लाभांशों से भिन्न आय से निम्नतर दर पर कर की कटौती करने या कटौती न करने का प्रमाणपत्र
28कक. (1) जहाँ निर्धारण अधिकारी, नियम 28 के उपनियम (1) के अधीन किसी व्यक्ति द्वारा आवेदन किए जाने पर, यह समाधान हो जाता है कि किसी व्यक्ति का विद्यमान और प्राक्कलित कर दायित्व, यथास्थिति, निम्नतर दर पर कर की कटौती करने या कर की कटौती न करने को न्यायोचित ठहराता है वहाँ निर्धारण अधिकारी ऐसी निम्नतर दर पर कर की कटौती करने या कर की कटौती न करने के लिए धारा 197 की उपधारा (1) के उपबंधों के अनुसरण में एक प्रमाणपत्र जारी करेगा।
(2) उपनियम (1) में निर्दिष्ट विद्यमान और प्राक्कलित दायित्व निर्धारण अधिकारी द्वारा निम्नलिखित पर विचार करने के पश्चात् अवधारित किया जाएगा:-
(i) निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्व वर्ष की प्राक्कलित आय पर संदेय कर;
(ii) पिछले 66क[चार पूर्व वर्षों की, यथास्थिति, निर्धारित या विवरणी या प्राक्कलित आय] पर संदेय कर;
(iii) आय-कर अधिनियम, 1961 और धन-कर अधिनियम, 1957 के अधीन विद्यमान दायित्व;
(iv) नियम 28 के उपनियम (1) के अधीन पूर्व वर्ष से आवेदन करने की तारीख तक सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए अग्रिम कर संदाय 66ख[स्रोत पर कर कटौती और स्रोत पर कर संग्रहण];
(v) & (vi) 66ग[***]
(3) प्रमाणपत्र पूर्व वर्ष की ऐसी अवधि के लिए, जो प्रमाणपत्र में विनिर्दिष्ट किया जाए, विधिमान्य होगा, जब तक कि वह निर्धारण अधिकारी द्वारा विनिर्दिष्ट अवधि की समाप्ति से पहले किसी भी समय रद्द न किया जाए।
66घ [(4) यथास्थिति, किन्हीं निम्न दरों पर कर की कटौती या कर की कटौती न करने के लिए उस व्यक्ति की सलाह के अधीन उत्तरदायी व्यक्ति को सीधे जारी किया जाएगा, जिसने ऐसे प्रमाणपत्र जारी करने के लिए आवेदन किया हो:
परंतु जहां कर की कटौती करने के लिए दायी व्यक्तियों के सौ से अधिक होने की संभावना है और आवेदन करने के समय ऐसा आवेदन करने वाले व्यक्ति के पास ऐसे व्यक्तियों के ब्यौरे उपलब्ध नहीं हैं, प्रमाणपत्र जारी करने के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को निम्न दर पर कर की कटौती करने के लिए निम्न दर पर कर की कटौती करने के पश्चात ऐसी आय या राशि को प्राप्त करने के लिए प्रमाणपत्र जारी किया जा सकेगा।
(5) उपनियम (4) में निर्दिष्ट प्रमाणपत्र कर की कटौती के लिए उत्तरदायी व्यक्ति के संबंध में और उसमें नामित व्यक्ति के लिए ही विधिमान्य होगा और उपनियम (4) के परंतुक में निर्दिष्ट प्रमाणपत्र उस व्यक्ति के संबंध में विधिमान्य होगा जिसने ऐसा प्रमाणपत्र जारी करने के लिए आवेदन किया है।
(6) यथास्थिति, प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रणाली) या आयकर महानिदेशक उपनियम (4) के अधीन और उसके परंतुक के अधीन प्रमाणपत्र जारी करने के लिए प्रक्रिया, प्रारूप और मानक अधिकथित करेंगे तथा प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रणाली) या आयकर महानिदेशक उक्त प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में समुचित सुरक्षा, पुरालेख और पुन:प्राप्ति नितियां तैयार करने और कार्यान्वित करने के लिए भी उत्तरदायी होंगे।]]
66क. आय-कर (ग्यारहवां संशोधन) नियम, 2018 द्वारा 25.10.2018 से ''जैसी भी स्थिति हो अंतिम तीन की आय'' शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
66ख. आय-कर (ग्यारहवां संशोधन) नियम, 2018 द्वारा 25.10.2018 से अंत:स्थापित ।
66ग. आय-कर (ग्यारहवां संशोधन) नियम, 2018 द्वारा 25.10.2018 से लोप किया गया। लोप से पूर्व खंड (v) और खंड (vi) निम्न प्रकार थे।
"(v) नियम 28 के उपनियम (1) के अधीन पूर्व वर्ष से आवेदन करने की तारीख तक सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए स्रोत पर कर कटौती;
(vi) नियम 28 के उपनियम (1) के अधीन पूर्व वर्ष से आवेदन करने की तारीख तक सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए स्रोत पर संग्रहीत कर।"
66घ. आय-कर (ग्यारहवां संशोधन) नियम, 2018 द्वारा 25.10.2018 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व उपनियम (4), (5) और (6) निम्न प्रकार थे:
"(4) कर की कटौती न करने के लिए प्रमाणपत्र, केवल कर की कटौती के लिए उत्तरदायी और उसमें नामित व्यक्ति के लिए ही विधिमान्य होगा।
(5) उपनियम (4) में निर्दिष्ट प्रमाणपत्र ऐसे व्यक्ति को, जिसने ऐसा प्रमाणपत्र जारी करने के लिए आवेदन किया है, सलाह के अधीन कर की कटौती के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को सीधे जारी किया जाएगा।
(6) निम्नतर दर पर कर की कटौती का प्रमाणपत्र ऐसे व्यक्ति को, जिसने ऐसा प्रमाणपत्र जारी करने के लिए आवेदन किया है, निम्नतर दर पर कर की कटौती के पश्चात् आय या राशि प्राप्त करने के लिए उसे प्राधिकृत करते हुए जारी किया जाएगा।"

