कुछ नए शेयरों में विनिधान की बाबत कटौती
कुछ नए शेयरों में विनिधान की बाबत कटौती
80गग. 40[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1996 द्वारा 1.4.1993 से भूतलक्षी प्रभाव से लोप किया गया।]
40. वित्त अधिनियम, 1978 द्वारा 1.4.1978 से यथा अंत:स्थापित और बाद में वित्त अधिनियम, 1982 द्वारा 1.4.1983 से, वित्त अधिनियम, 1984 द्वारा 1.4.1984/1.4.1985 से, कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1984 द्वारा 1.4.1978 से भूतलक्षी प्रभाव से, वित्त अधिनियम, 1985 द्वारा 1.4.1985 से, वित्त अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1987 से, वित्त अधिनियम, 1988 द्वारा 1.4.1989/1.4.1990 से, प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1989 से, प्रत्यक्ष कर विधि (दूसरा संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1990 से, वित्त अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1990 से और वित्त अधिनियम, 1994 द्वारा 1.4.1978 से भूतलक्षी प्रभाव से यथासंशोधित धारा 80गग लोप किए जाने से पूर्व निम्नानुसार थी :
"80गग. कुछ नए शेयरों में विनिधान की बाबत कटौती–(1) जहां कोर्इ निर्धारिती, जो–
(क) व्यष्टि है; या
(ख) हिन्दू अविभक्त कुटुम्ब है;
(ग) [* * *]
और जिसने पूर्ववर्ष में (जो 1 अप्रैल, 1979 से प्रारम्भ होने वाले निर्धारण वर्ष या किसी पश्चात्वर्ती निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष है) कर से प्रभार्य अपनी आय में से, उपयुक्त पूंजी पुरोधरण के भाग रूप साधारण शेयर या धारा 10 के खंड (23घ) के अधीन विनिर्दिष्ट पारस्परिक निधि के यूनिट या भारतीय यूनिट ट्रस्ट अधिनियम, 1963 (1963 का 52) की धारा 3 के अधीन स्थापित भारतीय यूनिट ट्रस्ट की किसी स्कीम के अधीन पुरोधृत यूनिट, यदि, यथास्थिति, पारस्परिक निधि या भारतीय यूनिट ट्रस्ट द्वारा बनार्इ गर्इ स्कीम के अधीन पुरोधृत यूनिटों में अभिदाय की रकम का उपयुक्त पूंजी पुरोधरण में अभिदाय किया जाता है, अर्जित किए हैं वहां उसे इस धारा के उपबंधों के अनुसार और उसके अधीन, उसकी कुल आय की संगणना करने में ऐसे शेयर की लागत की पचास प्रतिशत रकम के बराबर कटौती अनुज्ञात की जाएगी;
स्पष्टीकरण.–जहां किसी पूर्ववर्ष में निर्धारिती ने इस उपधारा में निर्दिष्ट किन्हीं शेयरों का अर्जन किया है और यदि कोर्इ रकम ऐसे शेयरों पर असंदत्त रही है तो ऐसी संपूर्ण रकम या उसके किसी भाग का पूर्ववर्ष की समाप्ति से छह मास की कालावधि के भीतर भुगतान किया है, वहां यह समझा जाएगा कि इस प्रकार भुगतान की गर्इ रकम निर्धारिती द्वारा उस पूर्ववर्ष में ऐसे शेयरों की लागत के लिए संदत्त की गर्इ है।
(2) जहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट ऐसे शेयरों की निर्धारिती की कुल लागत, जो उसके द्वारा पूर्ववर्ष में किए गए हैं, बीस हजार रुपए से अधिक है वहां उस उपधारा के अधीन कटौती ऐसे शेयरों के प्रति निर्देश से अनुज्ञात की जाएगी जो उसके द्वारा इस निमित्त विनिर्दिष्ट किए जाएं (जो ऐसे शेयर हों जिनकी निर्धारिती की कुल लागत बीस हजार रुपए से अधिक नहीं है)।
(3) इस धारा के प्रयोजनों के लिए "उपयुक्त पूंजी पुरोधरण" से शेयरों का ऐसा पुरोधरण अभिप्रेत है जो निम्नलिखित शर्तें पूरी करता है, अर्थात् :–
(क) पुरोधरण ऐसी पब्लिक कंपनी द्वारा किया जाता है जो भारत में बनार्इ गर्इ और रजिस्टर्ड है और जिसका प्रयोजन पूर्णत: और अनन्यत:–
(i) ऐसी वस्तु या चीज के सन्निर्माण या उत्पादन का कारबार चलाना है, जो ग्यारहवीं अनुसूची की सूची में विनिर्दिष्ट वस्तु या चीज है; या
(ii) भारत में निवास के प्रयोजनों के लिए मकानों के सन्निर्माण या क्रय के लिए दीर्घकालिक वित्त की व्यवस्था करना है :
परन्तु यह तब जबकि उपखंड (ii) में निर्दिष्ट कारबार चलाने वाली पब्लिक कंपनी की दशा में ऐसी कंपनी* का इस धारा के प्रयोजनों के लिए केन्द्रीय सरकार द्वारा अनुमोदन कर दिया जाता है; या
