आय-कर की संगणना करने में अनुज्ञात किया जाने वाला रिबेट
अध्याय 8
रिबेट और राहत
[क.–आय-कर पर रिबेट
आय-कर की संगणना करने में अनुज्ञात किया जाने वाला रिबेट
87. (1) किसी निर्धारिती की कुल आय पर उस आय-कर की रकम की संगणना करने में जो उस पर किसी निर्धारण वर्ष के लिए लग सकता है, आय-कर राशि में से (जो इस अध्याय के अधीन कटौती किए जाने के पूर्व संगणित की गर्इ है) धारा 87क, धारा 88, 88क, 88ख, 88ग, 88घ, और 88ड़ के उपबंधों के अनुसार और उनके अध्यधीन, उन धाराओं में विनिर्दिष्ट कटौतियां की जाएंगी।
(2) धारा 87क या धारा 88 या धारा 88क या धारा 88ख या धारा 88ग या धारा 80घ या धारा 80ड़ के अधीन कटौतियों की रकम का योग, किसी भी दशा में, निर्धारिती की कुल आय पर उस आय-कर की रकम से (जो इस अध्याय के अधीन कटौती दिए जाने के पूर्व निकाली गर्इ है), अधिक नहीं होगा जिससे वह किसी निर्धारण वर्ष के लिए प्रभार्य है।
[वित्त अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

