वित्त अधिनियम, 1990 द्वारा 1.4.1991 से लोप किया गया।
ख.–कुछ संदायों की बाबत कटौतियां
जीवन बीमा प्रीमियम, भविष्य निधि, आदि में अभिदाय की बाबत कटौती
80ग. 36, 37[वित्त अधिनियम, 1990 द्वारा 1.4.1991 से लोप किया गया।]
36. इस धारा की विषय-वस्तु भिन्न-भिन्न समय पर भिन्न-भिन्न धाराओं की विषयवस्तु रही है अर्थात (i) मूल रूप से अधिनियमित धारा 87; (ii) मूल धारा 80क जैसा कि वित्त अधिनियम, 1965 द्वारा 1.4.1965 से पुर:स्थापित की गर्इ थी; और (iii) फिर वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1967 द्वारा 1.4.1968 से धारा 80ग पुर:स्थापित की गर्इ थी और उसे 1.4.1991 से धारा 88 को प्रतिस्थापित किया गया था।
37. पूर्व में धारा 80ग का वित्त अधिनियम, 1968 द्वारा 1.4.1969 से, वित्त अधिनियम, 1969 द्वारा 1.4.1970 से, वित्त अधिनियम, 1970 द्वारा 1.4.1971 से, वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1971 द्वारा 1.4.1972 से, वित्त अधिनियम, 1972 द्वारा 1.4.1973 से, वित्त अधिनियम, 1973 द्वारा 1.4.1974 से, वित्त अधिनियम, 1975 द्वारा 1.4.1976 से, वित्त अधिनियम, 1976 द्वारा 1.4.1977 से, वित्त अधिनियम, 1978 द्वारा 1.4.1979 से, वित्त अधिनियम, 1979 द्वारा 1.4.1980 से, वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1980 द्वारा 1.4.1981 से, वित्त अधिनियम, 1982 द्वारा 1.4.1983 से, वित्त अधिनियम, 1983 द्वारा 1.4.1984 से, कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1984 द्वारा 1.4.1971 से, कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1984 द्वारा 1.4.1983 से, वित्त अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से, प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1989 से, प्रत्यक्ष कर विधि (दूसरा संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1984 से, प्रत्यक्ष कर विधि (दूसरा संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1990 से, और वित्त अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1990 से संशोधन किया गया था।
[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

