उस दशा में राहत जिसमें वेतन आदि का भुगतान बकाया या अग्रिम के रूप में किया जाता है
ख.–आय-कर राहत
उस दशा में राहत जिसमें वेतन आदि का भुगतान बकाया या अग्रिम के रूप में किया जाता है
89. जहां कोर्इ निर्धारित वेतन के रूप में ऐसी कोर्इ राशि प्राप्त करता है, जिसका संदाय बकाया या अग्रिम के रूप में किया जाता है, या किसी एक वित्तीय वर्ष में बारह मास से अधिक के लिए वेतन या ऐसा संदाय प्राप्त करता है, जो धारा 17 के खंड (3) के उपबंधों के अधीन वेतन के बदले में लाभ है या धारा 57 के खंड (iiक) के स्पष्टीकरण में परिभाषित कुटुंब पेंशन के रूप में कोर्इ राशि प्राप्त करता है, जिसका संदाय बकाया के रूप में किया जाता है, जिसके कारण उसकी कुल आय उस दर से उच्चतर दर पर निर्धारित की जाती है, जिससे वह अन्यथा निर्धारित की जाती, वहां निर्धारण अधिकारी, उसे इस निमित्त किए गए आवेदन पर ऐसी राहत दे सकेगा, जो विहित की जाए:
परंतु ऐसी कोर्इ राहत निर्धारिती द्वारा, अपनी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या अपनी सेवा की समाप्ति पर, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की किसी स्कीम या स्कीमों या धारा 10 के खंड (10ग) के उपखंड (i) में निर्दिष्ट किसी पब्लिक सेक्टर कंपनी की दशा में स्वैच्छिक पृथक्करण की स्कीम के अनुसार प्राप्त की गर्इ या प्राप्य किसी रकम की बाबत प्रदान नहीं की जाएगी, यदि ऐसी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या अपनी सेवा की समाप्ति या स्वैच्छिक पृथक्करण पर प्राप्त या प्राप्य किसी रकम की बाबत ऐसी किसी छूट का निर्धारिती द्वारा ऐसे या किसी अन्य निर्धारण वर्ष की बाबत धारा 10 के खंड (10ग) के अधीन दावा किया गया है।
[वित्त अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित रूप में]

