौती

80झख. (1) जहां निर्धारिती की सकल कुल आय में उपधारा (3) से 70ख[उपधारा (11) 71[और (11)]] में निर्दिष्ट किसी कारबार से (ऐसे कारबार को इसमें आगे पात्र कारबार कहा गया है) व्युत्पन्न कोर्इ लाभ और अभिलाभ सम्मिलित है वहां निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में, ऐसे लाभों और अभिलाभों में से इस धारा के उपबंधों के अनुसार, और उनके अधीन रहते हुए, इस धारा में उल्लिखित प्रतिशत के बराबर रकम की और उतने निर्धारण वर्षों के लिए, जो इस धारा में उल्लिखित किए जाएं, कटौती अनुज्ञात की जाएगी।

(2) यह धारा किसी ऐसे औद्योगिक उपक्रम को लागू होती है जो निम्नलिखित सभी शर्तों को पूरा करता है, अर्थात् :–

(i) वह पहले से विद्यमान किसी कारबार को खंडित72 या पुनर्गठित72 करके नहीं बना72 है :

परन्तु यह शर्त किसी ऐसे औद्योगिक उपक्रम की बाबत लागू नहीं होगी जो निर्धारिती द्वारा ऐसे किसी औद्योगिक उपक्रम के कारबार के, जो धारा 33ख में निर्दिष्ट है, उस धारा में, उल्लिखित परिस्थितियों में और अवधि के भीतर पुन:स्थापन, पुनर्गठन या पुन:चालन के परिणामस्वरूप बना है;

(ii) वह किसी प्रयोजन के लिए तत्पूर्व किसी मशीनरी या संयंत्र का नए कारबार को अंतरण करके नहीं बना है;

(iii) वह भारत के किसी भाग में ऐसी वस्तु या चीज का विनिर्माण या उत्पादन करता है जो ग्यारहवीं अनुसूची की सूची में उल्लिखित वस्तु या चीज नहीं है, या एक या अधिक शीतागार संयंत्र या संयंत्रों का प्रचालन करता है :

परन्तु इस खंड की शर्त, उपधारा (4) में निर्दिष्ट किसी लघु औद्योगिक उपक्रम या औद्योगिक उपक्रम के संबंध में ऐसे लागू होगी मानो "जो ग्यारहवीं अनुसूची की सूची में उल्लिखित वस्तु या चीज नहीं है" शब्दों का लोप कर दिया गया हो;

स्पष्टीकरण 1.–खंड (ii) के प्रयोजनों के लिए, ऐसी मशीनरी या संयंत्र का, जो निर्धारिती से भिन्न किसी व्यक्ति द्वारा भारत के बाहर प्रयुक्त किया गया था, किसी प्रयोजन के लिए तत्पूर्व प्रयुक्त मशीनरी या संयंत्र नहीं समझा जाएगा यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी हो जाती हैं, अर्थात् :–

() ऐसी मशीनरी या संयंत्र का निर्धारिती द्वारा प्रतिष्ठापित किए जाने की तारीख से पहले किसी समय भारत में प्रयोग नहीं किया गया था;

() ऐसी मशीनरी या संयंत्र का भारत के बाहर किसी देश से भारत में आयात किया गया है; तथा

() निर्धारिती द्वारा मशीनरी या संयंत्र प्रतिष्ठापित किए जाने की तारीख से पहले किसी अवधि के लिए किसी व्यक्ति की कुल आय की संगणना करने में उस मशीनरी या संयंत्र के संबंध में इस अधिनियम के उपबंधों के अंतर्गत अवक्षयण के कारण कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की गर्इ है या अनुज्ञेय नहीं है।

स्पष्टीकरण 2.–जहां किसी औद्योगिक उपक्रम की दशा में, किसी प्रयोजन के लिए तत्पूर्व प्रयुक्त कोर्इ मशीनरी या संयंत्र या उसका कोर्इ भाग किसी नए कारबार को अंतरित किया जाता है और इस प्रकार अंतरित मशीनरी या संयंत्र या उसके भाग का कुल मूल्य उस कारबार में प्रयुक्त मशीनरी या संयंत्र के कुल मूल्य के बीस प्रतिशत से अधिक नहीं है, वहां इस उपधारा के खंड (ii) के प्रयोजनों के लिए यह समझा जाएगा कि उसमें उल्लिखित शर्त का अनुपालन हो गया है।

(iv) ऐसी दशा में, जहां औद्योगिक उपक्रम किसी वस्तु या चीज का विनिर्माण या उत्पादन करता है, वह उपक्रम विद्युत की सहायता से चलार्इ जाने वाली विनिर्माण प्रक्रिया में दस या अधिक कर्मकारों को नियोजित करता है या विद्युत की सहायता के बिना चलार्इ जाने वाली विनिर्माण प्रक्रिया में बीस या अधिक कर्मकारों को नियोजित करता है।

(3) किसी औद्योगिक उपक्रम की दशा में, कटौती की रकम प्रारंभिक निर्धारण वर्ष से क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों से प्रारंभ होने वाली इस क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों की अवधि के लिए (या जहां निर्धारिती कोर्इ सहकारी सोसाइटी है, वहां बारह क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों के लिए) ऐसे औद्योगिक उपक्रम से व्युत्पन्न लाभों और अभिलाभों के पच्चीस प्रतिशत (या जहां निर्धारिती कंपनी है वहां तीस प्रतिशत) निम्नलिखित शर्तों को पूरा किए जाने के अधीन रहते हुए, होगी, अर्थात् :–

(i) वह 1 अप्रैल, 1991 से प्रारंभ होने वाली और 31 मार्च, 1995 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान या ऐसी अतिरिक्त अवधि के दौरान, जो केन्द्रीय सरकार किसी विशिष्ट उपक्रम के प्रति निर्देश से राजपत्र में अधिसूचना द्वारा उल्लिखित करे, किसी समय किसी वस्तु या चीज का विनिर्माण या उत्पादन कला आरंभ करता है या ऐसे संयंत्र या संयंत्रों का प्रचालन करना आरंभ करता है;

(ii) जहां वह ऐसा औद्योगिक उपक्रम है, जो लघु उद्योग उपक्रम है, वहां वह 1 अप्रैल, 1995 को प्रारंभ होने वाली और 31मार्च, 73[2002] को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी समय किसी वस्तु या चीज का विनिर्माण या उत्पादन करना प्रारंभ करता है या अपने शीतागार संयंत्र [जो उपधारा (4) या उपधारा (5) में उल्लिखित नहीं है] का प्रचालन करता है।

74(4) आठवीं अनुसूची में उल्लिखित किसी औद्योगिक रूप से पिछड़े राज्य में किसी औद्योगिक उपक्रम की दशा में, कटौती की रकम प्रारंभिक निर्धारण वर्ष में शुरू होने वाले पांच निर्धारण वर्षों के लिए ऐसे औद्योगिक उपक्रम से व्युत्पन्न लाभों और अभिलाभों का शतप्रतिशत और तत्पश्चात् ऐसे औद्योगिक उपक्रम से व्युत्पन्न लाभों और अभिलाभों का पच्चीस प्रतिशत, (या जहां निर्धारिती कंपनी है वहां तीस प्रतिशत) होगी :

परन्तु यह तब जबकि कटौती की कुल अवधि दस क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों से (या जहां निर्धारिती कोर्इ सहकारी सोसाइटी है वहां बारह क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों से) इस शर्त के पूरा होने के अधीन रहते हुए, अधिक नहीं है कि वह 1 अप्रैल, 1993 को प्रारंभ होने वाली और 31 मार्च, 73[75[2004] को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी वस्तु या चीज का विनिर्माण या उत्पादन प्रारंभ करती है या शीतागार संयंत्र या संयंत्रों का प्रचालन करती है:

परन्तु यह और कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में ऐसे उद्योगों की दशा में, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित76 किए जाएं, कटौती की रकम दस निर्धारण वर्षों की अवधि के लिए लाभों और अभिलाभों का शतप्रतिशत होगी और ऐसे मामले में कटौती की कुल अवधि दस निर्धारण वर्षों से अधिक नहीं होगी:

76क[परन्तु यह भी कि इस उपधारा के अधीन धारा 80झग की उपधारा (2) में निर्दिष्ट किसी उपक्रम या उद्यम को, 1 अप्रैल, 2004 को प्रारम्भ होने वाले निर्धारण वर्ष के लिए किसी पश्चात्वर्ती वर्ष के लिए कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।]

वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2004 द्वारा 1.4.2005 से धारा 80झख की उपधारा (4) के तीसरे परन्तुक के पश्चात् निम्नलिखित चौथा और पांचवां परन्तुक अंत:स्थापित किया जाएगा:

परंतु यह और भी कि जम्मू-कश्मीर राज्य में के किसी औद्योगिक उपक्रम की दशा में पहले परंतुक के उपबंध इस प्रकार प्रभावी होंगे मानो "31 मार्च, 2004" अंकों और शब्द के स्थान पर, "31 मार्च, 2005" अंक और शब्द रखे गए थे:

परंतु यह भी कि इस उपधारा के अधीन कोर्इ कटौती जम्मू-कश्मीर राज्य में के किसी ऐसे औद्योगिक उपक्रम को अनुज्ञात नहीं की जाएगी, जो तेरहवीं अनुसूची के भाग ग में विनिर्दिष्ट किसी वस्तु या चीज के निर्माण या उत्पादन में लगा हुआ है।

(5) किन्हीं ऐसे औद्योगिक रूप से पिछड़े जिलों में, जिन्हें केन्द्रीय सरकार विहित मार्गदर्शक सिद्धांतों77 को ध्यान में रखते हुए, राजपत्र में अधिसूचना78 द्वारा श्रेणी "क" के औद्योगिक रूप से पिछड़े जिले के रूप में या श्रेणी 'ख' के औद्योगिक रूप से पिछड़े जिले के रूप में इस संबंध में उल्लिखित करे, अवस्थित औद्योगिक उपक्रम की दशा में, कटौती की रकम निम्नलिखित होगी,–

(i) श्रेणी 'क' के पिछड़े जिले में अवस्थित औद्योगिक उपक्रम से प्रारंभिक निर्धारण वर्ष से शुरू होने वाले पांच निर्धारण वर्षों के लिए व्युत्पन्न लाभों और अभिलाभों का शतप्रतिशत और तत्पश्चात् किसी औद्योगिक उपक्रम के लाभों और अभिलाभों का पच्चीस प्रतिशत (या जहां निर्धारिती कंपनी है वहां तीस प्रतिशत):

परन्तु कटौती की कुल अवधि दस क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों से या जहां निर्धारिती कोर्इ सहकारी सोसाइटी है वहां बारह क्रमवर्ती वर्षों से अधिक नहीं होगी :

परन्तु यह और कि औद्योगिक उपक्रम 1 अक्तूबर, 1994 को प्रारंभ होने वाली और 31 मार्च, 79[2004] को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी समय वस्तु या चीज का विनिर्माण या उत्पादन करना आरंभ करता है या शीतागार संयंत्र या संयंत्रों का प्रचालन प्रारंभ करता है;

