आवासीय मकान के हस्तांतरण पर उत्पन्न पूंजीगत लाभ पर छूट
धारा 54 आवासीय मकान के हस्तांतरण पर उत्पन्न पूंजीगत लाभ से छूट प्रदान करती है। इस भाग में आप आवासीय मकान के हस्तांतरण पर उत्पन्न पूंजीगत लाभ से छूट से सम्बन्धित विभिन्न प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं यदि करदाता ने अन्य आवासीय मकान खरीदा। निर्माण किया है।
|
अस्वीकरण: इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।
जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें। |
|
|
धारा 54 आवासीय सम्पत्ति के हस्तांतरण पर पूंजीगत लाभ के लिए छूट
परिचय
एक व्यक्ति कुछ कारणों के कारण अपने आवास का स्थान बदलना चाहता था, अत:, उसने अपना पुराना घर बेच दिया और बेचने से प्राप्त मूल्य से उसने अन्य दूसरा घर खरीद लिया। इस मामले में, विक्रेता का उद्देश्य पुराने मकान के बेचने से धन इकट्ठा करना नहीं था बल्कि एक अन्य उपयुक्त घर का अधिग्रहण करना था। यदि इस मामले में विक्रेता पुराने घर की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ पर आयकर का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार था तो यह उस पर कठिनाई होगी। धारा 54 इस प्रकार की कठिनाई से राहत देता है। धारा 54 एक करदाता को राहत देती है जो जिसने अपना आवासीय मकान बेच दिया और बिक्री से प्राप्त मूल्य से उसने अन्य दूसरा आवासीय मकान अधिग्रहित कर लिया। इस सम्बंध में विस्तृत प्रावधानों की चर्चा इस भाग में की गयी है।
बुनियादी शर्तें
निम्न स्थितियों में धारा 54 के लाभ का दावा करने के लिए संतुष्ट होना चाहिए ।
• धारा 54 के लाभ केवल एक व्यक्ति या एच यू एफ के लिए उपलब्ध है।
• हस्तांतरित सम्पत्ति एक आवासीय मकान सम्पत्ति होते हुये, एक लम्बी अवधि के लिए पूंजीगत परिसम्पत्ति होना चाहिए ।
• पुराने मकान को हस्तान्तरण की तिथि से एक वर्ष की अवधि या दो वर्ष से पहले की अवधि के भीतर करदाता को अन्य आवासी मकान का अधिग्रहण कर लेना चाहिए या पुराने मकान के अंतरण की तिथि से 3 वर्षों के अवधि के भीतर एक आवासी मकान का निर्माण कर लेना चाहिए। अनिवार्य अधिग्रहण के मामले में अधिग्रहण की अवधि या निर्माण मुआवजा की प्राप्त की तिथि से निर्धारित हो (चाहे मूल या अतिरिक्त हो) ।
भारत में केवल एक आवासीय संपत्ति खरीद/निर्माण के संबंध में छूट का दावा किया जा सकता है। यदि एक से अधिक घर की खरीद अथवा निर्माण होता है तो धारा 54 के अंतर्गत छूट केवल एक घर के संबंध में उपलब्ध होगी। भारत से बाहर खरीदे गए घर के संबध में किसी छूट का दावा नहीं किया जा सकता
प्रभावी निर्धारण वर्ष 2020-21 से, वित्त अधिनियम, 2019 को दो गृह संपत्तियों में किए गए निवेश के संबंध में छूट का लाभ देने के लिए धारा 54 को संशोधित किया जा चुका है। दो आवासीय गृह संपत्तियों में किए गए निवेश, खरीद या निर्माण के रूप में, के लिए छूट उपलब्ध होगी अगर दीर्घकालीन पूंजी प्राप्तियों की राशि रू. 2 करोड़़ से अधिक नहीं होती। यदि निर्धारिती इस विकल्प का प्रयोग करता है तो वह उसी या किसी अन्य निर्धारण वर्ष के लिए दुबारा इस विकल्प को चुनने का हकदार नहीं होगा।
इसके अलावा, निर्धारण वर्ष 2024-25 से वित्त अधिनियम 2023 ने धारा 54 के तहत अधिकतम छूट की अनुमति को प्रतिबंधित कर दिया है। यदि नई संपत्ति की लागत रुपये से अधिक है। 10 करोड़, धारा 54 के तहत छूट की गणना के लिए अतिरिक्त राशि को नजरअंदाज कर दिया जाएगा।
उदाहरण
श्री राजा ने एक आवासीय मकान अप्रैल, 2016 में खरीदा और इसे अप्रैल, 2025 में रु 8,40,000 के लिए बेचा। मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ रु 1,00,000 की राशि है। क्या वह रु 1,00,000 के पूंजीगत लाभ से अन्य आवासीय मकान खरीदने/निर्माण कराने के द्वारा धारा 54 के लाभ का दावा कर सकता है?
**
धारा 54 के तहत छूट का दावा, लम्बी अवधि की आवासीय मकान परिसम्पत्ति होते हुये, पूंजीगत संम्पत्ति के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभ के संदर्भ में, कर सकता है। यह लाभ केवल एक व्यक्ति या एचयूएफ के लिए उपलब्ध है। इस मामले में, धारा 54 में प्रदान की गयी सभी शर्ते सन्तुष्ट है और श्री राजा धारा 54 के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई समय सीमा के भीतर एक आवासीय मकान खरीदने/निर्माण कराने के द्वारा धारा 54 के लाभ का दावा कर सकता है।
उदाहरण
श्री राजा ने एक मकान अप्रैल, 2024 में खरीदा और इसे अप्रैल, 2025 में रु 8,40,000 के लिए बेच दिया। मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ रु 1,00,000 की राशि है। क्या वह रु 1,00,000 के पूंजीगत लाभ से अन्य आवासीय मकान खरीदने/निर्माण कराने के द्वारा धारा 54 पर लाभ पर दावा कर सकता है?
**
धारा 54 के तहत लम्बी अवधि आवासीय मकान परिसम्मत्ति होते हुये, पूंजीगत सम्पत्ति के हंस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभ के संदर्भ में छूट का दावा किया जा सकता है। प्रभावी निर्धारण वर्ष 2018-19 से, अचल संपत्ति, भूमि या भवन या दोनों के तौर पर, की स्थिति में धारण अवधि को दीर्घकालीन पूंजी परिसंपत्ति के तौर पर योग्य होने के लिए 36 महीनों से 24 महीनों तक घटाया है। इस मामले में गृह संपत्ति को 24 महीनों से कम की अवधि के लिए रखने के बाद बेचा है और इसलिए यह अल्पकालीन पूंजी परिसंपत्ति है। धारा 54 के लाभ अल्पकालीन पूंजी परिसंपत्ति के संदर्भ में उपलब्ध नहीं है और इसलिए, इस मामले में श्री राज धारा 54 के लाभ का दावा नहीं कर सकते।
उदाहरण
कुमार एच यू एफ ने एक आवासीय मकान अप्रैल, 2018 में खरीदा और इसे अप्रैल, 2025 में रु 8,40,000 के लिए बेच दिया। आवासीय परिसम्पत्ति की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ रु 1,00,000 की राशि है क्या रु 1,00,000 के पूंजीगत लाभ से एक नया मकान खरीदने के द्वारा एचयूएफ धारा 54 के लाभ का दावा कर सकती है?
**
लम्बी अवधि आवसीय परिसम्पत्ति होते हुये पूंजीगत सम्पत्ति के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभों के संदर्भ में धारा 54 के तहत छूट का दावा किया जा सकता है। यह लाभ केवल एक व्यक्ति या एच यू एफ के लिए उपलब्ध है इस मामले में सभी शर्ते जैसा की धारा 54 में प्रदान की गयी है संन्तुष्ट है और, अत: कुमार धारा 54 के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई समय सीमा के भीतर एच यू एफ एक आवासीय मकान खरीदने, निर्माण कराने के द्वारा धारा 54 के लाभ का दावा कर सकती है।
उदाहरण
कुमार एच यू एफ ने एक आवासीय मकान अप्रैल, 2018 में खरीदा और इसे अप्रैल, 2025 में रु 8,40,000 के लिए बेच दिया। मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ रु 1,00,000 है। क्या रु 1,00,000 के पूंजीगत लाभ से अन्य मकान खरीदने/निर्माण कराने के द्वारा एच यू एफ धारा 54 के लाभ का दावा कर सकती है?
