आयकर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों में प्रारंभिक सीमा का संदर्भ होता है। इन प्रारंभिक सीमाओं में अधिकतम छूट की सीमा, आय से छूट या कटौती की सीमा, वेतन के एक हिस्से के रूप में प्राप्त कर मुक्त भत्ते, अपील दाखिल करने के लिए शुल्क, व इस प्रकार की अन्य छूट शामिल हो सकती है। इस दस्तावेज में सभी प्रासंगिक प्रावधानों और उनकी प्रारंभिक सीमाओं का संक्षिप्त परिचय दिया गया है।
प्रारंभिक सीमाएं

अस्वीकरण:

इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।

 

जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें।

आयकर अधिनियम के तहत विभिन्न शुरुआती सीमाएं

[निर्धारण वर्ष 2026-27]

क्रम संख्या

विवरण

शुरुआती सीमाएं

क.

मूल छूट

1.

आय की अधिकतम राशि जो कि व्यक्ति, एचयूएफ/एओपी/बीओआई/ कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति होने की स्थिति में आयकर हेतु वसूलनीय नही हैं

रुपये 2,50,000

2.

आय की अधिकतम राशि जो कि एक निवासी वरिष्ठ नागरिक (जो पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय कम से कम 60 वर्षों का हो लेकिन पिछले वर्ष के अंतिम दिन पर 80 वर्ष की आयु से कम हो) के हाथों आय कर हेतु वसूलनीय नही हैं

रुपये 3,00,000

3.

आय की अधिकतम राशि जो कि एक निवासी अति वरिष्ठ नागरिक के हाथों में (जिसकी पिछले वर्ष के दौरान कभी भी उम्र कम से कम 80 वर्ष हो) आयकर हेतु वसूलनीय नही हैं

रुपये 5,00,000

3क आय की अधिकतम राशि जो उन व्यक्तियों, एचयूएफ/एओपी/बीओआई/कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति जिसने धारा 115खकग के अंतर्गत नई कर योजना को चुना हो, के मामले में आयकर हेतु वसूलनीय नही है रू. 4,00,000
3ख अधिभार आयकर के 10 प्रतिशत की दर पर आंका जाएगा यदि व्यक्ति, एचयूएफ, एओपी, बीओआई, कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति शुद्ध आय रू. 50 लाख से अधिक होती है लेकिन रू. 1 करोड़ से अधिक नहीं होती (थोड़ी राहत के अनुसार) रू. 50 लाख
  टिप्पणी : अधिभार की दर शून्य है यदि एक निर्दिष्ट फंड की कुल आय जैसा धारा 10(4घ) में संदर्भित है, में प्रतिभूतियों के संदर्भ में किसी प्रकार की आय शामिल है जैसा धारा 115कघ(1)(क) के अंतर्गत दिया गया है।  

3ग

अधिभार आयकर की 15 प्रतिशत की दर पर वसूला जाएगा यदि शुद्ध आय व्यक्ति, एचयूएफ, एओपी, बीओआई कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति की स्थिति में रू. 1 करोड़ से अधिक होती है (थोड़ी राहत के अनुसार)

रू. 1 करोड़

3घ अधिभार आयकर के 25 प्रतिशत की दर पर वसूला जाएगा यदि व्यक्ति, एचयूएफ, एओपी, बीओआई, कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति की शुद्ध आय रू. 2 करोड़ से अधिक होती है लेकिन रू. 5 करोड़ से कम हो (थोड़ी राहत के अनुसार) रू. 2 करोड़
3ड़ अधिभार आयकर के 37* प्रतिशत की दर पर वसूला जाएगा यदि व्यक्ति, एचयूएफ, एओपी, बीओआई, कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति की शुद्ध आय रू. 5 करोड़ से अधिक हो (थोड़ी राहत के अनुसार)
*यदि निर्धारिती ने धारा 115खकग के अंतर्गत नई कर व्यवस्था को चुना हो
रू. 5 करोड़

4

अधिभार आयकर के 12 प्रतिशत की दर पर वसूला जाएगा यदि शुद्ध आय फर्म, स्थानीय प्राधिकारियों की स्थिति में रू. 1 करोड़ से अधिक होता है (थोड़ी राहत के अनुसार)

रू. 1 करोड़

4क सहकारी संस्थान के मामले में अधिभार आयकर के 7 प्रतिशत की दर पर वसूला जाएगा यदि शुद्ध आय रू. 1 करोड़ से अधिक हो लेकिन रू. 10 करोड़ से कम (मामूली राहत के अनुसार) रू. 1 करोड़
  टिप्पणी : अधिभार की दर 10 प्रतिशत है (किसी शुरूआती सीमा के बिना) यदि सहकारी संस्था ने धारा 115खकघ या धारा 115खकड़ के अंतर्गत कर व्यवस्था को चुना हो।  
4ख सहकारी संस्थान के मामले में अधिभार आयकर के 12 प्रतिशत की दर पर वसूला जाएगा यदि शुद्ध आय रू. 10 करोड़ से अधिक हो (मामूली राहत के अनुसार) रू. 10 करोड़
  टिप्पणी : अधिभार की दर 10 प्रतिशत है (किसी शुरूआती सीमा के बिना) यदि सहकारी संस्था ने धारा 115खकघ या धारा 115खकड़ के अंतर्गत कर व्यवस्था को चुना हो।  

5

घरेलू कंपनी के (थोड़ी राहत के अनुसार) मामले में यदि शुद्ध आय 1 करोड़ से अधिक है तो अधिभार आयकर का 7 प्रतिशत की दर से लिया जाएगा आयकर का 12 प्रतिशत की दर से लिया जाएगा तथा शुद्ध आय 10 करोड़ से अधिक है तो अधिभार

रुपये 1 करोड़/ रुपये 10 करोड़

  टिप्पणी : अधिभार की दर 10 प्रतिशत है (किसी शुरूआती सीमा के बिना) यदि घरेलू कंपनी ने धारा 115खकक या धारा 115खकख के अंतर्गत कर व्यवस्था को चुना हो।  

6

विदेशी कंपनी के (थोड़ी राहत के अनुसार) मामले में यदि शुद्ध आय 1 करोड़ से अधिक है तो अधिभार आयकर का 2 प्रतिशत की दर से लिया जाएगा तथा शुद्ध आय 10 करोड़ से अधिक है तो अधिभार आयकर का 5 प्रतिशत की दर से लिया जाएगा

रुपये 1 करोड़/ रुपये 10 करोड़

  टिप्पणी : अधिभार की दर 10 प्रतिशत है (किसी शुरूआती सीमा के बिना) यदि घरेलू कंपनी ने धारा 115खकक या धारा 115खकख के अंतर्गत कर व्यवस्था को चुना हो।  

7.

घरेलू कंपनी की स्थिति में 25 प्रतिशत की दर से कर जहां पिछले वर्ष 2023-24 में इसका कुल करोबार अथवा सकल प्राप्ति रू. 400 करोड़ से अधिक न हो

रू. 400 करोड

क्रम संख्या

विवरण

धारा

शुरुआती सीमा (छूट तथा अन्य के लिए)

ख.

प्रमुख-वेतन के अधीन

1.

मनोरंजन भत्ता (केवल सरकारी कर्मचारी के मामले में छूट)

16(ii)

निम्नलिखित का न्यूनतम कर से मुक्त हैं

क) रुपये 5,000

ख) वेतन का 1/5 (किसी भत्ते, लाभ या सुविधा को छोड़ कर)

ग) वास्तव में प्राप्त किया गया मनोरंजन भत्ता

2.

सेवानिवृति के समय कर्मचारी द्वारा अप्रयुक्त अर्जित अवकाश का नगदीकरण (सरकारी कर्मचारी के अलावा) (कुछ शर्तों के अनुसार)

10(10कक)

निम्नलिखित का न्यूनतम कर से मुक्त हैं

(क) वास्तविक तौर पर प्राप्त राशि

(ख) अर्जित अवकाश प्रयोग न करना** X औसत मासिक वेतन

(ग) 10 माह औसत वेतन**

(घ) रु. 25,00,000

*अप्रयुक्त अर्जित अवकाश की गणना करते समय अर्जित अवकाश पात्रता वर्तमान नियोक्ता के यहां दी गई सेवा के लिए प्रत्येक वर्ष में 30 दिनों से अधिक का नहीं हो सकता ।

**औसत वेतन = सेवानिवृति से ठीक पहले के अंतिम 10 माह का औसत वेतन***।

***वेतन = मूल वेतन+मंहगाई भत्ता (एक हद तक सेवानिवृति के भाग का हिस्सा)+ कारोबार आधारित कमीशन

3.

औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत कर्मचारी द्वारा प्राप्त किया गया छंटनी प्रतिपूर्ति (कुछ शर्तों के अनुसार)

10(10ख)

निम्नलिखित का न्यूनतम कर से मुक्त है

(क) औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947, की धारा 25च(ख) के अनुसार गणना की गई राशि

ख) रुपये 5,00,000; या

ग) वास्तव में प्राप्त की गई राशि

4

उपदान अधिनियम, 1972 के तहत आने वाले कर्मचारियों के अतिरिक्त अन्य कर्मचारियों द्वारा प्राप्त किए गए मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपदान (सरकारी कर्मचारी के अलावा) (कुछ शर्तों के अनुसार)

10(10)

निम्नलिखित का न्यूनतम कर से मुक्त है

1. (*15/26)  X  अंतिम प्राप्त वेतन ** X  सेवा के पूर्ण किये गए वर्ष या उसका हिस्सा जो छह माह से ज्यादा हो।

2. रुपये 20,00,000

3. वास्तव में प्राप्त उपदान

* मौसमी संस्थान के कर्मचारी के मामले में सात दिन

** वेतन = अंतिम प्राप्त किया गया बोनस जिसमें डीए शामिल हो लेकिन बोनस, कमीशन, एचआरए, ओवरटाइम तथा अन्य भत्ते, लाभ या सुविधाएं ना जुड़े हो

5.

उपदान अधिनियम. 1972 के तहत आने वाले कर्मचारियों के अतिरिक्त अन्य कर्मचारियों द्वारा प्राप्त किए गए मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपदान (सरकारी कर्मचारी के अलावा) (कुछ शर्तों के अनुसार)

10(10)

निम्नलिखित का न्यूनतम कर से मुक्त हैं

1. 1/2 X औसत वेतन* X सेवा के पूर्ण किये गए वर्ष

2. रुपये 20,00,000

3. वास्तव में प्राप्त उपदान

* औसत वेतन = सेवानिवृति से ठीक पहले के अंतिम दस माह का औसत वेतन।

**वेतन = मूल वेतन+मंहगाई भत्ता (एक हद तक सेवानिवृति के भाग का हिस्सा) + कारोबार आधारित कमीशन

6.

ऐच्छिक सेवानिवृति या ऐच्छिक वियोजन पर प्राप्त राशि (कुछ शर्तों के अनुसार)

10(10ग)

निम्नलिखित का न्यूनतम कर से मुक्त हैं

1) दिशा निर्देशों के अनुसार वास्तव में प्राप्त राशि अर्थात् निम्नलिखित का न्यूनतम

(क) सेवा के प्रत्येक परिपूरित वर्ष में तीन महीने का वेतन

(ख) सेवानिवृत्ति के समय वेतन X सेवानिवृति के समय में शेष रहे माह की संख्या; या

2)  रुपये 5,00,000

7.

बच्चों का शिक्षा भत्ता

10(14) नियम 2खख के साथ पठित

अधिकतम दो बच्चों तक प्रत्येक बच्चे के लिए प्रतिमाह 100 रुपये तक

8.

हॉस्टल खर्चा भत्ता

10(14) नियम 2खख के साथ पठित

अधिकतम दो बच्चों तक प्रत्येक बच्चे के लिए प्रतिमाह 300 रुपये तक

9.

कर्मचारी को घर से कार्यस्थल तक के बीच के आने-जाने के खर्च को पूरा करने के लिए परिवहन भत्ता

10(14) नियम 2खख के साथ पठित

रुपये 3,200 प्रतिमाह दृष्टिहीन या विकलांग कर्मचारियों के लिए

10.

परिवहन व्यवसाय में काम कर रहे किसी कर्मचारी को ऐसे परिवहन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने लाने के लिए उसके निजी खर्च का परिवहन भत्ता, इस बात को ध्यान में रखते हुए कि कर्मचारी को और कोई दैनिक भत्ता नहीं मिल रहा है

10(14) नियम 2 खख के साथ पढ़ा जाए

छूट की राशि निम्नलिखित का न्यूनतम होगी

क) ऐसे भत्ते का 70 प्रतिशत

अथवा

ख) रुपये 10,000 प्रतिमाह

11.

संघ लोक सेवा आयोग के सेवानिवृत अध्यक्ष/ सदस्य को भत्ता (कुछ शर्तों के अनुसार)

10(45)

14,000 रुपये प्रतिमाह तक एक अर्दली सेवा के लिए अदा करना तथा अनुबंध के आधार पर सचिविय सहायता के लिए होने वाले खर्च के लिए

12.

विशेष प्रतिपूरक भत्ता (पहाड़ी क्षेत्र) (कुछ शर्तों तथा स्थानों के अनुसार)

धारा 10(14) नियम 2 खख के साथ पढ़ा जाए

रुपये 300 से 7,000 प्रतिमाह की विभिन्न राशि कर से मुक्त हैं

13.

सीमा क्षेत्र भत्ता, दूरदराज के इलाके या अशांत क्षेत्र या कठिन क्षेत्र भत्ता (कुछ शर्तों तथा स्थानों के अनुसार)

धारा 10(14) नियम 2 खख के साथ पढ़ा जाए

रुपये 200 से 1,300 प्रतिमाह की विभिन्न राशि कर से  मुक्त हैं

14.

जनजाति क्षेत्र भत्ता (क) मध्य प्रदेश (ख) तमिल नाडु (ग) उत्तर प्रदेश (घ) कर्नाटक (ड़) त्रिपुरा (च) असम (छ) पश्चिम बंगाल (ज) बिहार (झ) उड़ीसा

धारा 10(14) नियम 2 खख के साथ पढ़ा जाए

रुपये 200 प्रतिमाह तक

15.