(ii) श्रेणी 'ख' के किसी पिछड़े जिले में अवस्थित औद्योगिक उपक्रम से प्रारंभिक निर्धारण वर्ष से शुरू होने वाले तीन निर्धारण वर्षों के लिए व्युत्पन्न लाभों और अभिलाभों का शतप्रतिशत और तत्पश्चात् किसी औद्योगिक उपक्रम के लाभों और अभिलाभों का पच्चीस प्रतिशत (या जहां निर्धारिती कंपनी है वहां तीस प्रतिशत) :

परन्तु कटौती की कुल अवधि आठ क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों से अधिक नहीं होगी (या जहां निर्धारिती कोर्इ सहकारी सोसाइटी है वहां बारह क्रमवर्ती वर्षों से अधिक नहीं होगी) :

परन्तु यह और कि औद्योगिक उपक्रम 1 अक्तूबर, 1994 को प्रारंभ होने वाली और 31 मार्च, 79क[2004] को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी समय वस्तु या चीज का विनिर्माण या उत्पादन करना प्रारंभ करता है या शीतागार संयंत्र या संयंत्रों का प्रचालन प्रारंभ करता है।

(6) किसी पोत के कारबार की दशा में, कटौती की रकम ऐसे पोत से व्युत्पन्न दस क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों की अवधि के लिए, जिसके अंतर्गत प्रारंभिक निर्धारण वर्ष भी है, लाभों और अभिलाभों पर तीस प्रतिशत होगी परन्तु यह तब जबकि–

(i) पोत किसी भारतीय कंपनी के स्वामित्वाधीन है और उसका प्रयोग पूर्णत: उस कंपनी द्वारा किए जा रहे कारबार के प्रयोजनों के लिए किया जाता है;

(ii) पोत भारतीय कंपनी द्वारा उसके अर्जन की तारीख से पूर्व भारत में निवासी किसी व्यक्ति के स्वामित्वाधीन नहीं था या उसने उसका उपयोग भारत के राज्यक्षेत्रीय सागर खंड में नहीं किया था; और

(iii) पोत 1 अप्रैल, 1991 को प्रारंभ होने वाली और 31 मार्च, 1995 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी समय भारतीय कंपनी द्वारा उपयोग में लाया जाता है।

(7) किसी होटल की दशा में, कटौती की रकम निम्नलिखित होगी–

() ऐसे होटल के कारबार, जो किसी पहाड़ी क्षेत्र या किसी ग्रामीण क्षेत्र या किसी तीर्थस्थान या ऐसे अन्य स्थान पर अवस्थित है जो केन्द्रीय सरकार, किसी स्थान में पर्यटन के लिए अवसंरचना के विकास की आवश्यकता और अन्य सुसंगत बातों को ध्यान में रखते हुए राजपत्र में, अधिसूचना द्वारा उल्लिखित करे, प्रारंभिक निर्धारण वर्ष से प्रारंभ होने वाले दस क्रमवर्ती वर्षों की अवधि के लिए व्युत्पन्न लाभों और अभिलाभों का पचास प्रतिशत और ऐसा होटल 1 अप्रैल, 1990 को प्रारंभ होने वाली और 31 मार्च, 1994 को समाप्त होने वाली या 1 अप्रैल, 1997 को प्रारंभ होने वाली तथा 31 मार्च, 2001 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी समय कार्य करना प्रांरभ करता है :

परन्तु इस खंड की कोर्इ बात, कोलकाता, चेन्नर्इ, दिल्ली या मुंबर्इ की नगरपालिका अधिकारिता के (चाहे वह नगरपालिका, नगर निगम, अधिसूचित क्षेत्र समिति या छावनी बोर्ड या किसी अन्य नाम से जाना जाता हो) भीतर किसी स्थान पर अवस्थित किसी ऐसे होटल को लागू नहीं होगी जिसने 1 अप्रैल, 1997 को या उसके बाद और 31 मार्च, 2001 के पूर्व कार्य करना आरंभ कर दिया है या वह कार्य करना आरंभ करता है :

परन्तु यह और कि उक्त होटल का इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों80 के अनुसार, इस खंड के प्रयोजन के लिए विहित प्राधिकारी द्वारा अनुमोदन कर दिया जाता है और जहां उक्त होटल का 31 मार्च, 1992 से पूर्व विहित प्राधिकारी द्वारा अनुमोदन कर दिया जाता है, वहां इसे 1 अप्रैल, 1991 को आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष के संबंध में इस धारा के प्रयोजन के लिए विहित प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित किया गया समझा जाएगा;

() ऐसे होटल के कारबार से, जो उपखंड () में वर्णित स्थानों से भिन्न किसी स्थान में अवस्थित है, व्युत्पन्न आरंभिक निर्धारण वर्ष से प्रारंभ होने वाले दस क्रमवर्ती वर्षों की अवधि के लिए लाभों और अभिलाभों का तीस प्रतिशत यदि ऐसे होटल ने, 1 अप्रैल, 1991 से प्रारंभ होने वाली और 31 मार्च, 1995 को समाप्त होने वाली या 1 अप्रैल, 1997 को प्रारंभ होने वाली और 31मार्च, 2001 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी समय कार्य करना आरंभ कर दिया है या वह आरंभ करता है :

परन्तु इस खंड की कोर्इ बात कोलकाता, चेन्नर्इ, दिल्ली या मुंबर्इ की नगरपालिका अधिकारिता के (चाहे वह नगरपालिका, नगर निगम, अधिसूचित क्षेत्र समिति, नगर क्षेत्र समिति या छावनी बोर्ड या किसी अन्य नाम से ज्ञात हो) भीतर किसी स्थान पर अवस्थित किसी ऐसे होटल को लागू नहीं होगी जिसने 1 अप्रैल, 1997 को या उसके बाद और 31 मार्च, 2001 से पूर्व कार्य करना आरंभ कर दिया है या वह कार्य करना आरंभ करता है;

