यूनिटों की बाबत आय
यूनिटों की बाबत आय
194ट. 55-58[वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा 1.6.2016 से लोप किया गया।]
55-58. लोप किए जाने से पूर्व वित्त अधिनियम, 1995 द्वारा 1.7.1995 से यथा अंत:स्थापित, वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.6.1999 से, वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.6.2002 से प्रतिस्थापित और वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.8.2002 से भूतलक्षी प्रभाव से तथा वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2003 से संशोधित धारा 194ट इस प्रकार थी:
'194ट. (1) जहां धारा 10 के खंड (23घ) में विनिर्दिष्ट किसी पारस्परिक निधि या भारतीय यूनिट ट्रस्ट के यूनिटों के संबंध में किसी निवासी को कोर्इ आय, संदेय है वहां उसका संदाय करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति, पाने वाले के खाते में ऐसी आय जमा करते समय या उसका नकद रूप में या चैक या ड्राफ्ट जारी करके या किसी अन्य रीति से, इनमें से जो भी पहले हो, उसका संदाय करने के समय उस पर दस प्रतिशत की दर से आय-कर की कटौती कटेगा :
परन्तु इस धारा के उपबंध वहां लागू नहीं होंगे जहां, यथास्थिति, ऐसी आय या संदाय करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति द्वारा पाने वाले के खाते में जमा की गर्इ या उसको संदत्त आय राशियों या ऐसी राशियों का जिसके पाने वाले के खाते में जमा किए जाने या उसको संदत्त किए जाने की संभावना है, योग दो हजार पांच सौ रुपए से अधिक नहीं है :
परन्तु यह और कि एक हजार रुपए¹ की रकम–
(क) यथास्थिति पारस्परिक निधि या भारतीय यूनिट ट्रस्ट के शाखा कार्यालय के संबंध में, और
(ख) किसी ऐसी विशिष्ट स्कीम के अधीन, जिसके अधीन यूनिटें जारी की गर्इ हैं,
जमा या संदत्त आय के प्रति निर्देश करते हुए संगणित की जाएगी:
परंतु यह भी कि 1 अप्रैल, 2003 को या उसके पश्चात् जमा की गर्इ या संदत्त किसी ऐसी आय से इस धारा के अधीन कोर्इ कटौती नहीं की जाएगी।
स्पष्टीकरण.–इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–
(क) "भारतीय यूनिट ट्रस्ट" से भारतीय यूनिट ट्रस्ट अधिनियम, 1963 (1963 का 52) के अधीन स्थापित भारतीय यूनिट ट्रस्ट अभिप्रेत है;
(ख) जहां पूर्वोक्त कोर्इ आय, ऐसी आय का संदाय करने के लिए दायी व्यक्ति की लेखा बहियों में किसी खाते में, चाहे वह "उचंत खाते" के नाम से या किसी अन्य नाम से, जमा की जाती है वहां ऐसी राशि के जमा किए जाने को पाने वाले के खाते में ऐसी रकम का जमा किया जाना समझा जाएगा और इस धारा के उपबंध तदनुसार लागू होंगे।"
[वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा संशोधित रूप में]