(iiक) अस्पताल चलाना है; या
(iii) # विहित प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित होटल का कारबार करना है; या
(iv) पोतों के प्रचालन का कारबार चलाना है;
(ख) पुरोधरण, कंपनी द्वारा पहली बार किया गया पूंजी का पुरोधरण है:
परन्तु यह खंड पोतों के प्रचालन का कारबार करने के मुख्य उद्देश्य से बनार्इ गर्इ और भारत में रजिस्टर्ड पब्लिक कंपनी द्वारा पुरोधृत साधारण शेयरों के पुरोधरणों की दशा में लागू नहीं होगा;
(ग) पुरोधरण के भाग रूप शेयर जनता की प्रतिश्रुति के लिए प्रस्थापित किए जाते हैं और प्रतिश्रुति के लिए ऐसी प्रस्थापना कंपनी द्वारा 1 अप्रैल, 1990 के पूर्व की जाती है;
(घ) ऐसी अन्य शर्तें जो विहित की जाएं :
परन्तु ऐसी कंपनी की दशा में जो मूलत: कंपनी के रूप में निगमित की गर्इ थी किंतु जो कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) के उपबंधों के अधीन पब्लिक कंपनी हो गर्इ है, उसके द्वारा, पब्लिक कंपनी हो जाने के पश्चात्, साधारण शेयरों का पहली बार किया गया पुरोधरण उपयुक्त पूंजी पुरोधरण नहीं माना जाएगा, यदि–
(i) ऐसी कंपनी ने, जब वह प्राइवेट कंपनी थी, कोर्इ लाभांश घोषित, वितरित या संदत्त किया था;
(ii) ऐसे पुरोधरण के भाग रूप कोर्इ शेयर प्रतिश्रुत किए जाने के लिए प्रीमियम पर प्रस्थापित किए जाते हैं।
स्पष्टीकरण 1.–यदि यह प्रश्न उत्पन्न होता है कि साधारण शेयरों का कोर्इ पुरोधरण इस धारा के प्रयोजनों के लिए उपयुक्त पूंजी पुरोधरण होगा या नहीं तो इसे केन्द्रीय सरकार को निर्दिष्ट किया जाएगा, जिस पर उसका विनिश्चय अंतिम होगा।
स्पष्टीकरण 2.–इस उपधारा और उपधारा (4) में, "पब्लिक कंपनी" का वही अर्थ है जो उसका कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 3 में है।
(4) उपधारा (1) के अधीन कटौती तब तक अनुज्ञात नहीं की जाएगी जब तक कि निर्धारिती ने–
(i) पब्लिक कंपनी द्वारा जनता को प्रतिश्रुति किए जाने के लिए प्रस्थापन के अनुसरण में शेयरों की प्रतिश्रुति नहीं की है या कंपनी के संप्रवर्तक होने के कारण उसके पक्ष में आरक्षण या विकल्प के अनुसरण में शेयरों की प्रतिश्रुति नहीं की है; या
(ii) शेयरों का क्रय ऐसे व्यक्ति से नहीं किया है जो कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की अनुसूची 2 के भाग 1 के खंड 11 के अनुसरण में ऐसे शेयरों के पुरोधरण की बाबत हामीदार के रूप में अंकित है और जिसने ऐसे हामीदार के रूप में अपनी बाध्यता के आधार पर ऐसे शेयरों का अर्जन किया है।
(5) यदि कोर्इ साधारण शेयर, जिसकी लागत के प्रति निर्देश से उपधारा (1) के अधीन कोर्इ कटौती अनुज्ञात की जाती है, निर्धारिती द्वारा किसी व्यक्ति को उसके अर्जन की तारीख से तीन वर्ष की कालावधि के भीतर बेचे या अन्यथा अंतरित किए जाते हैं तो इस प्रकार बेचे गए या अन्यथा अंतरित शेयरों की निर्धारिती की लागत के पचास प्रतिशत के बराबर रकम, निर्धारिती की उस पूर्ववर्ष की आय समझी जाएगी जिसमें शेयर इस प्रकार बेचे या अंतरित किए जाते हैं और तद्नुसार कर से प्रभार्य होगी।
स्पष्टीकरण.–किसी व्यक्ति के बारे में यह समझा जाएगा कि उसने उस तारीख को शेयरों का अर्जन किया है जिसको उसका नाम उन शेयरों के संबंध में कंपनी के सदस्यों के रजिस्टर में लिखा जाता है।
(6) जहां किन्हीं साधारण शेयरों की लागत के प्रति निर्देश से उपधारा (1) के अधीन कटौती का दावा किया जाता है और वह अनुज्ञात की जाती है, वहां ऐसे शेयरों की लागत को धारा 54ड़ के प्रयोजनों के लिए हिसाब में नहीं लिया जाएगा।
* केनफिन होम्स लि., बंगलौर अधिसूचित की गर्इ थी।
# नियम 18कक के अधीन विहित प्राधिकारी, महानिदेशक, पर्यटन निदेशालय, भारत सरकार है।
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा संशोधित रूप में]