() खंड () या खंड () के अंतर्गत कटौती केवल तब उपलब्ध होगी जब,–

(i) होटल या कारबार पहले से विद्यमान किसी कारबार को खंडित या पुनर्गठित करके या होटल के रूप में तत्पूर्व प्रयुक्त किसी भवन का या किसी प्रयोजन के लिए तत्पूर्व प्रयुक्त किसी मशीनरी या संयंत्र का नए कारबार को अंतरण करके नहीं बना है;

(ii) होटल का कारबार भारत में रजिस्ट्रीकृत किसी कंपनी के, जिसकी समादत्त पूंजी पांच लाख रुपए से कम नहीं है, स्वामित्वाधीन है और उसके द्वारा चलाया जाता है;

(iii) होटल तत्समय विहित प्राधिकारी81 द्वारा अनुमोदित है :

परन्तु 1 अप्रैल, 1999 से पूर्व विहित प्राधिकारी81 द्वारा अनुमोदित होटल इस उपधारा के अंतर्गत अनुमोदित किया गया समझा जाएगा।

82[(7क) किसी मल्टीप्लेक्स थिएटर की दशा में कटौती की रकम निम्नलिखित होगी,–

() आरंभिक निर्धारण वर्ष से आरंभ होने वाले पांच क्रमवर्ती वर्षों की अवधि तक किसी स्थान में किसी मल्टीप्लेक्स थिएटर के निर्माण, स्वामित्व और प्रचालन के कारबार से प्राप्त लाभों और अभिलाभों का पचास प्रतिशत :

परन्तु इस खंड की कोर्इ बात कोलकाता, चेन्नर्इ, दिल्ली या मुंबर्इ की नगरपालिका अधिकारिता के भीतर (चाहे नगरपालिका, नगर निगम, अधिसूचित क्षेत्र समिति या छावनी बोर्ड के नाम से ज्ञात हो या किसी अन्य नाम से ज्ञात हो) किसी स्थान में स्थित किसी मल्टीप्लेक्स थिएटर को लागू नहीं होगी;

() खंड (क) के अधीन कटौती केवल तभी अनुज्ञेय होगी, यदि–

(i) ऐसा मल्टीप्लेक्स थिएटर 1 अप्रैल, 2002 को आरंभ होने वाली और 31 मार्च, 2005 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी समय निर्मित किया जाता है;

(ii) मल्टीप्लेक्स थिएटर का कारबार पहले से विद्यमान किसी कारबार को विभाजित करके या, उसका पुन: निर्माण करके अथवा किसी प्रयोजन के लिए पूर्व में प्रयुक्त किसी भवन या किसी मशीनरी या संयंत्र का नए कारबार में अंतरण करके नहीं बनाया जाता है;

(iii) निर्धारिती, आय की विवरणी के साथ ऐसे फार्म में, उसमें ऐसी विशिष्टियां देते हुए, जो विहित की जाएं और धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे स्पष्टीकरण में परिभाषित लेखाकार द्वारा सम्यक्त: हस्ताक्षरित तथा सत्यापित संपरीक्षा की रिपोर्ट यह प्रमाणित करते हुए देता है कि कटौती का दावा सही किया गया है।

(7ख) किसी कन्वेंशन केंद्र की दशा में कटौती की रकम निम्नलिखित होगी,–

() आरंभिक निर्धारण वर्ष से आरंभ होने वाले पांच क्रमवर्ती वर्षों की अवधि तक, किसी कन्वेंशन केंद्र के निर्माण, स्वामित्व और प्रचालन के कारबार से निर्धारिती द्वारा प्राप्त लाभों और अभिलाभों का पचास प्रतिशत;

() खंड (क) के अधीन कटौती केवल तभी अनुज्ञेय होगी, यदि–

(i) ऐसा कन्वेंशन केंद्र 1 अप्रैल, 2002 को आरंभ होने वाली और 31 मार्च, 2005 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी समय निर्मित किया जाता है;

(ii) कन्वेंशन केंद्र का कारबार पहले से विद्यमान किसी कारबार को विभाजित करके या उसका पुन: निर्माण करके या किसी प्रयोजन के लिए पूर्व में प्रयुक्त किसी भवन या किसी मशीनरी या संयंत्र का नए कारबार में अंतरण करके नहीं बनाया जाता है;

(iii) निर्धारिती, आय की विवरणी के साथ ऐसे फार्म में, उसमें ऐसी विशिष्टियां देते हुए, जो विहित की जाएं और धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे स्पष्टीकरण में यथापरिभाषित लेखाकार द्वारा सम्यक्त: हस्ताक्षरित तथा सत्यापित संपरीक्षा की रिपोर्ट यह प्रमाणित करते हुए देता है कि कटौती का दावा सही किया गया है।]

(8) किसी ऐसी कंपनी की दशा में, जो वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास कार्य कर रहीं है, कटौती की रकम प्रारंभिक निर्धारण वर्ष से प्रारंभ होने वाले पांच निर्धारण वर्षों की अवधि के लिए ऐसे कारबार के लाभों और अभिलाभों का शतप्रतिशत होगी, यदि ऐसी कंपनी,–

() भारत में रजिस्ट्रीकृत है;

() जिसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान और विकास कार्य करना है;

() जो तत्समय विहित प्राधिकारी83 द्वारा 1 अप्रैल, 1999 से पूर्व किसी समय अनुमोदित है।

84[(8क) वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास कार्य करने वाली किसी कंपनी की दशा में, कटौती की रकम आरंभिक निर्धारण वर्ष से आरंभ होने वाले दस क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों की अवधि के लिए ऐसे कारबार के लाभों और अभिलाभों का शतप्रतिशत होगी, यदि ऐसी कंपनी–

(i) भारत में रजिस्ट्रीकृत है;

(ii) उसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान और विकास है;

