गृह संपत्ति से हानि का अग्रनीत किया जाना और मुजरा किया जाना।
गृह संपत्ति से हानि का अग्रनीत किया जाना और मुजरा किया जाना।
71ख. जहां किसी निर्धारण वर्ष के लिए ''गृह संपत्ति से आय'' शीर्ष के अधीन संगणना का अंतिम परिणाम निर्धारिती के लिए हानि है और ऐसी हानि का मुजरा धारा 71 के उपबंधों के अनुसार आय के किसी अन्य शीर्ष के अधीन होने वाली आय के प्रति नहीं किया जा सकता है या पूर्णत: नहीं किया गया है, वहां उस हानि का उतना भाग जितने का मुजरा इस प्रकार नहीं किया गया है या जहां किसी अन्य शीर्ष के अधीन उसकी कोर्इ आय नहीं है, वहां संपूर्ण हानि इस अध्याय के अन्य उपबंधों के अधीन रहते हुए अगले निर्धारण वर्ष में अग्रनीत की जाएगी और–
(i) उसका मुजरा उस निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारणीय गृह संपत्ति से आय के प्रति किया जाएगा; और
(ii) हानि, यदि कोर्इ हो, जिसका पूर्णत: मुजरा न किया गया हो, इस प्रकार मुजरा न की गर्इ हानि की रकम,
अगले निर्धारण वर्ष के लिए अग्रनीत की जाएगी, जो उस निर्धारण वर्ष के तुरन्त पश्चात्वर्ती आठ निर्धारण वर्षों से अधिक न हो, जिसके लिए हानि की संगणना प्रथम बार की गर्इ थी।
[वित्त अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

