व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त उपहारों का कर उपचार
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अस्वीकरण: इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।
जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें। |
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व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त उपहारों का कर उपचार
करदाताओं के दिमाग में उपहारों के कराधान को लेकर एक अति सामान्य तथा अक्सर पूछे जाने वाला प्रश्न दौड़ता रहता है। इस भाग में आप व्यक्ति अथवा हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ) द्वारा प्राप्त उपहार से संबंधित विभाग प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे अर्थात् बिना विचार-विमर्श किए व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त राशि अथवा संपत्ति की कुल राशि अथवा एक स्थिति जिसमें संपत्ति का अधिग्रहण अपर्याप्त विचार-विमर्श के किया जाए
कराधान की दृष्टि से उपहार निम्नानुसार वर्गीकृत किए जा सकते है
1. बिना विचार-विमर्श किए प्राप्त पैसे की कोई राशि, इसे "मौद्रिक उपहार" के तौर पर समझा जा सकता है
2. बिना विचार-विमर्श किए प्राप्त निर्दिष्ट चल संपत्ति, इसे "चल संपत्ति के उपहार" के तौर पर समझा जा सकता है
3. कम पैसे (अर्थात् अपर्याप्त विचार-विमर्श हेतु) पर प्राप्त निर्दिष्ट चल संपत्ति, इसे "उचित बाजार मूल्य से कम पर प्राप्त चल संपत्ति" के तौर पर समझा जा सकता है
4. बिना विचार-विमर्श किए प्राप्त अचल संपत्ति, इसे "अचल संपत्ति के उपहार" के तौर पर समझा जा सकता है
5. कम पैसे (अर्थात् अपर्याप्त विचार-विमर्श हेतु) पर धारित अचल संपत्ति, इसे इसकी "स्टांप ड्यूटी राशि से कम पर प्राप्त अचल संपत्ति" के तौर पर समझा जा सकता है
व्यक्ति अथवा हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ) द्वारा प्राप्त मौद्रिक उपहार का कर उपचार
यदि निम्न शर्तें संतुष्ट की जाती है तो व्यक्ति/एचयूएफ द्वारा विचार-विमर्श (अर्थात् मौद्रिक उपहार नगद, चेक, ड्राफ्ट आदि के रूप में प्राप्त किया हो) के बिना प्राप्त पैसे की कोई राशि कर हेतु देययोग्य होगी
• बिना विचार-विमर्श के प्राप्त राशि
• वर्ष के दौरान प्राप्त ऐसी राशि की कुल राशि रू. 50,000 से अधिक हो
हालांकि उपहार से संबंधित प्रावधान प्रत्येक व्यक्ति के मामले में लागू होते हैं लेकिन यह सूचित किया गया है कि एक अनिवासी को एक निवासी व्यक्ति द्वारा उपहार भारत में गैर-करयोग्य होने के तौर पर दावा किया जाता है चूंकि आय भारत में प्राप्त या अर्जित नहीं हुई। यह सुनिश्चित करने के लिए कि एक अनिवासी व्यक्ति को निवासी व्यक्ति द्वारा ऐसे उपहार भारत में कर का विषय है, आयकर अधिनियम की धारा 9 के अंतर्गत खंड (8) यह प्रावधान करता है कि भारत के बाहर उत्पन्न होने वाली कोई आय, जो भारत में निवासी व्यक्ति द्वारा किसी अनिवासी या किसी विदेशी कंपनी को बिना किसी प्रतिफल के धनराशि के रूप में भुगतान की जाती है, भारत में उपार्जित या उत्पन्न मानी जाएगी।
बिना विचार-विमर्श किए प्राप्त राशि अर्थात् व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त मौद्रिक उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं है, संबंधित मामले
निम्नलिखित मामलों में व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त मौद्रिक उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा
संबंधितों से प्राप्त राशि
निम्नलिखित व्यक्तियों को रिश्तेदारों के तौर पर समझा जाएगा :
क व्यक्ति की स्थिति में
(क) व्यक्ति का जीवनसाथी
(ख) व्यक्ति के भाई अथवा बहन
(ग) व्यक्ति के जीवनसाथी का भाई अथवा बहन
(घ) व्यक्ति के माता-पिता के भाई अथवा बहन
(ड) व्यक्ति का कोई भी ऊर्ध्वाधर पूर्वज (मातृ पक्ष या पितृ पक्ष दोनों) या वंशज;
(च) व्यक्ति के पति या पत्नी के किसी भी आरोही (मातृ एवं पितृ दोनों पक्षों से) या अवरोही वंशज;
(छ) (ख) से (च) में संदर्भित व्यक्ति का जीवनसाथी
ख. एचयूएफ की स्थिति में, उसका कोई सदस्य
1. व्यक्ति की शादी के अवसर पर प्राप्त राशि
2. पैतृक धन के रूप में/वसीयत के अंतर्गत प्राप्त राशि
3. अदाकर्त्ता अथवा दानकर्त्ता की मृत्यु के अवलोकन में प्राप्त राशि
4. स्थानीय प्राधिकरण से प्राप्त राशि जैसा अनुसूची III (नोट 6) में परिभाषित है
5. किसी पंजीकृत गैर-लाभकारी संगठन द्वारा या उससे प्राप्त धनराशि, जैसा कि धारा 355(छ) में परिभाषित किया गया है, सिवाय उस स्थिति के जब ऐसी धनराशि धारा 355(ज) में संदर्भित किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त की जाती है।
6. धारा 70(1(क), (ग), (घ), (ङ), (च), (छ), (झ), (ञ), (ट), (ठ), (त), (थ), (द), (ध), (न), (प) या (फ) के अंतर्गत अंतरण न माने जाने वाले लेनदेन के माध्यम से प्राप्त धनराशि
7. किसी व्यक्ति के रिश्तेदार के एकमात्र लाभ के लिए बनाए गए या स्थापित किए गए न्यास द्वारा प्राप्त धनराशि
8. ऐसे वर्ग के व्यक्तियों से प्राप्त धनराशि और ऐसी शर्तों के अंतर्गत, जो निर्धारित किया जा सके।
व्यक्ति की शादी केवल वह अवसर है जब उसके द्वारा प्राप्त मौद्रिक उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा
व्यक्ति की शादी के अवसर पर प्राप्त उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होता। शादी के अलावा कोई अन्य अवसर नहीं है जब व्यक्ति द्वारा प्राप्त मौद्रिक उपहार कर हेतु वसूलनीय न हो। इसलिए जन्मदिवस, वर्षगांठ आदि जैसे अवसरों पर प्राप्त मौद्रिक उपहार कर हेतु वसूलनीय होंगे।