(iii) जो तत्समय 31 मार्च, 2000 के पश्चात् किंतु 1 अप्रैल, 84क[84ख[2004]] से पूर्व किसी भी समय विहित प्राधिकारी85 द्वारा अनुमोदित है;

(iv) ऐसी अन्य शर्तों, जो विहित86 की जाएं, को पूरा करती हो।]

(9) किसी ऐसे उपक्रम के लिए कटौती की रकम, जो खनिज तेलों का वाणिज्यिक उत्पादन या परिष्करण आरंभ करता है, सात क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों की अवधि के लिए, जिसके अंतर्गत प्रारंभिक निर्धारण वर्ष भी है, लाभ का शतप्रतिशत होगी :

परन्तु यह कि जहां उपक्रम पूर्वोत्तर क्षेत्र में अवस्थित है, उसने 1 अप्रैल, 1997 से पूर्व खनिज तेल का वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ कर दिया है या प्रारंभ करना है और जहां यह भारत के किसी भाग में अवस्थित है, वह 1 अप्रैल, 1997 को या इसके पश्चात् खनिज तेल का वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करता है :

परन्तु यह और कि जहां उपक्रम खनिज तेल के परिष्करण में लगा हुआ है, वहां वह 1 अक्तूबर, 1998 को या उसके बाद परिष्करण करना प्रारंभ करता है।

(10) किसी ऐसे उपक्रम की दशा में, जो किसी स्थानीय प्राधिकारी द्वारा 87[31 मार्च, 87क[2005] से पूर्व] अनुमोदित आवास परियोजना के विकास और सन्निर्माण में लगा हुआ है, कटौती की रकम ऐसी आवास परियोजना से किसी निर्धारण वर्ष में सुसंगत किसी पूर्ववर्ष में व्युत्पन्न लाभ का शतप्रतिशत होगी यदि,–

() ऐसे उपक्रम ने, आवास परियोजना का विकास और सन्निर्माण 1 अक्तूबर, 1998 को या उसके बाद प्रारंभ कर दिया है या प्रारंभ करता है, 88[* * *]

() परियोजना ऐसे आकार के भू-भाग पर है जिसका न्यूनतम क्षेत्रफल एक एकड़ है; तथा

() जहां ऐसी निवास इकार्इ दिल्ली या मुंबर्इ शहरों के भीतर या इन शहरों की नगरपालिका सीमाओं में पच्चीस किलोमीटर के भीतर अवस्थित है, वहां निवास इकार्इ का एक हजार वर्ग फुट का अधिकतम निर्मित क्षेत्र है और किसी अन्य स्थान पर पंद्रह सौ वर्ग फुट है।

वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2004 द्वारा 1.4.2005 से धारा 80ख की विद्यमान उपधारा (10) के स्थान पर निम्नलिखित उपधारा (10) प्रतिस्थापित की जाएगी:

(10) किसी ऐसे उपक्रम की दशा में, जो किसी स्थानीय प्राधिकारी द्वारा 31 मार्च, 2007 के पूर्व अनुमोदित आवास परियोजनाओं के विकास और निर्माण में लगा हुआ है, कटौती की रकम ऐसी आवास परियोजना से किसी निर्धारण वर्ष से सुसंगत किसी पूर्ववर्ष में व्युत्पन्न लाभों का शतप्रतिशत होगी यदि,–

(क) ऐसे उपक्रम ने आवास परियोजना का विकास और सन्निर्माण 1 अक्तूबर, 1998 को या उसके पश्चात् प्रारंभ कर दिया है या प्रारंभ करता है और ऐसा सन्निर्माण–

(i) उस दशा में जहां कि आवास परियोजना को स्थानीय प्राधिकारी द्वारा 1 अपै्रल, 2004 के पूर्व अनुमोदित किया गया है, 31 मार्च, 2008 को या उससे पूर्व;

(ii) उस दशा में, जहां आवास परियोजना को स्थानीय प्राधिकारी द्वारा 1 अप्रैल, 2004 को या उसके पश्चात् अनुमोदित किया गया है, उस वित्तीय वर्ष की समाप्ति से, जिसमें आवास परियोजना स्थानीय प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित की जाती है, चार वर्ष के भीतर,

पूरा कर लेता है।

स्पष्टीकरण.–इस खंड के प्रयोजनों के लिए,–

(i) ऐसी दशा में, जहां आवास परियोजना के संबंध में अनुमोदन एक से अधिक बार प्राप्त किया जाता है, वहां ऐसी आवास परियोजना उस तारीख को अनुमोदित की गर्इ समझी जाएगी जिस तारीख को ऐसी आवास परियोजना का बिल्ंिडग प्लान स्थानीय प्राधिकारी द्वारा पहली बार अनुमोदित किया जाता है;

(ii) आवास परियोजना का सन्निर्माण पूरा होने की तारीख वह तारीख समझी जाएगी जिस तारीख को ऐसी आवास परियोजना के संबंध में स्थानीय प्राधिकारी द्वारा सन्निर्माण पूरा होने संबंधी प्रमाणपत्र जारी किया जाता है;

() परियोजना ऐसे आकार के भू-खंड पर है जिसका न्यूनतम क्षेत्रफल एक एकड़ का है:

परंतु खंड (क) या खंड (ख) में की कोर्इ बात तत्समय प्रवत्त किसी विधि के अधीन गंदी बस्ती क्षेत्रों के रूप में घोषित क्षेत्रों में विद्यमान भवनों के पुन:सन्निर्माण या पुन:विकास के लिए केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार द्वारा बनार्इ गर्इ किसी स्कीम और इस निमित्त बोर्ड द्वारा अधिसूचित ऐसी स्कीम के अनुसार चलार्इ जा रही किसी आवास परियोजना को लागू नहीं होगी;