**
लम्बी अवधि आवासीय परिसम्पत्ति होते हुये, पूंजीगत संम्पत्ति के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभो के संदर्भ में धारा 54 के तहत छूट का दावा किया जा सकता है। प्रभावी निर्धारण वर्ष 2018-19 से, अचल संपत्ति, भूमि या भवन या दोनों के तौर पर, की स्थिति में धारण अवधि को दीर्घकालीन पूंजी परिसंपत्ति के तौर पर योग्य होने के लिए 36 महीनों से 24 महीनों तक घटाया है। यह लाभ केवल एक व्यक्ति या एचयूएफ के लिए ही उपलब्ध है। इस मामले में गृह संपत्ति को 24 महीनों से कम की अवधि के लिए रखने के बाद बेचा है और इसलिए यह अल्पकालीन पूंजी परिसंपत्ति है। धारा 54 के लाभ अल्पकालीन पूंजी परिसंपत्ति के संदर्भ में उपलब्ध नहीं है और इसलिए, इस मामले में श्री कपूर एचयूएफ धारा 54 के लाभ का दावा नहीं कर सकते।
उदाहरण
श्री राजा ने अप्रैल, 2017 में एक आवासीय मकान खरीदा और अप्रैल, 2025 में रु 8,40,000 के लिये इसे बेचा मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ रु 1,00,000 की राशि है। क्या वह भूमि का एक भूखण्ड खरीदने और रु 1,00,000 में पूंजीगत लाभ से एक नया मकान बनाने के द्वारा धारा 54 के लाभ का दावा कर सकता है?
* *
दीर्धकालिक आवासीय परिसम्पत्ति होते हुये, पूंजीगत सम्पत्ति के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभो के संदर्भ में धारा 54 के तहत छूट का दावा किया जा सकता है। यह लाभ केवल एक व्यक्ति या एच यू एफ के लिए उपलब्ध है लाभ का दावा एक आवासीय मकान खरीदकर या निर्माण कराकर किया जा सकता है। इस मामले में सभी शर्तें धारा 54 से प्रदान की गयी के अनुसार संन्तुष्ट है और, अत: श्री राजा धारा 54 के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई समय सीमा के भीतर एक आवासीय मकान का निर्माण कराकर धारा 54 के लाभ का दावा कर सकता है।
उदाहरण
श्री कुमार ने अप्रैल, 2018 में सोना खरीदा और इसे अप्रैल, 2025 में रु 8,40,000 के लिए बैच दिया। सोने की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ रु 1,00,000 की राशि है। क्या वह रु 1,00,000 के पूंजीगत लाभ से एक मकान खरीदकर/निर्माण कराकर धारा 54 के लाभ का दावा कर सकता है?
**
दीर्धकालिक आवासीय मकान परिसम्पत्ति होते हुये एक पूंजीगत सम्पत्ति के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभों के संदर्भ में धारा 54 के तहत छूट का दावा किया जा सकता है। इस मामले में, पूंजीगत सम्पत्ति सोना है, अर्थात, आवासीय मकान के अलावा और, अत:, धारा 54 का लाभ उपलब्ध नहीं है। तथापि, इस मामले में उस प्रावधान में निर्दिष्टानुसार कुछ शर्तों के अनुसार लाभ का धारा 54 एफ के तहत दावा किया जा सकता है।
उदाहरण
श्री राजा ने एक आवासीय मकान अप्रैल, 2018 में खरीदा और इसे अप्रैल, 2025 में रु 8,40,000 के लिए बेच दिया। मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ रु 1,00,000 की राशि है। क्या वह रु 1,00,000 के पूंजीगत लाभ से एक दुकान खरीदकर धारा 54 के लाभ का दावा कर सकता है?
**
दीर्धकालिक आवासीय मकान की सम्पत्ति होते हुये, एक पूंजीगत सम्पत्ति के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभों के संदर्भ में धारा 54 के तहत छूट का दावा किया जा सकता है। यह लाभ उपलब्ध है यदि पूंजीगत लाभ से अन्य आवासीय मकान खरीदा जाता है। दूसरे शब्दों में, धारा 54 के लाभ तब उपलब्ध है यदि आवासीय मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभ को अन्य आवासीय मकान में निवेशित किया जाता है यदि मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभ को एक आवासीय मकान के अलावा पूंजीगत सम्पत्ति में निवेशित किया जाता है तो धारा 54 का लाभ उपलब्ध नहीं है। इस मामले में, श्री राजा एक दुकान (अर्थात, एक आवासीय मकान के आलावा पूंजीगत सम्पत्ति) खरीदना चाहता है और, अत:, धारा 54 को लाभ उपलब्ध नहीं है।
उदाहरण
श्री पारेख ने एक आवासीय मकान अप्रैल, 2018 में खरीदा और इसे 25 अप्रैल, 2025 को रु 8,40,000 के लिए बेच दिया। मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ रु. 1,00,000 की राशि है। उसने रु 5,00,000 के लिए दिसम्बर, 2024 में एक आवासीय मकान खरीदा था। क्या वह दिसम्बर, 2024 में खरीदे गये मकान के संदर्भ में धारा 54 के लाभ का दावा कर सकता है?
* *
दीर्धकालिक आवासीय मकान परिसंम्पत्ति होते हुये, पूंजीगत संम्पत्ति के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभों के संदर्भ में धारा 54 के तहत छूट का दावा किया जा सकता है धारा 54 के तहत छूट का दावा करने के लिए दूसरा मकान, मकान के हस्तांतरण की तिथि से एक वर्ष की अवधि से पहले या दो वर्षों के बाद खरीदा जाना चाहिए। इस मामले में पुराना मकान, अप्रैल 2025 में हस्तांतरित था, अत:, 25 अप्रैल, 2025 को अथवा पूर्व से पहले एक वर्ष की अवधि के भीतर खरीदा गया कोई मकान धारा 54 के तहत छूट के लिए अर्हता प्राप्त कर सकता है। अत: दिसम्बर 2024 में खरीदा गया मकान धारा 54 के तहत छूट के लिए अर्हता प्राप्त करेगा।
उदाहरण
श्री चोपड़ा ने पिछले वर्ष 2008-09 में रू. 2 करोड का आवाीसय गृह खरीदा। पिछले वर्ष 2025-26 में गृह संपत्ति को रू. 3 करोड़ में बेचा और पूंजी प्राप्ति उसी पिछले वर्ष में 1-1 करोड़ की दो आवासीय संपत्तियों में निवेश कर दिया गया़। क्या वह दोनों घरों के संबंध में धारा 54 के लाभ का दावा कर सकते हैं?
धारा 54 के अंतर्गत छूट दीर्घकालीन आवासीय गृह संपत्ति होने के नाते पूंजी परिसंपत्ति के स्थानांतरण पर उत्पन्न पूंजी प्राप्तियों के संबंध में दावा किया जा सकता है। प्रभावी निर्धारण वर्ष 2020-21 से, एक करदाता के पास धारा 54 की छूट का दावा करने के लिए भारत में दो आवासीय गृह संपत्तियों में निवेश करने का विकल्प है। इस विकल्प का प्रयोग करदाता द्वारा जीवन में केवल एक बार किया जा सकता है बशर्ते कि दीर्घकालीन पूंजी प्राप्ति की राशि रू. 2 करोड़ से अधिक न हो।
चूंकि श्री चोपड़ा के हाथों उत्पन्न प्राप्ति रू. 1 करोड़ है वह दो गृह संपत्तियों में निवेश करके धारा 54 का लाभ का दावा कर सकते है
उदाहरण
श्री खान ने पिछले वर्ष 2007-08 में रू. 2 करोड़ की आवासीय संपत्ति खरीदी। गृह संपत्ति को पिछले वर्ष 2025-26 में रू. 10 करोड़ में बेचा और पूंजी प्राप्ति रू 4-4 करोड़ की दो आवासीय संपत्तियों में निवेश कर दिया गया़। क्या वह दोनों घरों के संबंध में धारा 54 के लाभ का दावा कर सकते हैं?
