कतिपय दशाओं में आवास परियोजना से लाभों और अभिलाभों की बाबत कटौती
कतिपय दशाओं में आवास परियोजना से लाभों और अभिलाभों की बाबत कटौती
80जजखक. (1) जहां किसी निर्धारिती की, जो कोर्इ भारतीय कंपनी या (कंपनी से भिन्न) ऐसा व्यक्ति है जो भारत में निवासी है, सकल कुल आय, जिसमें ग्लोबल निविदा के आधार पर निर्धारिती को दी गर्इ किसी आवासीय परियोजना के निष्पादन से व्युत्पन्न कोर्इ लाभ और अभिलाभ भी हैं और ऐसी परियोजना विश्व बैंक द्वारा सहायता प्राप्त है, वहां इस धारा के उपबंधों के अनुसार और इसके अधीन रहते हुए, निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में ऐसे लाभों और अभिलाभों से–
(i) 1 अप्रैल, 2001 को आरंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए उसके चालीस प्रतिशत;
(ii) 1 अप्रैल, 2002 को आरंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए उसके तीस प्रतिशत;
(iii) 1 अप्रैल, 2003 को आरंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए उसके बीस प्रतिशत;
(iv) 1 अप्रैल, 2004 को आरंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए उसके दस प्रतिशत,
के बराबर रकम की कटौती अनुज्ञात की जाएगी और 1 अप्रैल, 2005 को आरंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष और किसी पश्चात्वर्ती निर्धारण वर्ष की बाबत कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।
(2) इस धारा के अधीन कटौतियां केवल तभी अनुज्ञात की जाएंगी जब निम्नलिखित शर्तें पूरी हो जाती है, अर्थात् :–
(i) निर्धारिती उसके द्वारा ली गर्इ आवास परियोजना के निष्पादन के कारबार से व्युत्पन्न लाभों और अभिलाभों की बाबत पृथक् लेखा रखता है और जहां निर्धारिती किसी भारतीय कंपनी या किसी सहकारी सोसाइटी से भिन्न कोर्इ व्यक्ति है वहां ऐसे लेखाओं की संपरीक्षा उस रूप में धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे स्पष्टीकरण में परिभाषित है किसी लेखापाल द्वारा की गर्इ है और निर्धारिती ऐसे लेखापाल सम्यक्त: हस्ताक्षरित और सत्यापित ऐसी संपरीक्षा की रिपोर्ट विहित फार्म में आय की विवरणी के साथ प्रस्तुत करता है;
(ii) ऐसे लाभों और अभिलाभों के ऐसे प्रतिशत, जो उपधारा (1) में सुसंगत निर्धारण वर्ष के संबंध में निर्दिष्ट है के बराबर रकम उस पूर्ववर्ष के लाभ और हानि खाते में नामे डाली जाती है जिसकी बाबत इस धारा के अधीन कटौती अनुज्ञात की जाती है और कारबार के प्रयोजनों के लिए ठीक बाद के पांच वर्ष की कालावधि के दौरान निर्धारिती द्वारा लाभांश या लाभ के रूप में वितरण किए जाने से भिन्न प्रयोजनों के लिए उपयोग किए जाने वाले रिजर्व खाते में (जिसे ''आवासीय परियोजना रिजर्व खाता'' कहा जाएगा), जमा की जाती है:
परन्तु जहां निर्धारिती द्वारा खंड (ii) के अनुसरण में आवासीय परियोजना रिजर्व खाते में जमा की गर्इ रकम या निर्धारिती द्वारा खंड (iii) के अनुसरण में भारत में लार्इ गर्इ रकम या उक्त रकमों में से प्रत्येक ऐसे लाभों और अभिलाभों के ऐसे प्रतिशत, जो उपधारा (1) में सुसंगत निर्धारण वर्ष के संबंध में निर्दिष्ट है से कम है वहां कटौती उस उपधारा के अधीन खंड (ii) के अनुसरण में इस प्रकार जमा की गर्इ रकम तक या खंड (iii) के अनुसरण में इस प्रकार भारत में लार्इ गर्इ रकम तक, इनमें से जो भी कम हो, सीमित होगी।
(3) यदि उस पूर्ववर्ष के अंत में, जिसमें उपधारा (1) के अधीन कटौती अनुज्ञात की जाती है, पांच वर्ष की समाप्ति से पहले किसी समय निर्धारिती आवासीय परियोजना रिजर्व खाते में जमा रकम को लाभांश या लाभ के रूप में वितरण के लिए या किसी ऐसे प्रयोजन के लिए, जो निर्धारिती के कारबार का प्रयोजन नहीं है, उपयोग में लाता है तो उपधारा (1) के अधीन मूलत: अनुज्ञात कटौती के बारे में यह समझा जाएगा कि वह गलती से अनुज्ञात की गर्इ है और निर्धारण अधिकारी इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी सुसंगत पूर्ववर्ष के लिए निर्धारिती की कुल आय पुन: संगणित कर सकेगा और आवश्यक संशोधन कर सकेगा तथा धारा 154 के उपबंध जहां तक हो सके उसको लागू होंगे और उस धारा की उपधारा (7) में विनिर्दिष्ट चार वर्ष की अवधि उस पूर्ववर्ष के अंत से गिनी जाएगी जिसमें धन का इस प्रकार प्रयोग किया गया था।
(4) इस अध्याय में ''ग.–कतिपय आयों के संबंध में कटौतियां'' शीर्ष के अधीन किसी अन्य उपबंध में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, उपधारा (1) के खंड (क) में निर्दिष्ट किसी आवासीय परियोजना के या उस उपधारा के खंड (ख) में निर्दिष्ट किसी कार्य के निष्पादन के लिए निर्धारिती को संदेय प्रतिफल या प्रतिफल में सम्मिलित आय का कोर्इ भाग ऐसे किसी अन्य उपबंध के अधीन किसी निर्धारण वर्ष के लिए कटौती के लिए अर्ह नहीं होगा।
स्पष्टीकरण.–इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–
(क) ''आवासीय परियोजना'' से ऐसी परियोजना अभिप्रेत है,–
(i) भारत के भाग में किसी भवन, सड़क, पुल या अन्य संरचना के संनिर्माण;
(ii) ऐसे अन्य कार्य (चाहे वह किसी भी प्रकृति का हो) जो विहित किया जाए, के निष्पादन;
के लिए है;
(ख) ''विश्व बैंक'' से अन्तरराष्ट्रीय मुद्रा निधि और बैंक अधिनियम, 1945 में निर्दिष्ट पुन:सन्निर्माण और विकास बैंक के लिए अन्तरराष्ट्रीय बैंक अभिप्रेत है।
[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

