स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के संबंध में कटौती
स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के संबंध में कटौती
80घ. (1) किसी निर्धारिती की, जो कोर्इ व्यष्टि या हिन्दू अविभक्त कुटुंब है, कुल आय की संगणना करने में उपधारा (2) या उपधारा (3) में विनिर्दिष्ट ऐसी राशि की कटौती की जाएगी जिसका संदाय उसकी कर से प्रभार्य आय में से, पूर्ववर्ष में, उपधारा (2ख) में यथानिर्दिष्ट किसी ढंग से किया गया है।
(2) जहां निर्धारिती कोर्इ व्यष्टि है, वहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट राशि निम्नलिखित का योग होगी, अर्थात् :–
(क) निर्धारिती या उसके कुटुंब के स्वास्थ्य का बीमा कराने या उसे प्रवर्तन में रखने के लिए संदत्त संपूर्ण रकम या केन्द्रीय सरकार स्वास्थ्य स्कीम या ऐसी अन्य स्कीम, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त अधिसूचित की जाए में किया गया कोर्इ अभिदाय या निर्धारिती या उसके कुटुंब की निवारक स्वास्थ्य जांच के मद्दे किया गया कोर्इ संदाय जो कुल मिलाकर पच्चीस हजार रुपए से अधिक न हो ; और
(ख) निर्धारिती के माता या पिता अथवा माता-पिता अथवा स्वास्थ्य का बीमा कराने या उसे प्रवर्तन में रखने के लिए संदत्त संपूर्ण रकम या निर्धारिती के माता पिता की निवारक स्वास्थ्य जांच के मद्दे किया गया कोर्इ संदाय जो कुल मिलाकर पच्चीस हजार रुपए से अधिक न हो।
(ग) निर्धारिती या उसके कुटुंब के किसी सदस्य के स्वास्थ्य पर उपगत चिकित्सा व्यय के मद्दे संदत्त संपूर्ण रकम, जो कुल मिलाकर 85[पचास हजार रुपए]से अधिक नहीं है; और
(घ) निर्धारिती के माता-पिता में से किसी के स्वास्थ्य पर उपगत चिकित्सा व्यय के मद्दे संदत्त रकम, जो कुल मिलाकर 85[पचास हजार रुपए] से अधिक नहीं है:
परंतु खंड (ग) या खंड (घ) में निर्दिष्ट रकम किसी 86[***] वरिष्ठ नागरिक के संबंध में संदत्त की गर्इ हो और उस व्यक्ति के स्वास्थ्य का बीमा कराने या उसे प्रवृत्त रखने के लिए कोर्इ रकम संदत्त न की गर्इ हो:
परंतु यह और कि खंड (क) और खंड (ग) के अधीन विनिर्दिष्ट राशि कुल मिलाकर या खंड (ख) और खंड (घ) के अधीन विनिर्दिष्ट राशि कुल मिलाकर 85[पचास हजार रुपए] से अधिक नहीं है।
स्पष्टीकरण – खंड (क) के प्रयोजनों के लिए, ''कुटुंब'' से निर्धारिती का पति या उसकी पत्नी और उसके आश्रित बालक अभिप्रेत हैं।
(2क) जहां उपधारा (2) के खंड (क) और खंड (ख) में निर्दिष्ट रकमों को निवारक स्वास्थ्य जांच के मद्दे संदत्त किया जाता है, वहां ऐसी रकमों के लिए कटौती उस सीमा तक अनुज्ञात की जाएगी, जहां तक वह कुल मिलाकर पांच हजार रुपए से अधिक नहीं है।
(2ख) उपधारा (1) के अधीन कटौती के प्रयोजनों के लिए संदाय,–
(i) निवारक स्वास्थ्य जांच के मद्दे संदत्त किसी राशि की बाबत किसी भी ढंग से जिसमें नकद ढंग भी है, किया जाएगा;
(ii) खंड (i) के अधीन न आने वाले सभी अन्य मामलों में, नकद से भिन्न किसी भी ढंग से किया जाएगा।
(3) जहां निर्धारिती हिन्दू अविभक्त कुटुंब है वहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट राशि निम्नलिखित का योग होगी, अर्थात्–
(क) उस हिन्दू अविभक्त कुटुंब के किसी सदस्य के स्वास्थ्य का बीमा कराने या उसे प्रवृत्त रखने के लिए संदत्त संपूर्ण रकम, जो कुल मिलाकर पच्चीस हजार रुपए से अधिक नहीं है; और
(ख) हिन्दू अविभक्त कुटुंब के किसी सदस्य के स्वास्थ्य पर उपगत चिकित्सा व्यय के मद्दे संदत्त संपूर्ण रकम, जो कुल मिलाकर 87[पचास हजार रुपए] से अधिक नहीं है:
परंतु खंड (ख) में निर्दिष्ट रकम किसी 88[***] वरिष्ठ नागरिक के संबंध में संदत्त की जाती है और उस व्यक्ति के स्वास्थ्य का बीमा कराने या उसे प्रवृत्त रखने पर कोर्इ रकम संदत्त नहीं की गर्इ है:
