वसीयतनामा उत्तराधिकार
अध्याय III
वसीयतनामा उत्तराधिकार
वसीयतनामा उत्तराधिकार I
30. कोई भी हिंदू वसीयत या अन्य वसीयती निपटान द्वारा [ किसी भी संपत्ति का निपटान कर सकता है ] , जो भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 (1925 का 39) या हिंदुओं पर लागू किसी अन्य कानून के प्रावधानों के अनुसार उसके द्वारा निपटान किए जाने योग्य है।
स्पष्टीकरण: मिताक्षरा सहदायिक संपत्ति में किसी हिंदू पुरुष का हित अथवा तरवर्ड , तवाझी , इल्लोम , कुटुंब या कवरू की संपत्ति में किसी तरवर्ड , तवाझी , इल्लोम , कुटुंब या कवरू के सदस्य का हित, इस अधिनियम या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में किसी बात के होते हुए भी, ऐसी संपत्ति समझी जाएगी जिसका इस धारा के अर्थ में उसके द्वारा निपटान किया जा सकता है।

