आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 9क

भारत में कारबार संबंध गठित न करने वाले क्रियाकलाप

धारा

धारा संख्या

9क

अध्याय शीर्षक

अध्याय II - कार्यभार के आधार

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2024 (सं.1)

भारत में कारबार संबंध गठित न करने वाले क्रियाकलाप

भारत में कारबार संबंध गठित न करने वाले क्रियाकलाप

भारत में कारबार संबंध गठित न करने वाले क्रियाकलाप

9क. (1) धारा 9 की उपधारा (1) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी और इस धारा के उपबंधों के अधीन रहते हुए पात्र विनिधान निधि की दशा में, ऐसी निधि की ओर से कार्य करने वाले किसी पात्र निधि प्रबंधक द्वारा किए गए निधि प्रबंधन क्रियाकलाप से उक्त निधि का भारत में कारबार संबंध गठित नहीं होगा।

(2) धारा 6 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी किसी पात्र विनिधान निधि को, केवल इस कारण से कि उसकी ओर से निधि प्रबंधन क्रियाकलाप करने वाला पात्र निधि प्रबंधक भारत में स्थित है, उस धारा के प्रयोजनों के लिए भारत में निवासी नहीं कहा जाएगा।

(3) उपधारा (1) में निर्दिष्ट पात्र विनिधान निधि से ऐसी निधि अभिप्रेत है जो भारत के बाहर स्थापित या निगमित या रजिस्ट्रीकृत है, जो अपने सदस्यों के फायदे के लिए विनिधान करने हेतु इसे अपने सदस्यों से एकत्रित करती है और निम्नलिखित शर्तें पूरी करती है, अर्थात् :—

() निधि भारत में निवासी व्यक्ति नहीं है;

() निधि ऐसे किसी देश या किसी विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र की निवासी है जिसके साथ धारा 90 की उपधारा (1) या धारा 90क की उपधारा (1) में निर्दिष्ट करार किया गया है या इस निमित्त केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित किसी देश या विनिर्दिष्ट किसी राज्यक्षेत्र में स्थापित या निगमित या रजिस्ट्रीकृत किया गया है;

() भारत में निवासी व्यक्तियों द्वारा, प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत: निधि में संकलित भागीदारी या विनिधान समग्र निधि के पांच प्रतिशत से अधिक नहीं होता है;

6कक[परंतु निधि में उक्त संकलित सहभागिता या विनिधान की संगणना के प्रयोजन के लिए, निधि के प्रचालन के पहले तीन वर्ष के दौरान पात्र निधि प्रबंधक द्वारा किए गए पच्चीस करोड़ रुपए से अनाधिक के किसी अभिदाय को, निधि में उक्त हिसाब में नहीं लिया जाएगा]

() निधि और इसके क्रियाकलाप, उस देश या विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र में जहां वह स्थापित या निगमित या निवासी है, लागू विनिधानकर्ता संरक्षण विनियमों के अध्यधीन हैं;

() निधि में कम से कम पच्चीस सदस्य हैं जो प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत: संबधित व्यक्ति नहीं हैं;

() संबद्ध व्यक्तियों सहित निधि का कोई भी सदस्य, निधि के दस प्रतिशत से अधिक होने पर, प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत: भागीदारी हित नहीं रखेगा;

() निधि में संबद्ध सदस्यों के साथ दस या कम सदस्यों का प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत: संकलित भागीदारी हित पचास प्रतिशत से कम होगा;

() निधि में किसी सत्ता में के समग्र के बीस प्रतिशत से अधिक विनिधान नहीं करेगी;

() निधि द्वारा उसकी संगम सत्ता में कोई विनिधान नहीं किया जाएगा;

() निधि के समग्र का मासिक औसत एक अरब रुपए से कम नहीं होगा:

परंतु यदि निधि पूर्ववर्ष में स्थापित या निगमित की गई है तो निधि का समग्र, 7क[7कक[इसके स्थापित या निगमित किऐ जाने के मास के अंत से बारह मास की अवधि के अंत मे] या ऐसे पूर्ववर्ष के अंत में जो भी पश्चात्वर्ती हो ] एक अरब रुपए से कम नहीं होगा:

8[परंतु यह और कि इस खंड में अंतर्विष्ट कोई बात किसी ऐसी निधि को लागू नहीं होगी जिसका परिसमापन पूर्ववर्ष में हो गया था;]

() निधि, प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत: भारत में कोई कारबार नहीं करेगी या उसे नियंत्रित या प्रबंधित नहीं करेगी;

() निधि न तो किसी ऐसे क्रियाकलाप में लगेगी जो भारत में कारबारी संबंध बनाए और न ही किसी व्यक्ति को, जिसका उसकी ओर से पात्र निधि प्रबंधक द्वारा किए गए क्रियाकलापों से भिन्न भारत में कारबार संबंध हो, अपनी ओर से कार्य कराएगा;

() पात्र निधि प्रबंधक को, उसके द्वारा किए गए निधि प्रबंधन क्रियाकलापों की बाबत निधि द्वारा संदत्त पारिश्रमिक 8क[ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, संगणित रकम] से कम नहीं होगा:

परंतु खंड (), खंड () और खंड () में विनिर्दिष्ट शर्तें किसी विदेशी राज्य की सरकार या सेंट्रल बैंक द्वारा गठित विनिधान निधि या किसी प्रभुत्वधारी निधि या ऐसी अन्य निधि को, जो केंद्रीय सरकार की शर्तों, यदि कोई हों, के अधीन रहते हुए राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस निमित विनिर्दिष्ट करे, लागू नहीं होंगी।