धारा 54 के अंतर्गत छूट दीर्घकालीन आवासीय गृह संपत्ति होने के नाते पूंजी परिसंपत्ति के स्थानांतरण पर उत्पन्न पूंजी प्राप्तियों के संबंध में दावा किया जा सकता है। प्रभावी निर्धारण वर्ष 2020-21 से, एक करदाता के पास धारा 54 की छूट का दावा करने के लिए भारत में दो आवासीय गृह संपत्तियों में निवेश करने का विकल्प है। इस विकल्प का प्रयोग करदाता द्वारा जीवन में केवल एक बार किया जा सकता है बशर्ते कि दीर्घकालीन पूंजी प्राप्ति की राशि रू. 2 करोड़ से अधिक न हो।
चूंकि श्री खान के हाथों उत्पन्न प्राप्ति रू. 2 करोड़ से अधिक है वह दो गृह संपत्तियों में निवेश करके धारा 54 का लाभ का दावा नहीं कर सकते।
उदाहरण
श्री अनिल ने 2 जनवरी, 2025 को रू. 10 करोड़ में अपनी आवासीय संपत्ति बेच दी जो उसने 10 साल पहले रू. 8 करोड़ में खरीदी थी। श्री ए ने 1 फरवरी, 2025 को और 01 मार्च, 2027 को रू. 1-1 करोड़ में नए घर खरीदे।
धारा 54 के अंतर्गत छूट दीर्घकालीन आवासीय गृह संपत्ति होने के नाते पूंजी परिसंपत्ति के स्थानांतरण पर उत्पन्न पूंजी प्राप्तियों के संबंध में दावा किया जा सकता है। प्रभावी निर्धारण वर्ष 2020-21 से, एक करदाता के पास धारा 54 की छूट का दावा करने के लिए भारत में दो आवासीय गृह संपत्तियों में निवेश करने का विकल्प है। इस विकल्प का प्रयोग करदाता द्वारा जीवन में केवल एक बार किया जा सकता है बशर्ते कि दीर्घकालीन पूंजी प्राप्ति की राशि रू. 2 करोड़ से अधिक न हो।
दो घरों के संबंध में धारा 54 के अंतर्गत पूंजी प्राप्ति की छूट का दावा करने का विकल्प उपलब्ध होगा क्योंकि पूंजी प्राप्ति की राशि रू. 2 करोड़ से अधिक नही है
चूंकि असली घर 02 जनवरी 2025 को स्थानांतरित किया गया, नया घर स्थानांतरण की तिथि के पहले एक वर्ष और स्थानांतरण के बाद दो वर्षों के अंदर खरीदा जाना चाहिए। दूसरे शब्दों में, 3 जुलाई 2025 और 01 जुलाई 2027 के बीच खरीदी गई नई परिसंपत्ति धारा 54 के अंतर्गत छूट का दावा करने के योग्य होगी।
चूंकि पहला घर असली परिसंपत्ति के स्थानांतरण की तिथि से पहले के 1 वर्ष के अंदर 1 अक्टूबर 2025 को खरीदा और दूसरा घर असली आवाासीय संपत्ति की बिक्री की तिथि के बाद के 2 वर्षों के अंदर 01 मार्च, 2027 को खरीदा गया दोनों नए घरों में निवेश धारा 54 की छूट के योग्य है।
उदाहरण
श्री आमिर ने पिछले वर्ष 2003-04 में 5 करोड़ रुपये के लिए एक आवासीय घर खरीदा। घर पिछले वर्ष 2025-26 में 18 करोड़ रुपये की संपत्ति के लिए बेची जाती है और पूंजीगत लाभ 14 करोड़ रुपये की आवासीय गृह संपत्ति में निवेश किया गया है। क्या वह उपलब्ध धारा 54 के लाभ का दावा कर सकता है?
**
धारा 54 के तहत छूट का दावा लंबी अवधि की आवासीय गृह संपत्ति होने के नाते पूंजीगत संपत्ति के हस्तांतरण पर होने वाले पूंजीगत लाभ के संबंध में किया जा सकता है। इस मामले में धारा 54 में प्रदान की गई सभी शर्तें पूरी होती हैं और इसलिए, श्री आमिर धारा 54 के तहत प्रदान की गई समय-सीमा के भीतर एक आवासीय घर की खरीद/निर्माण करके धारा 54 के लाभ का दावा कर सकते हैं।
हालाँकि, वित्त अधिनियम 2023 द्वारा किए गए संशोधन के अनुसार, यदि नई संपत्ति की लागत 10 करोड़ रुपये से अधिक है धारा 54 के तहत छूट की गणना के लिए अतिरिक्त राशि को नजरअंदाज कर दिया जाएगा।
इस प्रकार, अनुमत अधिकतम छूट निम्नानुसार होगी:
| विवरण | रु. (करोड़ में) |
| पुराने घर के हस्तांतरण पर उत्पन्न होने वाला दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ [18 - 5] | 13 |
| कम: धारा 54 के तहत छूट (*) | 10 |
| कर योग्य दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ | 3 |
* नई संपत्ति की लागत 14 करोड़ रुपये से अधिक है इसलिए केवल 10 करोड़ रु छूट के उद्देश्य के लिए ध्यान में रखा जाएगा और 4 करोड़ की उपेक्षा की जाएगी।
छूट की राशि
धारा 54 के तहत छूट निम्नलिखित में से कम होगी:
• आवासीय मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभों की राशि; या
• नयी आवासीय मकान परिसंम्पत्ति के खरीदने/निर्माण में निवेश (पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना (चर्चा बाद में की गयी है) में जमा राशि को शामिल करते हुये) ।
उदाहरण
श्री राजा ने एक आवासीय मकान अप्रैल, 2017 में खरीदा और उसे 25 अप्रैल 2025 को 8,40,000 के लिए बेच दिया। पूंजीगत प्राप्ति पुराने मकान की बिक्री में से रु 1,00,000 की राशि है के पुराने घर की बिक्री से प्राप्त है। उसने रु. 80,000 एक अन्य आवसीय मकान खरीदा। यह मकान मई, 2025 में खरीदा गया था। धारा 54 के तहत छूट की राशि क्या होगी जिसका श्री राजा के द्वारा दावा किया जा सके।
* *
दीर्ध कालिक आवासीय मकान परिसम्पत्ति होते हुये, पूंजीगत सम्पत्ति के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभों के संदर्भ में धारा 54 के तहत छूट कर दावा किया जा सकता है। धारा 54 के तहत छूट निम्न लिखित में से कम होगी:
• आवासीय मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभो की राशि; या
• नयी आवासीय मकान परिसंम्पत्ति के खरीदने/निर्माण में निवेश
उपरोक्त प्रावधानों को ध्यान में रखते हुये, इस मामले में छूट निम्नलिखित राशि से कम से कम होगी:
• पूंजीगत लाभ की राशि, अर्थात् रु. 1,00,000 ।
• नये मकान में निवेश की राशि, अर्थात् रु. 80,000।
इस प्रकार रु. 80,000 की छूट होगी। कर योग्य पूंजीगत लाभ रु 20,000 आता है। (रु 1,00,000 से रु. 80,000 धारा 54 के तहत कम छूट)।
उदाहरण
श्री कपूर ने एक आवासीय मकान अप्रैल, 2017 में खरीदा और इसे 25 अप्रैल, 2025 को रु. 8,40,000 के लिये बेच दिया। मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ रु 1,00,000 की राशि है। पुराने घर की बिक्री से प्राप्त आय के बाहर, उसने रु 1,20,000 में अन्य आवासीय मकान खरीदा। ये मकान मई, 2025 में खरीदा गया था। धारा 54 के तहत छूट की राशि क्या होगी जिसका दावा श्री कपूर के द्वारा किया जा सके?
**
दीर्धकालिक आवासीय परिसम्पत्ति होते हुये, पूंजीगत सम्पत्ति के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभों के संदर्भ के धारा 54 के तहत छूट का दावा किया जा सकता है। धारा 54 के तहत छूट निम्नलिखित में कम से कम होगी:
• आवासीय मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभों की राशि; या
• नयी आवासीय मकान परिसंम्पत्ति में निवेश
उपरोक्त प्रावधानों को ध्यान में रखते हुये, इस मामले में छूट निम्नलिखित राशि के कम से कम होगी:
• पूंजीगत लाभ की राशि, अर्थात् ,रु. 1,00,000।
• नये मकान में निवेश की राशि, अर्थात् ,1,20,000 इस प्रकार, रु. 1,00,000 की छूट होगी।
कर योग्य पूंजीगत लाभ शून्य आयेगा (पूरा लाभ मुक्त हो जायेगा)।
यदि नया घर हस्तांतरित होता है तो परिणाम क्या होगा
धारा 54 के तहत छूट एक अन्य आवासीय मकान में आवासीय मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ के स्थानांतरित होने के संदर्भ में उपलब्ध है। तथापि, इस लाभ के गलत उपयोग पर नियंत्रण रखने के लिये, धारा 54 में प्रतिबंध डाला गया है। प्रतिबद्ध नये मकान की बिक्री के निषेध के रूप में है।
यदि एक करदाता एक मकान खरीदता/निर्माण करता है और धारा 54 के तहत छूट का दावा करता है और तब निर्माण के अधिग्रहण/पूरा होने की तारीख से तीन वर्षों की अवधि के भतीर नये घर का हस्तांतरण करता है, तो धारा 54 के तहत दिया गया लाभ वापस किया जायेगा। प्रतिबंध का अन्तिम प्रभाव निम्नानुसार है:
• प्रतिबंध लगेगा, यदि धारा 54 के तहत दावा करने के बाद, नया मकान इसे खरीदने/निर्माण के पूरा होने की तिथि से 3 वर्षों की अवधि के भीतर बेचा गया।
• यदि नया मकान इसे खरीदने/निर्माण पूरा करने की तिथि से 3 वर्षों की अवधि से पहले बेच दिया गया, तब नये मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभ की गणना के समय पर धारा 54 के अनुसार छूट का दावा की गयी राशि पूंजीगत लाभ की राशि नये मकान के अधिग्रहण की लागत से काटी जायेगी।
उदाहरण
श्री रजत ने एक मकान अप्रैल, 2025 में रु 25,20,000 के लिए बेचा। पुराने मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न दीर्धकालिक पूंजीगत लाभ रु 8,40,000 की राशि है। दिसम्बर, 2025 में उसने अन्य आवासीय मकान मूल्य रु 10,00,000 में खरीदा नया मकान हालांकि अप्रैल 2026 में रु 12,00,000 (नये मकान के स्टाम्प शुल्क मूल्य रु 10,00,000 था) के लिये बेचा। वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए श्री रजत के हाथों में कर योग्य पूंजीगत लाभो की राशि क्या होगी?
