अस्पष्टीकृत विनिधान
अस्पष्टीकृत विनिधान
69. जहां निर्धारण वर्ष के ठीक पहले वाले वित्तीय वर्ष में निर्धारिती ने ऐसे विनिधान किए हैं जो आय के किसी स्रोत के लिए उसके द्वारा रखी गर्इ लेखा पुस्तकों में, यदि कोर्इ हों, अभिलिखित नहीं हैं और निर्धारिती उन विनिधानों की प्रकृति और स्रोत की बाबत कोर्इ स्पष्टीकरण नहीं देता है या उसके द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण निर्धारण अधिकारी की राय में समाधानप्रद नहीं है, वहां उन विनिधानों के मूल्य के बारे में यह समझा जा सकेगा कि वह निर्धारिती की ऐसे वित्तीय वर्ष की आय है।
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