परिपूरक क्षेत्र भत्ता, यदि यह छूट ली जाती है, तो कर्मचारी सीमा क्षेत्र भत्ते से संबंधित कोई और छूट नहीं ले सकता (कुछ शर्तों तथा स्थानों के अनुसार)

धारा 10(14) नियम 2 खख के साथ पढ़ा जाए

रुपये 2,600 प्रतिमाह तक

16.

परिपूरक संशोधित क्षेत्र भत्ता, यदि यह छूट ली जाती है, तो कर्मचारी सीमा क्षेत्र भत्ते से संबंधित कोई और छूट नहीं ले सकता (कुछ शर्तों तथा स्थानों के अनुसार)

धारा 10(14) नियम 2 खख के साथ पढ़ा जाए

रुपये 1,000 प्रतिमाह तक

17.

आतंकवाद विरोधी भत्ते का कोई विशेष भत्ता सशस्त्र सेना के सदस्यों को प्रदान किया जाता है जब वह स्थाई क्षेत्र से दूर कार्य कर रहे है। यदि यह छूट ली जाती है, तो कर्मचारी सीमा क्षेत्र भत्ते से संबंधित कोई और छूट नहीं ले सकता (कुछ शर्तों तथा स्थानों के अनुसार)

धारा 10(14) नियम 2 खख के साथ पढ़ा जाए

रुपये 3,900 प्रतिमाह तक

18.

भूमिगत भत्ता उन कर्मचारियों को दिया जाता हे जो प्रतिकूल भूमिगत खदानों में, असामान्य, अप्राकृतिक जलवायु में कार्य करते हैं। (कुछ शर्तों के अनुसार)

धारा 10(14) नियम 2 खख के साथ पढ़ा जाए

रुपये 800 प्रतिमाह तक

19.

उच्च ऊंचाई भत्ता सशस्त्र सेना के सदस्यों को प्रदान किया जाता हैं जो उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। (कुछ शर्तों तथा स्थानों के अनुसार)

धारा 10(14) नियम 2 खख के साथ पढ़ा जाए

(क) रुपये 1,060 रुपये प्रतिमाह तक, (9,000 से 15,000 फीट की ऊचांई तक)

(ख) रुपये 1,600 रुपये प्रतिमाह तक, (15,000 फीट से अधिक ऊचांई पर)

20.

अत्यधिक सक्रिय युद्ध क्षेत्र भत्ते सशस्त्र सेना के सदस्यों को प्रदान किया जाता है। (कुछ शर्तों तथा स्थानों के अनुसार)

धारा 10(14) नियम 2 खख के साथ पढ़ा जाए

रुपये 4,200 प्रतिमाह तक

21.

द्वीप कार्य भत्ता सशस्त्र सेना के अंदमान तथा निकोबार तथा लक्ष्यद्वीप समूह के द्वीपों में काम कर रहे सदस्यों को प्रदान किया जाता है। (कुछ शर्तों तथा स्थानों के अनुसार)

धारा 10(14) नियम 2 खख के साथ पढ़ा जाए

रुपये 3,250 प्रतिमाह तक

22. वेतनभोगी करदाताओं के लिए मानक कटौती 16(iक)

सामान्य कर व्यवस्था के मामले में

• रू. 50,000 तक

धारा 115खकग(1क)(ii) के अंतर्गत नई कर व्यवस्था के मामले में

• रू. 75,000 तक

23.

कर्मचारी के संबंध में नियोक्ता द्वारा अनुमोदित सेवानिवृत्ति कोष हेतु अंशदान पर कर

17(2)(vii)

इसके प्रतिवर्ष 1,50,000 रुपये से अधिक होने की सीमा तक (यदि नियोक्ता का अंशदान रुपये 1 लाख प्रतिवर्ष या उससे कम है तो कर योग्य नहीं है)

24.

नियोक्ता द्वारा कर्मचारियों के बच्चों को दी जा रही शिक्षा सुविधा पर होने वाला खर्चा कर्मचारी के हाथों कर से छूट प्राप्त है

नियम 3

प्रति बच्चे को प्रति माह 1,000 रुपये तक

25.

ब्याज की रियायती दर पर नियोक्ता द्वारा प्राप्त ऋण पर ब्याज कर्मचारी के हाथों रियायत के तौर पर कर योग्य नही होगा।

नियम 3

यदि ऐसे ऋण की कुल राशि पिछले संबंधित वर्ष में 20,000 रुपये से अधिक ना हो।

26.

नियोक्ता द्वारा कार्यालय समय पर उपलब्ध करवाया जा रहा मुफ्त खाना कर्मचारी के हाथों रियायत के लिए कर योग्य नहीं होगा।

नियम 3

यदि ऐसे भोजन का मूल्य 50 रुपये प्रति भोजन से अधिक ना हो।

27.

किसी कर्मचारी या उसके घर के किसी सदस्य द्वारा नियोक्ता की ओर से प्राप्त किए गए उपहार पर कर्मचारी के हाथों कर से छूट प्राप्त होगी।

नियम 3

यदि किसी रुप में प्राप्त किया गया है तो रुपये 5,000 तक की सीमा तक।

ग.

मकान संपत्ति से प्रमुख आय के अंतर्गत

1.

मानक कटौती

24(क)

वार्षिक मूल्य का 30 प्रतिशत

2.

स्वयं के कब्जे वाले मकान संपत्ति के निर्माण/अधिग्रहण के लिए उधार ली गई पूंजी पर लगा ब्याज (कुछ शर्तों के अनुसार)

टिप्पणी :

प्रभावी निर्धारण वर्ष 2020-21 से दिए गए ब्याज या उधार ली गई पूंजी पर देययोग्य ब्याज के लिए कटौती दो अपने द्वारा नियंत्रित संपत्तियों के संदर्भ में स्वीकृत होगी। हालांकि, इस प्रावधान के अंतर्गत कटौती की कुल राशि वही रहेगी यानी रू. 2,00,000

24(ख)

रुपये 2,00,000 तक

3.

स्वयं के कब्जे वाले मकान संपत्ति के पुनर्निर्माण, मरम्मत या नवीनीकरण के लिए ली गई पूंजी पर लगा ब्याज (कुछ शर्तों के अनुसार)

टिप्पणी :

प्रभावी निर्धारण वर्ष 2020-21 से दिए गए ब्याज या उधार ली गई पूंजी पर देययोग्य ब्याज के लिए कटौती दो अपने द्वारा नियंत्रित संपत्तियों के संदर्भ में स्वीकृत होगी। हालांकि, इस प्रावधान के अंतर्गत कटौती की कुल राशि वही रहेगी यानी रू. 30,000

24(ख)

रुपये 30,000 तक

घ.

व्यवसाय या पेशे के प्रमुख लाभ या प्राप्ति के अंतर्गत

1. धारा 32कग के अंतर्गत कटौती उपलब्ध है यदि एक निर्माण कंपनी द्वारा नए संयंत्र और मशीनरी की खरीद और स्थापना पर वास्तविक लागत 31-03-2013 के बाद परन्तु 01-04-2015 से पहले रुपये 25/100 करोड़, से अधिक है, जो भी स्थिति हो (कुछ शर्तों के अनुसार)।

32कग

नए परिसंपत्तियों की खरीद और स्थापना की वास्तविक लागत का 15% (यदि यह रुपये 25/100 करोड़ से अधिक होता है, जो भी स्थिति हो।

2.

कृषि विस्तार परियोजनाओं पर धारा 35गगग के तहत अनुमति के लिए विचार किया जा सकता है यदि खर्चा (किसी जमीन या इमारत के प्रकार के खर्चे रुप में नहीं हो) ऐसी परियोजना के शुरुआती सीमा से ज्यादा होने का अनुमान हो।

नियम 6 ककघ नियम 35 गगग के साथ पढ़ा जाए

25,00,000 रुपये

2क यदि स्टांप ड्यूटी के लिए ली गई राशि एक अचल संपत्ति के स्थानांतरण पर प्राप्त प्रतिफल से अधिक होती है तो स्टांप ड्यूटी राशि को प्रतिफल की पूर्ण राशि के तौर पर समझा जाएगा 43गक हालांकि, यदि स्टांप ड्यूटी राशि प्राप्त प्रतिफल के 105 प्रतिशत से अधिक नहीं होता तो ऐसा प्राप्त प्रतिफल को प्रतिफल की पूर्ण राशि के तौर पर समझा जाएगा

3.

निर्धारित बही खातों का अनिवार्य अनुरक्षण - निर्दिष्ट व्यवसाय (कुछ शर्तों तथा परिस्थितियों के अनुसार)

44कक

निर्दिष्ट व्यवसाय करने वाला व्यक्ति

4.

बही खातों का अनिवार्य अनुरक्षण - अन्य व्यापार अथवा व्यवसाय (कुछ शर्तों तथा परिस्थितियों के अनुसार)

44कक

1) यदि कुल विक्रय, करोबार या कुल प्राप्तियां पिछले वर्ष के पूर्ववर्ती तीन सालों में से किसी में भी 10,00,000 रुपये से अधिक है; या

2) यदि व्यवासाय या पेशे से आय पिछले वर्ष के पूर्ववर्ती तीन सालों में से किसी एक वर्ष में भी 1,20,000 रुपये से अधिक है।

टिप्पणी : व्यक्ति या एचयूएफ को केवल तभी बही खातों को सुरक्षित रखने की जरूरत है जब या तो उनका कुल कारोबार/कुल प्राप्तियां रू. 2,50,0000 से अधिक हो या व्यापार या पेशे से उनकी आय रू. 2,50,000 से अधिक हो

5.

बही खातों का आवश्यक लेखा परीक्षण (कुछ शर्तों तथा परिस्थितियों के अधीन)

44कख

1) यदि कुल विक्रय, करोबार या कुल प्राप्ति व्यापार के मामले में पिछले वर्ष में एक करोड़ से अधिक है, या

टिप्पणी : बशर्ते कि यह धारा उस व्यक्ति के लिए लागू नहीं है जो धारा 44कघ के अंतर्गत प्रकल्पित कराधान योजना को चुनता है और उसकी कुल बिक्री या करोबार रू. 2 करोड़ से अधिक न हो

ख) रु. 1 करोड़ के शुरुआती सीमा को रु 10 करोड़ तक बढाई जाएगी यदि जहा वर्ष के दौरान नगद प्राप्ति और भुगतान वयापार की कुल प्राप्ति या भुगतान के 5% से अधिक न हो।

2) यदि कुल प्राप्ति पेशे के मामले में पिछले सालों में 50 लाख रुपये से अधिक।
क) यह धारा उन व्यक्तियों के लिए लागू नही है जिन्होंने धारा 44कघ/44कघक के अंतर्गत प्रकल्पित कराधान योजना को चुना हो
ख) प्रारंभिक सीमा को रू. 1 करोड़ से रू. 10 करोड़ तक बढ़ाया जाएगा यदि जहां वर्ष के दौरान की गई नगद प्राप्ति और किया गया भुगतान कुल प्राप्ति या व्यापार के भुगतान के 5 प्रतिशत से अधिक न हो।

6.

खर्चो/देयता के नगद भुगतान की सीमा (कुछ शर्तों तथा अपवादों के अनुसार)

40क(3)

1) रुपये 10,000 (एक दिन में किसी एक व्यक्ति को किया गया भुगतान)

2) रुपये 35,000 (किसी एक व्यक्ति को एक दिन में किया गया भुगतान) माल के परिवहन के व्यापार में संलग्न, किराए पर रखने या पट्टेदारी पर लेने के लिए ।

7.

धारा 44कघ के अंतर्गत प्रकल्पित आधार पर योग्य व्यापार से आय की गणना (कुछ शर्तों के अनुसार)

44कघ

योग्य व्यापार से प्रकल्पित आय कुल प्राप्ति या कारोबार का 8 प्रतिशत होगी (यदि योग्य व्यवसाय का करोबार रुपये 2 करोड से अधिक नही है।)

टिप्पणी : (1) प्रकल्पित आय कुल करोबार या कुल प्राप्तियों जो इलैक्ट्रानिक क्लीयरिंग प्रणाली का प्रयोग करते हुए या ड्राफ्ट या अकाउंट पेई चेक द्वारा प्राप्त होती है, के संबंध में 6 प्रतिशत की दर पर आंकी जाएगी
(2) यदि पिछले वर्ष के दौरान प्राप्त नगद राशि ऐसे वर्ष के कुल कारोबार या कुल प्राप्ति के 5 प्रतिशत से अधिक न हो तो कुल कारोबार की प्रारंभिक सीमा को रू. 2 करोड़ की बजाय रू. 3 करोड़ होगी। चेक या बैंक ड्राफ्ट जो अकाउंट पेयी न हो, के माध्यम से प्राप्तियां इसके लिए नगद में प्राप्ति के तौर पर समझी जाएगी।

7क

धारा 44कघक के अंतर्गत अनुमानित आधार पर पात्र पेशे से आय की गणना (शर्तों के अनुसार)

44कघक

अनुमानित आय कुल सकल प्राप्ति का 50 प्रतिशत होगी या ऐसे अन्य इलेक्ट्रॉनिक विधि के माध्यम से होगी जिसे निर्धारित किया जा सके यदि ऐसे पेशे से कुल सकल आय पिछले वर्ष में रू. 50 लाख से अधिक नहीं होती
टिप्पणी : यदि पिछले वर्ष के दौरान प्राप्त नगद राशि ऐसे वर्ष की कुल प्राप्ति के 5 प्रतिशत से अधिक न हो तो कुल प्राप्ति की प्रारंभिक सीमा रू. 50,00,000 की बजाय रू. 75,00,000 होगी। चेक या बैंक ड्राफ्ट जो अकाउंट पेयी न हो, के माध्यम से प्राप्तियां इसके लिए नगद में प्राप्ति के तौर पर समझी जाएगी।

8.