**
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये पूंजीगत लाभों की गणना
| विवरण | रुपये |
| पुराने मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ | 8,40,000 |
| कम: धारा 54 के तहत छूट (*) | 8,40,000 |
| करयोग्य दीर्धकालिक पूंजीगत लाभ | शून्य |
(*) धारा 54 के तहत छूट निम्नलिखित में कम से कम होगी:
• आवासीय मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभ की राशि; या
• नये आवासीय मकान में निवेश
उपरोक्त प्रावधानों को ध्यान में रखने हुये, इस मामले में छूट निम्नलिखित राशि में कम से कम होगी:
• पूजीगत लाभ की राशि, अर्थात, रु 8,40,000 है ।
• नये मकान में निवेश की राशि, अर्थात, 10,00,000 राशि ।
इस प्रकार छूट रु. 8,40,000 होगी।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत लाभों की गणना
यदि एक करदाता एक घर खरीदता/बनाता है और धारा 54 के अंतर्गत छूट का दावा करता है तथा नई आवासीय संपत्ति निर्माण की समाप्ति/इसके अधिग्रहण की तिथि से 3 वर्षों की अवधि के भीतर नई आवासीय गृह संपत्ति स्थानांतरित होती है तो धारा 54 के अंतर्गत स्वीकृत लाभ निरस्त होंगे। इस मामले में गणना निम्नानुसार होगी :
| विवरण | रुपये |
| पूरे मूल्य का निर्धारण (अर्थात्, बिक्री मूल्य) | 12,00,000 |
| कम: पूंजी परिसम्पत्ति के हस्तांतरण के साथ सम्बन्ध में पूर्ण और विशेष रूप से किए गये व्यय (उदाहरण, दलाली, इत्यादि) | शून्य |
| शुद्ध बिक्री प्रतिफल | 12,00,000 |
| कम: मकान के अधिग्रहण की कीमत (*) | 1,60,000 |
| नये मकान की बिक्री पर कर योग्य अल्पकालिक पूंजीगत लाभ | 10,40,000 |
(*) यदि नया मकान इसे खरीदने/निर्माण पूरा करने की तिथि से 3 वर्षों की अवधि से पहले बेचा है तब नये मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभ की गणना के समय पर, धारा 54 के तहत दावा किये गये पूंजीगत लाभ की राशि नये मकान के अधिग्रहण की कीमत से काटी जायेगी। इस प्रावधान को लागू करते हुये, नये मकान के अधिग्रहण की कीमत की गणना। निम्न प्रकार होगी:
| विवरण | रुपये |
| नये मकान के अधिग्रहण की वास्तविक कीमत | 10,00,000 |
| कम: धारा 54 के तहत पहले दावा की गयी छूट | 8,40,000 |
| पूंजीगत लाभ की गणना करते समय प्रयोग की जाने वाली नये मकान लागत | 1,60,000 |
उदाहरण
श्री रजत ने अपना पुराना घर अप्रैल, 2025 में रु 25,20,000 के लिये बेंचा। पुराने मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ रु 8,40,000 की राशि है। दिसम्बर, 2025 में उसने रु 5,00,000 मूल्य का अन्य आवासीय घर खरीदा। नया मकान हालांकि अप्रैल, 2026 में रु 12,00,000 (नये मकान का स्टांप शुल्क मूल्य 10,00,000 था) के लिए बेंचा। वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए श्री रजत के हाथों में कर योग्य पूंजीगत लाभों की राशि क्या होगी?
**
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये पूंजीगत लाभों की गणना
| विवरण | रुपये |
| पुराने मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न दीर्धकालिक पूंजीगत लाभ | 8,40,000 |
| कम: धारा 54 के तहत छूट (*) | 5,00,000 |
| कर योग्य दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ | 3,40,000 |
(*) धारा 54 के तहत छूट निम्नलिखित में कम से कम होगी:
• आवासीय मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभों की राशि, या
• नये आवासीय मकान परिसम्पत्ति ये निवेश
उपरोक्त प्रावधानों को ध्यान में रखते हुये, इस मामले के छूट निम्नलिखित राशि से कम से कम होगी:
• पूंजीगत लाभ की राशि, अर्थात् रु. 8,40,000 ।
• नये मकान में निवेश की राशि अर्थात, रु. 5,00,000
इस प्रकार, रु. 5,00,000 की छूट होगी।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत लाभों की गणना
यदि एक करदाता एक मकान खरीदता/निर्माण कराता है और धारा 54 के तहत छूट का दावा करता है और तब नयी आवासीय मकान परिससम्पत्ति इसे अधिग्रहण/निर्माण के पूरा करने की तिथि से 3 वर्षों की अवधि के भीतर हस्तांतरित है, तो धारा 54 के तहत दिया गया लाभ वापस हो जायेगा इस मामले में गणना निम्न प्रकार होगी:
| विवरण | रुपये |
| प्रतिफल का पूरा मूल्य (अर्थात् , बिक्री मूल्य) | 12,00,000 |
| घटा: पूंजीगत सम्पत्ति के हस्तांतरण के साथ पूर्ण रूप से या विशेष रूप से किये गये व्यय (उदाहरण, दलाली इत्यादि) | शून्य |
| शुद्ध बिक्री प्रतिफल | 12,00,000 |
| घटा: अधिग्रहण की लागत (*) | शून्य |
| नये मकान की बिक्री पर कर योग्य अल्पकालिक लाभ | 12,00,000 |
(*) यदि नया मकान इसे खरीदने/निर्माण पूरा करने की तिथि से 3 वर्षों की अवधि से पहले बेचा गया है, तब नये मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभ में गणना के समय पर; धारा 54 के तहत दावा किये गये पूंजीगत लाभ की राशि नये मकान की अधिग्रहण की कीमत से काटी जायेगी। इस प्रावधान को लागू करते हुये, नये मकान के अधिग्रहण की कीमत की गणना निम्न प्रकार की जायेगी:
| विवरण | रुपये |
| नये मकान के अधिग्रहण के मकान की वास्तविक कीमत* | 5,00,000 |
| कम: धारा 54 के तहत पहले दावा की गयी छूट | 5,00,000 |
| पूंजीगत लाभ की गणना करते समय उपयोग की गयी नये मकान की कीमत | शून्य |
पूंजीगत लाभ जमाखाता योजना
धारा 54 के तहत छूट का दावा करने के लिए, करदाता को अन्य घर इससे पहले एक वर्ष की अवधि के भीतर या पुराने मकान के हस्तांतरण की तिथि से दो वर्ष में खरीद लेना चाहिए या अन्य मकान हस्तांतरण की तिथि से 3 वर्षों की एक अवधि के भीतर निर्माण कराना चाहिए। यदि आयकर विवरणी दाखिल करने की तिथि तक, मकान के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभ (पूरा या कुछ भाग) का उपयोग अन्य मकान खरीदने या निर्माण कराने में नहीं हुआ है। तब पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना 1988 (इसके बाद संदर्भित पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना के अनुसार) के अनुसार किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र बैंक की किसी शाखा में पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना में उपयोग न की गयी राशि को जमा करके छूट का लाभ उठाया जा सकता है। नया मकान सम्बंधित खाते से 2 वर्षो/3 जैसी भी स्थिति हो वर्षों की निर्दिष्ठ समय सीमा में राशि निकाल कर, खरीदा/निर्माण कराया जा सकता है।
हालांकि, आकलन वर्ष 2024-25 से यदि पूंजीगत लाभ योजना खाते में जमा पूंजीगत लाभ 10 करोड़ रुपये से अधिक है तो पूंजीगत लाभ छूट की गणना करते समय अतिरिक्त राशि को ध्यान में नहीं रखा जाएगा
उदाहरण
श्री राज एक वेतनभोगी कर्मचारी है। उसने अप्रैल, 2017 में एक आवासीय मकान खरीदा और इसे 25 अप्रैल 2025 में रु 8,40,000 के लिए बेचा। मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ की राशि रु 2,00,000 है। वह अन्य आवासीय मकान खरीदकर धारा 54 के तहत छूट का दावा करना चाहता है। किस समय पर उसे अन्य आवासीय मकान खरीदना चाहिए?