मित्रों से प्राप्त मौद्रिक उपहार पर करदेयता
रिश्तेदारों से प्राप्त उपहारों पर कर नहीं लगाया जाता है (‘रिश्तेदार’ का अर्थ पहले स्पष्ट किया गया है)। मित्र ‘रिश्तेदार’ की उपर्युक्त सूची में परिभाषित नहीं है, और इसलिए मित्रों से प्राप्त उपहारों पर कर लगाया जाएगा (यदि उपहारों पर कर लगाने की अन्य शर्तें पूरी होती हैं)।
विदेश से प्राप्त मौद्रिक उपहार
व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वार वर्ष के दौरान प्राप्त मौद्रिक उपहार की कुल कीमत रू. 50,000 से अधिक होती है तथा उपहार पूर्व भाग में चर्चित छूट के अंतर्गत नहीं आते तो भारत अथवा विदेश से प्राप्त उपहार कर हेतु वसूलनीय होंगे
एक बार वर्ष के दौरान प्राप्त उपहारों की कुल कीमत रू. 50,000 से अधिक हो तो सभी उपहार कर हेतु वसूलनीय होंगे
व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा विचार-विमर्श के बिना प्राप्त राशि कर हेतु वसूलनीय होगी यदि वर्ष के दौरान प्राप्त ऐसी राशि की कुल कीमत रू. 50,000 से अधिक हो
इस संबंध में महत्वपूर्ण बिंदु "वर्ष के दौरान प्राप्त ऐसी राशि की कुल कीमत" का ध्यान रखना चाहिए। उपहार की करदेयता वर्ष के दौरान प्राप्त उपहार की कुल कीमत के आधार पर निर्धारित होती है नाकि व्यक्ति के उपहार के आधार पर। इसलिए वर्ष के दौरान प्राप्त उपहार की कुल कीमत रू. 50,000 कर हेतु वसूलनीय होगी (अर्थात् उपहार की कुल राशि रू. 50,000 होगी ना कि अतिरिक्त राशि)
उदाहरण
श्री कुमार ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान निम्नलिखित उपहार प्राप्त किए
• कनाडा में रहने वाले उसके मित्र से प्राप्त रू. 1,84,000
• दिल्ली में रहने वाले उनके बड़े भाई से प्राप्त रू. 25,200
• दिल्ली में रहने वाले उनके मित्र से प्राप्त रू. 84,000 (श्री कुमार के जन्मदिवस के अवसर पर प्राप्त)
श्री कुमार के हाथों में उक्त मदों का कर उपचार क्या होगा
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व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा बिना विचार-विमर्श (अर्थात् उपहार) के रिश्तेदारों (रिश्तेदारों का अर्थ पर पहले ही चर्चा की जा चुकी है) को छोड़कर किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त तथा निर्धारित अवसर (पूर्व चर्चितानुसार) को छोड़कर प्राप्त राशि की कीमत कर हेतु वसूलनीय है यदि वर्ष के दौरान प्राप्त ऐसे उपहार की कुल कीमत रू. 50,000 से अधिक हो।
इन प्रावधानों पर विचार-विमर्श करते हुए श्री कुमार के हाथों में उपहारों का उपचार निम्नानुसार होगा
• उनके मित्र द्वारा प्राप्त रू. 1,84,000 पूर्ण रूप से करयोग्य होगा क्योंकि मित्र 'संबंधित की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आते है'
• बड़े भाई से प्राप्त रू. 25,200 कर हेतु वसूलनीय नहीं होगें क्योंकि बड़ा भाई 'संबंधित' की परिभाषा के अंतर्गत आता है
• जन्मदिवस निर्धारित अवसर की सूची में नहीं आता जिसपर उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा, इसलिए जन्मदिवस के अवसर पर प्राप्त रू. 84,000 पूर्ण रूप से करयोग्य होगा
उदाहरण
वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान, श्री राजा ने अपने मित्रों से निम्नलिखित उपहार प्राप्त किए
• 1-5-2026 पर रू. 25,000
• 20-12-2026 को रू. 18,000
उक्त उपहारों का कर उपचार क्या होगा
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व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा बिना प्रतिफल (अर्थात् उपहार) के रिश्तेदारों (रिश्तेदारों का अर्थ पर पहले ही चर्चा की जा चुकी है) को छोड़कर किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त तथा निर्धारित अवसर (पूर्व चर्चितानुसार) को छोड़कर प्राप्त राशि की कीमत कर हेतु वसूलनीय है यदि वर्ष के दौरान प्राप्त ऐसे उपहार की कुल कीमत रू. 50,000 से अधिक हो।
मित्र रिश्तेदारों की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आते। आगे, जन्मदिवस निर्धारित अवसर की सूची में नहीं आता जिसपर उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा, इसलिए मित्रों द्वारा प्राप्त उपहार करयोग्य होगा। हालांकि कर हेतु कुछ भी वसूलनीय नहीं होगा यदि वर्ष के दौरान प्राप्त उपहार की कुल कीमत रू. 50, 000 से अधिक नहीं होती है
वर्ष के दौरान श्री राजा द्वारा प्राप्त उपहार की कुल कीमत रू. 43,000 (रू. 25,000 + रू. 18,000) है जोकि रू. 50,000 से कम है इसलिए श्री राजा के हाथों में कर हेतु कुछ भी वसूलनीय नहीं होगा
मान लीजिए यदि दिए गए मामले में दूसरे उपहार की राशि रू. 18,000 के स्थान पर रू. 28,000 होती है तो उपहार की कुल कीमत रू. 53,000 (रू. 25,000 + रू. 28,000) होगी। इस मामले में रू. 53,000 की पूरी राशि श्री राजा के हाथ में कर हेतु वसूलनीय होगी
व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा उपहार के तौर पर प्राप्त अचल संपत्ति का कर उपचार
यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्रतिफल के बिना प्राप्त अचल संपत्ति कर हेतु वसूलनीय होगी
1. व्यक्ति/एचयूएफ द्वारा प्राप्त अचल संपत्ति, भूमि अथवा भवन अथवा दोनों के रूप में
2. बिना प्रतिफल के प्राप्त ऐसी अचल संपत्ति की स्टांप ड्यूटी की कीमत रू. 50,000 से अधिक है
