आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 8/2020

परिपत्र की तिथि

13/04/2020

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

13/04/2020

परिपत्र सं. 8/2020

परिपत्र सं. 8/2020

 

एफ.नं. 370133/5/2020-टीपीएल

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

(टीपीएल प्रभाग)

******

कमरा नं. 147बी-II, नार्थ ब्लॉक, नई दिल्ली

दिनांक 13 अप्रैल, 2020

 

विषय : वित्त (सं.2) अधिनियम, 2019 द्वारा अधिभार की दरों में बढ़ोत्तरी के कारण टीडीएस/टीसीएस की अल्प कटौती से संबंधित स्पष्टीकरण - संबंधित

वित्त (सं.2) विधेयक, 2019 को लोकसभा में 5 जुलाई, 2019 को प्रस्तुत किया गया था जिसे संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया और वित्त (सं.2) अधिनियम, 2019 (अधिनियम) बना जिसे 1 अगस्त, 2019 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली। अधिनियम को निम्नानुसार अधिभार की दर में बढ़ोत्तरी के लिए मुहैया कराया गया :

क्र.सं. आय स्लैब अधिनियम से पहले अधिभार अधिनियम द्वारा मुहैया कराए गए बढ़ाए गए अधिभार
1 50 लाख रूपए से अधिक शून्य शून्य
2 50 लाख रूपए लेकिन रू. 1 करोड़ रूपए से कम 10 प्रतिशत 10 प्रतिशत
3 1 करोड़ रूपए लेकिन रू. 2 करोड़ रूपए से कम 15 प्रतिशत 15 प्रतिशत
4 2 करोड़ रूपए लेकिन रू. 2 करोड़ रूपए से कम 15 प्रतिशत 25 प्रतिशत
5 5 करोड़ रूपए से अधिक 15 प्रतिशत 37 प्रतिशत

2. अधिभार की बढ़ाई गई दरें निर्धारण वर्ष 2020-21 हेतु प्रासंगिक पिछले वर्ष 2019-20 के लिए 1 अप्रैल, 2019 से लागू थी। इस प्रकार, प्रत्येक व्यक्ति जैसाकि ऊपर संदर्भित है उनको अधिभार की बढ़ाई गई दरों पर विचार करने के बाद अपनी कर देयता का आंकना जरूरी था। आगे, आयकर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के अंतर्गत टीडीएस/टीसीएस को अधिभार की बढ़ाई गई दर पर विचार करने के बाद काटा/एकत्रित किया जाना आवश्यक है।

3. केंद्र सरकार के ध्यान में कई मामले आए हैं जिसमें कटौतीदाता/संग्रहणकर्ताओं को उन मामलों में टीडीएस की कम कटौती/टीसीएस के कम एकत्रीकरण के लिए गलती करने वाले निर्धारिती था जहां अंतिम लेनदेन संसद में वित्त (सं.2) विधेयक, 2019 में 5 जुलाई, 2019 से पहले किया गया था। चूंकि लेनदेन बढ़ाए गए अधिभार की दरों की घोषणा से पहले पूरा किया गया था और संबंधित कटौतीदाता/अदाता को प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के लिए अपनी आयकर विवरणी को प्रस्तुत करना आवश्यक है, यह अनुरोध किया गया है कि ऐसे मामलों में, कटौतीदाता या संग्रहणकर्ता आयकर अधिनियम की धारा 201 के अंतर्गत गलती करने वाला एक निर्धारिती नहीं होना चाहिए।

4- उक्त मुद्दे को बोर्ड द्वारा जांचा गया है और इस संदर्भ में यह स्पष्ट किया जाता है कि आयकर अधिनियम के किसी प्रावधान के अंतर्गत कर कटौती/एकत्रीकरण के लिए जिम्मेदार एक व्यक्ति उस लेनदेनों के संदर्भ में गलती करने वाला एक निर्धारिती नहीं समझा जाएगा जहां :-

क) ऐसे लेनदेन पूरे हुए हों और पूर्ण भुगतान 5 जुलाई, 2019 को या उससे पहले कटौतीदाता/अदाता को किया गया हो और जहां वित्त वर्ष 2019-20 में कटौतीदाता/संग्रहणकर्ता और कटौतीदाता/अदाता के बीच बाद में कोई लेनदेन हुआ हो जहां से अल्प कर कटौतीदाता/संग्रहणकर्ता द्वारा काटा/एकत्रित किया गया होता

ख) अधिनियम के अधिनियमन से पूर्व प्रावधानों के अनुसार प्रभावी दरों के अनुसार ऐसे राशि पर ऐसे कटौतीदाता/संग्रहणकर्ता द्वारा टीडीएस काटा गया हो या टीसीएस एकत्रित किया गया हो

ग) कर को जमा करने की देय तिथि को या उससे पहले कटौतीदाता/संग्रहणकर्ता द्वारा केंद्र सरकार के खाते में ऐसे काटे गए या एकत्रित किए गए कर को जमा किया गया हो

घ) टीडीएस/टीसीएस कथित ब्यौरे को दाखिल करने की देय तिथि से पहले ऐसे व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किया गया हो

 

5. हालांकि, यदि व्यक्ति उक्त निर्दिष्ट किसी भी शर्त को पूरा करने में विफल रहता है तो ऐसा एक व्यक्ति कम कटौती/एकत्रीकरण के संबंध में, इस परिपत्र के अंतर्गत दिए गए लाभों के योग्य नहीं होगा।

6. आगे, यदि कटौतीदाता/संग्राहक ने कथित तिथि के बाद किए गए लेनदेन से 5 जुलाई, 2019 के बाद अल्प कर को काटा/एकत्रित किया हो तो ऐसे कर की कटौती/एकत्रीकरण में देरी के लिए ब्याज, यदि हो, नहीं लगाया जाएगा।

7. उक्त छूट अग्रिम कर या स्व-मूल्यांकित कर द्वारा बढ़ाए गए अधिभार सहित उचित कर देने के लिए और ऐसे कर देने के बाद आय की विवरणी को दाखिल करने से कटौतीदाता/अदाता दोषमुक्त करने के लिए नहीं है।

8. इसे वित्त मंत्री की अनुमति से जारी किया गया है।

(अंकित जैन)

उप आयकर आयुक्त (ओएसडी)

टीपीएल प्रभाग

 

निम्न को प्रति

 1- एफएम का पीएस/एफएम का ओएसडी/एमओएस (एफ) का पीएस/एमओएस (एफ) का ओएसडी

 2- सचिव (राजस्व) हेतु पीएस

 3- अध्यक्ष, सीबीडीटी व सभी सदस्य, सीबीडीटी

 4- समस्त प्रधान आयकर महानिदेशक/प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/आयकर महानिदेशक/मुख्य आयकर आयुक्त

 5- सीबीडीटी के सभी संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त, निदेशक/उप-सचिव/अवर सचिव

 6- भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (30 प्रतियां)

 7- जेएस व कानूनी सलाहकार, कानून व न्याय मंत्रालय, नई दिल्ली

 8- आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), सीबीडीटी के आधिकारिक प्रवक्ता

 9- आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) कार्यालय

10- जेसीआईटी (डाटाबेस प्रकोष्ठ) विभागीय वेबसाइट www.irsofficersonline.gov.in पर अपलोडिंग के लिए

 

(अंकित जैन)

उप-आयकर आयुक्त(ओएसडी)

टीपीएल प्रभाग