(ग) निवास इकार्इ का अधिकतम निर्मित क्षेत्र, जहां कि ऐसी निवास इकार्इ दिल्ली या मुंबर्इ शहरों के भीतर या इन शहरों की नगरपालिका सीमाओं के पच्चीस किलोमीटर के भीतर स्थित है, एक हजार वर्ग फुट है और किसी अन्य स्थान पर पन्द्रह सौ वर्ग फुट है; और

(घ) आवास परियोजना में सम्मिलित दुकानों और अन्य वाणिज्यिक स्थापनों का निर्मित क्षेत्र, आवास परियोजना के कुल निर्मित क्षेत्र के पांच प्रतिशत से या दो हजार वर्ग फुट से, इनमें से जो भी कम हो, अधिक नहीं है।

(11) उपधारा (2) के खंड (iii) और उपधारा (3), (4) और (5) में किसी बात के होते हुए भी, ऐसे औद्योगिक उपक्रम की दशा में, जो कृषि उपज के लिए शीतागार श्रृंखला सुविधा स्थापित करके और उसके प्रचालन के कारबार से लाभ व्युत्पन्न कर रहा है, कटौती की रकम आरंभिक निर्धारण वर्ष से प्रारंभ पांच निर्धारण वर्षों के लिए ऐसे औद्योगिक उपक्रम से व्युत्पन्न लाभ और अभिलाभों का शतप्रतिशत और तत्पश्चात् ऐसी प्रसुविधा के प्रचालन से व्युत्पन्न लाभों और अभिलाभों का पच्चीस प्रतिशत (या जहां निर्धारिती कोर्इ कंपनी है वहां तीस प्रतिशत) ऐसी रीति से होगी कि कटौती की कुल अवधि दस क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों से (या जहां निर्धारिती कोर्इ सहकारी सोसाइटी हैं वहां बारह निर्धारण वर्षों) से अधिक नहीं होगी और वह इस शर्त के पूरा होने के अधीन रहते हुए होगी कि वह ऐसी सुविधा का 1 अप्रैल, 1999 को या इसके पश्चात् किंतु 88क[1 अप्रैल, 2004] से पूर्व प्रचालन करना प्रारंभ कर देता है।

89[(11क) 89क[किसी ऐसे उपक्रम की दशा में, जो] खाद्यान्नों की उठार्इ-धरार्इ, भंडारण और परिवहन के समेकित कारबार से लाभ व्युत्पन्न कर रहा है, कटौती की रकम आरंभिक निर्धारण वर्ष से प्रारंभ होने वाले पांच निर्धारण वर्षों के लिए ऐसे उपक्रम से व्युत्पन्न लाभ और अभिलाभ का शतप्रतिशत होगी और तत्पश्चात् ऐसे कारबार के प्रचालन से व्युत्पन्न लाभ और अभिलाभ का पच्चीस प्रतिशत (या जहां निर्धारिती कोर्इ कंपनी है वहां तीस प्रतिशत) ऐसी रीति से होगी कि कटौती की कुल अवधि दस क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों से अधिक न हो और इस शर्त को पूरा करने के अधीन होगी कि वह ऐसे कारबार का प्रचालन 1 अप्रैल, 2001 को या उसके पश्चात् प्रारंभ करता है।]

वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2004 द्वारा 1.4.2005 से धारा 80ख की उपधारा (11क) के पश्चात् निम्नलिखित उपधारा (11ख) अंत:स्थापित की जाएगी:

(11) किसी ऐसे उपक्रम की दशा में, जो किसी ग्रामीण क्षेत्र में किसी अस्पताल के प्रचालन और अनुरक्षण के कारबार से लाभ व्युत्पन्न कर रहा है, कटौती की रकम, प्रारंभिक निर्धारण वर्ष से आरंभ होने वाले पांच क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों की अवधि के लिए ऐसे कारबार के लाभों और अभिलाभों का शतप्रतिशत होगी, यदि–

(i) ऐसे अस्पताल का सन्निर्माण 1 अक्तूबर, 2004 को प्रारंभ होने वाली और 31 मार्च, 2008 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी समय किया जाता है;

(ii) अस्पताल में रोगियों के लिए कम से कम सौ बिस्तर हैं;

(iii) अस्पताल का सन्निर्माण स्थानीय प्राधिकारी के तत्समय प्रवृत्त विनियमों के अनुसार है; और

(iv) निर्धारिती, आय की विवरणी के साथ ऐसे प्ररूप में और ऐसी विशिष्टियां अंतर्विष्ट करते हुए, जो विहित की जाएं तथा धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे दिए गए स्पष्टीकरण में यथापरिभाषित किसी लेखापाल द्वारा यह प्रमाणित करते हुए कि कटौती का सही रूप में दावा किया गया है, सम्यक् रूप से हस्ताक्षरित और सत्यापित रूप में संपरीक्षा रिपोर्ट देता है।

स्पष्टीकरण.–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, अस्पताल का सन्निर्माण उस तारीख को किया गया समझा जाएगा, जिस तारीख को ऐसे सन्निर्माण के संबंध में संबंधित स्थानीय प्राधिकारी द्वारा सन्निर्माण पूरा होने संबंधी प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।

(12) जहां किसी ऐसी भारतीय कंपनी का कोर्इ उपक्रम, जो इस धारा के अंतर्गत कटौती के लिए हकदार है, इस धारा में उल्लिखित अवधि की समाप्ति से पूर्व, समामेलन या अविलयन की किसी स्कीम में किसी अन्य भारतीय कंपनी को अंतरित कर दिया जाता है, वहां–

() उस पूर्ववर्ष के लिए, जिसमें समामेलन या अविलयन होता है, समामेलक या अविलयित कंपनी को इस धारा के अंतर्गत कोर्इ कटौती अनुज्ञेय नहीं होगी; तथा

