व्यक्ति का ऐसी आय की जो अन्य व्यक्ति की आय में सम्मिलित है बाबत दायित्व
व्यक्ति का ऐसी आय की जो अन्य व्यक्ति की आय में सम्मिलित है बाबत दायित्व
65. जहां इस अध्याय में या धारा 27 के खंड (i) में उल्लिखित उपबंधों के कारण, किसी आस्ति से होने वाली या निर्धारिती से भिन्न व्यक्ति की किसी फर्म में सदस्यता से होने वाली आय, निर्धारिती की कुल आय में सम्मिलित की गर्इ है, वहां वह व्यक्ति जिसके नाम में ऐसी आस्ति है या जो फर्म का सदस्य है, तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी 28[निर्धारण] अधिकारी द्वारा मांग की इस निमित्त सूचना की तामील पर, निर्धारिती पर लगाए गए कर के उस भाग का, जो इस प्रकार सम्मिलित आय से हुआ माना जा सकता है, संदाय करने के दायित्वाधीन होगा और अध्याय 17घ के उपबंध, यावत्शक्य, तदनुसार लागू होंगे :
परन्तु जहां ऐसी कोर्इ आस्ति एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा संयुक्तत: धारित हो, वहां वे ऐसे कर का, जो इस प्रकार सम्मिलित आस्ति से होने वाली आय से हुआ माना जा सकता है, संदाय करने के संयुक्तत: और पृथक्त: दायित्वाधीन होंगे।
28 प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से ''आय-कर'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा संशोधित रूप में]