जब प्रतिफल(अर्थात् उपहार के रूप में) के बिना व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त अचल संपत्ति कर हेतु वसूलनीय नहीं होती
निम्नलिखित मामले में अचल संपत्ति का उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा
1. रिश्तेदारों से प्राप्त
निम्नलिखित व्यक्तियों को रिश्तेदारों के तौर पर समझा जाएगा :
क व्यक्ति की स्थिति में
(क) व्यक्ति का जीवनसाथी
(ख) व्यक्ति के भाई अथवा बहन
(ग) व्यक्ति के जीवनसाथी का भाई अथवा बहन
(घ) व्यक्ति के माता-पिता के भाई अथवा बहन
(ड) व्यक्ति का कोई भी ऊर्ध्वाधर पूर्वज (मातृ पक्ष या पितृ पक्ष दोनों) या वंशज;
(च) व्यक्ति के पति या पत्नी के किसी भी आरोही (मातृ एवं पितृ दोनों पक्षों से) या अवरोही वंशज;
(छ) (ख) से (च) में संदर्भित व्यक्ति का जीवनसाथी
ख. एचयूएफ की स्थिति में, उसका कोई सदस्य
1. व्यक्ति की शादी के अवसर पर प्राप्त राशि
2. पैतृक धन के रूप में/वसीयत के अंतर्गत प्राप्त राशि
3. अदाकर्त्ता अथवा दानकर्त्ता की मृत्यु के अवलोकन में प्राप्त राशि
4. स्थानीय प्राधिकरण से प्राप्त राशि जैसा अनुसूची III (नोट 6) में परिभाषित है
5. किसी पंजीकृत गैर-लाभकारी संगठन द्वारा या उससे प्राप्त धनराशि, जैसा कि धारा 355(छ) में परिभाषित किया गया है, सिवाय उस स्थिति के जब ऐसी धनराशि धारा 355(ज) में संदर्भित किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त की जाती है।
6. धारा 70(1(क), (ग), (घ), (ङ), (च), (छ), (झ), (ञ), (ट), (ठ), (त), (थ), (द), (ध), (न), (प) या (फ) के अंतर्गत अंतरण न माने जाने वाले लेनदेन के माध्यम से प्राप्त धनराशि
7. किसी व्यक्ति के रिश्तेदार के एकमात्र लाभ के लिए बनाए गए या स्थापित किए गए न्यास द्वारा प्राप्त धनराशि
8. ऐसे वर्ग के व्यक्तियों से प्राप्त धनराशि और ऐसी शर्तों के अंतर्गत, जो निर्धारित किया जा सके।
व्यक्ति की शादी केवल वह अवसर है जब उसके द्वारा प्राप्त उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा
केवल व्यक्ति की शादी के अवसर पर प्राप्त उपहार (अर्थात् प्रतिफल के बिना प्राप्त अचल संपत्ति) कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा। शादी के अलावा अन्य कोई अवसर नहीं है जब व्यक्ति द्वारा प्राप्त उपहार कर हेतु वसूलनीय न हो। इसलिए जन्मदिवस, वर्षगांठ आदि जैसे अवसरों पर प्राप्त अचल संपत्ति किसी प्रतिफल के बिना कर हेतु वसूलनीय होगी।
बिना प्रतिफल प्राप्त अचल संपत्ति की करदेयता अर्थात् मित्रों से प्राप्त मौद्रिक उपहार का कराधान
संबंधितों द्वारा प्राप्त उपहार (अर्थात् बिना प्रतिफल प्राप्त अचल संपत्ति) कर ('संबंधितों' के अर्थ की चर्चा पहले की गई हैं) हेतु वसूलनीय नही होते हैं। मित्र उक्त सूची में परिभाषितानुसार 'संबंधित' नहीं हैं तथा इसलिए मित्रों द्वारा प्राप्त उपहार कर हेतु वसूलनीय होंगे (यदि कराधान उपहार के अन्य मापदंड संतुष्ट होते है)
विदेश में स्थित अचल संपत्ति के उपहार का कर उपचार
यदि पहले भाग (अचल संपत्ति के उपहार के करदेयता से संबंधित) में चर्चित शर्तें पूरी की जाती है तो अचल संपत्ति का उपहार कर हेतु वसूलनीय होगा चाहे संपत्ति भारत अथवा विदेश में स्थित हो
उदाहरण
एक व्यक्ति अपने मित्र से एक फ्लैट उपहार में प्राप्त करता है। फ्लैट की स्टांप ड्यूटी कीमत रू. 84,000 है। इस स्थिति में क्या उपहार में दी गई संपत्ति की कुल राशि कर हेतु वसूलनीय होगी अथवा केवल रू. 50,000 से अधिक की राशि कर हेतु वसूलनीय होगी
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यदि पहले भाग (अचल संपत्ति के उपहार के करदेयता से संबंधित) में चर्चित शर्तें संतुष्ट की जाती है तो प्रतिफल अर्थात् उपहार के तौर पर प्राप्त, के बिना प्राप्त अचल संपत्ति की पूरी स्टांप ड्यूटी की कीमत कर हेतु वसूलनीय होगी। एक बार करदेयता लागू हो अर्थात् उपहार के तौर पर प्राप्त संपत्ति की स्टांप ड्यूटी की कीमत रू. 50,000 से अधिक हो तो संपत्ति की संपूर्ण स्टांप ड्यूटी की कीमत कर हेतु वसूलनीय होगी। इसलिए इस मामले में संपत्ति की संपूर्ण स्टांप ड्यूटी कीमत अर्थात् रू. 84,000 कर हेतु वसूलनीय होगी
उदाहरण
1-5-2026 को श्री कुमार अपने मित्र श्री राजा को घर उपहार में देते है। भवन की बाजार में कीमत रू. 8,40,000 थी तथा स्टांप ड्यूटी को वसूलने के लिए प्राधिकृत स्टांप वैल्यूऐशन द्वारा अपनाई गई राशि रू. 9,00,000 थी। श्री राजा को इस मामले में कर उपचार से संबंधित सलाह दें
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यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त अचल संपत्ति कर हेतु वसूलनीय होगी
1. व्यक्ति/एचयूएफ द्वारा प्राप्त अचल संपत्ति, भूमि अथवा भवन अथवा दोनों के रूप में
2. बिना प्रतिफल के प्राप्त ऐसी अचल संपत्ति की स्टांप ड्यूटी की कीमत रू. 50,000 से अधिक है
उक्त प्रावधान रिश्तेदारों से प्राप्त अचल संपत्ति तथा कुछ निर्दिष्ट अवसरों पर प्राप्त अचल संपत्ति के मामले में लागू नहीं है
इन मामलों में संपत्ति श्री राजा के लिए पूंजीगत परिसंपत्ति हैं संपत्ति उसके मित्र (मित्र रिश्तेदार की परिभाषा के अंतर्गत नही आता) द्वारा प्राप्त की गई हैं, संपत्ति किसी निर्दिष्ट अवसर पर प्राप्त नही की गई हैं तथा संपत्ति की स्टांप ड्यूटी कीमत रू. 50,000 से अधिक हैं। अन्य शब्दों में सभी शर्ते उपहार के कर हेतु आपेक्षित सभी शर्ते पूरी है कर तथा इसलिए संपत्ति की स्टांप ड्यूटी कीमत अर्थात् रू. 9,00,000 श्री राजा के हाथों कर हेतु वसूलनीय होगी। यह "अन्य स्त्रोतों से आय" शीर्षक के तहत कर हेतु वसूली जाएगी