माल परिवहन की पट्टेदारी, किराए पर लेने अथवा के व्यापार में संलग्न व्यवसाय की प्रकल्पित आय यदि कर दाता 10 से अधिक माल परिवहन का अधिकार नही रखता (कुछ शर्तों के अनुसार)

44कड़

भारी मालवाहक वाहनों के लिए

रुपये 1,000 प्रति टन कूल वाहन भार प्रति माह या आंशिक माह के लिए जिसके दौरान भारी माल वाहक वाहन निर्धारिती के अधिकार में रहता है

अन्य मालवाहक वाहनों के लिए

रुपये 7,500 प्रतिमाह उस वर्ष में जिसमें करदाता का मालवाहक पर स्वामित्व है।

9.

वैकल्पिक न्यूनतम कर (व्यक्तिगत, एचयूएफ, एओपी, या बीओआई के मामले में) (कुछ शर्तों के अनुसार)

115ञग

कुल समायोजित आय का 18.5 प्रतिशत (अधिभार तथा शिक्षा उपकर को जोडें) यदि कुल समायोजित आय 20,00,000 रुपये से अधिक है।

टिप्पणी :

1) एएमटी की दर 9 प्रतिशत है यदि एक यूनिट आईएफएससी में स्थित है और केवल परिवर्तनीय विदेशी विनिमय से ही आय प्राप्त करती है।

2) एक सहकारी संस्था के मामले में एएमटी की दर 15 प्रतिशत है

10.

घरेलू हस्तान्तरण मूल्य निर्धारण की प्रायोज्यता, यदि साथी उद्यमों के साथ लेन-देन का कुल मूल्य पिछले वर्ष में शुरुआती सीमा से अधिक है।

92खक

20 करोड़ रुपये

11.

प्रत्येक व्यक्ति, जो अंतरराष्ट्रीय लेन-देन करता है या एक निर्देशित घरेलू लेन-देन करता है को निर्देशित दस्तावेज तथा जानकारी को बनाए तथा सुरक्षित रखना चाहिए

नियम 10घ धारा 92घ के साथ पढ़ा जाए

उसके द्वारा किया गया अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन की कुल राशि, जैसा बही खातों में दर्ज है, रु. 1,00,00,000 से अधिक है।

 

ड़.

पूंजीगत प्राप्ति से प्रमुख आय के अंतर्गत

1. विदेशी कंपनी अथवा उद्यम में अंश अथवा हित ('परिसंपत्ति') भारत में स्थित होने के तौर पर समझी जाएगी, यदि ऐसी परिसंपत्ति भारत में स्थित परिसंपत्ति से इसकी वस्तुत: प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त होती हैं। बशर्ते निर्दिष्ट तिथि पर ऐसी परिसंपत्ति की राशि निर्धारित सीमा से अधिक होती हैं 9(1)(i)

यदि परसंपत्ति की राशि हो :

क) रू. 10 करोड़ से अधिक तथा

ख) कंपनी अथवा उद्यम द्वारा स्वामित्व वाली समस्त परिसंपत्ति की राशि का कम से कम 50 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व

1क

यदि स्टांप ड्यूटी के लिए ली गई राशि एक अचल संपत्ति के स्थानांतरण पर प्राप्त प्रतिफल से अधिक होती है तो स्टांप ड्यूटी राशि को प्रतिफल की पूर्ण राशि के तौर पर समझा जाएगा

50ग

हालांकि, यदि स्टांप ड्यूटी राशि प्राप्त प्रतिफल के 105 प्रतिशत से अधिक नहीं होता तो ऐसा प्राप्त प्रतिफल को प्रतिफल की पूर्ण राशि के तौर पर समझा जाएगा

1ख

आवासीय गृह संपत्ति के स्थानांतरण से उत्पन्न् दीर्घकालीन पूंजी प्राप्तियों पर सीमा जिसको भारत में दो आवासीय संपत्तियों में निवेश किया जाएगा

54

एक करदाता के पास भारत में दो आवासीय गृह संपत्तियों में निवेश करने का विकल्प है। इस विकल्प का प्रयोग करदाता द्वारा अपने जीवन में केवल एक बार किया जा सकता है बशर्ते कि दीर्घकालीन पूजी प्राप्ति की राशि रू. 2 करोड़ से अधिक न हो

1ग दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्तियों से छूट का दावा करने के लिए खरीदी गई नई परिसंपत्ति की लागत पर सीमा 54 रू. 10 करोड़ (रू. 10 करोड़ से अधिक की राशि छूट की गणना के दौरान विचारनीय नही होगी)

1

दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्तियों से छूट का दावा करने के लिए खरीदी गई नई परिसंपत्ति की लागत पर सीमा 54च रू. 10 करोड़ (रू. 10 करोड़ से अधिक की राशि छूट की गणना के दौरान विचारनीय नही होगी)

2.

छूट का दावा करने के लिए वित्त वर्ष के दौरान एक अथवा एक से अधिक मूल परिसंपत्ति से अर्जित दीर्धावधि पूंजीगत प्राप्ति से एनएचएआई अथवा आरईसी आदि के बांड में निर्धारिती द्वारा किया गया निवेश पर सीमा निवेश (कुछ शर्तों के अधीन)

54ड़ग

वित्तीय वर्ष जिसमें मूल संपत्ति का हस्तान्तरण किया गया है तथा पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में रुपये 5,00,000

3

दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्ति से छूट यदि ऐसी प्राप्ति स्टार्ट अप्स को वित्तीय सहायता देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचितानुसार कोष की इकाईयों में निर्धारिती द्वारा निवेशित होती है

54ड़ड़

नई परिसंपत्ति अथवा पूंजीगत प्राप्ति, जो भी कम हो, में निवेश, हालांकि, रू. 50 लाख के अनुसार

4 एक ईक्विटी शेयर या एक ईक्विटी ओरिएंटिड फंड की यूनिट या एक व्यापारिक ईकाई की यूनिट के स्थानांतरण से उत्पन्न दीर्घकालीन पूंजी प्राप्ति पर कर 112क

• कोई कर नही यदि दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्ति रू. 1,25,000 से अधिक न हो

 

च.

अन्य स्रोतो से प्रमुख आय के अंतर्गत

1.

गैर रिश्तेदारों से बिना ध्यान/अप्रर्याप्त विचार के उपहार (कुछ शर्तों के अनुसार)

56

रुपये 50,000 तक के उपहार पर कर नहीं लगता

2. अपर्याप्त प्रतिफल के लिए अचल संपत्ति का स्थानांतरण 56

यदि स्टांप ड्यूटी राशि निम्नलिखित राशि से अधिक होती है :

क) रू. 5,000 और

ख) प्रतिफल के 10 प्रतिशत के बराबर राशि

3. एक व्यक्ति जो कोविड-19 के कारण जिसकी मृत्यु हो चुकी है के पारिवारिक सदस्य द्वारा प्राप्त राशि 56(2)(x)

किसी व्यक्ति (मृतक के नियोक्ता को छोड़कर) की ओर से रू. 10 लाख तक की प्राप्त राशि कर हेतु वसूलनीय नही है

4.

पारिवारिक पेंशन हेतु मानक कटौती

57(iiक)

सामान्य कर व्यवस्था के मामले में

• अधिकतम रू. 15,000 के अनुसार पारिवारिक पेंशन का 33.33 प्रतिशत

धारा 115खकग(1क)(ii) के अंतर्गत नई कर व्यवस्था के मामले में अधिकतम रू. 25,000 के अनुसार पारिवारिक पेंशन का 33.33 प्रतिशत

 

छ.

न्यास

1.

जन साधारण पुटिलिटी के अन्य किसी उद्देश्य के वृद्धि की गतिविधि धर्मार्थ गतिविधि के तौर पर समझी जाएगी।

2(15)

यदि गतिविधि जन सामान्य उपयोगिता के कार्य के निष्पादन के दौरान शुरू की जाती हैं तथा ऐसी गतिविधि से कुल प्राप्ति वित्त वर्ष की कुल प्राप्ति के 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होती

2.

बेनाम दान पर 30 प्रतिशत की दर से कर लागू होगा

115खखग

निर्धारिती द्वारा प्राप्त कल दान की अधिकतम 5% सीमा तक या रुपये 1,00,000 जो भी ज्यादा हो।

3.

धारा 10(23ग)/(iiiकघ)/(iiiकड़) के तहत छूट के दावे के लिए वार्षिक प्राप्तियां शुरुआती सीमा से अधिक नही होनी चाहिए

नियम 2खग

रुपये 1 करोड़

4.

अधिकतम राशि जिसे निर्वाचित ट्रस्ट उसके कार्यों के निष्पादन के लिए व्यय कर सकता है

नियम 17 गक

आगामी वर्ष में रु. 3,00,000 तथा निगमन के प्रथम वर्ष में रु. 5,00,000 की कुल सीमा के अनुसार एक वर्ष में प्राप्त कुल अंशदान का 5%।

ज पात्र निवेशी कोष

धारा 9क बताती हैं कि एक पात्र निवेशगत कोष की स्थिति में ऐसे कोष की ओर से एक पात्र कोष प्रबंधक के माध्यम से निष्पादित कोष प्रबंधन गतिविधि कथित कोष के भारत के संबंध में व्यापार को संस्थापित नही करता (कुछ शर्तों के अनुसार)

एक पात्र निवेशी कोष के शर्ते

आगे यह प्रदान किया जाता हैं कि एक निवेशगत कोष केवल धारा 6 के लिए भारत में निवासी होना नही कहा जाएगा क्योंकि पात्र कोष प्रबंधक, इसकी ओर से कोष प्रबंधन का उत्तरदायित्व, भारत में स्थित हैं।

विदेशी कोष एक पात्र निवेशगत कोष के तौर पर प्रासंगिक वर्ष के दौरान निम्नलिखित शर्तो को पूरा करने के लिए आपेक्षित होगी

क) कोष भारत में निवासी व्यक्ति नही हैं

ख) कोष देश में निवासी हैं जिसके साथ दोहरा कराधान परिहार समझौता किया गया

ग) भारत में निवासी व्यक्ति द्वारा प्रत्यक्ष रूप से कोष में सकल सहभागिता पिछले वर्ष के 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर तक फंड की निधि के 5 प्रतिशत से अधिक नही हो।

टिप्पणी 1 :फंड के संचालन के पहले तीन वर्षों के दौरान योग्य फंड मैनेजर द्वारा किया गया अंशदान जो रू. 25 करोड़ से अधिक न हो, पर फंड में निवेश के कुल भागीदारी की गणना करते हुए विचार नही किया जाएगा।

टिप्पणी 2 :यदि पिछले वर्ष के 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को अंशदान 5 प्रतिशत से अधिक है तो (ग) में निर्दिष्ट शर्त पूरी हुई है समझी जाएगी यदि यह पिछले वर्ष की 1 अप्रैल या 1 अक्टूबर, जो भी हो, के 4 महीने के अंदर पूरी की गई हो।

घ) कोष तथा इसकी गतिविधि इसके निवासी के देश में प्रयोज्नीय निवेशगत संरक्षण विनियमन का विषय हैं

ड़) कोष के न्यूनतम 25 सदस्य हैं जो प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से संबंधित व्यक्ति नही हैं

च) संबंधित व्यक्तियों सहित कोष के किसी सदस्य का 10 प्रतिशत अधिक के कोष में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से कोई भागीदारी हित नही होगा

छ) कोष में उनके संबंधित व्यक्ति सहित दस अथवा उससे कम सदस्यों की सकल भागीदारी हित, प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष, पचास प्रतिशत से कम होगी

ज) उद्यम में कोष से निवेशगत कोष के कॉपर्स के बीस प्रतिशत से अधिक नही होगा

झ) इसकी सहायक कंपनी में कोई निवेश कोष से नही किया जाएगा

ञ) कोष का कॉपर्स का मासिक औसत 100 करोड़ रूपए से अधिक नही होगा तथा यदि कोष पिछले वर्ष में संस्थापित अथवा अनिगमित हो गया हो, कोष का कॉपर्स ऐसे पिछले वर्ष की समाप्ति पर या इसके गठित या निगमित होने के महीने के अंतिम दिन से 6 महीनों की अवधी की समाप्ति पर 100 करोड़ से कम नही होगा।

ट) कोष भारत में अथवा भारत से किसी व्यापार के नियंत्रण तथा प्रबंधन, प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष, जारी नही होगा

ठ) कोष न तो किसी गतिविधि में संलन्न होता हैं जो भारत में व्यापारिक संबंध संस्थापित करे न ही उसकी ओर से कोई व्यक्ति कार्यकारी हैं जिसकी गतिविधियां उसकी ओर से पात्र कोष प्रबंधक द्वारा उत्तरदायित्व गतिविधियों को छोड़कर भारत में व्यापारिक संबंध संस्थापित करती है

ड) उसकी ओर से कोष प्रबंधन गतिविधि उत्तरदायित्व के संबंध में एक पात्र कोष प्रबंधक को कोष से दिया गया पारिश्रमिक ऐसी गतिविधि के सहमति मूल्य से कम नही होता।

एक पात्र कोष प्रबंधक के लिए शर्ते

निम्नलिखित शर्तों को एक पात्र कोष प्रबंधक के तौर पर कोष प्रबंधक के रूप में व्यक्ति द्वारा परिपूरित किया जाना आपेक्षित होगा :

क) व्यक्ति पात्र निवेशगत फंड का कर्मचारी अथवा फंड का संबंधित व्यक्ति नही हैं :

ख) व्यक्ति विशिष्ट विनियमो के अनुसार कोष प्रबंधक अथवा निवेशगत सलाहकार के तौर पर पंजीकृत हैं

ग) व्यक्ति कोष प्रबंधक के तौर पर उसके व्यापार की सामान्य अवधि में कार्यकारी है

घ) उसके संबंधित व्यक्ति सहित व्यक्ति ऐसे कोष प्रबंधक के माध्यम से कोष द्वारा निष्पादित लेनदेन से पात्र निवेशगत कोष हेतु उपार्जित अथवा उपार्जित लाभ के 25 प्रतिशत से अधिक के लिए पात्र, प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से, पात्र नही होगा।

टिप्पणी : केंद्र सरकार, अधिसूचना द्वारा, एक योग्य निवेश फंड और इसके योग्य फंड प्रबंधक के संबंध में उक्त निर्दिष्ट शर्तों में छूट दे सकते है यदि ऐसा फंड प्रबंधक आईएफएससी (जैसा धारा 80ठक के स्पष्टीकरण के वाक्यांश (क) में परिभाषित है) और अपना संचालन 31.03.2024 को या उससे पहले प्रारंभ किया हो

झ.