**
धारा 54 के तहत छूट का दावा करने के लिए, करदाता को अन्य मकान इससे पहले एक वर्ष की अवधि या पुराने मकान के हस्तांतरण की तिथि से दो वर्ष के भीतर खरीदना चाहिए। इस मामले में, पुराना मकान 25 अप्रैल, 2025 को हस्तांतरित है, अत: उसे 25 अप्रैल, 2025 से 2 वर्षों की अवधि के भीतर एक अन्य मकान खरीदना होगा; वैकल्पिक रूप से वह 25 अप्रैल, 2025 से 3 वर्षों की अवधि के भीतर अन्य मकान का निर्माण करा सकता है।
पुराना मकान वर्ष 2025-26 में हस्तांतरित है और वर्ष 2025-26 के लिए आय की विवरणी दाखिल करने की देय तिथि 31 जुलाई, 2026 है। यदि श्री राज 31 जुलाई, 2026 तक अन्य मकान नहीं खरीद। निर्माण करा सकता है, तब उसे पूंजीगत जमा खाता योजना में रु 2,00,000 जमा कराने होगे। पूंजीगत जमा खाता योजना के रु 2,00,000 जमा कराकर वह धारा 54 के तहत रु 2,00,000 की छूट का दावा कर सकता है। तथापि पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना में केवल जमा पर्याप्त नहीं होगा; इस के बाद उसे इस निधि को 2 वर्षो/3 वर्षों की निर्दिष्ट अवधि के भीतर मकान खरीदने/निर्माण कराने में उपयोग करना होगा।
उदाहरण
श्री राजन एक वेतन योगी कर्मचारी है। उसने एक आवासीय मकान अप्रैल, 2017 में खरीदा और इसे 25 अप्रैल, 2025 को रु 18,40,000 के लिये बेच दिय। मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ की राशि रु. 4,00,000 है। वह 31 जुलाई 2026 तक दूसरा घर की खरीद/निर्माण नहीं कर सका, हालांकि जुलाई 2026 में उसने पूंजीगत लाभ खाता योजना में रु. 4,00,000 जमा किए। क्या वह धारा 54 के अंतर्गत किसी छूट का दावा करने का हकदार होगा?
**
धारा 54 के तहत छूट का दावा करने के लिए, करदाता को एक आवासीय मकान इससे पहले 1 वर्ष की अवधि या पुराने मकान के हस्तांतरण की तिथि से 2 वर्षों की अवधि के भीतर खरीदना चाहिए या हस्तांतरण की तिथि से एक तीन वर्षों की अवधि के भीतर एक मकान का निर्माण करा सकता है। इस मामले में पुराना मकान 25 अप्रैल, 2025 को हस्तांतरित है अत: उसे 25 अप्रैल, 2025 से 2 वर्षों की अवधि के भीतर अन्य मकान खरीदना होगा। वैकल्पिक रूप से वह 25 अप्रैल, 2025 से 3 वर्षों की एक अवधि के भीतर अन्य मकान का निर्माण करा सकता है।
पुराने घर को वर्ष 2025-26 में स्थानांतरित किया गया था और वर्ष 2025-26 की आय की विवरणी दाखिल करने की नियत तारीख 31 जुलाई 2026 है। यदि श्री राजन 31 जुलाई, 2026 तक दूसरा घर नहीं खरीद/निर्माण नहीं कर सकते हैं, तो पूंजीगत खाता योजना में 4,00,000 रुपए जमा करने होंगे। पूंजीगत खाता योजना में रू. 4,00,000 को जमा कराते हुए वह धारा 54 के अंतर्गत रू. 4,00,000 की छूट का दावा कर सकते हैं। इस मामले में उसने धारा 54 के तहत पूंजीगत खाता योजना में 4,00,000 रुपए जमा किए। छूट जारी रखने के लिए उसे 2 वर्ष/3 वर्ष जो भी हो की निर्दिष्ट अवधि में घर खरीदने/निर्माण करने के लिए योजना में फंड का प्रयोग करना होगा।
उदाहरण
श्री विपुल एक वेतन योगी कर्मचारी है। उसने एक आवासीय मकान अप्रैल, 2016 में खरीदा और इसे 25 अप्रैल, 2025 को रु 18,40,000 के लिये बेच दिय। मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ की राशि रु. 4,00,000 है। वह 31 जुलाई 2026 तक दूसरा घर की खरीद/निर्माण नहीं कर सका, हालांकि अक्टूबर 2026 में उसने पूंजीगत लाभ खाता योजना में रु. 4,00,000 जमा किए। क्या वह धारा 54 के अंतर्गत किसी छूट का दावा करने का हकदार होगा?
धारा 54 के तहत छूट का दावा करने के लिए, करदाता को पुराने घर के स्थानांतरण की तिथि से एक वर्ष पहले या दो वर्ष बाद की अवधि के अंदर एक घर खरीदना चाहिए या स्थानांतरण की तिथि से तीन वर्षों की अवधि के अंदर एक घर का निर्माण कर सकता है। इस मामले में, पुराना घर 25 अप्रैल, 2025 को स्थानांतरित हुआ इसलिए उसे 25 अप्रैल, 2025 से 2 वर्षों से 2 वर्षों की अवधि के अंदर अन्य घर खरीदना है, वैकल्पिक तौर पर वह 25 अप्रैल, 2025 से 3 वर्षों की अवधि के अंदर अन्य घर का निर्माण कर सकते हैं।
पुराने घर को वर्ष 2025-26 में स्थानांतरित किया गया था और वर्ष 2025-26 की आय की विवरणी दाखिल करने की नियत तारीख 31 जुलाई 2026 है। यदि श्री विपुल 31 जुलाई, 2026 तक दूसरा घर नहीं खरीद/निर्माण नहीं कर सकते हैं, तो 31 जुलाई, 2026 तक (यानी आय की विवरणी को दाखिल करने की नियत तिथि तक) पूंजीगत खाता योजना में 4,00,000 रुपए जमा करने होंगे। 31 जुलाई, 2026 तक पूंजीगत खाता योजना में जमा राशि धारा 54 के अंतर्गत छूट को निर्धारित करने के लिए विचारनीय होगी।
इस मामले श्री विपुल ने पूंजीगत खाता योजना में 4,00,000 रुपए जमा किए लेकिन उसने अक्टूबर 2026 (यानी 31 जुलाई के बाद) में जमा किए और इसलिए वह योजना में जमा राशि के संदर्भ में छूट का दावि नही कर सकता। इसलिए धारा 54 के अंतर्गत छूट शून्य होगी।
उदाहरण
श्री राहुल एक स्व-नियोजित व्यक्ति हैं। उसने अप्रैल, 2017 में एक आवासीय घर खरीदा था और उसे 25 अप्रैल, 2025 को रु. 15 करोड़ में बेचा। घर की बिक्री पर होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि रु. 12 करोड़। वह 31 जुलाई, 2026 तक दूसरा घर नहीं खरीद/निर्माण नहीं कर सका, हालांकि, उसने रुपये जमा किए। पूंजीगत लाभ खाता योजना में 12 करोड़। क्या वह धारा 54 के तहत किसी छूट का दावा करने का हकदार होगा?