कराधान जहां अचल संपत्ति के मामले में इसकी स्टांप ड्यूटी की कीमत से कम प्राप्त होती है
प्रतिफल के बिना प्राप्त अचल संपत्ति के कराधान को छोड़कर अर्थात् उपहार के तौर पर प्राप्त, आयकर अधिनियम इसकी स्टांप ड्यूटी से कम प्राप्त अचल संपत्ति कराधान के लिए प्रावधान भी बनाए गए है। यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो इसकी स्टांप ड्यूटी कीमत से कम के लिए व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त अचल संपत्ति कर हेतु वसूलनीय होगी
1. कोई अचल संपत्ति व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा धारित की जाती है
2. ऐसी संपत्ति प्रतिफल के लिए अधिग्रहित की जाती हैं लेकिन प्रतिफल स्टांप ड्यूटी से कम होता हैं तथा अंतर
रू. 50,000 से अधिक हो या
प्रतिफल के 10% से अधिक
जब किसी व्यक्ति या एचयूएफ द्वारा स्टांप शुल्क मूल्य से कम मूल्य पर प्राप्त अचल संपत्ति पर कर नहीं लगाया जाता है
निम्नलिखित मामलों में, स्टांप शुल्क मूल्य से कम मूल्य पर प्राप्त अचल संपत्ति के संबंध में कोई राशि कर के लिए प्रभार्य नहीं होगी:
क. रिश्तेदारों से प्राप्तनिम्नलिखित व्यक्तियों को रिश्तेदारों के तौर पर समझा जाएगा :
व्यक्तियों की स्थिति में
(क) व्यक्ति का जीवनसाथी
(ख) व्यक्ति के भाई अथवा बहन
(ग) व्यक्ति के जीवनसाथी का भाई अथवा बहन
(घ) व्यक्ति के माता-पिता के भाई अथवा बहन
(ड) व्यक्ति का कोई भी ऊर्ध्वाधर पूर्वज (मातृ पक्ष या पितृ पक्ष दोनों) या वंशज;
(च) व्यक्ति के पति या पत्नी के किसी भी आरोही (मातृ एवं पितृ दोनों पक्षों से) या अवरोही वंशज;
(छ) (ख) से (च) में संदर्भित व्यक्ति का जीवनसाथी
एचयूएफ की स्थिति में, उसका कोई सदस्य
(क) व्यक्ति की शादी के अवसर पर प्राप्त राशि
(ख) पैतृक धन के रूप में/वसीयत के अंतर्गत प्राप्त राशि
(ग) अदाकर्त्ता अथवा दानकर्त्ता की मृत्यु के अवलोकन में प्राप्त राशि
(घ) स्थानीय प्राधिकरण से प्राप्त राशि जैसा अनुसूची III (नोट 6) में परिभाषित है
(ड) किसी पंजीकृत गैर-लाभकारी संगठन द्वारा या उससे प्राप्त धनराशि, जैसा कि धारा 355(छ) में परिभाषित किया गया है, सिवाय उस स्थिति के जब ऐसी धनराशि धारा 355(ज) में संदर्भित किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त की जाती है।
(च) धारा 70(1(क) (ग), (घ), (ङ), (च), (छ), (झ), (ञ), (ट), (ठ), (त), (थ), (द), (ध), (न), (प) या (फ) के अंतर्गत अंतरण न माने जाने वाले लेनदेन के माध्यम से प्राप्त धनराशि
(छ) किसी व्यक्ति के रिश्तेदार के एकमात्र लाभ के लिए बनाए गए या स्थापित किए गए न्यास द्वारा प्राप्त धनराशि
(ज) ऐसे वर्ग के व्यक्तियों से प्राप्त धनराशि और ऐसी शर्तों के अंतर्गत, जो निर्धारित किया जा सके।
उदाहरण
01-04-2026 को श्री राजा (एक वेतनभोगी कर्मचारी) ने रू. 25,20,000 के लिए श्री कुमार से भवन खरीदा। स्टांप ड्यूटी प्राधिकरण द्वारा धारित भवन की राशि को वसूलने के लिए स्टांप ड्यूटी वैल्यूऐशन द्वारा अपनाई गई राशि रू. 28,00,000 थी। श्री राजा को इस मामले में कर उपचार से संबंधित सलाद दें
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यदि एक व्यक्ति एक पूंजी परिसंपत्ति खरीदता है, एक अचल संपत्ति के तौर पर, और ऐसी संपत्ति की स्टांप ड्यूटी राशि वास्तविक प्रतिफल से रू. 50,000 अधिक और वास्तविक प्रतिफल का 10 प्रतिशत होती है तो खरीद मूल् पर अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी को खरीददार के हाथों कर हेतु वसूला जाएगा।
तत्काल मामले में, श्री कुमार के लिए बिल्डिंग एक पूंजी परिसंपत्ति है। बिल्डिंग की स्टांप ड्यूटी राशि वास्तविक प्रतिफल से रू. 2,80,000 अधिक है जो रू. 50,000 से अधिक और रू. 25,20,000 के वास्तविक प्रतिफल के 10 प्रतिशत से अधिक है यानी रू. 2,52,000। इसलिए, उक्त चर्चित प्रावधान लागू होंगे और रू. 2,80,000 (रू. 28,00,000 घटा रू. 25,20,000) की अंतरात्मक राशि को श्री कुमार की आय के तौर पर समझा जाएगा
उदाहरण
01-04-2026 को श्री कुमार (एक वेतनभोगी कर्मचारी) ने रू. 25,40,000 के लिए श्री विपुल से भवन खरीदा। स्टांप ड्यूटी वसूलने के लिए स्टांप मूल्यांकन प्राधिकरण द्वारा धारित भवन की राशि रू. 25,50,000 थी। श्री कुमार को इस मामले में कर उपचार से संबंधित सलाद दें
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यदि एक व्यक्ति एक पूंजी परिसंपत्ति खरीदता है, एक अचल संपत्ति के तौर पर, और ऐसी संपत्ति की स्टांप ड्यूटी राशि वास्तविक प्रतिफल से रू. 50,000 अधिक और वास्तविक प्रतिफल का 10 प्रतिशत होती है तो खरीद मूल् पर अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी को खरीददार के हाथों कर हेतु वसूला जाएगा।
तत्काल मामले में, श्री कुमार के लिए बिल्डिंग एक पूंजी परिसंपत्ति है। हालांकि बिल्डिंग की स्टांप ड्यूटी राशि वास्तविक प्रतिफल से रू. 10, 000 अधिक है लेकिन 50,000 से कम है जो रू. 25,40,000 के वास्तविक प्रतिफल के 10 प्रतिशत से कम है यानी रू. 2,54,000
इसलिए, उक्त चर्चित प्रावधान लागू नहीं होंगे और रू. 10,000 (रू. 25,50,000 घटा रू. 25,40,000) की अंतरात्मक राशि को श्री कुमार की आय के तौर पर नहीं समझा जाएगा।
व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा उपहार के तौर पर प्राप्त चल संपत्ति का कर उपचार
यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति (बाद के भाग में अर्थ की चर्चा की गई) की राशि कर हेतु वसूलनीय होगी
