अन्य स्रोतों से आय
च–अन्य स्रोतों से आय
अन्य स्रातों से आय
7956. (1) हर प्रकार की ऐसी आय जिसे इस अधिनियम के अधीन कुल आय में से अपवर्जित नहीं किया जाना है, यदि वह धारा 14 के मद क से लेकर मद ड़ तक में निर्दिष्ट शीर्षों में से किसी के अधीन आय-कर से प्रभार्य नहीं है, तो "अन्य स्रोतों से आय" शीर्ष के अधीन आय-कर से प्रभार्य होगी।
(2) विशिष्टत: और उपधारा (1) के उपबंधों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना निम्नलिखित आय "अन्य स्रोतों से आय" शीर्ष के अधीन आय-कर से प्रभार्य होगी, अर्थात्:–
(i) लाभांश;
80[(iक) धारा 2 के खंड (24) के उपखंड (viii) में दी गर्इ आय;]
81[(iख) धारा 2 के खंड (24) के उपखंड (ix) में दी गर्इ आय;]
82[(iग) धारा 2 के खंड (24) के उपखंड (x) में निर्दिष्ट आय, यदि ऐसी आय "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन आय-कर से प्रभार्य नहीं है;]
83[(iघ) प्रतिभूतियों पर ब्याज के रूप में आय, यदि ऐसी आय "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन आय-कर से प्रभार्य नहीं है;]
(ii) निर्धारिती की मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर को किराए पर दिए जाने से होने वाली आय यदि वह आय "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन आय-कर से प्रभार्य नहीं है;
(iii) जहां निर्धारिती अपनी मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर को और भवनों को भी किराए पर देता है और ऐसे भवनों का किराये पर दिया जाना उक्त मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर के किराये पर दिए जाने से अपृथक्करणीय है, वहां ऐसे किराए से होने वाली आय, यदि वह आय "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन आय-कर से प्रभार्य नहीं है;
84[(iv) धारा 2 के खंड (24) के उपखंड (xi) में निर्दिष्ट आय, यदि ऐसी आय "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" या "वेतन" शीर्ष के अधीन आयकर से प्रभार्य है।]
79. पत्र [फा.सं. 40/29/67-आर्इ.टी. (ए-I)], तारीख 22.5.1967, परिपत्र सं. 371, तारीख 30.11.1983, परिपत्र सं. 409, तारीख 12.2.1985 और परिपत्र सं. 3-डी/(XXXL-20), तारीख 30.3.1967 भी देखिये। ब्यौरों के लिए, देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
80. वित्त अधिनियम, 1965 द्वारा 1.4.1965 से अंत:स्थापित।
81. वित्त अधिनियम, 1972 द्वारा 1.4.1972 से अंत:स्थापित।
82. वित्त अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से अंत:स्थापित।
83. वित्त अधिनियम, 1988 द्वारा 1.4.1989 से अंत:स्थापित।
84. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1996 द्वारा 1.10.1996 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा संशोधित रूप में]