***
धारा 54 के तहत छूट का दावा करने के लिए करदाता को पुराने घर के हस्तांतरण की तारीख से एक साल पहले या दो साल की अवधि के भीतर एक आवासीय घर खरीदना चाहिए या हस्तांतरण की तारीख से तीन साल की अवधि के भीतर घर का निर्माण कर सकता है। इस मामले में, पुराने घर को 25 अप्रैल, 2025 को स्थानांतरित किया गया था, इसलिए, उन्हें 25 अप्रैल, 2025 से 2 साल की अवधि के भीतर एक और घर खरीदना होगा। वैकल्पिक रूप से वह 25 अप्रैल, 2026 से 3 साल की अवधि के भीतर एक और घर का निर्माण कर सकते हैं।
पुराने घर को वर्ष 2025-26 में स्थानांतरित किया गया था और वर्ष 2025-26 की आय की विवरणी दाखिल करने की नियत तारीख 31 जुलाई 2024 है। यदि श्री राहुल 31 जुलाई, 2026 तक दूसरा घर नहीं खरीद/निर्माण नहीं कर सकते हैं, तो वह पूंजीगत लाभ खाता योजना में 31 जुलाई, 2026 तक (यानी, आय की विवरणी दाखिल करने की नियत तारीख तक) पूंजीगत लाभ जमा करना है।
चूंकि श्री राहुल ने रुपये जमा किए हैं। पूंजीगत लाभ खाता योजना में 12 करोड़, वह धारा 54 छूट का दावा करने का हकदार होगा, हालांकि, धारा 54 के तहत पूंजीगत लाभ छूट की गणना करते समय केवल 10 करोड़ को ध्यान में रखा जाएगा।
पूंजी लाभ जमा खाता योजना में जमा राशि का गैर-उपयोग
यदि पूंजी लाभ खाता योजना में जमा राशि जिसके संदर्भ में कर दाता ने धारा 54 के तहत छूट का दावा किया आवासीय मकान खरीदने/निर्माण करने के लिए निर्दिष्ट अवधि में, उपयोग नहीं किया, तब गैर उपयोगित राशि (जिसके लिए छूट का दावा किया गया) वर्ष जिसमें 2 वर्षो/3 वर्षों की निर्दिष्ट अवधि समाप्त हो जाती है, की दीर्धकालिक पूंजीगत लाभो के माध्यम से आय कारित होगी।
उदाहरण
श्री रामलाल एक वेतन भागी कर्मचारी है। उसने एक आवासीय मकान अप्रैल, 2016 में खरीदा और इसे 25 अप्रैल, 2025 को रु 25,20,000 के लिए बेच दिया। मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ की राशि 5,00,000 है। वह 31 जुलाई, 2026 तक अन्य मकान नहीं खरीदा/निर्माण कर सका, तथापि, जुलाई, 2026 में उसने रु 5,00,000 पूंजी लाभ खाता योजना में जमा कर दिये। वह उसने 24 अप्रैल, 2028 तक ना ही कोई आवासीय मकान खरीदा और न कोई मकान निर्माण कराया/क्या वह धारा 54 के तहत किसी छूट का दावा करने के लिए अर्ह होगा। यदि हाँ, तो क्या दी गयी छूट निरस्त कर दी जायेगी?
**
धारा 54 के तहत छूट का दावा करने के लिये, कर दाता को एक आवासीय मकान पहले एक वर्ष की एक अवधि या पुराने मकान के हस्तांतरण की तिथि से 2 वर्षों के भीतर खरीद लेना चाहिए या हस्तांतरण की तिथि से 3 वर्षों की एक अवधि के भीतर एक मकान का निर्माण कर सकता है। इस मामले में पुराना मकान 25 अप्रैल, 2025 को हस्तांतरित था, अत: उसे 25 अप्रैल, 2025 से 2 वर्षों की अवधि के भीतर से एक अन्य मकान खरीदना होगा। वैकल्पिक रूप से वह 25 अप्रैल, 2025 से 3 वर्षों की एक अवधि के भीतर अन्य मकान का निर्माण कर सकता है।
पुराना मकान वर्ष 2025-26 में हस्तांतरित था और वर्ष 2025-26 की आय विवरणी दाखिल करने की देय तिथि 31 जुलाई, 2026 है। यदि श्री रामलाल 31 जुलाई, 2026 तक अन्य मकान नहीं खरीद/निर्माण कर सका, तब उसे पूंजी लाभ खाता योजना में रु 5,00,000 जमा कराने होंगे। पूंजीलाभ खाता विवरण रु 5,00,000 जमा कराकर वह धारा 54 के तहत रु 5,00,000 की छूट का दावा कर सकता है। इस मामले में, उसने रु 5,00,000 पूंजी लाभ खाता योजना ये जमा करा दिये और अत: वह धारा 54 के तहत रु 5,00,000 की छूट का दावा कर सकता है, दूसरे शब्दों में, वर्ष 2025-26 के लिये धारा 54 के तहत छूट रु 5,00,000 आयेगी।
उसे 2 वर्षों/3 वर्षों की निर्धारित अवधि के भीतर योजना में जमा निधि का उपयोग मकान खरीदने/निर्माण करने में करना होगा। यदि वह 2 वर्षो/3 वर्षों की एक अवधि के भीतर मकान नहीं खरीदता/निर्माण कराता है, तब राशि (जिसके लिये छूट का दावा किया गया है) वर्ष जिसमें निर्धारित अवधि समाप्त हो जाती है के लिये दीर्धकालिक पूंजीगत लाभों के माध्यम से आय कारित होगी।
इस मामले में 2 वर्ष की अवधि अप्रैल, 2027 में समाप्त हो जायेगी और 3 वर्षों की अवधि 25 मार्च, 2028 को समाप्त हो जाती है। श्री रामपाल ने मार्च, 2027 तक कोई मकान नहीं खरीदा ना ही 24 अप्रैल, 2028 तक कोई मकान का निर्माण कराया, अत: वर्ष 2024-25 में अनुमत रु 5,00,000 की छूट निरस्त हो जायेगी और वित्तीय वर्ष 2028-29 के लिये दीर्घकालिक पूंजीलाभों के माध्यम से आयकरित होगी।
उदाहरण
श्री खुश एक वेतन भोगी कर्मचारी है। उसने एक आवासीय मकान अप्रैल, 2025 में खरीदा और इसे 25 मार्च, 2023 में रु 25,20,000 के लिये बेच दिया। मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ की राशि रु 5,00,000 है। वह 31 जुलाई, 2026 तक अन्य मकान नहीं खरीद/निर्माण कर सका, तथापि, जुलाई, 2026 में उसमें पूंजी लाभ खाता योजना में रु 5,00,000 जमा कर दिये। जनवरी, 2027में उसमे पूंजी लाभ खाता योजना से 4,00,000 रु निकाल लिये और एक आवासीय मकान खरीद लिया। इसके बाद, उसने आवासीय मकान नहीं खरीदा ना ही 24 अप्रैल, 2027 तक कोई मकान का निर्माण कराया। क्या वह धारा 54 के तहत किसी छूट का दावा करने के लिये अर्ह होगा? यदि हाँ, तो क्या उसे दी गयी छूट निरस्त की जायेगी?
**
धारा 54 के तहत छूट का दावा करने के लिये कर दाता को एक आवासीय मकान पहले एक वर्ष की एक अवधि या पुराने मकान के हस्तांतरण की तिथि से 2 वर्षों के भीतर खरीद लेना चाहिए या हस्तांतरण की तिथि से 3 वर्षों की एक अवधि के भीतर एक मकान का निर्माण कर सकता है। इस मामले में पुराना मकान 25 मार्च, 2025 को हस्तांतरित था, अत: उसे 25 अप्रैल, 2025 से 2 वर्षों की अवधि के भीतर से एक अन्य मकान खरीदना होगा। वैकल्पिक रूप से, वह 25 अप्रैल, 2025 से 3 वर्षों की एक अवधि के भीतर अन्य मकान का निर्माण कर सकता है।
पुराना मकान वर्ष 2025-26 में हस्तांतरित था और वर्ष 2025-26 की आय विवरणी दाखिल करने की देय तिथि 31 जुलाई, 2026 है यदि श्री खुश 31 जुलाई, 2026 तक अन्य मकान नहीं खरीद/निर्माण कर सका, तब उसे पूंजीलाभ खाता योजना में रु 5,00,000 जमा करने होंगे। पूंजीलाभ खाता योजना में रु 5,00,000 जमा करके वह धारा 54 के तहत रु 5,00,000 की छूट का दावा कर सकता है। इस मामले में उसने 5,00,000 पूंजीलाभ खाता योजना में जमा कर दिये और, अत: वह धारा 54 के तहत रु 5,00,000 का दावा कर सकता है। दूसरे शब्दों में वर्ष 2025-26 के धारा 54 के तहत छूट रु 5,00,000 आयेगी।
उसे योजना ने जमा राशि (अर्थात, रु 5,00,000) का उपयोग 2 वर्षो/3वर्षो की निर्धारित अवधि में मकान खरीदने/निर्माण करने के लिये उपयोग करना होगा। यदि वह 2 वर्षो/3वर्षो की अवधि में मकान नहीं खरीदता/निर्माण करता है, तब राशि/गैर उपयोगित राशि (जिसके लिए छूट का दावा किया गया) वर्ष जिसमें निर्धारित अवधि समाप्त हो जाती है, के लिए दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ के माध्यम से आय कारित होगी।
इस मामले में 2 वर्ष की अवधि 24 अप्रैल, 2027 को समाप्त हो जाती है और 3 वर्ष की अवधि 24 अप्रैल, 2028 को समाप्त हो जाती है। इसलिए, श्री खुश को 24 अप्रैल, 2027 तक 5,00,000 रुपये का आवासीय घर खरीदना है। चूंकि उन्होंने जनवरी, 2027 में एक घर की संपत्ति की खरीद के लिए 4,00,000 केवल रुपये का उपयोग किया है और धारा 54 केवल एक घर में निवेश के लिए छूट की अनुमति देता है। 1,00,000 रुपये की अप्रयुक्त राशि निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के वर्ष में लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ के माध्यम से आय के रूप में कर लगाया जाएगा।
दूसरे शब्दों में, वर्ष 2025-26 में अनुमति रु 1,00,000 की छूट (गैर उपयोगित राशि दर्शाती है) निरस्त कर दी जायेगी और वर्ष 2027-28 के लिये दीर्घकालिक पूंजी लाभों के माध्यम से प्राप्त आय करित होगी।
उदाहरण
श्री राजू एक वेतन भोगी कर्मचारी है उसमें एक मकान अप्रैल 2016 में खरीदा और इसे 25 अप्रैल, 2025 को रु 18,40,000 के लिये बेच दिया। मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ की राशि रु 3,00,000 है। वह 31 जुलाई, 2026 तक अन्य मकान नहीं खरीद/निर्माण कर सका तथापि, उसने जुलाई, 2026 में रु 5,00,000 पूंजीलाभ खाता योजना में जमा कर दिये। उसने कोई आवासीय मकान ना ही खरीदा ना ही 24 अप्रैल, 2027 तक कोई मकान का निर्माण कराया/क्या वह धारा 54 के तहत किसी छूट का दावा करने के लिये अर्ह होगा? यदि हाँ, क्या दी गयी छूट निरस्त कर दी जायेगी?