अध्याय VI-क के तहत कटौती

 

निम्नलिखित तरीकों में निवेशित राशि के लिए व्यक्ति तथा एचयूएफ हेतु कटौती

1. जीवन बीमा पॉलिसी का प्रीमियम:

क) व्यक्ति के मामले में निर्धारिती, निर्धारिती के जीवन साथी और निर्धारिती के किसी बच्चे के जीवन पर

ख) एचयूएफ के मामले में, एचयूएफ के किसी सदस्य के जीवन पर

2. स्थगित वार्षिकी के लिए एक अनुबंध के तहत किया गया भुगतान

   

1.

क) व्यक्ति, व्यक्ति के जीवन साथी या व्यक्ति के किसी बच्चे पर के मामले में, (हालांकि, अनुबंध में वार्षिकी के एवज में नगद प्राप्ति का विकल्प नहीं होना चाहिए।)

ख) एचयूएफ की स्थिति में, एचयूएफ के किसी सदस्य के जीवन पर

3. स्थगित वार्षिकी प्राप्त करने के लिए सरकारी कर्मचारी को देय वेतन से काटी गई राशि या उसकी पत्नी/बच्चों के लिए प्रावधान बनाना (राशि योग्य वेतन का 20 प्रतिशत तक सीमित)

4. कर्मचारी भविष्य निधि योजना के तहत व्यक्ति द्वारा दिया गया अंशदान

5. सार्वजनिक भविष्य निधि खाते में निम्न के नाम से दिया गया अंशदान

क) व्यक्ति, ऐसे व्यक्ति या उसके जीवन साथी या ऐसे व्यक्ति के किसी बच्चे के मामले में

ख) एचयूएफ के मामले में, उस के किसी सदस्य को

6. किसी कर्मचारी द्वारा मान्य भविष्य निधि में अंशदान

7. अनुमोदित सेवानिवृति निधि में कर्मचारी द्वारा दिया गया अंशदान

8. केन्द्र सरकार की किसी अधिसूचित सुरक्षा या अधिसूचित जमा योजना की सदस्यता

इस प्रयोजन के लिए, सुकन्या समृद्धि खाता योजना अधिसूचना सं. 9/2015, दिनांक 21/1/2015 के मार्फत अधिसूचित की गई हैं। एक व्यक्ति द्वारा सुकन्या समृद्धि खाते में वर्ष के दौरान जमा कोई राशि कटौती के लिए पात्र होगी।

राशि उसकी पुत्री अथवा किसी बालिका, जिसका ऐसा व्यक्ति कानूनी अभिभावक हैं, के नाम पर व्यक्ति द्वारा जमा की जा सकती हैं

9. अधिसूचित बचत प्रमाणपत्र [राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (VIII अंक)] की सदस्यता

10 यूटीआई के यूनिट लिक्ड बीमा योजना में सहयोग हेतु अंशदान

क) व्यक्ति के मामले में, व्यक्ति के नाम से या उसके जीवन साथी या ऐसे व्यक्ति के किसी बच्चे के नाम से

ख) एचयूएफ के मामले में, उस के किसी सदस्य के नाम से

11. जीवन बीमा निगम की अधिसूचित यूनिट लिक्ड बीमा योजना में अंशदान:

क) व्यक्ति के मामले में, व्यक्ति के नाम से या उसके जीवन साथी या ऐसे व्यक्ति के किसी बच्चे के नाम से

ख) एचयूएफ के मामले में, उस के किसी सदस्य के नाम से

12. राष्ट्रीय हाउसिंग बैंक [गृह ऋण खाता योजना/ राष्ट्रीय हाउसिंग बैंक (कर बचत)  समयावधि जमा योजना 2008] द्वारा व्यवस्थित अधिसूचित जमा योजना या अधिसूचित पेंशन योजना में सदस्यता

13. व्यक्ति द्वारा भारत में स्थापित किसी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालय या अन्य शिक्षण संस्थाओं में दिया गया शिक्षण शुल्क (विकास शुल्क, दान आदि को छोड़कर) उसके दो बच्चों की पूर्ण कालिक शिक्षा हेतु

14. आवासीय मकान संपत्ति की खरीद/ निर्माण पर किया गया कोई भुगतान

15. (क) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनिया जो भारत में आवासीय उद्देश्य के लिए मकान की खरीद/ निर्माण के लिए दीर्घावधि वित्त की व्यवस्था करवाती है की अधिसूचित योजनाओं की सदस्यता/(ख) किसी कानून के तहत बनाया गया प्राधिकरण जो मकान में रहने की आवश्यकताओं को पूरा करती हो या योजना, विकास या शहरो, कस्बों तथा गांवों या दोनों के विकास के लिए

16. एलआईसी अथवा अन्य बीमाकर्ता की अधिसूचित वार्षिकी योजना के लिए किया गया भुगतान

17. किसी अधिसूचित धारा [10(23घ)] म्यूचुअल फंड अथवा यूटीआई (ईक्विटी लिक्ड बचत योजना, 2005) की किसी यूनिट हेतु सदस्यता

18. यूटीआई (यूटीआई सेवानिवृत्ति लाभ पेंशन कोष) द्वारा अथवा किसी म्युचुअल फंड जो धारा 10(23घ) में संदर्भित हैं द्वारा स्थापित किसी पेंशन कोष का व्यक्ति द्वारा अंशदान

19. किसी सार्वजनिक कंपनी या सार्वजनिक वित्तीय संस्थान द्वारा किये पूंजी के किसी अनुमोदित मान्य निगर्मन के भाग के रुप में बनने वाले शेयर या डिबेंचर की सदस्यता

20. धारा 10 (23घ) में संदर्भित कोई मान्य म्यूचल फंड कि किसी यूनिट हेतु सदस्यता, बशर्ते ऐसी यूनिट की सदस्यता की राशि केवल उक्त संदर्भित ‘पूंजी के मान्य निगर्मन’ पर ही अभिदत्त हो।

21. किसी अधिसूचित बैंक के साथ कम से कम 5 वर्षों की निश्चित अवधि के लिए सावधि जमा तथा जो निर्मित तथा अधिसूचित योजना के अनुसार हों।

22. नाबार्ड द्वारा जारी अधिसूचित बांन्ड की सदस्यता

23. वरिष्ठ नागरिक जमा योजना नियम 2004 के तहत खाते में जमा (कुछ शर्तों के अनुसार)

24. डाक घर सावधि जमा नियम 1981 के तहत खाते में पांच वर्षीय सावधि जमा (कुछ शर्तों के अनुसार)

25. केंद्र सरकार के कर्मचारी के मामले में धारा 80गगघ में संदर्भित पेंशन योजना के निर्दिष्ट खाते में अंशदान

80ग

1,50,000 रुपये तक (धारा 80ग, 80गगग तथा 80गगघ़ के तहत 1,50,000 रुपये की कुल सीमा के अनुसार)

2.

एलआईसी/अन्य बीमाकर्ताओं की निर्दिष्ट पेंशन निधि में व्यक्ति द्वारा योगदान (कुछ शर्तों के अधीन)

80 गगग

1,00,000 रुपये तक (धारा 80ग, 80 गगग तथा 80गगघ़(1) के तहत 1,50,000 रुपये की कुल सीमा के अनुसार)

 

 

 

 

 

3.

अधिसूचित पेशंन योजना (एनपीएस) में व्यक्ति द्वारा अंशदान (कुछ शर्तों के अनुसार)

टिप्पणी:—

1. पेंशन योजना हेतु नियोक्ता द्वारा किए गए अंशदान के आधार पर धारा 80गगघ(2) के अंतर्गत कटौती धारा 80गगड़ के अंतर्गत उपलब्धानुसार रू. 1,50,000 की पेंशन हेतु नियोक्ता द्वारा की जाती हैं

2. रू. 50,000 की अतिरिक्त कटौती अंशदान के संबंध में स्वीकृत नही होगी जिसका धारा 80गगघ(1) के अंतर्गत कटौती के लिए विचार किया जाता हैं अर्थात् वेतन/सकल कुल आय के 10 प्रतिशत की सीमा

3. समाप्ति या पेंशन योजना से बाहर निकलने के कारण एक निर्धारिती के एनपीएस से किसी प्रकार का भुगतान 60 प्रतिशत तक की सीमा तक करमुक्त है। हालांकि, प्रभावी निर्धारण वर्ष 2017-18 से निर्धारिती की मृत्यु पर एनपीएस से नामांकित व्यक्ति द्वारा प्राप्त पूर्ण राशि करमुक्त होगी।

4. एनपीएस से किसी प्रकार की आंशिक निकासी कर्मचारी द्वारा किए गए अंशदान की राशि के 25 प्रतिशत तक की सीमा तक करमुक्त होगी।

5.एनपीएस से किसी प्रकार की आंशिक निकासी नाबालिग के माता-पिता या अभिभावक द्वारा किए गए अंशदान की राशि के 25 प्रतिशत तक की सीमा तक करमुक्त होगी।

 

 

 

 

 

 

80 गगघ

पेंशन योजना हेतु अंशदान राशि अथवा वेतन/सकल कुल राशि* का 10 प्रतिशत, जो भी कम हो (धारा 80गगड़ के अंतर्गत उपलब्धानुसार रू. 1,50,000 की उच्च सीमा के अनुसार) धारा गगघ(1) की धारा के अंतर्गत कटौती के तौर पर स्वीकार्य होगा

रू. 50,000 की सीमा तक अतिरिक्त कटौती धारा 80गगघ(1ख) के अंतर्गत निर्धारिती हेतु भी उपलब्ध होती हैं। अतिरिक्त कटौती धारा 80गगड़ के अंतर्गत उपलब्धानुसार रू. 1,50,000 की उच्च सीमा का विषय नही हैं

टिप्पणी : धारा 80गगघ(1ख) के अंतर्गत रू. 50,000 तक की अतिरिक्त कटौती का लाभ माता-पिता या अभिभावक द्वारा नाबालिग के खाते में जमा राशि पर भी उपलब्ध है (निर्घारण वर्ष 2026-27 से प्रभावी) 

नियोक्ता द्वारा किया गया अंशदान कर्मचारी की कुल आय की गणना के दौरान धारा 80गगघ(2) के अंतर्गत कटौती के तौर पर स्वीकार्य होगा। हालांकि कटौती की राशि वेतन के 14% से अधिक नहीं हो सकती यदि अंशदान केंद्र/राज्य सरकार द्वारा किया जाता है और अन्यों के मामलों में रतन का 10% **

कर्मचारी की स्थिति में वेतन का 10 % या 14% * प्रतिशत अन्यथा कुल सकल आय का 20 प्रतिशत है

**निर्धारिती की आय के मामले में 14 प्रतिशत धारा 115खकग(1क) के अंतर्गत कर हेतु वसूलनीय है

4.

निर्दिष्ट व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बीमा प्रवृत रखने अथवा प्रभाव हेतु एलआईसी अथवा अन्य बीमाकर्ता के लिए व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा दी गई राशि (नगद को छोड़कर किसी अन्य विधि में)*। एक व्यक्ति निवारक स्वास्थ्य जांच के कारण तथा/अथवा केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना हेतु भुगतान भी किया जा सकता है।

निर्दिष्ट व्यक्ति का अर्थ*

-व्यक्ति की स्थिति में - स्वयं, जीवनसाथी, आश्रित बच्चे अथवा माता-पिता

एचयूएफ की स्थिति में - उसका कोई सदस्य

टिप्पणी :-

1. निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए कटौती कुल रू. 5,000 से अधिक नही होगी

2. निवारक स्वास्थ्य जांच के कारण भुगतान नगद में किया जा सकता हैं

3. समग्र सीमा के अंतर्गत, कटौती निर्दिष्ट व्यक्ति के स्वास्थ्य पर किए गए चिकित्सा व्यय के लिए रू. 50,000 तक स्वीकार्य हैं बशर्ते ऐसा व्यक्ति अति वरिष्ठ नागरिक हैं तथा कोई राशि ऐसे व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बीमा को प्रवृत्त रखने अथवा प्रभावी रखने के लिए नही दी गई हैं।

4. 'वरिष्ठ नागरिक' अर्थात् भारत में निवासी व्यक्ति जो प्रासंगिक पिछले वर्ष के दौरान किसी समय साठ अथवा उससे अधिक की आयु का हैं

80घ

व्यक्ति के मामले में, दी गई राशि :

क) स्वयं, माता-पिता तथा आश्रित बच्चों के लिए : रू. 25,000 (रू. 50,000 यदि निर्दिष्ट व्यक्ति एक वरिष्ठ नागरिक अथवा अति वरिष्ठ नागरिक हो)

ख) माता-पिता के लिए : रू. 25000 की अतिरिक्त कटौती स्वीकार्य होगी (रू. 50,000  यदि माता-पिता वरिष्ठ नागरिक अथवा अति वरिष्ठ नागरिक हो)

एचयूएफ की स्थिति में, रू. 25000 तक का प्रीमियम परिवार के किसी सदस्य के बीमा के लिए दिया जाता हैं (रू. 50,000 यदि बीमाकृत व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक अथवा अति वरिष्ठ नागरिक हो)

 

निवासी व्यक्ति तथा एचयूएफ को निम्न के लिए कटौती की अनुमति है:

क) चिकित्सीय उपचार में खर्च हुई कोई राशि (नर्सिंग को मिला कर), विकलांग व्यक्ति की स्थिति में आश्रित के प्रशिक्षण तथा पुर्नवास

   

5.

ख) एलआईसी या अन्य बीमाकर्ता या प्रशासक या निर्दिष्ट कंपनी द्वारा उसकी ओर से बनाई गई किसी मान्य योजना कें अंतर्गत दी गई कोई राशि व्यक्ति के अपंग होने की स्थिति में,आश्रितों के रखरखाव हेतु (कुछ शर्तों के अनुसार)

80घघ

रुपये 75,000 (रुपये 1,25,000 गंभीर अपंगता होने की स्थिति में)

 

निवासी व्यक्ति तथा एचयूएफ द्वारा वास्तव में निर्दिष्ट बीमारी तथा रोगों के चिकित्सकीय उपचार के लिए किया गया खर्च:

क) व्यक्तिगत होने पर: करदाता स्वयं या पूरी तरह से आश्रित पत्नी, बच्चे, माता-पिता, भाई-बहन

   

6.

ख) एचयूएफ की स्थिति में: परिवार का कोई सदस्य जो कि पूरी तरह से परिवार पर आश्रित हो

(कुछ शर्तों के अनुसार)

80घघख

40,000 रुपये तक वरिष्ठ नागरिक की स्थिति में रु. 1,00,000

7.

व्यक्तिगत करदाता द्वारा किसी वित्तीय संस्थान से आवासीय मकान संपत्ति प्राप्त करने जिसका मूल्य 50 लाख से ज्यादा नहीं हो के लिए लिया गया 35 लाख रुपये तक का ऋण जिसे वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान स्वीकृत किया गया हो पर देययोग्य ब्याज (कुछ शर्तों के अनुसार)

80ड़ड़क

ऋण के ब्याज के लिए रुपये 50,000 तक की एक बार कटौती

8.

एक ऐसे आवासीय गृह संपत्ति जिसका स्टांप ड्यूटी राशि अधिक से अधिक 45 लाख है, के अधिग्रहण के लिए 01.04.2019 को प्रारंभ और 31.03.2022 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी वित्त संस्थान की ओर से स्वीकृत किए गए ऋण के एक व्यक्तिगत करदाता, जो धारा 80ड़ड़ के अंतर्गत कटौती का दावा करने के योग्य नहीं है, द्वारा लेने पर देययोग्य ब्याज (कुछ शर्तों के अनुसार)

80ड़ड़क ऋण पर लिए गए ब्याज के लिए रू. 1,50,000 तक की कटौती
8क

मोटर वाहन की खरीद के लिए 01.04.2019 को प्रारंभ और 31.03.2023 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान स्वीकृत किसी वित्तीय संस्थान से एक व्यक्तिगत करदाता द्वारा लिए गए ऋण पर देययोग्य ब्याज (कुछ शर्तों के अनुसार)

80ड़ड़ख ऋण पर लिए गए ब्याज के लिए रू. 1,50,000 तक की कटौती

9.

व्यक्ति द्वारा फर्नीचर युक्त/फर्नीचर रहित मकान के लिए भुगतान किया गया किराया, यदि वह कोई एचआरए प्राप्त नही कर रहा है तो (कुछ शर्तों के अनुसार)

80छछ

निम्नलिखित का न्यूनतम कर से मुक्त होगा:

क) कुल आय के अतिरिक्त 10 प्रतिशत दिया गया किराया *;

ख) कुल आय का 25 प्रतिशत; या

ग) प्रति माह 5,000 रुपये

कुल आय = सकल कुल आय- पूंजीगत प्राप्ति, धारा 111क के तहत लघुअवधि पूंजीगत प्राप्ति, धारा 80ग से 80प के तहत कटौती (80छछ के अतिरिक्त)  तथा धारा 115क के तहत आय

10.

वैज्ञानिक, सामाजिक तथा सांख्यकीय शोध या ग्रामीण विकास कार्यक्रम या किसी मान्य परियोजना के संचालन या राष्ट्रीय शहरी गरीब शिक्षा निधि के लिए कुछ दान के संदर्भ में कटौती (कुछ शर्तों के अनुसार)

80छछक

100 प्रतिशत दान या दिया गया अंशदान

यदि अंशदान 10,000 रुपये से अधिक नगद दिया जाता है तो कोई भी छूट प्रदान नहीं होगी।

10क

तकनीकी अथवा बौद्धिक संपत्ति अधिकार द्वारा संचालित नए उत्पाद, प्रक्रिया अथवा सेवाओं के नवीकरण, विकास, परिनियोजन अथवा वाणिज्यिकरण सहित एक व्यापार से पात्र स्टार्ट अप द्वारा प्राप्त लाभ तथा हानि से कटौती। पात्र स्टार्ट अप के संबंध में कटौती (कुछ शर्तों के अधीन)

योग्य स्टार्ट अप का अर्थ है एक कंपनी या एक सीमित देयता भागीदारी, 1-4-2016 को या उसके बाद लेकिन 1-4-2030 से पहले निगमित, और अंतमंत्रालयी प्रमाणन बोर्ड से प्रमाणपत्र रखती हो

80-झकग

100 प्रतिशत कटौती वर्ष जिसमे पात्र स्टार्ट अप निगमित होती है, में से प्रारंभ होने वाले 7 वर्ष में से किसी 3 निरंतर निर्धारण वर्षों के लिए उपलब्ध है हालांकि, पात्र स्टार्ट आप का कुल कारोबार जिसमे धारा 80-झकग के अंतर्गत कटौती का दावा किया गया पिछले वर्ष में रू. 25 करोड़ से अधिक नहीं होना चाहिए

10ख

गृह परियोजनाओं से उत्पन्न प्राप्ति और लाभ के संदर्भ में कटौतियां

80-झखक

किफायती गृह परियोजनाओं को विकसित और बनाने के व्यापार से निर्धारिती द्वारा लाभ और प्राप्ति के 100 प्रतिशत की कटौती

11.

निवासी व्यक्ति की रॉयल्टी आय- किसी विशेष श्रेणी की किताबों के लेखक पाठय पुस्तकों के अतिरिक्त

80थथख

निम्नलिखित का न्यूनतम कर से मुक्त होगा

क) यदि एक मुश्त भुगतान किया गया हो- रॉयल्टी आय की राशि अधिकतम 3,00,000 रुपये के अनुसार हैं

ख) अन्य मामलों में- ऐसी आय की राशि पिछले वर्ष के दौरान बेची गई पुस्तकों की राशि के अधिकतम 15% के अनुसार हैं

12.

निवासी व्यक्ति द्वारा अर्जित 1.4.2003 को अथवा के बाद पंजीकृत हुए पेटेंट के संदर्भ में रॉयल्टी (कुछ शर्तों के अनुसार)

80ददख

अधिकतम 3,00,000 रुपये के अनुसार रायल्टी का 100 प्रतिशत

13.

व्यक्ति या एचयूएफ (वरिष्ठ नागरिक को छोड़कर) के किसी बैंकिंग कंपनी, डाक घर, बैंकिंग व्यवसाय में सलंग्न सहकारी समिति आदि में बचत खाते में जमा पर ब्याज (कुछ शर्तों के अनुसार)

80ननक

अधिकतम रु. 10,000 के अनुसार ऐसी आय की राशि का 100%।

14. बैंकिंग व्यापार आदि में संलग्न एक बैंकिंग कंपनी, एक डाक घर, सहकारी संस्था के साथ एक वरिष्ठ नागरिक के बचत/सावधि खाते में जमा पर ब्याज (कुछ शर्तों के अनुसार) 80ननख ऐसी आय की राशि का 100 प्रतिशत अधिकमत रू. 50,000 के अनुसार

15.

एक निवासी व्यक्ति जो, पिछले वर्ष की अवधि में किसी भी समय, अपंग व्यक्ति के तौर पर चिकित्सीय अधिकारी द्वारा प्रमाणित है (विकलांगता व्यक्ति के तौर पर परिभाषित (समान अवसर, सुरक्षा का अधिकार तथा पूर्ण भागीदारी)अधिनियम, 1995)

80प

रुपये 75,000 (रुपये 1,25,000 गंभीर अपंगता की स्थिति में)

16.

निर्धारित क्रियाओं के अतिरिक्त क्रियाओं में शामिल निर्दिष्ट सहकारी समितियों हेतु अधिकतम राशि तक कटौती उपलब्ध हैं (कुछ शर्तों के अनुसार)।

80त

रुपये 1,00,000 सहकारी समिति के उपभोक्ता होने पर या रुपये 50,000 किसी अन्य मामले में

17.

सहकारी समिति हेतु उपलब्ध कटौती, (हाउसिंग समिति नहीं होने पर या शहरी उपभोक्ता समिति या परिवहन व्यापार का काम करने वाली समिति या एक समिति जो किसी विनिर्माण संचालन में विद्युत की मदद से संलग्न हो) प्रतिभूति पर ब्याज के रूप में आय या मकान संपत्ति से कोई आय के संबंध में

80त

यदि उसकी सकल आय 20,000 रुपये से अधिक नही हो

18. अपने सदस्यों के कृषि उत्पाद के विपणन, खरीद या प्रसंस्करण के योग्य व्यापार में संलग्न एक उत्पादक कंपनी 80तक वित्त वर्ष 2018-19 से 5 वर्षों के लिए लाभ का 100 प्रतिशत उन शर्तों के अनुसार कि कंपनी का कुल करोबार वित्त वर्ष के दौरान रू. 100 करोड़ से कम होगा

 

ञ.

स्रोत पर कर कटौती तथा अग्रिम कर

1.

वेतन से स्रोत पर कर में कोई कटौती नहीं होती

192

यदि शुद्ध करयोग्य आय अधिकतम राशि से कम है जिस पर कर लागू नहीं होता (व्यक्ति के लिए रुपये 2,50,000, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3,00,000 तथा 5,00,000 रुपये अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए)

1क एक कर्मचारी के भविष्य निधि खाते के भुगतान से कोई टीडीएस नही 192क यदि दी गई कुल राशि रू. 50,000 से कम हैं

2.

कंपनी जिस में जनता वास्तव में रुचि रखती है द्वारा जारी डिबेन्चर पर कोई टीडीएस नहीं लगेगा, बशर्ते ब्याज का भुगतान अकाउंट पेयी चेक द्वारा निवासी व्यक्ति या एचयूएफ हेतु किया गया हो

193

यदि वित्तीय वर्ष में दी गई राशि या देय राशि 10,000 रुपये से अधिक नहीं हैं।

2क.

प्रतिभूतियों पर दिए गए ब्याज से कोई टीडीएस नही

193

यदि दी गई या दी जाने वाली राशि वित्त वर्ष के दौरान एकल भुगतान या कुल भुगतान में रू. 10,000 से अधिक न हो

3.

एक घरेलू व्यक्ति को दिए गए 8 प्रतिशत बचत (करयोग्य) बांड 2003,  7.75 प्रतिशत बचत (करयोग्य) बांड, 2018, फ्लोटिंग दर बचत बोड, 2020 (करयोग्य) या अन्य अधिसूचित प्रतिभूति पर ब्याज से कोई टीडीएस देय नहीं है

193

यदि वित्त वर्ष के दौरान दी गई या देययोग्य राशि रू. 10,000 से अधिक नहीं होती।

3.क

 घरेलू व्यक्ति को दिए गए 6.5 प्रतिशत स्वर्ण बांड, 1977 या 7 प्रतिशत स्वर्ण बांड, 1980 पर ब्याज से कोई टीडीएस नहीं देना है

193

यदि इस बात की घोषणा की गई हो कि ऐसे बांड का अंकित मूल्य पिछले वर्ष में कभी भी 10,000 रुपये से अधिक नहीं हो।

4.

निवासी व्यक्ति को अकाउन्ट पेयी चेक के जरिए दिया गया डिविडेंट पर कोई टीडीएस नहीं

194

यदि दी गई राशि या देय राशि वित्तीय वर्ष के दौरान 10,000 रुपयों से अधिक नहीं हो।

हालांकि, ऐसा कोई टीडीएस धारा 115ण में संदर्भित लाभांश के संदर्भ में आवश्यक है।

5.

सावधि जमा पर किसी बैंकिंग कंपनी या सहकारी समिति बैंक अथवा निर्दिष्ट सार्वजनिक कंपनी द्वारा भुगतान की गई प्रतिभूतियों के अतिरिक्त ब्याज (प्रतिभूतियों पर ब्याज के अलावा) पर कोई टीडीएस नहीं है

टिप्पणी :

प्रभावी तिथि 01.06.2015 से, कर, इसके सदस्य को सहकारी बैंक द्वारा जमा या दिए गए ब्याज से काटा जाएगा

194क

यदि दी गई राशि या देय राशि वित्तीय वर्ष के दौरान 50,000 रुपयों से अधिक नहीं हो (रु. 100,000 वरिष्ठ नागरिकों की स्थिति में)

टिप्पणी :

 क) प्रभावी तिथि 01.06.2015 से सावधि जमा में आवर्ती जमा भी शामिल होगा। इसलिए, आवर्ती जमा पर ब्याज के भुगतान से कर काटा जाएगा यदि यह रू. 50,000/100,000 की प्रारंभिक सीमा से अधिक हो।

 ख) रू. 50,000/100,000 की प्रारंभिक सीमा एक बैंकिंग कंपनी अथवा सहकारी बैंक (तथा ना कि उसकी व्यक्तिगत शाखा द्वारा) जिसने कोर बैंकिंग सॉल्यूशन ('सीबीएस') को अपनाया है, द्वारा जमा अथवा दी गई आय के संदर्भ में आंका जाएगी

6.

डाक घर में वरिष्ठ नागरिक जमा योजना नियम, 2004 के तहत जमा पर ब्याज से कोई टीडीएस नहीं है।

194क

यदि दी गई राशि या देय राशि वित्तीय वर्ष के दौरान 100,000 रुपयों से अधिक नहीं हो

7.

प्रतिभूतियों के अतिरिक्त अन्य से ब्याज पर टीडीएस नहीं है (किसी अन्य मामले में)

194क

यदि दी गई राशि या देय राशि वित्तीय वर्ष के दौरान 10,000 रुपयों से अधिक नहीं है।

8.

वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा दी गई क्षतिपूर्ति पर ब्याज से कोई टीडीएस नहीं हैं

194क

यदि दी गई राशि या देय राशि वित्तीय वर्ष के दौरान 50,000 रुपयों से अधिक नहीं हो।

टिपण्णी :

प्रभावी तिथि 01-06-2015 से, कोई कर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा दिए गए मुवावजे पर ब्याज को जमा करने के समय कोई कर नहीं काटा जाएगा।

9.

लाटरी, क्रासवर्ड पहले, कार्ड गेम, किसी भी रूप या प्रकार के जुएं या सट्टे पर कोई टीडीएस नही

194ख

यदि एकल लेनदेन के संदर्भ में दी गई राशि रू. 10,000 रुपयों से अधिक नहीं हो।

10.

घोडे़ की दौड़ से जीत पर कोई टीडीएस नहीं है

194खख

यदि एकल लेनदेन के संदर्भ में दी गई राशि रू.10,000 रुपयों से अधिक नहीं हो।

11.

ठेकेदार को दिया गया या देय राशि पर टीडीएस नहीं है

194ग

क) यदि ठेकेदार को एकल भुगतान में दी गई राशि या देय राशि वित्तीय वर्ष के दौरान 30,000 रुपयों से अधिक नहीं हो।

ख) यदि ठेकेदार को एकल भुगतान में दी गई राशि या देय राशि वित्तीय वर्ष के दौरान 1,00,000 रुपयों से अधिक नहीं हो।

12.

वित्तिय वर्ष के दौरान दिया गया या देय बीमा कमीशन पर टीडीएस नहीं है

194घ

यदि दी गई राशि या देय राशि वित्तीय वर्ष के दौरान 20,000 रुपयों से अधिक नहीं हो।

12 क.

व्यक्ति को प्रभावी तिथि जीवन बीमा पॉलिसी (बोनस सहित) पर देय राशि पर कोई टीडीएस नहीं है ।

194घक

यदि वित्त वर्ष के दौरान दी गई या देययोग्य राशि रू. 1 लाख से कम हो

13.

एनएसएस के अंतर्गत में जमा में से किया गया भुगतान पर कोई टीडीएस नहीं है

194ड़ड़

यदि दी गई राशि या देय राशि वित्तीय वर्ष के दौरान 2,500 रुपयों से अधिक नहीं हो।

14.

लॉटरी टिकट पर देय कमीशन पर टीडीएस नहीं है

194छ

यदि दी गई राशि या देय राशि वित्तीय वर्ष के दौरान 20,000 रुपयों से अधिक नहीं हो।

15.

दलाली या कमीशन पर कोई टीडीएस नहीं है

194ज

यदि दी गई राशि या देय राशि वित्तीय वर्ष के दौरान 20,000 रुपयों से अधिक नहीं हो। आगे बीएसएनएल/ एमटीएनएल द्वारा उनके पीसीओ फ्रेंचाइजी धारकों को कमीशन पर कोई कर कटौती नहीं है।

16.

जमीन तथा इमारत, फर्नीचर या फिटिंग या संयत्र तथा मशीनरी के संबंध में किराए के भुगतान से कोई टीडीएस नहीं है

194-झ

महीने या आंशिक महीने के लिए दी गई राशि या देय राशि 50,000 रुपयों से अधिक नहीं हो।

17.

एक अचल संपत्ति की खरीद के विचार के भुगतान पर कोई टीडीएस नहीं है (कृषि जमीन के अतिरिक्त)

194-झक

यदि अचल संपत्ति के प्रतिफल और स्टांप ड्यूटी कीमत रू. 50,00,000 से अधिक नहीं है

  किसी भूमि या भवन के संदर्भ में किराये के भुगतान से कोई टीडीएस नहीं    
17क

टिप्पणी :

धारा 194-झ के अंतर्गत आने वाले किराये को छोड़कर

194-झख यदि वित्त वर्ष के दौरान दी गई या दी जाने वाली राशि रू. 50,000 से अधिक नहीं होती।

18.

पेशेवर शुल्क, तकनीकी शुल्क और रायल्टी के भुगतान पर कोई टीडीएस नही

194ञ

यदि दी गई राशि या देय राशि वित्तीय वर्ष के दौरान रुपयों 50,000 से अधिक नहीं हो।

18क.

निम्नलिखित के संदर्भ में किसी आय के भुगतान से कोई टीडीएस नही

क) धारा 10(23घ) के अंतर्गत निर्दिष्ट म्युचुयल फंड की यूनिट
ख) निर्दिष्ट उपक्रम के प्रशासकों द्वारा यूनिट
ग) निर्दिष्ट कंपनी द्वारा यूनिट
 

194ट

यदि वित्त वर्ष के दौरान दी गई या दी जाने वाली राशि रू. 10,000 से अधिक है

19.

अचल संपत्ति के अनिवार्य अधिग्रहण पर मुआवजे के भुगतान से कोई टीडीएस नहीं है (कृषि जमीन के अतिरिक्त)

194ठक

यदि दी गई राशि या देय राशि वित्तीय वर्ष के दौरान रुपयों 5 लाख से अधिक नहीं हो।

19क

पेशेवर सेवाओं के लिए कमीशन (धारा 194घ में संदर्भित बीमा कमीशन के तौर पर) या ब्रोकेज या शुल्क के रूप में एक अनुबंध के अनुसार किसी कार्य (किसी कार्य को करने के लिए श्रमिकों की आपूर्ति सहित) को करने के लिए किसी निवासी को किसी राशि का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार एक व्यक्ति या एचयूएफ (उनको छोड़कर जिनको धारा 194ग, धारा 194जया धारा 194´ के प्रावधानों के अनुसार आयकर कटौती करना आवश्यक है, को ) द्वारा कर कटौती के लिए कोई बाध्यता न हो

194ड

यदि एक वित्त वर्ष के दौरान दी गई या जमा की गई कुल राशि रू. 50 लाख से अधिक न हो

19ख

एक व्यक्ति द्वारा नकद पैसे निकालने पर एक बैंकिंग कंपनी, सहकारी बैंक या डाक घर द्वारा कर कटौती की बाध्यता नही है

194ढ

यदि एक या एक से अधिक खातों से वित्त वर्ष के दौरान निकाली गई कुल नकद राशि रू. 1 करोड़ से/20 लाख (जो भी हो ) अधिक हो
टिप्पणी : सहकारी संस्था द्वारा किए गए नगद निकासी से धारा 194ढ के अंतर्गत कर की कटौती हेतु रू. 1 करोड़ की शुरूआती सीमा को रू. 3 करोड़ तक बढ़ाया गया है।

19ग ई-कॉमर्स के प्रतिभागियों को भुगतान पर कोई टीडीएस नहीं 194ण वित्त वर्ष के दौरान निवासी व्यक्ति और एचयूएफ को दिया गया या देययोग्य शुल्क रू. 5 लाख से अधिक न हो

194घ

निवासी व्यक्ति को किए गए भुगतान से कोई टीडीएस नही

194थ

यदि उत्पादों की खरीद के लिए निवासी विक्रेता को दी गई या दी जाने वाली राशि वित्त वर्ष के दौरान रू. 50 लाख से अधिक न हो

19ड़ एक निवासी को किसी प्रकार का लाभ या रियायत देने की स्थिति में कोई टीडीएस नही 194ध यदि वित्त वर्ष के दौरान दिया गया लाभ/रियायत की कुल कीमत रू. 20,000 से अधिक नही होती
19च वर्चुयल डिजिटल परिसंपत्ति के स्थानांतरण पर भुगतान से कोई टीडीएस नही है 194ध

निम्नलिखित परिस्थितियों में इस प्रावधान के अंतर्गत कोई कर कटौती नही की जाएगी :

• यदि प्रतिफल किसी व्यक्ति (एक निर्दिष्ट व्यक्ति को छोड़कर) द्वारा देययोग्य है और इसकी कुल कीमत वित्त वर्ष के दौरान रू. 10,000 से अधिक नही है

• यदि प्रतिफल एक निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा देययोग्य है और इसकी कुल कीमत वित्त वर्ष के दौरान रू. 50,000 से अधिक नही है।

निर्दिष्ट व्यक्ति का अर्थ :

(क) एक व्यक्ति या एक एचयूएफ जिसकी कुल बिक्री, कुल प्राप्तियां या कारोबार उस वित्त वर्ष के तुरंत बाद के वित्त वर्ष के दौरान व्यापार के मामले में रू. 1 करोड़ से अधिक नही है या पेशे के मामले में रू. 50 लाख नही है जिसमें वर्चुयल डिजिटल परिसंपत्ति को स्थानांतरित किया जाता है

(ख) एक व्यक्ति या एक एचयूएफ जिसके पास शीर्षक व्यापार या पेशे के लाभ या प्राप्ति के अंतर्गत कोई दूसरी आय नही है

19छ फर्म के सहभागियों को किए गए भुगतान पर कोई टीडीएस नही 194ट यदि वित्त वर्ष के दौरान दिए गए/देययोग्य कुल राशि या राशि रू. 20,000 से अधिक न हो

20.

ब्याज के भुगतान के संदर्भ में तिमाही विवरणी की प्रस्तुति (कर कटौती के बिना निवासियों हेतु प्रतिभूतियों पर ब्याज के अलावा)

206क

यदि दी गई राशि या देय राशि वित्तीय वर्ष के दौरान निम्न से अधिक नहीं थी।

क) रुपये 40,000 अदाता बैंकिंग कंपनी या सहकारी समिति है।

ख) अन्य मामलों में रुपये 5,000

21

मोटर वाहन या किसी अन्य अधिसूचित उत्पाद की बिक्री पर कोई टीसीएस नही

206ग(2च)

यदि मोटर वाहन/अधिसूचित उत्पाव की कीमति रू. 10,00,000 से अधिक नहीं

21क उदार प्रेषण योजना के अंतर्गत किए गए प्रेषण कोई टीसीएस नहीं 206ग(1छ) यदि एक वित्त वर्ष के दौरान खरीददार द्वारा प्रेषित राशि रू. 10 लाख से कम है
21ख उत्पाद की बिक्री पर कोई टीसीएस नही
टिप्पणी : धारा 206ग(1ज) के प्रावधान प्रभावी तिथि 01.04.2025 से प्रभावी नही है
206ग(1ज) यदि किसी पिछले वर्ष में बिक्री की कुल कीमत रू. 50 लाख से अधिक न हो

22.

एक व्यक्ति (जो बैंकिंग कंपनी नहीं है) भारत में कोई भी व्यवसाय या पेशा करता है धारा 195 के अंतर्गत ब्याज की अधिकृत प्राप्ति तथा कर कटौती के बिना अन्य राशि के लिए आवेदन कर सकता है। ( कुछ शर्तों के अनुसार)

नियम 29ख

यदि वह आवेदन की तिथि के ठीक उत्तरगामी कम से कम 5 वर्षों की निरंतर अवधि के लिए भारत में व्यापार अथवा पेशा कर रहा हो तथा पूर्व वर्ष के लिए अपनी प्रासंगिक पुस्तक में दर्शाते हुए भारत में निश्चित संपत्ति की राशि रु. 50,00,000 से अधिक हो

प्रपत्र सं. 15गक का भाग क में यदि भुगतान की राशि वित्त वर्ष के दौरान कुल रु. 5,00,000, से अधिक नही होती

23.

कोई व्यक्ति जो गैरनिवासी को देने के लिए उत्तरदायी हो, एक कंपनी नहीं होकर, या एक विदेशी कपंनी को अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत कर हेतु वसूलनीय अन्य कोई राशि अथवा वेतन अथवा कोई ब्याज, में सूचना प्रस्तुत करेगा।

नियम 37 खख

प्रपत्र सं.15गक के भाग ख में यदि भुगतान की राशि वित्त वर्ष के दौरान कुल रु. 5,00,000, से अधिक होती है तथा आयकर अधिनियम की धारा 195(2)/195(3)/197 के अन्तर्गत एक प्रमाणपत्र को निर्धारण अधिकारी से प्राप्त किया गया हो
प्रपत्र सं. 15गक के भाग ग में यदि भुगतान की राशि वित्त वर्ष के दौरान कुल रु. 5,00,000, से अधिक होता है तथा प्रपत्र सं. 15गख में प्रमाण पत्र को सनदी लेखाकार द्वारा प्राप्त किया गया हो
प्रपत्र सं. 15गक के भाग घ, में हालांकि, निम्नलिखित मामलों में कोई प्रतिवेदि अनिवार्यता नहीँ है

23क

गैर निवासी को भुगतान करने के लिए उत्तरदायी कोई व्यक्ति, कंपनी के तौर पर नहीं, अथवा विदेशी कंपनी को, अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत कर हेतु वसूलनीय न होने वाली कोई राशि, सूचना को प्रस्तुत करेगा

नियम 37खख

i) यदि भुगतान व्यक्ति द्वारा किया गया हो तथा यह उदारीकृत विप्रेषण योजना के अंतर्गत स्वीकार्य हो

ii) यदि प्रेषण निर्दिष्ट सूची के अंतर्गत अंतनिर्विष्ट हो

24.

अग्रिम कर के भुगतान की देयता

208

करदाता अग्रिम कर देने के लिए जिम्मेदार है यदि उसका अग्रिम कर देयता रुपये 10,000 से अधिक है।

ट.

विवरणी तथा आंकलन को दाखिल करना

1

व्यक्ति, एचयूएफ, एओपी, बीओआई या एजेपी के तौर पर प्रत्येक व्यक्ति को आय की विवरणी को दाखिल करना आवश्यक होगा यदि उसकी कुल आय धारा 10(38), 10क, 10ख, 10खक, 54, 54ख, 54घ, 54ड़ग, 54च, 54छक या 54छख या अध्याय VI-क के अंतर्गत छूट या कटौती का दावा करने से पहले उसकी कुल आय अधिकतम छूट की सीमा से अधिक हो

नियम 12 के साथ पठित 139

अधिकतम छूट की सीमा निम्नानुसार है :-

1. अति वरिष्ठ नागरिक के मामले में - रू. 5,00,000

2. वरिष्ठ नागरिक के मामले में - रू. 3,00,000

3. किसी अन्य व्यक्ति के मामले में - रू. 2,50,000

2. प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की समाप्ति से 3 वर्षों के अंदर निर्धारण दुबारा शुरू करने के लिए धारा 148 के अंतर्गत नोटिस जारी करना (31.08.2024 से लागू) 149 यदि छुपाई गई आय रू. 50 लाख से कम है
3. प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की समाप्ति से 10 वर्षों के अंदर निर्धारण दुबारा शुरू करने के लिए धारा 148 के अंतर्गत नोटिस जारी करना (31.08.2024 से लागू) 149 यदि छुपाई गई आय रू. 50 लाख से अधिक है
4 प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की समाप्ति से 3 वर्ष और 3 महीनों के अंदर निर्धारण दुबारा शुरू करने के लिए धारा 148 के अंतर्गत नोटिस जारी करना (01.09.2024 से लागू) 149 यदि छुपाई गई आय रू. 50 लाख से कम है
5 प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की समाप्ति से 5 वर्ष और 3 महीनों के अंदर निर्धारण दुबारा शुरू करने के लिए धारा 148 के अंतर्गत नोटिस जारी करना (01.09.2024 से लागू) 149 यदि छुपाई गई आय रू. 50 लाख से अधिक है
6 प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की समाप्ति से 3 वर्षों के अंदर धारा 148क के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी करना (01.09.2024 से लागू) 149 यदि छुपाई गई आय रू. 50 लाख से अधिक है
7 प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की समाप्ति से 5 वर्षों के अंदर धारा 148क के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी करना (01.09.2024 से लागू) 149 यदि छुपाई गई आय रू. 50 लाख या उससे अधिक है
8. आईटीएटी का अध्यक्ष अथवा अन्य कोई सदस्य किसी मामले का निपटान कर सकता हैं जिसे उस बैंच को आवंटित किया गया है जहां वह सदस्य हैं तथा निर्धारिती संबंधित हैं जिसकी कुल आय एओ द्वारा गणनानुसार कुल आय निर्धारित राशि से अधिक नही हैं 255 रू. 50,00,000

 

ठ.

दंड

1.

धारा 200(3) या धारा 206ग(3) के प्रावधान के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर विवरण जमा करवाने में असफल रहने पर दंड

234ड़

200रुपये प्रतिदिन असफलता जारी रहने के दौरान लेकिन कटौती योग्य/ संग्रह योग्य कर से अधिक नही

2.

बही खातों, दस्तावेजों को धारा 44कक के तहत बनाने, रखरखाव तथा बनाए रखने में असफल रहने पर दंड

271क

रुपये 25,000

3.

अंतर्राष्ट्रीय समूह का प्रतिवेदी उद्यम (जैसा धारा 286 में संदर्भित है) सूचना को प्रस्तुत करने तथा धारा 92घ के प्रावधानों के अनुसार सूचना तथा दस्तावेजों को प्रस्तुत करने में विफल रहता है

271कक(2)

रू. 5,00,000/-

3क

निर्धारण अधिकारी या आयकर आयुक्त (क) द्वारा निर्धारित की गई आय में ऐसी आय शामिल है जिसे धारा 68 से 69घ में संदर्भित किया गया है यदि ऐसी आय को धारा 115खखड़ के अनुसार कर या आय की विवरणी में निर्धारिती द्वारा शामिल न किया गया हो

271ककग

धारा 115खखड़ के अंतर्गत देययोग्य कर का 10 प्रतिशत

3ख

जुर्माना, यदि अधिनियम के अंतर्गत किसी प्रकार की कार्यवाही के दौरान यह पाया जाता है कि निर्धारिती की ओर से बही खातों को रखरखाव किया गया हो

क) एक गलत एंट्री या

ख) ऐसे व्यक्ति की कुल आय की गणना की किसी प्रकार की प्रासंगिक एंट्री को कर देयता को बचाने के लिए रोका गया हो

271ककघ

ऐसी गलत एंट्री या छोड़ी गई एंट्री का 100 प्रतिशत

3ग

न्यासियों या निर्दिष्ट व्यक्ति को अनापयुक्त लाभ देने से संबंधित धारा 10(23ग) या धारा 13(1)(ग) के 21वें परंतुक के प्रावधानों का उल्लंघन

271ककड़

(क) पहले उल्लंघन के लिए रू धारा 13(3) में संदर्भित किसी इच्छुक पाटÊ के लाभ के लिए संस्थान द्वारा लागू आय की सीमा तक

(ख) बाद के उल्लंघन के लिए : ऐसे लागू आय का दोगुना (दोहरा जुर्माना)

4.

खातों का अंकेक्षण करवाने में असफल रहने पर या धारा 44कख के तहत आवश्यक लेखा परीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने में असफल रहने पर दंड

271ख

कुल विक्रय,कारोबार या सकल प्राप्ति आदि का डेढ प्रतिशत या रुपये 1,50,000, जो भी कम हो

5.

धारा 92ड़़ की आवश्यकताओं के अनुसार लेखाकार की रिपोर्ट प्रस्तुत करने में असफल रहने पर दंड

271खक

रुपये 1,00,000

5क जुर्माना लगाया जाएगा यदि एक व्यक्ति अकाउंट में देय चेक या बैंक ड्राफ्ट या इलैक्ट्रानिक क्लीयरिंग प्रणाली को छोड़कर रू. 3 लाख या उससे अधिक की राशि प्राप्त करता है 271घक ऐसी प्राप्ति की राशि
6.

व्यापार करने के लिए एक व्यक्ति द्वारा भुगतान की निर्धारित इलैक्ट्रानिक विधियों के माध्यम से भुगतान को स्वीकृत करने के लिए सुविधा मुहैया न कराने के लिए जुर्माना यदि व्यापार से कुल बिक्री, कारोबार या कुल प्राप्तियां रू. 50 करोड़ से अधिक हो

271घख

रू. 5,000 हर गलती के लिए प्रति दिन

7.

धारा 285खक(1) की आवश्यकता के अनुसार वित्तीय लेन-देन का विवरण या प्रस्तुत करने योग्य लेखा की प्रस्तुति में असफल रहने पर दंड

271चक

असफलता के दिन से रुपये 500 प्रतिदिन

8.

धारा 285खक(5) के तहत जारी नोटिस में निर्धारित अवधि के भीतर वित्तीय लेन-देन का विवरण या प्रस्तुत करने योग्य लेखा प्रस्तुत करने में असफल रहने पर दंड

271चक

असफलता के दिन से रुपये 1,000 प्रतिदिन

8क

वित्तीय लेनदेन या सूचनीय खाते के विवरण में गलत ब्यौरा देने के लिए जुर्माना

धारा 271चकक

रू. 50,000

8ख प्रतिवेदी वित्तीय संस्थान द्वारा गलत सूचना की प्रस्तुति के लिए जुर्माना और ऐसी असत्यता प्रतिवेदी खाते के धारक द्वारा दी गई गलत या असत्य सूचना के कारण हो 271चकक प्रत्येक गलत प्रतिवेदी खाते के लिए रू. 5,000
9. जुर्माना वसूला जाना हैं यदि निवेशगत कोष धारा 9क(5) के अंतर्गत आपेक्षितानुसार विवरण अथवा सूचना अथवा दस्तावेज को प्रस्तुत करने हेतु विफल होता हैं 271चकख रू. 5,00,000
10. यदि विदेशी कंपनी के शेयर भारत में स्थित परिसंपत्ति से इसकी वस्तुत राशि से प्राप्त होती हैं तथा ऐसी कंपनी भारतीय कंपनी द्वारा भारत में ऐसी परिसंपत्ति का अधिकार रखता हैं तो ऐसी भारतीय कंपनी को धारा 285क के अनुसार कर प्राधिकारी हेतु निर्धारित सूचना प्रस्तुत करनी होगी। यदि विफलता होती हैं तो जुर्माना वसूला जाएगा। 271छक

क) लेनदेन की राशि का 2 प्रतिशत, यदि ऐसा लेनदेन प्रबंधन अथवा भारतीय कंपनी के संबंध के नियंत्रण में स्थानांतरण अधिकार का परिणाम हैं।

ख) किसी अन्य मामले में रू. 5,00,000

10क

धारा 286(2) में संदर्भितानुसार अंतर्राष्ट्रीय समूह के संबंध में रिपोर्ट को प्रस्तुत करने में विफलता

271छख(1)

रू. 5,000 प्रति दिन (यदि विफलता की अवधि 30 दिनों तक होती है)

रू. 15,000 प्रति दिन (यदि विफलता की अवधि 30 दिनों से आगे जारी रहती है)

10ख

 यदि धारा 286 में संदर्भित प्रतिवेदी उद्यम निर्धारित अवधि के भीतर सूचना तथा दस्तावेज को प्रस्तुत करने में विफल रहता है

271छख(2)

रू. 5,000 प्रति दिन जिसके दौरान विफलता जारी रहती है

10ग

यदि विफलता (जैसा उक्तकथित मामले में संदर्भित है) जुर्माने को देने के लिए उद्यम को निर्देशित करते हुए आदेश को तामील किए जाने के पश्चात् जारी रहती हो

271छख(3)

रू. 50,000 प्रति दिन जिसके दौरान ऐसी विफलता ऐसे आदेश को तामील करने की तिथि से प्रारंभ होना जारी रहती है

10घ

जुर्माना यदि अनुरोधी उद्यम धारा 286(2) के अंतर्गत प्रस्तुत रिपोर्ट को गलत सूचना मुहैया कराता है

271छख(4)

रू. 5,00,000

10ड़ धारा 285 के अंतर्गत विवरण प्रस्तुत न करने के लिए जुर्माना 271छग 3 महीनों की विफलता में रू. 1,000 या किसी अन्य मामलें में रू. 1,00,000

11.

धारा 200(3) या धारा 206ग(3) के प्रावधान के तहत निर्धारित विवरण को प्रस्तुत/प्रस्तुत करने के कारण असफल रहने या विवरण में गलत जानकारी देने पर दंड

271ज

रुपये 10,000 लेकिन रुपये 1,00,000 तक बढ़ाया जा सकता है।

12. जुर्माना वसूला जाएगा यदि एक व्यक्ति धारा 195(6) के अंतर्गत आपेक्षितानुसार प्रपत्र 15गक व 15गख प्रस्तुति में विफल होता हैं अथवा उसमें असत्य सूचना प्रस्तुत करता हैं 271-झ रू. 1,00,000

12क

जुर्माना लगाया जाएगा यदि एक अकाउंटेंट या एक मर्चेंट बैंकर या एक पंजीकृत मूल्यनिर्धारक ने किसी रिपोर्ट या प्रमाणपत्र में गलत सूचना को प्रस्तुत किया हो

इन्कार या विफलता के लिए दंड

क) प्रश्न का जवाब

271ञ प्रत्येक गलत रिपोर्ट या प्रमाणपत्र के लिए रू. 10,000
13.

 ख) विवरण पर हस्ताक्षर

ग)  धारा 131(1) के तहत सबूत देने या बही खातों को प्रस्तुत करने आदि सम्मन के साथ गैर अनुपालन

घ) धारा 142(1) /143(2) के अंतर्गत नोटिस का पालन करना या धारा 142(2क) के अंतर्गत जारी निर्देशों का पालन करने में असफल रहना

272क(1)

10,000 रुपये प्रत्येक विफलता /गलती पर

 

असफल रहने पर दंड:

क) धारा 94 (6) के तहत आपेक्षितानुसार प्रतिभूति के संदर्भ में मांगी गई अनुसार जानकारी प्रस्तुति

ख) धारा 176 (3) के तहत व्यवसाय या पेशे को समाप्त करने का नोटिस देना

   
14.

ग) धारा 133, 134, 139(4क), 139 (4 ग), 192 (2ग), 197क, 200(2क), 203, 206, 206ग, 206 ग(1क), 206ग(3क) तथा 285ख के तहत निर्धारित समय पर विवरणी, विवरण या प्रमाणपत्र, घोषणा करने, निरीक्षण की अनुमति आदि देने की प्रस्तुति

घ) धारा 226(2) के तहत कटौती तथा भुगतान तथा

ड़) धारा 200(3) तथा धारा 206ग(3) के परंतुक के तहत निर्धारित विवरण की प्रति निर्धारित समय के भीतर दाखिल करना (1-7-2012 तक)

च)  206क(1) के तहत निर्धारित विवरण निर्धारित समयावधि में दाखिल करना

272क(2)

रू 5,000 प्रतिदिन जबतक गलती जारी रहती है

15.

धारा 133ख के अनुसार असफल रहने पर दंड

272कक (1)

रुपये 1,000 से ज्यादा नहीं

16.

पैन या आधार के संबंध में धारा 139क के प्रावधानों का अनुपालन न करने की स्थिति में जुर्माना यानी पैन या आधार, जो भी हो, को प्राप्त, उद्धृत या प्रमाणीकृत करने में असफल होना

वित्त (सं.2) अधिनियम, 2019 को पैन के साथ आधार को परस्पर परिवर्तन के लिए मुहैया कराया गया है। इसलिए, पैनल प्रावधानों में महत्वपूर्ण संशोधन भी किए गए हैं।

272ख

रुपये 10,000 प्रति जुर्माना

17.

धारा 203क की अनुपालना में असफल रहने पर दंड

272खख(1)

रुपये 10,000 प्रत्येक असफलता/गलती पर

18.

धारा 203क (2) के तहत गलत कर कटौती खाता संख्या/कर संग्रह खाता संख्या/चालान में कर कटौती तथा संग्रह खाता संख्या/प्रमाण पत्र/विवरण/दस्तावेज को उद्धृत करने पर दंड

272खख(1क)

रुपये 10,000

19.

आयकर अधिकारी केवल संयुक्त आयुक्त की पूर्व अनुमति से ही दंड लागू कर सकता है

274

यदि दंड की राशि रुपये 10,000 से अधिक हो।

20.

सह आयुक्त या उप आयुक्त केवल संयुक्त आयुक्त की पूर्व अनुमति से दंड लागू कर सकता है।

274

यदि दंड की राशि रुपये 20,000 से अधिक हो।

21.

आयुक्त या प्रधान आयुक्त केवल प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त या प्रधान महानिदेशक या महानिदेशक की पूर्व अनुमति से दंड को कम या समाप्त कर सकता है

273क

यदि दंड की राशि रुपये 1,00,000 से अधिक हो।

 

ड.

अभियोजन

1.

कर, दंड या ब्याज से जानबूझ बचने के प्रयास के लिए 6 माह से 7 साल तक का अभियोजन

276ग(1)

यदि मांगे गए कर की चोरी 25 लाख रुपये से अधिक है

2.

धारा 139(1) के तहत जानबूझ कर विवरणी प्रस्तुत करने में असफल रहने या धारा 139(8क) के अंतर्गत आय की विवरणी की प्रस्तुति या 142(1)(i) या धारा 148 या धारा 153क के तहत नोटिस के प्रत्युत्तर में छह माह से 7 साल तक का अभियोजन

276गग

यदि मांगे गए कर की चोरी 25 लाख रुपये से अधिक है

3.

गलत विवरण के सत्यापन या खाते की गलत प्रस्तुति आदि के लिए जुर्माने सहित में 6 माह से 7 वर्ष तक का अभियोजन

277

यदि मांगे गए कर की चोरी 25 लाख रुपये से अधिक है

4.

गलत विवरणी, लेखा, विवरण या आय पर लागू किसी कर के संदर्भ में घोषणा के लिए उकसाने के लिए 6 माह से 7 वर्ष तक अभियोजन

278

यदि मांगे गए कर की चोरी 25 लाख रुपये से अधिक है

 

ढ.

शुल्क

1 धारा 139(1) के अंतर्गत निर्धारित समय के अंदर आय की विवरणी को प्रस्तुत करने में विफलता के लिए शुल्क 234च रू. 5,000 यदि विवरणी धारा 139(1) के अंतर्गत निर्दिष्ट देय तिथि के बाद प्रस्तुत की जाती है। हालांकि यदि व्यक्ति की कुल आय रू. 5 लाख से अधिक न हो तो विलंब दाखिलीकरण शुल्क रू. 1,000 होगा।
2 धारा 35/धारा 80छ के अंतर्गत निर्धारित ब्यौरे/प्रमाणपत्र को प्रस्तुत करने में गलती के लिए शुल्क 234छ रू. 200 प्रतिदिन

2क

आधार नंबर को सूचना देने में गलती के लिए शुल्क

234ज

क) रू. 500, यदि 01.04.2022 से 30.06.2022 के बीच सूचना दी जाती है

ख)  अन्य मामलों में रू. 1,000

3 आयकर आयुक्त(अपील)/संयुक्त आयकर आयुक्त(अपील) के समक्ष अपील दाखिल करने के लिए शुल्क 249 क) रू. 250 यदि निर्धारण अधिकारी द्वारा गिनी गई कुल आय रू. 1 लाख तक है
ख) रू. 500 यदि निर्धारण अधिकारी द्वारा गिनी गई कुल आय रू. 1 लाख से अधिक है लेकिन रू. 2 लाख तक
ग) रू. 1000 यदि निर्धारण अधिकारी द्वारा गिनी गई कुल आय रू. 2 लाख से अधिक है
घ) रू. 250 किसी अन्य मामले में

4.

आईटीएटी के सामने अपील प्रस्तुत करने के लिए शुल्क

253

क)  रुपये 500 यदि कुल आय की गणना निर्धारण अधिकारी द्वारा रुपये 1 लाख तक की जाती है

ख)  रुपये 1,500 यदि कुल आय की गणना निर्धारण अधिकारी द्वारा रुपये 1 लाख से 2 लाख तक की जाती है।

ग) निर्धारिती की आय का 1 प्रतिशत अधिकतम रुपये 10,000 के अनुसार यदि निर्धारण अधिकारी द्वारा कुल आय 2 लाख से अधिक हो

घ)  रुपये 500 के अनुसार अन्य किसी मामले में

5.

धारा 264 के तहत आदेशों के संशोधन के लिए आयकर आयुक्त के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने के लिए शुल्क

264

रुपये 500

6.

अग्रिम निर्णय के लिए आवेदन प्रस्तुत करने के लिए शुल्क

245थ

रुपये 10,000 शुल्क पर जैसा कि निर्धारित है जो भी ज्यादा हो

7.

निपटान आयोग के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने का शुल्क

नियम 44ग

रुपये 500

 

ण.

स्थाई खाता संख्या (पैन)

1.

प्रत्येक व्यक्ति जो कोई व्यवसाय या पेशा करता है स्थाई खाता संख्या के लिए आवेदन करता है यदि किसी पूर्व वर्ष में कुल विक्रय, करोबार या सकल प्राप्ति शुरुआती सीमा से सावधिक हैं

139क

रुपये 5,00,000

1क

प्रत्येक अनिवासी घरेलू व्यक्ति और उससे संबंधित व्यक्तियों को पैन के लिए आवेदन करना होगा यदि वित्त वर्ष के दौरान उनके द्वारा किए गए वित्तीय लेनदेन प्रारंभिक सीमा से अधिक होते हैं।

टिप्पणी :

1) अनिवासी घरेलू व्यक्तियों से संबंधित व्यक्तियों का अर्थ है प्रबंध निदेशक, निदेशक, सांझेदार, न्यासी, लेखक, संस्थापक, कर्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रमुख अधिकारी या अनिवासी घरेलू व्यक्तियों के पदाधिकारी या ऐसे व्यक्ति की ओर से कार्य करने वाले सक्षम प्राधिकारी

2) पैन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि उस अगले वित्त वर्ष की 31 मई होगी जिसमें वित्तीय लेनदेन किए गए

139क

रू. 2,50,000

2.

कोई भी लेन-देन जिसमें स्थाई खाता संख्या उद्धृत करना आवश्यक हो

धारा 139क नियम 114ख के साथ पढ़ा जाए

क)  10 लाख या उससे अधिक की किसी अचल संपत्ति के विक्रय या खरीद

ख)  वित्त वर्ष के दौरान रु. 50,000 अथवा रु. 5,00,000 से अधिक की राशि का बैंक/निधि कंपनी/एनबीएफसी के साथ सावधि जमा

ग) वित्त वर्ष के दौरान डाक घर के किसी बचत खाते में रु. 50,000 अथवा कुल रु. 5,00,000 से ज्यादा जमा

घ)  प्रतिभूति की विक्रय या खरीद के लिए रुपये 1 लाख से अधिक के अनुबंध

ङ) रु. 1,00,000 प्रति लेनदेन से अधिक की राशि के प्राधिकृत शेयर बाज़ार में गैर-सूचीबद्ध कंपनी के शेयरों का किसी ब्यक्ति द्वारा बिक्री व खरीद

च) किसी एक समय होटल या रेस्तरां को उनके बिलो के लिए रुपये 50,000 से ज्यादा का भुगतान

छ) किसी एक दिन के दौरान 50,000 रुपये या अधिक के लिए तक के बैंक ड्राफ्ट या पे आर्डर या बैंकर चेक का खरीद के लिए भुगतान

ज) किसी एक दिन बैंक के साथ कुल रुपये 50,000 या अधिक नगद की जमा

झ)  किसी दूसरे देश में यात्रा के संबंध में एक समय में रुपये 50,000 से अधिक की राशि का नगद में किया गया भुगतान

ञ) किसी एक समय रु. 50,000 से अधिक की राशि के किसी विदेशी मुद्दा की खरीद के लिए नगद में भुगतान

ट) यूनिट की खरीद के लिए म्यूचुअल फंड को अथवा उसके द्वारा जारी बांड अथवा डिबेंचर अथवा शेयर अधिग्रहण के लिए कंपनी को रु. 50,000 अथवा इससे अधिक का भुगतान

ठ) आरबीआई को उसके द्वारा जारी बॉन्ड प्राप्त करने के लिए रुपये 50,000  या उससे अधिक का भुगतान

ड) एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक अथवा एक कंपनी अथवा संस्थान को आरबीआई द्वारा जारी एक अथवा अधिक पूर्व-भुगतित भुगतान के लिए एक वित्त वर्ष में रु. 50,000 से अधिक की कुल राशि के बैंक ड्राफ्ट अथवा पे आर्डर अथवा बैंक से चेक के रूप में नगद में भुगतान

ढ़) रुपये 50,000 की राशि या उससे अधिक का एक साल में जीवन प्रीमियम के लिए बीमाकर्ता को भुगतान

ण) रु. 2,00,000 प्रति लेनदेन की राशि के किसी प्रकार की सेवा (बिंदु (क) से (ढ़) में उक्त निर्दिष्ट को छोड़कर) अथवा उत्पाद की बिक्री व खरीद के लिए भुगतान।

 

त.

अन्य प्रावधान

1.

उस बारे में हंस्तांतरण कर्ता तथा हस्तांतरी के बीच पूर्व समझौते के बिना अचल संपत्ति के हस्तांरण पर प्रतिबंध

नियम 48 ट

यदि संपत्ति की कीमत निम्न से ज्यादा हो:

1. रुपये 75,00,000 यदि अचल संपत्ति ग्रेटर मुंबई क्षेत्र में शामिल हो

2. रुपये 50,00,000 यदि अचल संपत्ति संघ शासित प्रदेश दिल्ली क्षेत्र में शामिल हो।

3. रुपये 25,00,000 यदि अचल संपत्ति कलकत्ता महानगर क्षेत्र तथा मद्रास महानगर योजना क्षेत्र में शामिल हो।

4. रुपये 25,00,000 यदि अचल संपत्ति बैंगलोर महानगर क्षेत्र में शामिल हो तथा वह क्षेत्र जैसे अहमदाबाद शहरी विकास क्षेत्र तथा अहमदाबाद शहरी क्षेत्र के तौर पर घोषित।

5. रुपये 25,00,000 यदि अचल संपत्ति पूना क्षेत्र में शामिल हो।

6. रु. 20,00,000 यदि अचल संपत्ति एओ 339(ई), दिनांक 8 मई, 1989, एसओ 53(ई), दिनांक 19 जनवरी, 1990 तथा एसओ 180(ई), दिनांक 14 मार्च 1991 के मार्फत अधिसूचित तथा उक्त निर्दिष्ट को छोड़कर क्षेत्रों में शामिल हैं

7. रुपये 10,00,000 यदि हस्तान्तरण हेतु अनुबंध 31.7.1995 को या उससे पूर्व किया गया हो।

2.

उस बारे में हस्तांतरणकर्ता तथा हस्तांतरी के बीच पूर्व समझौते के बिना अचल संपत्ति के हस्तांरण पर प्रतिबंध नही

269पग

यदि संपत्ति का मूल्य 5,00,000 रुपये से ज्यादा नहीं हो

3.

अधिनियम जिसके अंतर्गत निर्धारिती को सूचना तामिल की गई हैं के तहत किसी कार्यवाही के लंबित होने के दौरान अन्य किसी व्यक्ति के पक्ष में निर्धारण अधिकारी की अनुमति प्राप्त किए बिना बिक्री हेतु माल को छोड़कर किसी परिसंपत्ति का हस्तांतरण निरर्थक के तौर पर समझा जाना हो

281

यदि कर की राशि या अन्य राशि देय हो या संभावित देयता रुपये 5,000 या संपत्ति के हस्तान्तरण रुपये 10,000 से अधिक हो

4.

निर्धारित अवधि के अंतर्गत निर्दिष्ट गतिविधि करने वाले व्यक्ति या सिनेमाटोग्राफी के निर्माता द्वारा ब्यौरा देना

285ख

ऐसे प्रत्येक व्यक्तियों जो ऐसे निर्माण में उसके द्वारा संलग्न है, को देय अथवा उसके द्वारा दिए गए सभी भुगतान की सूचना जो रु. 50,000 से अधिक हैं

5.

अचल संपत्ति के हस्तान्तरण के संबंध में रजिस्टरार को कोई विवरण प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है।

269त

यदि ऐसी संपत्ति के लिए स्पष्ट विचार रुपये 50,000 से अधिक नहीं हो

6.

ऋण या जमा स्वीकृत करने की सीमा अन्यथा अकाउन्ट पेयी चेक या अकाउन्ट पेयी बैंक ड्राफ्ट या इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग व्यवस्था द्वारा (कुछ शर्तों के अनुसार)

269धध

कुल रुपये 20,000

6क

अकाउंट में देय खाते चेक या खाते में देय बैंक ड्राफ्ट या इलैक्ट्रानिक क्लीयरिंग प्रणाली या ऐसे अन्य इलैक्ट्रानिक विधि के माध्यम से जिसे निर्धारित किया जा सके (कुछ शर्तों के अनुसार) को छोड़कर किसी राशि को प्राप्त करने पर सीमा

269धन

एक दिन में एक व्यक्ति द्वारा कुल रू. 2,00,000 या उससे अधिक

7

ऋण के पुर्नभुगतान या जमा या उसके द्वारा प्राप्त निर्दिष्ट उधार पर सीमा, अकाउंट में देय खाते चेक या खाते में देय बैंक ड्राफ्ट या इलैक्ट्रानिक क्लीयरिंग प्रणाली या ऐसे अन्य इलैक्ट्रानिक विधि के माध्यम से जिसे निर्धारित किया जा सके (कुछ शर्तों के अनुसार) को छोड़कर

269न

कुल रुपये 20,000

8.

निवासी व्यक्ति जिसकी कुल आय रुपये 5,00,000 से ज्यादा नहीं है, को छूट

87क

कर भुगतान के अनुसार में अधिकतम रुपये 12,500

8क.

निर्धारिती को रू. 12,00,000 तक की छूट जिसकी कुल आय धारा 115खकग(1क) के अंतर्गत कर हेतु वसूलनीय है

87क

कर भुगतान के अनुसार में अधिकतम रुपये 12,500

टिप्पणी : धारा 87क के अंतर्गत कुल छूट धारा 115खकग(1क) में दी गई दरों के अनुसार देययोगय आयकर की राशि से अधिक नही होगी [निर्धारण वर्ष 2026-27 से प्रभावी]

9 निवासी व्यक्ति को छूट (धारा 115खकग को चुनने वाले) जिनकी कुल आय रू. 7,00,000 से अधिक न हो 87क अधिकतम रू. 25,000 तक देययोग्य कर

10.

नाबालिक बच्चे की आय धारा 64(1क) के तहत परिजनों की आय के साथ

10(32)

रुपये 1,500 प्रति बच्चे या नाबालिक की आय, जो भी कम हो

 

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2025 द्वारा संशोधित]