परंतु यह और कि खंड (क) और खंड (ग) के अधीन विनिर्दिष्ट राशियों का योग 87[पचास हजार रुपए] से अधिक नहीं होगा।
(4) जहां उपधारा (2) के खंड (क) या खंड (ख) या उपधारा (3) के खंड (क) में विनिर्दिष्ट राशि का संदाय उनमें विनिर्दिष्ट किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य का बीमा कराने या उसे प्रवर्तन में रखने के लिए किया जाता है और वह व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक 89[***]है वहां इस धारा के उपबंध ऐसे प्रभावी होंगे मानो ''पच्चीस हजार रुपए'' शब्दों के स्थान पर 87[''पचास हजार रुपए''] शब्द रख दिए गए हों।
स्पष्टीकरण.–[***]
89क[(4क) जहां उपधारा (2) के खंड (क) या खंड (ख) या उपधारा (3) के खंड (क) में निर्दिष्ट रकम का, उक्त खंडों में विनिर्दिष्ट किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य संबंधी बीमा को एक वर्ष से अधिक समय के लिए प्रभावी करने या उसे प्रवृत्त बनाए रखने के लिए पूर्ववर्ती वर्ष में एकमुश्त संदाय किया जाता है तब विनिर्दिष्ट सीमाओं के अधीन रहते हुए और इस धारा के उपबंधों के अधीन रहते हुए, प्रत्येक सुसंगत पूर्ववर्ष के लिए उस रकम के युक्तियुक्त भाग के बराबर कटौती अनुज्ञात की जाएगी।
स्पष्टीकरण.–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए,–
(i) ''युक्तियुक्त भाग'' से ऐसा भाग अभिप्रेत है, जिसका गणक एक है और जिसकी भाजक सुसंगत पूर्ववर्षों की कुल संख्या है;
(ii) ''सुसंगत पूर्ववर्षों'' से ऐसे पूर्ववर्ष से, जिसमें ऐसी रकम का संदाय किया जाता है, आरंभ होने वाले पूर्ववर्ष और ऐसे पश्चात्वर्ती पूर्ववर्ष अभिप्रेत है या है, जिनके दौरान बीमा प्रभावी होगा या प्रवृत्त बना रहेगा।]
(5) इस धारा में निर्दिष्ट बीमा,-
(क) साधारण बीमा कारबार (राष्ट्रीयकरण) अधिनियम, 1972 (1972 का 57) की धारा 9 के अधीन बनाए गए भारतीय साधारण बीमा निगम द्वारा इस निमित्त बनार्इ गर्इ और केन्द्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त अनुमोदित स्कीम के अनुसार होगा ; या
(ख) किसी अन्य बीमाकर्ता द्वारा बनार्इ गर्इ और बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन स्थापित बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित स्कीम के अनुसार होगा।
स्पष्टीकरण - इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–
(i) ''वरिष्ठ नागरिक'' से भारत में का ऐसा व्यष्टि निवासी अभिप्रेत है जो सुसंगत पूर्ववर्ष के दौरान किसी समय साठ वर्ष या उससे अधिक आयु का है;
(ii) 90[***]
85. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2019 से "तीस हजार रुपए'' शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
86. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2019 से ''अति'' शब्द का लोप किया गया।
87. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2019 से ''तीस हजार रुपए'' शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
88. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2019 से ''अति'' शब्द का लोप किया गया।
89. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2019 से ''या अति वरिष्ठ नागरिक'' शब्दों का लोप किया गया।
89क. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2019 से अंतःस्थापित।
90. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2019 से लोप किया गया, लोप से पूर्व खंड (ii) निम्न प्रकार था।
'(ii) ''अति वरिष्ठ नागरिक'' से भारत में का ऐसा व्यष्टि निवासी अभिप्रेत है जो सुसंगत पूर्ववर्ष के दौरान किसी समय अस्सी वर्ष या उससे अधिक आयु का है.'
[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