1. निर्धारित चल संपत्ति बिना प्रतिफल (अर्थात् उपहार के तौर पर प्राप्त) के प्राप्त होती है
2. वर्ष के दौरान करदाता द्वारा प्राप्त ऐसी संपत्ति की कुल उचित बाजार कीमत रू. 50,000 ये अधिक हो
उक्त मामले में निर्धारित चल संपत्ति की उचित बाजार कीमत प्राप्तकर्ता की आय के तौर पर समझी जाएगी
निर्धारित चल सपंत्ति अर्थात् शेयर/प्रतिभूति, आभूषण, पुरातात्विक संग्रहण, रेखांकन, चित्रकला, मूर्तिकला अथवा कला तथा बुलियन संबंधी कोई कार्य, करदाता की पूंजीगत परिसंपत्ति के तौर पर और जिसमें वर्चुयल डिजिटल परिसंपत्ति (वीडीए) शामिल है।
उक्त परिभाषाओं पर विचार करते हुए कुछ भी उक्त परिभाषा के अंर्तगत आने वाली मद को छोड़कर चल संपत्ति के तौर पर किसी मद के उपहार के संबंध में कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा अर्थात उपहार के तौर पर प्राप्त टेलीविजन सेट, के संबंध में कर हेतु कुछ भी वसूलनीय नहीं होगा क्योंकि टेलीविजन सेट निर्धारित चल संपत्ति की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आता
जब निर्धारित चल संपत्ति बिना प्रतिफल के प्राप्त की जाती है अर्थात् व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा उपहार के तौर पर प्राप्त की जाती है तो कर हेतु वसूलनीय नहीं होते
निम्नलिखित मामले में बिना प्रतिफल के प्राप्त चल संपत्ति के मामले में कुछ भी कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा यदि :
क. रिश्तेदारों से प्राप्त
निम्नलिखित व्यक्तियों को रिश्तेदारों के तौर पर समझा जाएगा :
व्यक्तियों की स्थिति में
(क) व्यक्ति का जीवनसाथी
(ख) व्यक्ति के भाई अथवा बहन
(ग) व्यक्ति के जीवनसाथी का भाई अथवा बहन
(घ) व्यक्ति के माता-पिता के भाई अथवा बहन
(ड) व्यक्ति का कोई भी ऊर्ध्वाधर पूर्वज (मातृ पक्ष या पितृ पक्ष दोनों) या वंशज;
(च) व्यक्ति के पति या पत्नी के किसी भी आरोही (मातृ एवं पितृ दोनों पक्षों से) या अवरोही वंशज;
(छ) (ख) से (च) में संदर्भित व्यक्ति का जीवनसाथी
एचयूएफ की स्थिति में, उसका कोई सदस्य
(क) व्यक्ति की शादी के अवसर पर प्राप्त राशि
(ख) पैतृक धन के रूप में/वसीयत के अंतर्गत प्राप्त राशि
(ग)अदाकर्त्ता अथवा दानकर्त्ता की मृत्यु के अवलोकन में प्राप्त राशि
(घ)स्थानीय प्राधिकरण से प्राप्त राशि जैसा अनुसूची III (नोट 6) में परिभाषित है
(ड) किसी पंजीकृत गैर-लाभकारी संगठन द्वारा या उससे प्राप्त धनराशि, जैसा कि धारा 355(छ) में परिभाषित किया गया है, सिवाय उस स्थिति के जब ऐसी धनराशि धारा 355(ज) में संदर्भित किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त की जाती है।
(च) धारा 70(1(क) (ग), (घ), (ङ), (च), (छ), (झ), (ञ), (ट), (ठ), (त), (थ), (द), (ध), (न), (प) या (फ) के अंतर्गत अंतरण न माने जाने वाले लेनदेन के माध्यम से प्राप्त धनराशि
(छ) किसी व्यक्ति के रिश्तेदार के एकमात्र लाभ के लिए बनाए गए या स्थापित किए गए न्यास द्वारा प्राप्त धनराशि
(ज) ऐसे वर्ग के व्यक्तियों से प्राप्त धनराशि और ऐसी शर्तों के अंतर्गत, जो निर्धारित किया जा सके।
उदाहरण
वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान श्री राजा अपने मित्रों/रिश्तेदारों से निम्नलिखित उपहार प्राप्त करते हैं
• अपने पिता से प्राप्त शेयर उपहार की तिथि पर शेयर की उचित बाजार कीमत (अर्थात् स्टॉक एक्सचेंज के अनुसार कीमत) रू. 2,84,000 थी
• अपने मित्र से प्राप्त आभूषण, आभूषण की उचित बाजार कीमत रू. 84,000 है
• अपनी शादी के अवसर पर रिश्तेदारों तथा अपने मित्रों से प्राप्त आभूषण, आभूषण की उचित बाजार कीमत रू. 2,52,000 है
• श्री राजा को उक्त उपहार के कर उपचार से संबंधित सलाह
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यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति (पहले के भाग में अर्थ की चर्चा की गई) की राशि कर हेतु वसूलनीय होगी
1. निर्धारित चल संपत्ति बिना प्रतिफल (अर्थात् उपहार के तौर पर प्राप्त) के प्राप्त होती है
2. वर्ष के दौरान करदाता द्वारा प्राप्त ऐसी संपत्ति की कुल उचित बाजार कीमत रू. 50,000 ये अधिक हो
उक्त मामले में निर्धारित चल संपत्ति की उचित बाजार कीमत प्राप्तकर्ता की आय के तौर पर समझी जाएगी
उक्त प्रावधान कुछ निर्दिष्ट अवसरों पर प्राप्त अथवा रिश्तेदारों से प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति की स्थिति में लागू नहीं होंगे
उपर्युक्त प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए, श्री राजा द्वारा अर्जित विभिन्न मदों का कर उपचार निम्नानुसार होगा:
1. अपने पिता से प्राप्त शेयरों के संबंध में कर हेतु कुछ भी वसूलनीय नहीं होगा क्योंकि पिता 'रिश्तेदारों' की परिभाषा के अंतर्गत आता है
2. मित्र रिश्तेदार की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आते तथा इसलिए अपने मित्र द्वारा प्राप्त आभूषण के संबंध में उचित बाजार मूल्य कीमत अर्थात् रू. 84,000 श्री राजा के हाथों कर हेतु वसूलनीय होगी
3. शादी निर्दिष्ट अवसरों की सूची में शामिल होगी तथा इसलिए अपने विवाह के अवसर पर अपने मित्रों तथा रिश्तेदारों से प्राप्त आभूषण के संबंध में कर हेतु कुछ भी वसूलनीय नहीं होगा
उदाहरण
एक व्यक्ति अपने मित्रों से आभूषण का उपहार प्राप्त करता है। वर्ष के दौरान अपने सभी मित्रों से प्राप्त आभूषण की कुल राशि रू. 84,000 है। इस मामलें में उपहार के कर उपचार क्या होगा?
