आयकर विभाग के इलैक्ट्रानिक दाखिलीकरण पोर्टल पर 3 करोड़ से अधिक आयकर विवरणी दाखिल, वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अपनी आयकर विवरणी को दाखिल करने वाले करदाताओं को जल्द से जल्द उसे दाखिल करने की सलाह
रिलीज़ दिनांक
05/12/2021
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भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
नई दिल्ली, 5 दिसंबर, 2021
प्रेस विज्ञप्ति
आयकर विभाग के इलैक्ट्रानिक दाखिलीकरण पोर्टल पर 3 करोड़ से अधिक आयकर विवरणी दाखिल, वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अपनी आयकर विवरणी को दाखिल करने वाले करदाताओं को जल्द से जल्द उसे दाखिल करने की सलाह
आयकर विभाग के नए ई-दाखिलीकरण पोर्टल पर 3 दिसंबर, 2021 तक 3 करोड़ से अधिक की आयकर विवरणियां दाखिल की जा चुकी हैं। प्रतिदिन दाखिल की गई आईटीआर की संख्या 4 लाख से अधिक है और प्रतिदिन बढ़ती जा रही है चूंकि अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2021 नजदीक है।
आयकर विभाग सभी करदाताओं से आग्रह करता है कि अपने प्रपत्र 26कध और टीडीएस और कर भुगतान की सत्यता को सत्यापित करने के लिए ई-दाखिलीकरण पोर्टल के माध्यम से वार्षिक सूचना विवरणी (एआईएस) देखें और पहले से दाखिल आईटीआर का प्रयोग करें। करदाताओं के लिए यह आवश्यक है कि वह अपने बैंक पासबुक में एआईएस ब्यौरे में डेटा, ब्याज प्रमाणपत्र, प्रपत्र 16 और ईक्विटी/मच्युयल फंड आदि की खरीद और बिक्री के मामले में ब्रोकरों से पूंजीगत प्राप्ति के ब्यौरे की दुबारा जांच करें।
वित्त वर्ष 2021-22 में आयकर विवरणी (आईटीआर) दाखिलीकरण में 3.03 करोड़ आईटीआर की बढोत्तरी हुई। इनमें से 58.98 प्रतिशत (1.78 करोड़ है), 8 प्रतिशत आईटीआर 2 (24.42 लाख), 8.7 प्रतिशत आईटीआर 3 (26.58 लाख), 23.12 प्रतिशत आईटीआर 4 (70.07 लाख), आईटीआर 5 (2.14 लाख), आईटीआर 6 (0.91 लाख) और आईटीआर 7 (0.15 लाख) है। इन आईटीआर में 52 प्रतिशत से अधिक आईटीआर पोर्टल पर ऑनलाइन आईटीआर प्रपत्र का प्रयोग करते हुए दाखिल की गई और शेष ऑफलाइन सॉफ्टवेयर यूटिलिटी द्वारा तैयार आईटीआर का प्रयोग करते हुए अपलोड हुई।
आधार ओटीपी और अन्य विधियों के माध्यम से ई-सत्यापन की प्रक्रिया आईटीआर के प्रसंस्करण को प्रारंभ करने के लिए और प्रतिदाय, यदि हो, को जारी करने के लिए विभाग हेतु महत्वपूर्ण है। यह ध्यान देने के लिए उत्साहजनक है कि रू. 2.69 करोड़ प्रतिदाय को इलैक्ट्रानिक तौर पर सत्यापित किया गया जिसमें से 2.28 करोड़ से अधिक आधार आधारित ओटीपी के माध्यम से है।
नंबवर में, 48 प्रतिशत सत्यापित आईटीआर 1,2 और 4 को उसी दिन प्रसंस्कृत किया गया है। सत्यापित आईटीआर में से 2.11 करोड़ से अधिक आईटीआर को प्रसंस्कृत किया गया है और वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 82.80 लाख से अधिक प्रतिदाय को जारी किया गया है। करदाताओं को यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया जाता है कि प्रतिदाय को जमा करने के लिए चुने गए बैंक खाते में प्रतिदाय को जमा करने में परेशानी से बचने के लिए अपने पैन नंबर को लिंक करना चाहिए।
कुल मिलाकर 8.33 लाख डीसीएस को पंजीकृत किया गया है। डीएससी पंजीकरण की सरल प्रक्रिया में किसी व्यक्ति को अपनी डीएससी को केवल एक बार पंजीकृत करना है और उसे प्रत्येक उद्यम या भूमिका के समक्ष दुबारा पंजीकृत हुए बिना उस किसी भी उद्यम में प्रयोग किया जा सकता है जहां व्यक्ति एक सांझेदार, निदेशक है।
समग्र तौर पर 34.01 लाख कानूनी प्रपत्रों को जमा किया जा चुका है जिसमें 15.11 लाख टीडीएस विवरण, न्यास/संस्थानों के पंजीकरण के लिए 1.56 लाख प्रपत्र 10क, बकाया वेतन के लिए 3.29 लाख प्रपत्र, अपील को प्रस्तुत करने के लिए संबंधित 35 प्रपत्र और 4 दिसंबर, 2021 तक 35,342 डीटीवीएसवी प्रपत्र 4 शामिल है। 7.81 लाख से अधिक 15गक और 1.82 लाख से अधिक 15गख प्रपत्रों को दाखिल किया जा चुका है। 29.54 लाख से अधिक ई-पैन को निशुल्क आवंटित किया गया है। पंजीकरण और अनुपालन के लिए कानूनी वारिस कार्यप्रणाली को सक्रिय किया गया है।
विभाग ने और अधिक देरी के बिना करदाताओं से अपनी आयकर विवरणी को प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु ईमेल, एसएमएस और मीडिया कैंपेंन के माध्यम से करदाताओं को अनुस्मारक जारी किए हैं।
सभी करदाता जिनको अभी भी वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अपनी आयकर विवरणी दाखिल करनी है उनसे अंतिम समय की भागादौड़ी से बचने के लिए जल्द से जल्द अपनी विवरणी को दाखिल करने का अनुरोध किया जाता है।
(सुरभि आहलूवालिया)
आयकर आयुक्त
(मीडिया व तकनीकी नीति)
आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी

