यह दस्तावेज़ एक पूंजीगत संपत्ति की बिक्री के संबंध में एक निर्धारिती को उपलब्ध विभिन्न प्रकार की छूट पर जोर देता है। दस्तावेज़ में पूंजीगत संपत्ति के प्रकार, पूंजीगत लाभ और नई संपत्ति जिसमें राशि को पुनर्निवेश करने की आवश्यकता है के प्रकार के बारे में विवरण शामिल हैं ।

अस्वीकरण:

इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।

 

जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें।

 
“इस दस्तावेज़ में वित्त अधिनियम, 2026 द्वारा संशोधित आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधान शामिल हैं।”

पूंजीगत प्राप्ति के संबंध में उपलब्ध विभिन्न छूट

 

विवरण धारा 54 धारा 54ख धारा 54घ धारा 54ड़ग धारा 54ड़ड़ धारा 54च धारा 54छ धारा 54छक धारा 54छख
योग्य करदाता व्यक्ति और हिन्दू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) व्यक्तिगत और (हिन्दू अविभाजित परिवार) एचयूएफ कोई भी निर्धारिती कोई भी निर्धारिती कोई भी निर्धारिती व्यक्ति और हिन्दू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) कोई भी निर्धारिती कोई भी निर्धारिती व्यक्ति और हिन्दू अविभाजित परिवार (एचयूएफ)
योग्य परिसंपत्ति आवासीय गृह संपत्ति कृषि भूमि भूमि या इमारत जो एक औद्योगिक उपक्रम का हिस्सा हो जिसे अनिवार्य अधिग्रहण के रूप में स्थानांतरित किया गया हो भूमि या इमारत या दोनों कोई पूंजी परिसंपत्ति आवासीय गृह संपत्ति को छोड़कर कोई दीर्घकालीन परिसंपत्ति शहरी क्षेत्र में मौजूद औद्योगिक उपक्रम के प्रयोग के लिए संयंत्र, मशीनरी, भूमि या भूमि या इमारत में किसी प्रकार का अधिकार शहरी क्षेत्र में मौजूद औद्योगिक उपक्रम के प्रयोग के लिए संयंत्र, मशीनरी, भूमि या भूमि या इमारत में किसी प्रकार का अधिकार आवासीय संपत्ति (घर या जमीन के एक भूखंड)
पूंजीगत प्राप्ति का रूप दीर्घकालिक (एलटीसीजी) अल्पकालिक या दीर्घकालिक (एलटीसीजी/एसटीसीजी) अल्पकालिक या दीर्घकालिक (एलटीसीजी/एसटीसीजी) दीर्घकालिक (एलटीसीजी) दीर्घकालीन (एलटीसीजी) दीर्घकालिक (एलटीसीजी) अल्पकालिक या दीर्घकालिक (एलटीसीजी/एसटीसीजी) अल्पकालिक या दीर्घकालिक (एलटीसीजी/एसटीसीजी) दीर्घकालिक (एलटीसीजी)

नई परिसंपत्ति में निवेश

भारत में एक आवासीय गृह संपत्ति

कृषि भूमि

स्थानांतरण के लिए भूमि या भवन या उपक्रम को दुबारा स्थापित करने के लिए या अन्य आद्योगिक उपक्रम का स्थापित करना

  •  एनएचएआई बॉन्ड या

  •  आरईसी बॉन्ड

  •  केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य कोई बांड*

अधिसूचित फंड की इकाईयां

भारत में एक आवासीय गृह संपत्ति

नया संयंत्र या मशीनरी, इमारत की खरीद और निर्माण, गैर-शहरी क्षेत्रों में मूल संपत्ति का स्थानांतरण

नया संयंत्र या मशीनरी, इमारत की खरीद और निर्माण, विशेष आर्थिक क्षेत्र में मूल संपत्ति का स्थानांतरण

'योग्य कंपनी' या 'योग्य स्टार्ट-अप' के शेयरों की ईक्विटी

हालांकि, योग्य कंपनी शेयरों के अंशदान की तिथि से 1 वर्ष के अंदर नई संपत्ति खरीदता है।

स्वीकृत छूट की अधिकतम राशि

निम्न का कम से कम :

  •  दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्तियों की राशि

  •  नई गृह संपत्ति में निवेश की गई राशि और पूंजीगत प्राप्ति खाता योजना में जमा की गई राशि

[टिप्पणी 1]

निम्न का कम से कम :

  •  पूंजीगत प्राप्तियों की राशि या

  •  नए कृषि भूमि में निवेश की राशि (पूंजीगत प्राप्ति खाता योजना में जमा की गई राशि सहित)

 

निम्न का कम से कम :

  •  पूंजीगत प्राप्तियों की राशि या

  •  नई भूमि या इमारत में निवेश की राशि (पूंजीगत प्राप्ति खाता योजना में जमा की गई राशि सहित)

निम्न का कम से कम :

  •  दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्तियों की राशि या

  •  निर्दिष्ट बांड में निवेश की गई राशि या

  •  रू. 50,00,000

निम्न का कम से कम :

 

दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्तियों की राशि

 

निर्दिष्ट परिसंपत्ति में निवेश की गई राशि या

 

रू. 50,00,000

यदि शुद्ध प्रतिफल नई गृह संपत्ति में निवेश नही किया जाता है तो पूरी पूंजीगत प्राप्ति कराधान से मुक्त होगी। यदि आंशिक प्रतिफल को नई गृह संपत्ति में निवेश किया जाता है तो छूट निवेश की गई राशि के अनुपात में दी जाएगी।

[टिप्पणी 1]

निम्न का कम से कम :

  •  दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्तियों की राशि

  •  स्थानांतरण पर व्यय, नई परिसंपत्ति में निवेश की गई कुल राशि, पूंजीगत प्राप्ति खाता योजना में जमा की गई राशि

निम्न का कम से कम :

  •  दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्तियों की राशि

  •  नई पंरिसंपत्ति में निवेश की गई कुल राशि, स्थनांतरण या स्थापन पर व्यय और जमा योजना में जमा की गई राशि

पूंजीगत प्राप्ति की राशि

नई संपत्ति प्राप्त करने के लिए समय सीमा

  •  खरीद: हस्तांतरण की तिथि से 1 वर्ष पहले अथवा 2 वर्ष के पश्चात्

  •  निर्माण: हस्तांतरण की तारीख के बाद 3 साल के भीतर

मूल संपत्ति के हस्तांतरण की तारीख के बाद 2 साल के भीतर

अनिवार्य अधिग्रहण की तिथि से 3 साल के भीतर

भूमि या इमारत या दोनों के स्थानांतरण की तारीख से 6 महीने के भीतर

दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्ति के स्थानांतरण की तिथि के बाद 6 महीनों के अंदर

खरीद: स्थानांतरण की तिथि से 1 वर्ष पहले अथवा 2 वर्ष के पश्चात्

निर्माण: हस्तांतरण की तारीख के बाद 3 साल के भीतर

स्थानांतरण की तिथि के बाद 1 वर्ष से पहले या 3 साल के भीतर

स्थानांतरण की तिथि के बाद 1 वर्ष से पहले या 3 साल के भीतर

आयकर विवरणी की प्रस्तुति के लिए नियत तिथि से पहले

पूंजीगत प्राप्ति खाता योजना (सीजीएएस) में जमा के लिए समय सीमा आय की विवरणी को दाखिल करने की नियत तिथि को या उससे पहले आय की विवरणी को दाखिल करने की नियत तिथि को या उससे पहले आय की विवरणी को दाखिल करने की नियत तिथि को या उससे पहले - - आय की विवरणी को दाखिल करने की नियत तिथि को या उससे पहले आय की विवरणी को दाखिल करने की नियत तिथि को या उससे पहले आय की विवरणी को दाखिल करने की नियत तिथि को या उससे पहले -

छूट की वापसी

यदि नई परिसंपत्ति अधिग्रहण के 3 साल के भीतर स्थानांतरित होती है,

  •  सीजीएएस में जमा की गई राशि निर्धारित समय के अंदर प्रयुक्त न होना

  •  3 वर्षों के अंदर नए घर का स्थानांतरण

  •  यदि नई परिसंपत्ति अधिग्रहण के 3 साल के भीतर स्थानांतरित न होना

  •  3 वर्षों कं अंदर नई भूमि या इमारत का स्थानांतरण

  •  5 वर्षों के अंदर बांड का स्थानांतरण

  •  5 वर्षों के अंदर बांड का रूपांतरण

  •  3 वर्षों के अंदर नई परिसंपत्ति का स्थानांतरण

  •  3 वर्षों के अंदर बांड का राशि में रूपांतरण

  •  दूसरे घर का अधिग्रहण

  •  सीजीएस में जमा की गई राशि निर्धारित समय में प्रयुक्त न होना

  •  3 वर्षों के अंदर नई गृह संपत्ति का स्थानांतरण

  •  सीजीएस में जमा की गई राशि निर्धारित समय में प्रयुक्त न होना

  •  3 वर्षों के अंदर बांड का राशि में रूपांतरण

 

  •  सीजीएस में जमा की गई राशि निर्धारित समय में प्रयुक्त न होना

  •  3 वर्षों के अंदर बांड का राशि में रूपांतरण

  •  निर्धारिती द्वारा बेचे गए योग्य कंपनी के शेयर

  •  योग्य कंपनी द्वारा बेची गई नई परिसंपत्ति

  •  सीजीएस में जमा की गई राशि निर्धारित समय में प्रयुक्त न होना

 

 

टिप्पणी : केंद्र सरकार ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हुडको) द्वारा पांच वर्षों के बाद प्रतिदेय और 1 अप्रैल 2025 को या उसके बाद जारी अधिसूचित बांड को धारा 54ड़ग के लिए दीर्घकालीन निर्दिष्ट परिसंपत्ति के तौर पर अधिसूचित किया है [अधिसूचना सं. 31/2025 दिनांक 07.04.2025]  

टिप्पणी 1 : नई पंरिसंपत्ति की कीमत रू.10 करोड़ से अधिक नही हो सकती। आगे, नई पंसपित्त में कोई निवेश नही किया जाता और पूंजीगत खाता योजना में राशि जमा की जाती है तो अधिकतम राशि जिस पर विचार किया जाएगा वह छूट के लिए रू. 10 करोड़ है (निर्धारण वर्ष 2024-25 से लागू)

 

 

[वित्त अधिनियम, 2025 द्वारा संशोधित]