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यदि वर्ष के दौरान बिना प्रतिफल किए व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति की कुल बाजार कीमत रू. 50,000 से अधिक है तो विचार किए बिना वर्ष के दौरान प्राप्त ऐसी संपत्ति की कुल कीमत कर हेतु वसूलनीय होगी। इस मामले में वर्ष के दौरान प्राप्त आभूषण की कुल राशि रू. 50,000 ये अधिक है तथा इसलिए रू. 84,000 कर हेतु वसूलनीय होगी
करदेयता जब निर्धारित चल संपत्ति इसकी उचित बाजार कीमत से कम के लिए व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त की जाती है
यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति (पहले के भाग में अर्थ की चर्चा की गई) कर हेतु वसूलनीय होगी
1. निर्धारित चल संपत्ति व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा धारित है
2. वर्ष के दौरान करदाता द्वारा धारित ऐसी संपत्ति की कुल उचित बाजार कीमत इन संपत्तियों के लिए भुगतेय प्रतिफल से रू. 50,000 अधिक हो अन्य शब्दों में ऐसी सभी संपत्तियों की उचित बाजार कीमत का कुल भुगतित प्रतिफल से अधिक हो तथा अंतर रू. 50,000 से अधिक हो
निर्धारित चल संपत्ति (पूर्व चर्चितानुसार) की परिभाषा पर विचार करते हुए कुछ भी किसी मद के उपहार के संबंध में कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा, उक्त परिभाषा के अंतर्गत आने वाली संपत्ति को छोड़कर चल संपत्ति होने के नाते अर्थात् उपहार के तौर पर प्राप्त टेलीविजन सेट के संबंध में कर हेतु कुछ भी वसूला नहीं जाएगा क्योंकि टेलीविजन सेट निर्धारित चल संपत्ति की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आता
जब किसी व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार को निर्धारित चल संपत्ति उसके उचित बाजार मूल्य से कम मूल्य पर प्राप्त होती है, तो उस पर कर नहीं लगाया जाता है
निम्नलिखित मामलों में, निर्धारित चल संपत्ति उसके उचित बाजार मूल्य से कम मूल्य पर प्राप्त होती है, तो उसके संबंध में कोई राशि कर के लिए प्रभारित नहीं की जाएगी यदि ऐसी चल संपत्ति:
क. रिश्तेदारों से प्राप्त हुई
निम्नलिखित व्यक्तियों को रिश्तेदारों के तौर पर समझा जाएगा :
व्यक्तियों की स्थिति में
(क) व्यक्ति का जीवनसाथी
(ख) व्यक्ति के भाई अथवा बहन
(ग) व्यक्ति के जीवनसाथी का भाई अथवा बहन
(घ) व्यक्ति के माता-पिता के भाई अथवा बहन
(ड) व्यक्ति का कोई भी ऊर्ध्वाधर पूर्वज (मातृ पक्ष या पितृ पक्ष दोनों) या वंशज;
(च) व्यक्ति के पति या पत्नी के किसी भी आरोही (मातृ एवं पितृ दोनों पक्षों से) या अवरोही वंशज;
(छ) (ख) से (च) में संदर्भित व्यक्ति का जीवनसाथी
एचयूएफ की स्थिति में, उसका कोई सदस्य
(क) व्यक्ति की शादी के अवसर पर प्राप्त राशि
(ख) पैतृक धन के रूप में/वसीयत के अंतर्गत प्राप्त राशि
(ग)अदाकर्त्ता अथवा दानकर्त्ता की मृत्यु के अवलोकन में प्राप्त राशि
(घ)स्थानीय प्राधिकरण से प्राप्त राशि जैसा अनुसूची III (नोट 6) में परिभाषित है
(ड) किसी पंजीकृत गैर-लाभकारी संगठन द्वारा या उससे प्राप्त धनराशि, जैसा कि धारा 355(छ) में परिभाषित किया गया है, सिवाय उस स्थिति के जब ऐसी धनराशि धारा 355(ज) में संदर्भित किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त की जाती है।
(च) धारा 70(1(क) (ग), (घ), (ङ), (च), (छ), (झ), (ञ), (ट), (ठ), (त), (थ), (द), (ध), (न), (प) या (फ) के अंतर्गत अंतरण न माने जाने वाले लेनदेन के माध्यम से प्राप्त धनराशि
(छ) किसी व्यक्ति के रिश्तेदार के एकमात्र लाभ के लिए बनाए गए या स्थापित किए गए न्यास द्वारा प्राप्त धनराशि
(ज) ऐसे वर्ग के व्यक्तियों से प्राप्त धनराशि और ऐसी शर्तों के अंतर्गत, जो निर्धारित किया जा सके।
उदाहरण
वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान, श्री राजा ने निम्नलिखित पूंजीगत परिसंपत्ति खरीदी
1 रू. 1,84,000 के लिए खरीदे गए स्वर्ण आभूषण, स्वर्ण आभूषण की उचित बाजार कीमत रू. 2,84,000 है
2 रू. 5,50,000 के लिए खरीदे गए बुलियन, बुलियन की उचित बाजार कीमत रू. 6,00,000 है
3 रू. 1,52,000 के लिए खरीदी गई मोटर कार, कार की उचित बाजार कीमत रू. 2,52,000 है। उसे उसके द्वारा अर्जित उपर्युक्त मदों के कर उपचार के संबंध में परामर्श दें।
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व्यक्ति/एचयूएफ द्वारा इसकी उचित बाजार कीमत से कम हेतु धारित कोई निर्धारित चल संपत्ति (अर्थ की पहले चर्चा की गई है) कर हेतु वसूलनीय होगी यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है
1. निर्धारित चल संपत्ति व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा धारित की जाती है
2. वर्ष के दौरान करदाता द्वारा धारित ऐसी संपत्ति की कुल उचित बाजार कीमत इन संपत्तियों के लिए भुगतेय प्रतिफल से रू. 50,000 अधिक हो। अन्य शब्दों में ऐसी सभी संपत्तियों की उचित बाजार कीमत का कुल भुगतित प्रतिफल से अधिक हो तथा अंतर रू. 50,000 से अधिक हो
उक्त चर्चित प्रावधान कुछ निर्दिष्ट अवसरों पर प्राप्त तथा रिश्तेदारों से प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति की स्थिति में लागू नहीं होगा
उक्त प्रावधानों पर विचार करते हुए श्री राजा द्वारा धारित विभिन्न मदों का कर उपचार निम्नानुसार होगा