() इस धारा के उपबंध जहां तक हो सके, समामेलित या परिणामी कंपनी को वैसे ही लागू होंगे जैसे वे समामेलक या अविलयित कंपनी को तब लागू होते जब समामेलन या अविलयन न हुआ होता।

(13) धारा 80क की उपधारा (5) और (7) से (12) में के उपबंध, जहां तक हो सके, इस धारा के अधीन पात्र कारबार को लागू होंगे।

(14) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–

वित्त (सं.2) अधिनियम, 2004 द्वारा 1.4.2005 से धारा 80झख की उपधारा (14) में निम्नलिखित खंड (क) अंत:स्थापित किया जाएगा:

(क) "निर्मित क्षेत्र" से निवास इकार्इ की भू सतह का भीतरी माप अभिप्रेत है जिसके अंतर्गत दीवारों की मोटार्इ के द्वारा बढ़ाए गए क्षेत्र के रूप में निकले भाग और बालकनी भी हैं किंतु जिसके अंतर्गत ऐसे सामान्य क्षेत्र नहीं हैं जो अन्य निवास इकाइयों से जुड़े हैं;

89ख[()] "शीतागार सुविधा श्रृंखला" का अर्थ वैज्ञानिक रूप से नियंत्रित दशाओं में कृषि उपज के भंडारण या परिवहन के लिए सुविधाओं की श्रृंखला है, जिसके अंतर्गत ऐसी उपज के परिरक्षण के लिए प्रशीतन और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी हैं;

90[90क[(कक) "कन्वेंशन केन्द्र" से विहित क्षेत्र का ऐसा भवन अभिप्रेत है जिसमें ऐसे कन्वेंशन हाल हैं जिनका उपयोग सम्मेलन और सेमिनार आयोजित किए जाने के लिए किया जाता है, जो उस आकार और संख्या में हो और उसमें ऐसी सुविधाएं और प्रसुविधाएं हैं, जो विहित की जाए;90ख]]

() "पहाड़ी क्षेत्र" से समुद्र तल से ऊपर एक हजार मीटर या उससे अधिक ऊंचार्इ पर अवस्थित कोर्इ क्षेत्र अभिप्रेत है;

() "आरंभिक निर्धारण वर्ष" से–

(i) किसी औद्योगिक उपक्रम या शीतागार संयंत्र या पोत या होटल की दशा में, उस पूर्ववर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष अभिप्रेत है जिसमें औद्योगिक उपक्रम वस्तुओं या चीजों का विनिर्माण या उत्पादन करना प्रारंभ करता है या शीतागार संयंत्र या संयंत्रों या शीतागार श्रृंखला सुविधा को प्रचालित करना प्रारंभ करता है या पोत पहली बार प्रयोग में लाया जाता है अथवा होटल का कारबार आरंभ होता है;

(ii) किसी ऐसी कंपनी की दशा में, जो वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान और विकास कार्य कर रही है, उस पूर्ववर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष अभिप्रेत है जिसमें कंपनी का उपधारा (8) के प्रयोजनों के लिए विहित प्राधिकारी द्वारा अनुमोदन किया जाता है;

(iii) ऐसे किसी उपक्रम की दशा में, जो उपधारा (9) में निर्दिष्ट खनिज तेल के वाणिज्यिक उत्पादन या परिष्करण में लगा हुआ है उस पूर्ववर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष अभिप्रेत है जिसमें उपक्रम खनिज तेल का वाणिज्यिक उत्पादन या परिष्करण आरंभ करता है;

91[(iv) 91क[फलों या सब्जियों के प्रसंस्करण, परिरक्षण और पैक करने के कारबार में या] खाद्यान्न की उठार्इ-धरार्इ, भंडारण और परिवहन के समेकित कारबार में लगे किसी उपक्रम की दशा में, उस पूर्ववर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष अभिप्रेत है जिसमें उपक्रम ऐसा कारबार प्रारंभ करता है;]

92[(v) मल्टीप्लेक्स थिएटर की दशा में, निर्धारण वर्ष से उस पूर्ववर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष अभिप्रेत है जिसमें ऐसा सिनेमा हाल, जो उक्त मल्टीप्लेक्स थिएटर का भाग है, वाणिज्यिक आधार पर कार्य करना आरंभ करता है;

(vi) कन्वेंशन केंद्र की दशा में, निर्धारण वर्ष से उस पूर्ववर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष अभिप्रेत है जिसमें कन्वेंशन केंद्र वाणिज्यिक आधार पर कार्य करना आरंभ करता है;]

वित्त (सं.2) अधिनियम, 2004 द्वारा 1.4.2005 से धारा 80ख की उपधारा (14) के खंड (ग) के उपखंड (vi) के पश्चात् निम्नलिखित उपखंड (vii) अंत:स्थापित किया जाएगा:

(vii) किसी ग्रामीण क्षेत्र में किसी अस्पताल के प्रचालन और अनुरक्षण में लगे हुए किसी उपक्रम की दशा में, निर्धारण वर्ष से उस पूर्ववर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष अभिप्रेत है जिसमें उपक्रम चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराना आरंभ करता है;

() "पूर्वोत्तर क्षेत्र" से वह क्षेत्र अभिप्रेत है जिसमें अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा राज्य समाविष्ट हैं;

93[(घक) "मल्टीप्लेक्स थिएटर" से विहित क्षेत्र का ऐसा कोर्इ भवन अभिप्रेत है, जिसमें दो या अधिक सिनेमा थिएटर और वाणिज्यिक दुकानें हैं, जो उस आकार और संख्या में हो और उसमें ऐसी सुविधाएं और प्रसुविधाएं हैं, जो विहित की जाएं93क;]

