विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार का अर्थ
विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार का अर्थ
92खक. इस धारा और धारा 92, धारा 92ग, धारा 92घ और धारा 92ड़ के प्रयोजनों के लिए, किसी निर्धारिती की दशा में, "विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार" से, निम्नलिखित ऐसे संव्यवहारों में से कोर्इ संव्यवहार, जो अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार न हो, अभिप्रेत हैं, अर्थात् :–
(i) 9[***]
(ii) धारा 80क में निर्दिष्ट कोर्इ संव्यवहार;
(iii) धारा 80झक की उपधारा (8) में निर्दिष्ट माल या सेवाओं का कोर्इ अंतरण;
(iv) धारा 80झक की उपधारा (10) में यथानिर्दिष्ट निर्धारिती और अन्य व्यक्ति के बीच किया गया कोर्इ कारबार;
(v) अध्याय 6क के अधीन किसी अन्य धारा या धारा 10कक में निर्दिष्ट कोर्इ संव्यवहार, जिसे धारा 80झक की उपधारा (8) या उपधारा (10) के उपबंध लागू होते हैं; या
कराधान विधि (संशोधन) अध्यादेश, 2019 द्वारा 1-4-2020 से धारा 92खक के खंड (v) के पश्चात् खंड (vक) अंत:स्थापित किया जाएगा।
(vक) धारा 115खकख की उपधारा (4) में निर्दिष्ट व्यक्तियों के बीच किया गया कोर्इ कारबार;
(vi) कोर्इ अन्य संव्यवहार, जो विहित किया जाए,
और जहां निर्धारिती द्वारा पूर्ववर्ष में किए गए ऐसे संव्यवहारों की कुल राशि बीस करोड़ रुपए से अधिक हो जाती है।
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