• स्वर्ण आभूषण तथा बुलियन निर्दिष्ट चल संपत्ति की परिभाषा के अंतर्गत आते है। स्वर्ण आभूषण की उचित बाजार कीमत रू. 2,84,000 है तथा बुलियन की रू. 6,00,000 है। स्वर्ण आभूषण का क्रय मूल्य रू. 1,84,000 है तथा उसके बुलियन की रू. 5,50,000। यह महसूस किया जा सकता है कि धारित की गई दोनों संपत्तियां इसकी बाजार कीमत से कम है
क्रय की कीमत पर उचित बाजार कीमत का शेष रू. 1,50,000 (स्वर्ण आभूषण के लिए 1,00,000 तथा बुलियन के लिए रू. 50,000) होगी जोकि रू. 50,000 से अधिक है। इसलिए क्रय कीमत पर उचित बाजार का संपूर्ण शेष अर्थात् रू. 1,50,000 श्री राजा के हाथों कर हेतु वसूलनीय होगा। यह "अन्य स्त्रोतों से आय" शीर्षक के अंतर्गत कर हेतु वसूलनीय होगा।
• मोटर कार निर्धारित चल सपंत्ति की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आती। इसलिए मोटर कार की खरीद के संबंध में कुछ भी करयोग्यनीय नहीं होगा
उदाहरण
01-04-2026 को श्री कुमार ने रू. 84,000 के लिए श्री राजा से शेयर खरीदे। शेयर की उचित बाजार कीमत अर्थात् स्टॉक एक्सचेंज में उद्धृत मूल्य के अनुसार कीमत रू. 1,00,000 है। आगे 01-07-2026 को रू. 25,200 के लिए उन्होंने श्री राजकुमार से स्वर्ण आभूषण लिए। आभूषण की उचित बाजार कीमत रू. 50,400 है। श्री कुमार उनके द्वारा खरीदी गई उक्त मदों के संबंध में उत्पन्न कर परिणामों के संबंध में भ्रमित है। इस संबंध में उन्हें सलाह दें
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व्यक्ति/एचयूएफ द्वारा इसकी उचित बाजार कीमत से कम हेतु धारित कोई निर्धारित चल संपत्ति (अर्थ की पहले चर्चा की गई है) कर हेतु वसूलनीय होगी यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है
1. निर्धारित चल संपत्ति व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा धारित की जाती है
2. वर्ष के दौरान करदाता द्वारा धारित ऐसी संपत्ति की कुल उचित बाजार कीमत इन संपत्तियों के लिए भुगतेय प्रतिफल से रू. 50,000 अधिक हो। अन्य शब्दों में ऐसी सभी संपत्तियों की उचित बाजार कीमत का कुल भुगतित प्रतिफल से अधिक हो तथा अंतर रू. 50,000 से अधिक हो
उक्त चर्चित प्रावधान कुछ निर्दिष्ट अवसरों पर प्राप्त तथा रिश्तेदारों से प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति की स्थिति में लागू नहीं होगा
उक्त प्रावधानों पर विचार करते हुए श्री कुमार द्वारा धारित विभिन्न मदों का कर उपचार निम्नानुसार होगा
• शेयर की उचित बाजार कीमत रू. 1,00,000 है तथा शेयर रू. 84,000 के लिए धारित किए गए है इसलिए क्रय कीमत पर अतिरिक्त उचित बाजार कीमत रू. 16,000 होगी
• आभूषण की उचित बाजार कीमत रू. 50,400 है तथा यह रू. 25,200 के लिए धारित किया गया है इसलिए क्रय मूल्य पर अतिरिक्त उचित बाजार कीमत रू. 25,200 होगी
क्रय राशि पर उचित बाजार कीमत का कुल अतिरिक्त रू. 41,200 है (शेयर के लिए रू. 16,000 + आभूषण के लिए रू. 25,200) जो रू. 50,000 से कम है तथा इसलिए श्री कुमार के हाथो कर हेतु कुछ भी प्रभारित नहीं होगा
मान लीजिए, यदि दिए गए मामले में, शेयर की उचित बाजार कीमत रू. 1,84,000 के स्थान पर रू. 1,00,000 हो तो शेयर तथा स्वर्ण आभूषण की उचित बाजार कीमत का कुल अतिरिक्त रू. 1,25,200 होगी (रू. 1,00,000 शेयर की अतिरिक्त उचित बाजार कीमत + रू. 25,200 स्वर्ण आभूषण की अतिरिक्त बाजार कीमत)। क्रय मूल्य पर उचित बाजार कीमत का अतिरिक्त रू. 50,000 से अधिक है तथा इसलिए रू. 1,25,200 का संपूर्ण अतिरिक्त अन्य स्त्रोतों से आय के अनुसार कर हेतु प्रभारित होगा
व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त उपहारों के कर उपचार पर एमसीक्यू
प्रश्न 1. प्रतिफल के बिना व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त राशि, जिसकी कुल कीमत वर्ष के दौरान .....................से अधिक हो करयोग्य होगी
(क) रू. 10,000
(ख) रू. 25,000
(ग) रू. 50,000
(घ) रू. 1,00,000
सही उत्तर : (ग)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
यदि निम्नलिखित शर्तें पूर्ण की जाती है तो व्यक्ति/एचयूएफ द्वारा प्रतिफल (अर्थात् मौद्रिक उपहार नगद, चेक, ड्राफ्ट आदि के रूप में प्राप्त किया जा सकता है) के बिना प्राप्त किसी भी राशि कर हेतु वसूलनीय होगी
• प्रतिफल के बिना प्राप्त राशि
• वर्ष के दौरान प्राप्त राशि की ऐसी कीमत की कुल राशि रू. 50,000 से अधिक हो
इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है
प्रश्न 2. व्यक्ति के जीवनसाथी के भाई व बहन से प्राप्त राशि व्यक्ति के हाथों कर हेतु वसूल नहीं होगा
(क) सही
(ख) गलत
सही उत्तर : (क)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
रिश्तेदारों से प्राप्त राशि व्यक्ति अथवा एचयूएफ के हाथों कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा। संबंधितों की परिभाषा के अनुसार व्यक्ति के जीवनसाथी का भाई अथवा बहन व्यक्ति के रिश्तेदार के तौर पर समझा जाएगा। इसलिए व्यक्ति के जीवनसाथी के भाई व बहन से प्राप्त राशि व्यक्ति के हाथों कर हेतु वसूल नहीं होगा
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण सही है इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है