(4) किसी पात्र विनिधान निधि के संबंध में पात्र निधि प्रबंधक से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो निधि प्रबंध के क्रियाकलापों में लगा हुआ है और निम्नलिखित शर्तों को पूरा करता है, अर्थात्:—

() व्यक्ति, पात्र विनिधान निधि या निधि के संबद्ध व्यक्ति का कर्मचारी नहीं है;

() व्यक्ति विनिर्दिष्ट विनियमों के अनुसार निधि प्रबंधक या विनिधान सलाहकार के रूप में रजिस्ट्रीकृत है;

() व्यक्ति निधि प्रबंधक के रूप में कामकाज सामान्य अनुक्रम में कार्य कर रहा है;

() व्यक्ति अपने से संबद्ध व्यक्तियों के साथ प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत: निधि प्रबंधक के माध्यम से निधि द्वारा किए जा रहे संव्यवहारों से पात्र विनिधान को प्रोद्भूत या उद्भूत लाभों के बीस प्रतिशत से अधिक के लिए हकदार नहीं होगा।

(5) प्रत्येक पात्र विनिधान निधि, किसी वित्तीय वर्ष में अपने क्रियाकलापों के संबंध में, विहित प्ररूप में एक विवरण, विहित आय-कर प्राधिकारी को प्रस्तुत करेगा जिसमें इस धारा में विनिर्दिष्ट शर्तों को पूरा करने के संबंध में सूचना अंतर्विष्ट होगी और ऐसी अन्य सुसंगत सूचना या दस्तावेज उपलब्ध कराएगा जो विहित की जाए।

(6) इस धारा में अंतर्विष्ट कोई बात, पात्र विनिधान निधि की कुल आय से किसी ऐसी आय को अपवर्जित करने में लागू नहीं होगी, जिसे इस पर विचार किए बिना सम्मिलित किया जाता कि क्या पात्र निधि प्रबंधक के क्रियाकलाप ऐसी निधि का भारत में कारबारी संबंध हैं या नहीं।

(7) इस धारा में अंतर्विष्ट कोई बात, पात्र निधि प्रबंधक की दशा में कुल आय या कुल आय के अवधारण के कार्यक्षेत्र को प्रभावित नहीं करेगी।

(8) इस धारा के उपबंध ऐसे मार्गदर्शक सिद्धान्तों के अनुसार और ऐसी रीति से लागू होंगे, जो बोर्ड इस निमित, विहित करे।

8कक[(8क) केंद्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा यह विनिर्दिष्ट कर सकेगी कि उपधारा (3) के खंड (क) से खंड (ड़) या उपधारा (4) के खंड (क) से खंड (घ) में विनिर्दिष्ट शर्तों में से एक या अधिक शर्त किसी पात्र विनिधान निधि को और उसके पात्र निधि प्रबंधक को उस समय लागू नहीं होगी या ऐसे उपांतरणों के साथ लागू होगी, जिन्हें ऐसी अधिसूचना में विनिर्दिष्ट किया जाए, यदि ऐसा पात्र निधि प्रबंधक धारा 80ठक के स्पष्टीकरण के खंड (क) में यथा परिभाषित अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में अवस्थित है और जिसने 31 मार्च, 2024 को या उसके पूर्व प्रचालन आरंभ किया है।]

(9) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,

() "सहयोजित" से ऐसी सत्ता अभिप्रेत है जिसमें विनिधान निधि का निदेशक या न्यासी या भागीदार या सदस्य या निधि प्रबंधक या ऐसी निधि के निधि प्रबंधक का निदेशक या न्यासी या भागीदार या सदस्य, व्यष्टिक रूप से या संयुक्त रूप से कोई शेयर या हित धारित करता है जो इसकी, यथास्थिति, शेयर पूंजी या हित के पन्द्रह प्रतिशत से अधिक है;

() "संबद्ध व्यक्ति" का वही अर्थ है जो धारा 102 के खंड (4) में उसका है;

() "समग्र" से पात्र विनिधान निधि द्वारा विनिधान के प्रयोजन के लिए किसी विशिष्ट तारीख को जुटाई गई निधि की कुल रकम अभिप्रेत है;

() "सत्ता" से ऐसी सत्ता अभिप्रेत है जिसमें कोई पात्र विनिधान निधि विनिधान करती है;

() "विनिर्दिष्ट विनियमों" से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (संविभाग प्रबंधक) विनियम, 1993 या भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (विनिधान सलाहकार) विनियम, 2013 या भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) के अधीन बनाए गए ऐसे अन्य विनियम अभिप्रेत हैं जो इस खंड के अधीन केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाएं।


6कक. वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा 1.4.2020 से अंत:स्थापित।

7क. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा 1.4.2019 से "ऐसे पूर्ववर्ष के अंत मे" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

7कक. वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा 1.4.2020 से “इसके स्थापित या नियमित किए जाने के मास के अंत से छह मास की अवधि के अंत में या ऐसे पूर्ववर्ष के अंत में” शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

8. वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा भूतलक्षी प्रभाव से 1.4.2016 से अंत:स्थापित।

8क. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा 1.4.2019 से "उक्त क्रियाकलाप की सन्निकट कीमत" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

8कक. वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा 1.4.2022 से अंतःस्थापित।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित रूप में]

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