() "तीर्थस्थान" से वह स्थान अभिप्रेत है जहां किसी संपूर्ण राज्य या राज्यों में कोर्इ मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च या कोर्इ सुविख्यात लोक उपासना का अन्य स्थान अवस्थित है;

() "ग्रामीण क्षेत्र" से ऐसा क्षेत्र अभिप्रेत है जो–

(i) ऐसे क्षेत्र से भिन्न है जो किसी नगरपालिका की (चाहे वह नगरपालिका, नगर निगम, अधिसूचित क्षेत्र समिति, शहरी क्षेत्र समिति या किसी अन्य नाम से ज्ञात हो) या किसी छावनी बोर्ड की अधिकारिता के भीतर आता है और जिसकी जनसंख्या उस पूर्ववर्ती जनगणना के अनुसार, जिसके सुसंगत आंकड़े पूर्ववर्ष के प्रथम दिन से पूर्व प्रकाशित हो गए हैं, दस हजार से कम नहीं हैं; या

(ii) ऐसे क्षेत्र से भिन्न है, जो उपखंड (i) में निर्दिष्ट किसी नगरपालिका या छावनी बोर्ड की स्थानीय सीमाओं से इतनी दूरी के भीतर है, जो पन्द्रह किलोमीटर से अधिक नहीं है, केन्द्रीय सरकार ऐसे क्षेत्र के विकास के प्रक्रम को जिसके अंतर्गत ऐसे क्षेत्र के नगरीकरण का विस्तार और उसकी संभावनाएं भी हैं और अन्य सुसंगत बातों को ध्यान में रखते हुए राजपत्र94 में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में उल्लिखित करे;

() "लघु औद्योगिक उपक्रम" से वह औद्योगिक उपक्रम अभिप्रेत है जो पूर्ववर्ष के अंतिम दिन को, उद्योग (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1951 (1951 का 65) की धारा 11ख95 के अधीन लघु औद्योगिक उपक्रम समझा जाता है;]

 

70ख. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2004 द्वारा 1.4.2005 से "उपधारा (11) और (11क)" के स्थान पर "उपधारा (11), (11क) और (11ख)" शब्द रखे जाएंगे।

71. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से अंत:स्थापित।

72. "बना", "खंडित" या "पुनर्गठित" पदों के अर्थ के लिए, देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज़ मैनुअल, खंड 3.

73. वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.4.2001 से "2000" अंकों के स्थान पर "2002" प्रतिस्थापित।

74. तारीख 11.4.2000 का परिपत्र सं. 788 भी देखिए। ब्यौरे के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

75. वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.4.2003 से "2002" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

76. अधिसूचित उद्योगों के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

76क. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2004 से अंत:स्थापित।

77. आय-कर नियम का नियम 11ड़क और परिशिष्ट 3 देखिए।

78. अधिसूचित औद्योगिक रूप से पिछड़े जिले के लिए, देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

79. वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.4.2003 से "2002" के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पूर्व वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.4.2001 से "2000" के स्थान पर "2002" प्रतिस्थापित किया गया था।

79क. वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.4.2003 से "2002" के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पूर्व वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.4.2001 से "2000" के स्थान पर "2002" प्रतिस्थापित किया गया था।

80. नियम 18खखग देखिए।

81. नियम 18खखग देखिए।

82. वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.4.2003 से उपधारा (7क) और (7ख) अंत:स्थापित।

83. नियम 18खखघ देखिए

84. वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.4.2001 से अंत:स्थापित।

84क. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2004 से "2003" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

84ख. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2004 द्वारा 1.4.2005 से "2004" अंकों के स्थान पर "2005" अंक रखे जाएंगे।

85. विहित प्राधिकारी : सचिव, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार है।

86. नियम 10घक देखिए

87. वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.4.2001 से अंत:स्थापित।

87क. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2002 से भूतलक्षी प्रभाव से "2001" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

88. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2002 से भूतलक्षी प्रभाव से "और उसे 31 मार्च, 2003 के पूर्व पूरा कर लेता है" शब्दों का लोप किया गया। इसके लोप से पूर्व, वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.4.2001 से इसमें संशोधन किया गया था।

88क. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2004 से "31 मार्च, 2003" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

89. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से अंत:स्थापित।

89क. वित्त (सं.2) अधिनियम, 2004 द्वारा 1.4.2005 से "किसी ऐसे उपक्रम की दशा में, जो" शब्दों के स्थान पर "किसी ऐसे उपक्रमों की दशा में, जो फलों या सब्जियों का प्रंसस्करण, परिरक्षण और पैक करने के कारबार में या" शब्द रखे जाएंगे।

89ख. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2004 द्वारा 1.4.2005 से खंड () को खंड (कक) के रूप में पुन: अक्षरांकित किया जाएगा।

90. वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.4.2003 से अंत: स्थापित।

90क. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2004 द्वारा 1.4.2005 से खंड (कक) को खंड (कख) के रूप में पुन: अक्षरांकित किया जाएगा।

90ख. नियम 18घग तथा प्ररूप सं. 10गगखख देखिए।

91. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से अंत:स्थापित।

91क. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2004 द्वारा 1.4.2005 से इटैलिक में दिए गए शब्द अंत:स्थापित किए जाएंगे।

92. वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.4.2003 से उपखंड (v) और (vi) अंत:स्थापित।

93. वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.4.2003 से अंत:स्थापित।

93क. नियम 18घख देखिये।

94. नगरपालिका या छावनी बोर्ड की स्थानीय सीमाओं के बाहर के अधिसूचित क्षेत्रों के लिए, देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

95. उद्योग (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1951 की धारा 11ख और उसके अधीन जारी अधिसूचना के पाठ के लिए, देखिए परिशिष्ट एक।

 

 

[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2004 द्वारा संशोधित रूप में]

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