प्रश्न 3. अपने सदस्यों से एचयूएफ द्वारा प्राप्त राशि एचयूएफ के हाथों कर हेतु वसूलनीय होगा क्योंकि सदस्य एचयूएफ के संबंधितों के तौर पर नहीं समझे जा सकते
(क) सही
(ख) गलत
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
रिश्तेदारों की परिभाषा के अनुसार, एचयूएफ के सदस्य एचयूएफ के रिश्तेदार के तौर पर समझे जाऐंगे तथा संबंधितों से प्राप्त राशि कर हेतु वसूलनीय नहीं होगी। इसलिए अपने सदस्यों द्वारा एक एचयूएफ के राशि प्राप्त करने पर एचयूएफ के हाथों कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है
प्रश्न 4. वर्ष के दौरान प्राप्त उपहार की कुल कीमत रू. 50,000 से अधिक होती है तो वर्ष के दौरान प्राप्त.......................कर हेतु वसूलनीय होगा
(क) उपहार की कीमत रू. 50,000 से अधिक हो
(ख) उपहार की कीमत रू. 50,000 तक हो
(ग) ऐसे सभी उपहारों की कुल कीमत
(घ) उपहारों की कीमत रू. 25,000 तक
सही उत्तर : (ग)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
वर्ष के दौरान प्राप्त उपहार की कुल कीमत रू. 50,000 से अधिक होती है तो वर्ष के दौरान प्राप्त ऐसे सभी उपहारों की कुल कीमत कर हेतु वसूलनीय होगा (अर्थात् उपहारों की कुल कीमत तथा रू. 50,000 का अतिरिक्त राशि नहीं)
इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है
प्रश्न 5. प्रतिफल (अर्थात् उपहार के तौर पर) बिना व्यक्ति द्वारा प्राप्त अचल संपत्ति का स्टांप ड्यूटी शुल्क कर हेतु वसूलनीय होगा यदि यह .................... से अधिक हो
(क) रू. 5,000
(ख) रू. 25,000
(ग) रू. 50,000
(घ) रू. 51,000
सही उत्तर : (ग)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्रतिफल बिना प्राप्त अचल संपत्ति कर हेतु वसूलनीय होगा
1. अचल संपत्ति, भूमि अथवा भवन अथवा दोनों के तौर पर, व्यक्ति/एचयूएफ द्वारा प्राप्त हो
2. प्रतिफल के बिना प्राप्त ऐसी अचल संपत्ति की स्टॉप ड्यूटी कीमत रू. 50,000 से अधिक हो
इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है
प्रश्न 6. व्यक्ति द्वारा उसके विवाह पर बिना प्रतिफल प्राप्त अचल संपत्ति व्यक्ति के हाथों कर हेतु हमेशा वसूलनीय होगा
(क) सही '
(ख) गलत
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
व्यक्ति के विवाह के अवसर पर प्राप्त उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है
प्रश्न 7. यदि एक अचल संपत्ति एक प्रतिफल के लिए एक व्यक्ति द्वारा प्राप्त की जाती है जो स्टांप ड्यूटी से कम है और अंतर रू. 50,000 से और वास्तविक प्रतिलफ का 10 प्रतिशत से अधिक होता है तो संपत्ति के खरीद मूल्य पर स्टांप ड्यूटी की राशि को विक्रेता की आय के तौर पर समझी जाएगी।
(क) सही
(ख) गलत
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
यदि एक अचल संपत्ति एक प्रतिफल के लिए एक व्यक्ति द्वारा प्राप्त की जाती है जो स्टांप ड्यूटी से कम है और अंतर रू. 50,000 से और वास्तविक प्रतिलफ का 10 प्रतिशत से अधिक होता है तो संपत्ति के खरीद मूल्य पर स्टांप ड्यूटी की राशि को विक्रेता की आय के तौर पर समझी जाएगी।
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है
प्रश्न 8. व्यक्ति द्वारा अपने मित्र से उपहार के तौर पर मोटर कार (उचित बाजार कीमत रू. 84,000 है) प्राप्त करने पर वह कर हेतु वसूलनीय होगा क्योंकि उचित बाजार कीमत रू. 50,000 से अधिक है
(क) सही
(ख) गलत
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
मोटर कार निर्धारित चल संपत्ति की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आता इसलिए अपने मित्र द्वारा व्यक्ति के मोटर कार प्राप्त करने की स्थिति में कुछ भी कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा चाहे उचित बाजार कीमत रू. 50,000 से अधिक हो
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है
प्रश्न 9. यदि वर्ष के दौरान करदाता द्वारा प्राप्त निर्धारित चल सपंत्ति की कुल उचित बाजार कीमत रू. 50,000 से अधिक हो तो....................... कर हेतु वसूलनीय होगा
1. उचित बाजार कीमत रू. 50,000 तक हो
2. उचित बाजार कीमत रू. 50,000 से अधिक हो
3. संपूर्ण उचित बाजार कीमत
4. उचित बाजार कीमत रू. 25,000 तक हो
सही उत्तर : (ग)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
यदि वर्ष के दौरान करदाता द्वारा प्राप्त निर्धारित चल सपंत्ति की कुल उचित बाजार कीमत रू. 50,000 से अधिक हो तो संपूर्ण उचित बाजार कीमत कर हेतु वसूलनीय होगा
इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है
प्रश्न 10. स्थानीय प्राधिकरण [जैसा कि आयकर अधिनियम की अनुसूची III, सारणी: क्रम संख्या 22 के अंतर्गत परिभाषित है] से प्राप्त चल संपत्ति का उपहार सदैव कर के लिए प्रभारित किया जाएगा।
(क) सही (ख) गलत
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
स्थानीय प्राधिकरण [जैसा कि आयकर अधिनियम की अनुसूची III, टिप्पणी 6 में परिभाषित है] से प्राप्त चल संपत्ति का उपहार किसी व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार के हाथों कभी भी कर के लिए प्रभारित नहीं किया जाएगा।
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