**
धारा 54 के तहत छूट का दावा करने के लिये करदाता को एक आवासीय मकान पहले एक वर्ष की एक अवधि या पुराने मकान के हस्तांतरण की तिथि से 2 वर्षों के भीतर खरीद लेना चाहिए या हस्तांतरण की तिथि से 3 वर्षों की एक अवधि के भीतर एक मकान का निर्माण कर सकता है। इस मामले में पुराना मकान 25 मार्च, 2025 को हस्तांतरित था, अत: उसे 25 अप्रैल, 2025 से 2 वर्षों की अवधि के भीतर से एक अन्य मकान खरीदना होगा। वैकल्पिक रूप से, वह 25 अप्रैल, 2025 से 3 वर्षों की एक अवधि के भीतर अन्य मकान का निर्माण कर सकता है।
पुराना मकान वर्ष 2025-26 में हस्तांतरित हुआ था और वर्ष 2025-26 की आय विवरणी दाखिल करने की देय तिथि 31 जुलाई, 2026 है। यदि श्री राजू 31 जुलाई, 2024 तक अन्य मकान नहीं क्रय/निर्माण कर सकता तो उसे रु 3,00,000 पूंजी लाभ खाता योजना में जमा करना होगा। पूंजी लाभ खाता योजना में रु 3,00,000 जमा करके वह धारा 54 के तहत रु 3,00,000 की छूट का दावा कर सकता है। इस मामले में उसने पूंजी लाभ खाता योजना में ज्यादा राशि अर्थात रु 5,00,000 जमा करा दिये तथापि वह केवल रु 3,00,000 की छूट की दावा करने के लिए अर्ह होगा। दूसरे शब्दों में वर्ष 2025-26 के लिए धारा 54 के तहत छूट रु 3,00,000 आयेगी।
उसे योजना में जमा की गयी निधि को 2 वर्षो/3 वर्षों की निर्धारित अवधि के भीतर मकान खरीदने/निर्माण करने के लिए उपयोग करनी होगी। यदि वह 2 वर्षो/तीन वर्षों की एक अवधि के भीतर मकान क्रय/निर्माण नहीं करता है, तब राशि (जिसके लिए छूट का दावा किया गया है) वर्ष जिसमें निर्धारित अवधि समाप्ति हो जाती है, के लिए दीर्धकालिक अवधि पूंजीगत लाभ के माध्यम से आय कारित होगी।
इस मामले में 2 वर्षों की अवधि 24 अप्रैल, 2027 को समाप्त हो जाती है और 3 वर्षों की अवधि 24 अप्रैल, 2028 को समाप्त हो जाती है। श्री राजू ने 24 अप्रैल, 2027 तक कोई मकान क्रय नहीं किया और 24 अप्रैल, 2028 तक न ही कोई मकान का निर्माण किया। अत: वर्ष 2025-26 में रु 3,00,000 की अनुमत छूट निरस्त हो जाएगी और वित्तीय वर्ष 2028-29 के लिए दीर्धकालिक पूंजीलाभ के माध्यम से आयकरित होगी।
उदाहरण
श्री विपुल एक वेतन भोगी कर्मचारी है। उसने अप्रैल, 2016 में एक आवासीय मकान खरीदा और इसे 25 अप्रैल, 2025 को रु 28,40,000 के लिए बेच दिया। मकान को बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ की राशि रु 6,00,000 है। वह 31 जुलाई 2026 तक अन्य मकान क्रय। निर्माण नहीं कर सका, तथापि, जुलाई, 2026 में उसने पूंजीगत लाभ खाता योजना में उसने रु 6,00,000 जमा किये। अप्रैल, 2027 में उसने योजना से रु 6,00,000 निकाले और उस राशि से एक कार खरीदी। क्या वह धारा 54 के तहत किसी छूट का दावा करने के लिए अर्ह होगा? यदि हाँ, तो क्या दी गयी अनुमति निरस्त कर दी जायेगी?
**
धारा 54 के तहत छूट का दावा करने के लिए, करदाता को एक आवासीय मकान पहले एक वर्ष की एक अवधि या पुराने मकान के हस्तांतरण की तिथि से दो वर्षों के भीतर खरीद लेना चाहिए या हस्तांतरण की तिथि से 3 वर्षों की एक अवधि के भीतर एक मकान का निर्माण कर सकता है। इस मामले में, पुराना मकान 25 अप्रैल, 2023 को हस्तांतरित था, अत: उसे 25 अप्रैल, 2023 से 2 वर्षों की अवधि के भीतर उसे अन्य मकान क्रम करना होगा। बैकल्पिक रूप से, वह 25 अप्रैल,2023 से 3 वर्षों की अवधि के भीतर अन्य मकान का निर्माण कर सकता है।
पुराना मकान वर्ष 2025-26 में हस्तांतरित था और वर्ष 2025-26 की आप विवरणी दाखिल करने की देय तिथि 31 जुलाई, 2026 है। यदि श्री विपुल 31 जुलाई, 2026 तक एक अन्य मकान क्रय/निर्माण नहीं कर सका तो उसे पूंजीगत लाभ खाता योजना में रु 6,00,000 जमा कराने होंगे। पूंजीगत लाभ खाता योजना में रु 6,00,000 जमा योजना करके वह धारा 54 के तहत रु 6,00,000 की छूट का दावा कर सकता है। इस मामले में उसने पूंजीगत लाभ खाता योजना में रु 6,00,000 जमा कराये, और अत: वह केवल रु 6,00,000 की छूट का दावा करने के लिए अर्ह होगा। दूसरे शब्दों में, वर्ष 2025-26 के लिए धारा 54 के तहत छूट रु 6,00,000 आयेगी।
उसे योजना में जमा निधि का उपयोग 2 वर्षो/3 वर्षों की निर्धारित अवधि के भीतर मकान क्रय/निर्माण करने के लिए करना होगा। योजना से निकाली गयी राशि मकान क्रय/निर्माण करने के लिए उपयोग होगी/यदि योजना से निकाली गयी राशि किसी अन्य प्रयोजन के लिए उपयोग की जाती है तो यह निकालने के वर्ष के दीर्धकालिक पूंजीगत लाभ के माध्यम से आय करित होगी।
इस मामले में श्री विपुल ने योजना से रु 6,00,000 निकाले। इस प्रकार निकालने के वर्ष में उसे रु 6,00,000 मूल्य का एक आवासीय मकान क्रय/निर्माण कर लेना चाहिए। तथापि, उसने उस राशि का उपयोग एक कार खरीदने में किया और, अत: रु 6,00,000 निकाले जाने के वर्ष, अर्थात, वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए की दीर्धकालिक पूंजी लाभ के माध्यम के तौर पर कर हेतु वसूलनीय।
आवासीय संपत्ति के स्थानांतरण पर पूंजीगत प्राप्ति हेतु छूट पर एमसीक्यू
प्रश्न 1. धारा 54 के लाभ केवल एक व्यक्ति अथवा एक एचयूएफ के लिए उपलब्ध है
(क) सही (ख) गलत
सही उत्तर : (क)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 54 के लाभ केवल एक व्यक्ति अथवा एक एचयूएफ के लिए उपलब्ध है
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण सही है तथा इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प हैं
प्रश्न 2. धारा 54 के लाभ उठाने के लिए, आवासीय गृह संपत्ति होने के नाते संपत्ति का स्थानांतरण ............... होना चाहिए
(क) अल्प अवधि पूंजीगत संपत्ति
(ख) दीर्घ कालीन पूंजीगत संपत्ति
(ग) निधारिती के विकल्प के अनुसार अल्प अवधि अथवा दीर्घ कालीन पूंजीगत संपत्ति
(घ) आंकलन अधिकारी के विकल्प के अनुसार अल्प अवधि अथवा दीर्घ कालीन पूंजीगत संपत्ति
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 54 के लाभ उठाने के लिए, आवासीय गृह संपत्ति होने के नाते संपत्ति का स्थानांतरण दीर्घ कालीन पूंजीगत संपत्ति होना चाहिए,
इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है
प्रश्न 3. पुराने घर के स्थानांतरण की तिथि के ................अथवा............पश्चात् की अवधि के भीतर धारा 54 के लाभ उठाने के लिए, करदाता को भारत में नई आवासीय संपत्ति को खरीदना चाहिए
(क) 1 वर्ष पहले, 3 वर्ष
(ख) 2 वर्ष पहले, 2 वर्ष
(ग) 1 वर्ष पहले, 2 वर्ष
