एक शीर्ष से होने वाली हानि का अन्य शीर्ष से होने वाली आय के प्रति मुजरा किया जाना
एक शीर्ष से होने वाली हानि का अन्य शीर्ष से होने वाली आय के प्रति मुजरा किया जाना
71. (1) जहां किसी निर्धारण वर्ष की बाबत किसी ऐसी संगणना का, जो ''पूंजी अभिलाभ'' शीर्ष से भिन्न आय के किसी शीर्ष के अधीन की गर्इ है, अंतिम परिणाम हानि है और ''पूंजी अभिलाभ'' शीर्ष के अधीन निर्धारिती की कोर्इ आय नहीं है वहां वह, इस अध्याय के उपबंधों के अधीन रहते हुए इसका हकदार होगा कि वह ऐसी हानि की रकम का मुजरा अपनी उस आय के प्रति, यदि कोर्इ हो, करा ले जो किसी अन्य शीर्ष के अधीन उस निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारणीय है।
(2) जहां किसी निर्धारण वर्ष की बाबत, किसी ऐसी संगणना का, जो ''पूंजी अभिलाभ'' शीर्ष से भिन्न आय के किसी शीर्ष के अधीन की गर्इ है, अंतिम परिणाम हानि है और निर्धारिती की ऐसी आय है जो ''पूंजी अभिलाभ'' शीर्ष के अधीन निर्धारणीय है वहां, ऐसी हानि का मुजरा इस अध्याय के उपबंधों के अधीन रहते हुए, उसकी उस आय के प्रति, यदि कोर्इ हो, किया जा सकेगा जो आय के किसी शीर्ष के अधीन जिसके अंतर्गत ''पूंजी अभिलाभ'' शीर्ष है (चाहे वह अल्पकालिक पूंजी आस्ति से या किसी अन्य पूंजी आस्ति से संबंधित हो), उस निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारणीय है।
(2क) उपधारा (1) या उपधारा (2) में की किसी बात के होते हुए भी, जहां किसी निर्धारण वर्ष के संबंध में, "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन संगणना का शुद्ध परिणाम हानि है और निर्धारिती की "वेतन" शीर्ष के अधीन निर्धारणीय आय है, वहां निर्धारिती ऐसी हानि का मुजरा ऐसी आय के प्रति कराने का हकदार नहीं होगा।
(3) जहां किसी निर्धारण वर्ष की बाबत, किसी ऐसी संगणना का, जो ''पूंजी अभिलाभ'' शीर्ष के अधीन की गर्इ है, अंतिम परिणाम हानि है और निर्धारिती की कोर्इ ऐसी आय है जो आय के किसी अन्य शीर्ष के अधीन निर्धारणीय है, वहां निर्धारिती ऐसी हानि का मुजरा अन्य शीर्ष के अधीन आय के प्रति कराने का हकदार नहीं होगा।
79[(3क) उपधारा (1) और उपधारा (2) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां किसी निर्धारण वर्ष की बाबत "गृह संपत्ति से आय" शीर्ष के अधीन संगणना का अंतिम परिणाम हानि है और निर्धारिती की आय किसी अन्य शीर्ष के अधीन निर्धारणीय आय है, वहां निर्धारिती ऐसी हानि का उस सीमा तक मुजरा करने का हकदार नहीं होगा, जहां तक हानि की रकम अन्य शीर्ष के अधीन आय के विरुद्ध दो लाख रुपए से अधिक हो जाती है।]
(4) जहां, 1 अप्रैल, 1995 और 1 अप्रैल, 1996 को प्रारम्भ होने वाले निर्धारण वर्षों की बाबत ''गृह संपत्ति से आय'' शीर्ष के अधीन ऐसी संगणना का अंतिम परिणाम हानि है वहां ऐसी हानि पहले उपधारा (1) और (2) के अंतर्गत मुजरा किया जाएगा और उसके पश्चात् धारा 71क में निर्दिष्ट हानि, सुसंगत निर्धारण वर्ष में उस धारा के उपबंधों के अनुसार मुजरा किया जाएगा।
79. वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.4.2018 से अंत: स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित रूप में]

