वैज्ञानिक अनुसंधान या ग्राम विकास के लिए कुछ संदानों की बाबत कटौती
64[वैज्ञानिक अनुसंधान या ग्राम विकास के लिए कुछ संदानों की बाबत कटौती
80छछक. (1) किसी निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में इस धारा के उपबंधों के अनुसार और उनके अधीन रहते हुए, उपधारा (2) में उल्लिखित राशियों की कटौती की जाएगी।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट राशियां निम्नलिखित होंगी, अर्थात्:–
(क) निर्धारिती द्वारा पूर्ववर्ष में किसी वैज्ञानिक अनुसंधान संगम को जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान करना है या किसी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्था को वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए प्रयोग किए जाने के लिए संदत्त कोर्इ राशि :
परन्तु यह तब जबकि ऐसा संगम, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या संस्था धारा 35 की उपधारा (1) के खंड (ii) के प्रयोजनों के लिए तत्समय अनुमोदित है;
65[(कक) निर्धारिती द्वारा पूर्ववर्ष में किसी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्था को सामाजिक विज्ञान में अनुसंधान या सांख्यिकीय अनुसंधान के लिए प्रयोग किए जाने के लिए संदत्त कोर्इ राशि :
परन्तु यह तब जबकि निर्धारिती ऐसे संगम या संस्था से धारा 35 की उपधारा (1) के खंड (iii) के प्रयोजनों के लिए तत्समय अनुमोदित है;]
(ख) निर्धारिती द्वारा पूर्ववर्ष में,–
(i) किसी ऐसे संगम या संस्था को जिसका उद्देश्य ग्राम विकास कार्यक्रम चलाना है धारा 35गगक के प्रयोजनों के लिए अनुमोदित ग्राम विकास कार्यक्रम को चलाने के लिए प्रयोग किए जाने के लिए संदत्त कोर्इ राशि; या
(ii) किसी ऐसे संगम या संस्था को जिसका उद्देश्य ग्राम विकास कार्यक्रमों को कार्यान्वित करने के लिए व्यक्तियों को प्रशिक्षण देना है, संदत्त कोर्इ राशि :
66[परन्तु यह तब जबकि निर्धारिती ऐसे संगम या संस्था से धारा 35गगक की, यथास्थिति, उपधारा (2) या उपधारा (2क) में निर्दिष्ट प्रमाणपत्र देता है;]
67[(खख) निर्धारिती द्वारा पूर्ववर्ष में किसी पब्लिक सेक्टर कंपनी या स्थानीय प्राधिकारी को या किसी संगम या संस्था को, जो राष्ट्रीय समिति द्वारा अनुमोदित है, किसी पात्र परियोजना या स्कीम के क्रियान्वयन के लिए संदत्त कोर्इ राशि :
परन्तु निर्धारिती, यथास्थिति, ऐसी किसी पब्लिक सेक्टर कंपनी या स्थानीय प्राधिकारी अथवा संगम या संस्था से धारा 35कग की उपधारा (2) के खंड (क) में निर्दिष्ट प्रमाणपत्र दे देता है।
स्पष्टीकरण.–इस खंड के प्रयोजनों के लिए ''राष्ट्रीय समिति'' और ''पात्र परियोजना या स्कीम'' पदों के वही अर्थ हैं जो उनके धारा 35कग के स्पष्टीकरण में हैं;]
68[(ग) 69[निर्धारिती द्वारा 31 मार्च, 2002 को या उसके पूर्व समाप्त होने वाले किसी पूर्ववर्ष में] किसी संगम या संस्था को, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण 70[या वनरोपण] का कोर्इ कार्यक्रम चलाना है धारा 35गगख के प्रयोजनों के लिए अनुमोदित प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण 70[या वनरोपण] के किसी कार्यक्रम को कार्यान्वित करने में उपयोग करने के लिए संदत्त कोर्इ राशि :
परन्तु यह तब जबकि ऐसा संगम या संस्था धारा 35गगख की उपधारा (2) के प्रयोजनों के लिए तत्समय अनुमोदित है;]
70[(गग) 71[निर्धारिती द्वारा 31 मार्च, 2002 को या उसके पूर्व समाप्त होने वाले किसी पूर्ववर्ष में] वनरोपण के लिए किसी ऐसी निधि को, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा धारा 35गगख की उपधारा (1) के खंड (ख) के अंतर्गत अधिसूचित की जाए, संदत्त कोर्इ राशि;]
72[(घ) निर्धारिती द्वारा पूर्ववर्ष में धारा 35गगक की उपधारा (1) के खंड (ग) के प्रयोजनों के लिए केन्द्रीय सरकार द्वारा स्थापित और अधिसूचित ग्रामीण विकास निधि की संदत्त कोर्इ राशि;]
73[(ड़) निर्धारिती द्वारा पूर्ववर्ष में धारा 35गगक की उपधारा (1) के खंड (घ) के प्रयोजनों के लिए केन्द्रीय सरकार द्वारा स्थापित और अधिसूचित राष्ट्रीय ग्रामीण गरीबी उन्मूलन निधि की संदत्त कोर्इ राशि।]
(3) उपधारा (1) में किसी ऐसी बात के होते हुए भी, इस धारा के अंतर्गत कोर्इ कटौती किसी ऐसे निर्धारिती की दशा में अनुज्ञात नहीं की जाएगी जिसकी सकल कुल आय में ऐसी आय सम्मिलित है जो ''कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ'' शीर्ष के अंतर्गत प्रभार्य है।
(4) जहां उपधारा (2) में उल्लिखित प्रकृति के किन्हीं संदायों के बारे में किसी निर्धारण वर्ष के लिए इस धारा के अंतर्गत कटौती का दावा किया जाता है और वह अनुज्ञात की जाती है वहां ऐसे संदायों के बारे में उसी या किसी अन्य निर्धारण वर्ष के लिए इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध के अधीन कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।]]
64. वित्त अधिनियम, 1979 द्वारा 1.4.1980 से अंत:स्थापित। प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1989 से अपनी मूल स्थिति में पुन:स्थापित। इससे पूर्व, धारा 80छछक का प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा उसी तारीख से लोप किया गया था।
65. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1991 द्वारा 1.4.1992 से अंत:स्थापित।
66. वित्त अधिनियम, 1983 द्वारा 1.4.1983 से निम्नलिखित के स्थान पर प्रतिस्थापित :
''परन्तु यह तब जबकि ऐसा संगम या संस्था धारा 35गगक की उपधारा (2) के प्रयोजनों के लिए तत्समय अनुमोदित है।''
67. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1991 द्वारा 1.4.1992 से अंत:स्थापित।
68. वित्त अधिनियम, 1982 द्वारा 1.6.1982 से अंत:स्थापित।
69. वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.4.2003 से "निर्धारिती द्वारा पूर्ववर्ष में" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
70. वित्त अधिनियम, 1990 द्वारा 1.4.1991 से अंत:स्थापित।
71. वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.4.2003 से ''निर्धारिती द्वारा पूर्ववर्ष में'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
72. वित्त अधिनियम, 1983 द्वारा 1.4.1983 से अंत:स्थापित।
73. वित्त अधिनियम, 1995 द्वारा 1.4.1996 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2006 द्वारा संशोधित रूप में]