(घ) 3 वर्ष पहले, 1 वर्ष
सही उत्तर : (ग)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
पुराने घर के स्थानांतरण की तिथि के एक वर्ष पहले अथवा दो वर्ष पश्चात् की अवधि के भीतर धारा 54 के लाभ उठाने के लिए, करदाता को भारत में एक और आवासीय संपत्ति को खरीदना चाहिए,
इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है
प्रश्न 4. पुराने घर के स्थानांतरण की तिथि से 3 वर्षों की अवधि के भीतर धारा 54 के लाभ उठाने के लिए, करदाता को भारत में नई आवासीय संपत्ति का निर्माण करना चाहिए
(क) सही (ख) गलत
सही उत्तर : (क)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
पुराने घर के स्थानांतरण की तिथि से 2 वर्षों की अवधि के भीतर धारा 54 के लाभ उठाने के लिए, करदाता को पुराने घर के स्थानांतरण की तिथि से 3 वर्षों की अवधि के भीतर भारत में आवासीय संपत्ति का अधिग्रहण अथवा नई आवासीय संपत्ति का निर्माण करना चाहिए
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण सही है इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है
प्रश्न 5. अनिवार्य अधिग्रहण की स्थिति में अधिग्रहण अथवा निर्माण की अवधि मुआवजे (चाहे मूल रूप से हो या अतिरिक्त) की प्राप्ति की तिथि से निर्धारित की जाएगी
(क) सही (ख) गलत
सही उत्तर : (क)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
पुराने घर के स्थानांतरण की तिथि के एक वर्ष पहले अथवा दो वर्ष पश्चात् की अवधि के भीतर धारा 54 के लाभ उठाने के लिए, करदाता को पुराने घर के स्थानांतरण की तिथि से 3 वर्षों की अवधि के भीतर भारत में आवासीय संपत्ति का अधिग्रहण अथवा आवासीय संपत्ति का निर्माण करना चाहिए। अनिवार्य अधिग्रहण की स्थिति में अधिग्रहण अथवा निर्माण की अवधि मुआवजे (चाहे मूल रूप से हो या अतिरिक्त) की प्राप्ति की तिथि से निर्धारित की जाएगी
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण सही है तथा इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है
प्रश्न 6. धारा 54 के अंतर्गत छूट का दावा भारत साथ ही साथ भारत के बाहर आवासीय संपत्ति की खरीद/निर्माण की किसी भी संख्या के संबंध में किया जा सकता है
(क) सही (ख) गलत
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 54 के अंतर्गत छूट का दावा भारत साथ ही साथ भारत के बाहर केवल एक आवासीय संपत्ति की खरीद/निर्माण के संबंध में किया जा सकता है। यदि एक से अधिक आवासों की खरीद/निर्माण किया जाता हैं तो धारा 54 के अंतर्गत छूट केवल एक घर के संबंध में दी जाएगी। भारत में बाहर खरीदे गए घर के संबंध में किसी प्रकार की छूट का दावा नहीं किया जा सकता।
हालांकि, प्रभावी निर्धारण वर्ष 2020-21 से, एक करदाता के पास भारत में दो आवासीय गृह संपत्तियों में निवेश करने का विकल्प है। इस विकल्प का प्रयोग करदाता द्वारा जीवन में केवल एक बार किया जा सकता है बशर्ते कि दीर्घकालीन पूंजी प्राप्ति की राशि रू. 2 करोड़ से अधिक न हो।
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है
प्रश्न 7. धारा 54 के अंतर्गत छूट नई आवासीय सपंत्ति (पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना में जमा की गई राशि सहित) की खरीद/निर्माण में निवेश की गई राशि अथवा गृह आवास के स्थानांतरण पर उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभों की राशि.................... होगी
(क) से कम
(ख) से अधिक
(ग) के समान
(घ) का औसत
सही उत्तर : (क)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 54 के अंतर्गत छूट निम्नलिखित से कम होगी
• आवासीय भवन के स्थानांतरण पर उत्पन्न पूंजीगत लाभ की राशि से अथवा
• नई आवासीय सपंत्ति (पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना में जमा की गई राशि सहित) की खरीद/निर्माण में निवेश की गई राशि
इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है
प्रश्न 8. धारा 54 के अंतर्गत छूट का लाभ उठाने के बाद, यदि नया आवास निर्माण के अधिग्रहण/समाप्ति की तिथि से...................की अवधि के भीतर स्थानांतरित होता है तो धारा 54 के अंतर्गत स्वीकृत लाभ निरस्त हो जाएगा
| (क) 1 वर्ष | (ख) 3 वर्ष |
| (ग) 5 वर्ष |
(घ) 7 वर्ष |
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 54 के अंतर्गत छूट का लाभ उठाने के बाद, यदि नया आवास निर्माण के अधिग्रहण/समाप्ति की तिथि से 3 वर्षों की अवधि के भीतर स्थानांतरित होता है तो धारा 54 के अंतर्गत स्वीकृत लाभ निरस्त हो जाएगा
इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है
प्रश्न 9. आय की विवरणी दाखिल करने की तिथि तक अन्य आवास के निर्माण अथवा खरीद हेतु आवास के स्थानांतरण पर उत्पन्न पूंजीगत लाभ का प्रयोग (पूर्ण अथवा भाग में) नहीं होता है तो धारा 54 के अंतर्गत उपलब्ध छूट का लाभ करदाता द्वारा नहीं उठाया जा सकता
(क) सही (ख) गलत
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
आय की विवरणी दाखिल करने की तिथि तक अन्य आवास के निर्माण अथवा खरीद हेतु आवास के स्थानांतरण पर उत्पन्न पूंजीगत लाभ का प्रयोग (पूर्ण अथवा भाग में) नहीं होता है तो पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना, 1988 के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की किसी शाखा में पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना में प्रयोग की गई राशि को जमा करके लाभ उठा सकता है।
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है
प्रश्न 10. 2 वर्ष/3 वर्ष की निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के पश्चात् पूंजीगत लाभ लेखा योजना में शेष अप्रयोज्य राशि उस वर्ष, जिसमें 2 वर्ष/3 वर्ष की अवधि समाप्त हो जाती है, में........................के रूप में आय के अनुसार कर लगेगा
(क) अल्प अवधि पूंजीगत लाभ (ख) दीर्घ अवधि पूंजीगत लाभ
(ग) व्यापार अथवा पेशे से लाभ तथा प्राप्ति (घ) अन्य स्रोतों से आय
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
2 वर्ष/3 वर्ष की निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के पश्चात् पूंजीगत लाभ लेखा योजना में शेष अप्रयोज्य राशि उस वर्ष, जिसमें 2 वर्ष/3 वर्ष की अवधि समाप्त हो जाती है, में दीर्घ अवधि पूंजीगत लाभ के रूप में आय के अनुसार कर लगेगा
इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

